प्रधानमंत्री हार्पर और मीडिया के सदस्यों ,

इस खूबसूरत देश और इस आकर्षक शहर में आकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। मैं कनाडा के साथ भारत के संबंधों को सर्वोच्च महत्व देता हूं।

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कनाडा का मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा है।

हमारे संबंध काफी पुराने हैं। हाल के वर्षों में, प्रधानमंत्री हार्पर की दृष्टि और नेतृत्व ने हमारे संबंधों का कायाकल्प किया है।

55 PM Modi with Canada PM Stephen Harper at Exchange of Agreements and Press Statements (8)

मैं अपने संबंधों के इतिहास में इस दौरे के महत्व को समझता हूं। मैं यहां ऐसे समय आया हूं जब हमारे दोनों देशों के लिए इन संबंधों का महत्व कतई मजबूत नहीं रहा है।

हम दोनों प्रमुख लोकतंत्र हैं और दोनों के साझा जीवन मूल्य हैं।

दुनिया में कुछ देश ही भारत के आर्थिक कायाकल्प में भागीदार होने की कनाडा की संभावना की बराबरी कर रकते हैं। और यह भारत में नए माहौल में विद्यमान है जो उदार, अनुकूल, स्थिर और बिजनस के लिए सुगम है।

इसी तरह, भारत के कायाकल्प की विशाल संभावना और हमारी तीव्र आर्थिक वृद्धि कनाडा के लिए असीम अवसर उपलब्ध कराती है।

मैं भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकता के हर क्षेत्र - ऊर्जा और बुनियादी ढांचे, विनिर्माण एवं कौशल, स्मार्ट शहरों और खेती उद्योग तथा अनुसंधान एवं शिक्षा में कनाडा का सहयोग और निवेश चाहता हूं।

प्रधानमंत्री हार्पर और मैं आर्थिक भागीदारी के लिए नई रूपरेखा स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मुझे खुशी है कि हमने लंबित समझौतों पर तेजी से प्रगति की है।

मुझे विश्वास है कि हम बहुत जल्द आपसी निवेश संवर्धन और संरक्षण समझौता कर सकते हैं। हम सितंबर 2015 तक व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता करने के लिए रूपरेखा को भी कार्यान्वित कर लेंगे ।

कौशल विकास पर तेरह समझौतों से भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भारत के युवाओं को विश्व स्तरीय कौशल ये सशक्त बनाने की मेरी प्रतिबद्धता का पता चलता है।

55 PM Modi with Canada PM Stephen Harper at Exchange of Agreements and Press Statements (4)

हमारे असैन्य इस्तेमाल के लिए परमाणु बिजलीघरों के लिए कनाडा से यूरेनियम की खरीद के समझौते से आपसी परमाणु सहयोग का नया युग आरंभ हुआ है।

इससे आपसी विश्वास और भरोसे के नए स्तर का भी पता चलता है। इससे स्वच्छ ऊर्जा के साथ अपनी वृद्धि करने के भारत के प्रयासों को ताकत भी मिलेगी।

अंतरिक्ष पर समझौते से हम उन्नत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग के लिए मजबूत तालमेल किया है।

दोनों देशों की जनता के बीच अधिक संपर्क के लिए हमने कनाडा के लिए अपनी वीजा नीति को उदार बनाया है। हम कनाडा के नागरिकों को पर्यटन वीजा के लिए इलेक्ट्रॉनिक वीजा अनुमति जारी करेंगे। वे अब दस वर्ष के लिए वीजा भी ले सकेंगे।

प्रधानमंत्री और मैं मजबूत आपसी संबंध के लिए सहमत हुए हैं जो हमारे सामान्य अंतर्राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने के लिए ठोस बुनियाद उपलब्ध कराएगा।

हम इस बात पर भी सहमत हैं कि आज के संकटग्रस्त विश्व में, हमारा सहयोग दुनिया में शांति और हमारे साझा जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

भारत में तब हमने कनाडा का दर्द महसूस किया जब इसके शहर पर बेरहम आतंकी हमला हुआ।

आतंकवाद का खतरा बढ़ता जा रहा है, इसका काला साया हमारे शहरों और दुनिया भर में मंडरा रहा है।

55 PM Modi with Canada PM Stephen Harper at Exchange of Agreements and Press Statements (9)

हम आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने में अपना सहयोग प्रगाढ़ करेंगे। हम आतंकवाद के सभी स्रोतों और उसे समर्थन देने वाले सभी कुकृत्यों से निपटने के लिए व्यापक वैश्विक रणनीति और सतत नीति को भी प्रोत्साहन देंगे।

हम अपना रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी सहमत हुए हैं। मैं साइबर सुरक्षा पर अपने हाल के समझौते का स्वागत करता हूं।

हम दोनों मानते हैं कि पश्चिम एशिया में शांति एवं स्थिरता हमें अधिक सुरक्षित बनाएगी और इसी तरह अफगानिस्तान का सफल कायाकल्प हो सकेगा

मुझे विश्वास है कि कनाडा एशिया प्रशांत क्षेत्र की प्रमुख ताकत है तथा इसे क्षेत्र के लिए स्थिर एवं समृद्ध भविष्य को प्रोत्साहन देने में क्षेत्रीय संस्थानों सहित अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

मुझे जी 20 में हमारी भागीदारी जारी रहने की आशा है।

निष्कर्ष रूप में, मुझे लगता है कि साझा जीवन मूल्यों की हमारी कुदरती भागीदारी है। यह परस्पर असीम लाभ की आर्थिक भागीदारी है।

यह ऐसा संबंध है जो 12 लाख जोशीले भारतीय समुदाय के भावनात्मक संबंध से फला-फूला है

55 PM Modi with Canada PM Stephen Harper at Exchange of Agreements and Press Statements (12)

मुझे विश्वास है कि यह दौरा हमारे दोनों लोकतंत्रों के बीच नई महत्वपूर्ण भागीदारी के लिए प्रेरणा बनेगा।

अंत में, मुझे टोरंटो और बैंकूवर ले जाने के लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं। मैं उन्हें हमारी विरासत के बहुमूल्य हिस्से को दिखाने के लिए भी धन्यवाद देता हूं।

हमारे संबंधों के लिए उनकी प्रतिबद्धता का इससे बेहतर कोई प्रमाण नहीं हो सकता। इस देश की महान विविधता को अनुभव करने का इससे बेहतर कोई रास्ता नहीं हो सकता था।

धन्यवाद !

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गुजरात की सबसे बड़ी ताकत है कि इसने लगातार 25 वर्ष से विकास के महाअभियान को रुकने नहीं दिया: वाव-थारद में पीएम मोदी
March 31, 2026
ये परियोजनाएं परिवहन-संपर्क सुविधा में सुधार करेंगी और इस क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में सहयोग देंगी: प्रधानमंत्री
अवसंरचना परियोजनाएं विकास को गति प्रदान करती हैं तथा गांवों को बाजारों से, किसानों को नए अवसरों से और युवाओं को रोजगार से जोड़ती हैं: प्रधानमंत्री
जिस तरह से गुजरात में सौर ऊर्जा परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं, वह दिन दूर नहीं जब गुजरात दुनिया में नवीकरणीय ऊर्जा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा: प्रधानमंत्री
आज जब दुनिया भारत के विकास और प्रगति की गाथा की चर्चा करती है, तो 'गुजरात मॉडल' की सराहना की जाती है; गुजरात ने यह दिखाया है कि विकास के लिए कल्याणकारी योजनाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं, जितनी अवसंरचना परियोजनाएं: प्रधानमंत्री
जब तक पंचायत से लेकर संसद तक विश्वास कायम रहेगा, तब तक विकास की सुपरफ़ास्ट एक्सप्रेस इसी रफ़्तार से चलती रहेगी: प्रधानमंत्री
आज जब दुनिया के कई देश युद्ध, अशांति और अस्थिरता का सामना कर रहे हैं, तब भारत विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है: पीएम मोदी

भारत माता की जय।

क्यों ऐसी आवाज आई आज,

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई, गुजरात विधानसभा के स्पीकर शंकर भाई, उप मुख्यमंत्री भाई हर्ष संघवी, गुजरात सरकार के सभी मंत्रीगण, विधायक साथी, और बनासकांठा, वाव, थराद, उत्तर गुजरात के मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

आज, यहां मेरी माताएं इतनी बड़ी संख्या में आई हैं, ये माताएं-बहनें इतनी बड़ी संख्या में आई हैं। ये मेरी माताओं और बहनों को मेरा विशेष प्रणाम।

अभी कुछ ही दिन पहले पावन नवरात्रि का पर्व पूर्ण हुआ है। ये मां अंबा जी की कृपा ही है कि मुझे उनके चरणों में आज आने का सौभाग्य मिला है। उनकी कृपा से आज, आप सबके, मेरे अपने परिवारजनों के, आप सबके दर्शन करने का मुझे आज लाभ मिला है। मैं मां अंबा जी के चरणों में प्रणाम करता हूं। हमारे वरास्वरूप भगवान श्री धनीधर जी, मैं उन्हें भी आज श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हू। ये भी एक सुखद संयोग है कि आज भगवान महावीर जयंती भी हम मना रहे हैं। हमारे ये क्षेत्र अनेकों जैन तीर्थों की धरती है। मैं भगवान महावीर को प्रणाम करता हूं, और आप सभी को पवित्र महावीर जनकल्याणक दिन की महावीर जयंती की बधाई भी देता हूं।

साथियों,

आज मेरा मन एक और बात से प्रसन्न है। जब मैं यहाँ आया, तो पहली बार मेरा विमान सीधे डीसा एयरबेस पर लैंड हुआ। डीसा का यह एयरबेस अंतरराष्ट्रीय सीमा से केवल 130 किलोमीटर की दूरी पर है। आप समझ सकते हैं कि ये देश की सुरक्षा के लिए भी कितना अहम है।

लेकिन साथियों,

डीसा एयरपोर्ट के इस प्रोजेक्ट का, उसका विचार आज से प्रारंभ नहीं हुआ। जब मैं यहां मुख्यमंत्री था, तब से हमने जमीन एक्वायर की, मेरे किसान भाई-बहनों ने जमीन दी, और हम चाहते थे कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए, भारत की पश्चिम सीमा की सुरक्षा के लिए, ये डीसा अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, यहां एयरबेस होना बहुत जरूरी है। लेकिन पता नहीं उस समय दिल्ली में जो लोग राज करते थे, उनको गुरजात के प्रति पता नहीं क्या नफरत थी, राष्ट्री की सुरक्षा का ये प्रोजेक्ट भी, सालों तक फाइलों में दबा रहा। आपने जब मुझे दिल्ली भेजा तो मैंने उन फाइलों को बाहर निकाला, और ये आज उसका परिणाम है कि एयरफोर्स का एक बहुत बड़ा बेस अब हमारे डीसा से जुड़ गया है। और ये सिर्फ हवाई पट्टी नहीं होती है, उसके कारण बहुत एक्टिविटी यहां होने वाली है, बहुत बड़ी मात्रा में जवान यहां रहने वाले हैं। इस क्षेत्र के विकास में इसका बहुत बड़ा योगदान होने वाला है। लेकिन ये विलंब जो हुआ, वो दिल्ली में जो समय कांग्रेस की सरकार थी, उसके कारण हुआ, उसके रवैये के कारण हुआ और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति इतनी उदासीनता देश कभी भी माफ नहीं करता है। ये हमारी सरकार है, जिसने डीसा एयरपोर्ट के काम को प्राथमिकता पर पूरा करवाया और आज ये एयरपोर्ट, इस क्षेत्र के लिए विकास का एक बड़ा माइलस्टोन भी बन रहा है, और देश की एक बहुत बड़ी स्ट्रेटेजिक ताकत भी है। मैं इस एयरपोर्ट के इस क्षेत्र को फिर आप सबको बधाई देता हूं।

साथियों,

वाव-थराद, बनासकांठा का ये क्षेत्र, आप सब जानते हैं, यहाँ से मेरा कितना लगाव रहा है। यहाँ का कोई गाँव ऐसा नहीं होगा कि जिसके साथ मेरी यादें न हो। आज में आया तो बहुत सारे पुराने लोगों के चेहरे देखने का मुझे अवसर मिला। और रोड शो भी इतना भव्य किया, कि उसके कारण मुझे एक लाभ हुआ। बहुत बड़ी संख्या में पुराने लोगों को जिनको दूर से भी मिलने का मुझे मौका मिल गया। और जब मैं संगठन का काम करता था, तब तो मैं बहुत यहाँ घूमा हूं। स्कूटर पर चक्कर लगाता था। आप सभी को मिलने का मौका मिलता था, और अपने उत्तर गुजरात में आता था, तो माताएं और बहनें बहुत अच्छी रोटियाँ बनाकर के खिलाती थी। बाजरे की रोटी, घी, गुड़, लहसुन की चटनी, मख्खन ताजा। आप सभी का वो स्नेह, आपका अपार प्रेम, मैं कभी भी भूल नहीं सकुंगा। और जितना स्नेह आप सभी ने मुझे दिया है, परिवार के एक बेटे की तरह बड़ा किया है मुझे, और इसीलिए, जहाँ हूं वहाँ से आपके स्नेह को विकास करके ब्याज के साथ चुकाने की मेहनत करता हूं। यहाँ संगठन के कई पूराने कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने दिन-रात, उनके साथ मुझे काम करने का मौका मिला है। कई बुजुर्ग अभी रहे नहीं, लेकिन उनके साथ मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला है। एसे सभी साथी आज भाजपा के कार्यकर्ताओं की एक नई पीढ़ी पूरी मेरे सामने है। और ऐसी सफल पीढ़ी हो ना, तो हम को जीवन में कुछ करने का संतोष होता है। मैं देख रहा हूँ, आज हमारे युवा कार्यकर्ता, संगठन के कामों को उसी कुशलता से आगे बढ़ा रहे हैं। ये कार्यक्रम, ये रैली, इसका संयोजन, इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी यहाँ उपस्थिति, ये इसका सबूत है। मैं यहाँ दोनो कोने में गया, मुझे एसा लगा की दूर-दूर एक बार हाथ तो दिखऊं, लेकिन मेरी नजर जहाँ पहुँचे उससे भी दूर-दूर तक लोग बैठे हुए हैं, अन्य काफी सारे लोग बाहर खड़े हैं। बनासकांठा के अलावा पाटण, महेसाणा समेत कई जिलों के लोग भी मुझे उनके दर्शन करने का मौका मिला, मैं आप सबका इसके लिए बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूँ। खासकर के मैं मेरी माताएं और बहनों को फिर से एक बार प्रणाम करता हूं।

साथियों,

आज से 25 साल पहले आपने मुझे बनासकांठा और इस क्षेत्र के विकास का दायित्व सौंपा था। मैं जब तक गुजरात में रहा, मैंने इस काम को मिशन मोड में किया, हो सके उतना गुजरात को आगे बढ़ाया। दशकों से आपको जो परेशानियाँ हो रही थी, जो इस क्षेत्र की उपेक्षा हो रही थी, उन सारी कठिनाईयों का अंत हुआ। विकास की अपेक्षाएँ एक के बाद एक पूरी होती गई। मुझे गर्व है, यहाँ विकास का जो सिलसिला शुरू करने का सौभाग्य मुझे मिला था, वो अनवरत जारी है। और 2014 के बाद से तो इसमें डबल इंजन की सरकार की ताकत भी शामिल है। आज भी यहाँ केंद्र और राज्य की करीब 20 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं शुरू हो रही हैं, 20 हजार करोड़ रुपया। इन प्रोजेक्ट्स से इस पूरे इलाके की तस्वीर बदलेगी। ऊर्जा, सड़क, रेलवे और हाउसिंग सेक्टर से जुड़े ये प्रोजेक्ट यहां के जीवन को एक नई गति देंगे। मैं इन सभी विकास कार्यों के लिए वाव-थराद, बनासकांठा और पूरे गुजरात को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज रोड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े जिन प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ है, इनसे पूरे नॉर्थ गुजरात को गति मिलेगी। यहाँ नए अवसर पैदा होंगे। ईडर से वडाली बाईपास तक 4 लेन हाईवे का निर्माण, और धोलावीरा से सांतलपुर तक हाईवे के अपग्रेडेशन का काम, ये गांवों को बाजार से, किसानों को नए अवसरों से और युवाओं को रोजगार से जोड़ेंगे। अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे, ये पूरा कॉरिडोर आज इस क्षेत्र को समर्पित किया गया है। जब इतनी बड़ी कनेक्टिविटी बनती है, तो उसके साथ-साथ उद्योग भी आते हैं, और निवेश भी आता है। साथ ही,इस क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को भी बेहतर किया गया है। हिम्मतनगर से खेड़ब्रह्मा तक का गेज कन्वर्जन, हमारे उत्तर गुजरात के आदिवासी इलाके को नेशनल ब्रॉड गेज नेटवर्क से जोड़ता है। आज से खेड़ब्रह्मा, हिम्मतनगर और असारवा को जोड़ने वाली नई ट्रेन सेवा भी शुरू हो गई है।

भाइयों बहनों,

बेहतर रोड और हाइवेज, रेलवे के ये प्रोजेक्ट्स, ये सब गुजरात के चहुमुखी विकास के प्लान का हिस्सा है। इस प्लान को पूरा करने के लिए हमारा पूरा फोकस यहाँ की ऊर्जा जरूरतों पर भी है। क्योंकि, नए उद्योग, नया निवेश, नए अवसर, ये तभी आते हैं जब बिजली होती है। इसीलिए, आज खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क से जुड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स इतने महत्वपूर्ण हैं। यहां से साढ़े चार गीगावॉट बिजली पैदा होगी। ये बिजली नए कारखानों के भी काम आएगी, आपके घरों तक भी पहुंचेगी, और किसानों के खेत तक भी फायदा पहुंचाएगी।

साथियों,

आज सोलर पावर में गुजरात का परचम पूरी बुलंदी से लहरा रहा है। आज renewable एनर्जी में गुजरात इसलिए इतने आगे है, क्योंकि, गुजरात ने इसकी शुरुआत तब की थी, जब भारत में इस ओर बहुत ध्यान ही नहीं था। साल 2010 में, यानी आज से 15-16 साल पहले, मैंने मुख्यमंत्री रहते हुये चारणका में रतनपुर के पास देश का पहला सोलर पार्क का काम शुरू करवाया था। जो 15-16 साल के बच्चे हैं, उनका तो जन्म भी नहीं हुआ होगा। ये अपने में एक मल्टी-टेक्नालजी पार्क है, जिसने सोलर एनर्जी का मूवमेंट शुरू किया। आज गुजरात में जिस प्रकार सोलर एनर्जी का काम होता है, सूर्यशक्ति से बिजली पैदा करने का काम हो रहा है, जैसे आज ही खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्कसे जुड़ी परियोजनाएं शुरू हुई हैं, वो दिन दूर नहीं जब गुजरात, renewable energy में दुनिया का बहुत बड़ा केंद्र बनकर के उभरेगा।

साथियों,

आज जब दुनिया में भारत के विकास की बात होती है, आज जब भारत की ग्रोथ स्टोरी की बात होती है, तो ‘गुजरात मॉडल’ की सराहना हो जाती है। और, गुजरात ने दिखाया है, विकास के लिए जितनी जरूरी इनफ्रास्ट्रक्चर की परियोजनाएं हैं, उतनी ही जरूरी जनकल्याण की योजनाएं भी हैं। यानी, सड़कें, हाइवेज, रेलवेज का विकास तो होना ही चाहिए। गाँव, गरीब और सामान्य मानवी का जीवन स्तर भी सुधरना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए आज हम ये अपनी आंखों के सामने देख रहे हैं। आज यहाँ आप विचार कीजिए, 40 हजार परिवारो को, गुजरात में 40 हजार परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर मिले, पक्के घर। हजारों परिवारों को पक्के घर की सुविधा, उनके लिए एक सुरक्षा होती है, जिंदगी की पहचान होती है और नए सपनों को सजानें का एक हौसला तैयार होता है। और इससे जीवन में कितने बडे़-बडे़ परिवर्तन आते हैं। जब पीएम आवास में जिन्हें पक्के घर मिले हैं, जिनके पास जिंदगी में आज तक घर नहीं था, फुटपाथ पर जिन्होंने जिंदगी बिताई थी, झोंपडों में जिंदगी बिताई थी, कच्ची मिट्टी के मकान बनाकर जीवन बिताया था, उन्हें जब यह पक्के घर मिले हो तो आशीर्वाद मिले कि न मिले ? आशीर्वाद मिले कि न मिले ? आशीर्वाद मिले कि न मिले ? पुण्य मिले कि न मिले? यह पुण्य किसके नसीब में जाता है? यह पुण्य किसके नसीब में जाता है? किसके नसीब में जाता है ? आज 40 हजार करोड़ लोगों को घर मिले है न, उनके आशीर्वाद, उनके पुण्य के अधिकारी आप सभी हो, देश के नागरिक हैं, क्योंकि आपके एक वोट की ताकात, जिन्होंने मुझे यह सेवा करने का मौका दिया, और यहाँ 40 हजार लोगों के खुद के पक्के घर बन गए। इस पुण्य के सही हक्कदार आप सभी हैं, में तो सिर्फ निमित्त मात्र हूं। मैं पीएम आवास के सभी लाभार्थी भाई-बहनों को आज इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज आपके बीच आया हूं, तो यहाँ का दशकों पुराना हाल भी याद आ रहा है। वो दिन कोई नहीं भूल सकता, जब उत्तर गुजरात का नाम आते ही लोगों के मन में एक अलग ही तस्वीर बनती थी। सूखा, दुष्काल - अकाल, पानी की कमी, 10 साल में 7 बार अकाल होता था। पानी भरने के लिए 3-4 किलोमीटर मटके लेकर जाना पड़ता था। संघर्ष से भरा ये जीवन, और कांग्रेस सरकारों द्वारा हमारी निरंतर उपेक्षा, हम से कौन भूल सकता है वो दिन, जब कई-कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता था। घर की महिलाएं, बहन-बेटियों का बहुत सारा समय पानी की व्यवस्था करने में खर्च हो जाता था। पानी की किल्लत के कारण किसानों को भी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिलता था। पशुपालक भी अपने पशुओं के पानी और चारे की चिंता में रहते थे। ये समस्या लंबे समय से चली आ रही थी। हमारे यहाँ पहले मवेशियों के बाड़े चलते थे। गरमी आती थी तब, मवेशियों के बाड़े चलते थे। और सरकार घास पहुँचाती थी। पीने के पानी की दिक्कत होती थी। दो-दो दशक हो गए, सब बंद हो गया। कही दिखता नहीं है, जरुरत ही नहीं है। ये गुजरात के लोगों का जज्बा था कि हमने मिलकर अपनी मेहनत से नियति को बदलने का संकल्प लिया। हमने ‘सुजलाम सुफलाम योजना’ के जरिए पानी की समस्या का समाधान किया। नर्मदा का पानी दूर-दूर तक पहुंचने लगा। सिंचाई की नई व्यवस्था बनी।

साथियों,

आज यहां का किसान एक फसल पर निर्भर नहीं है। वो अपने हिसाब से खेती की योजना बना रहा है। बनासकांठा का नाम आज जिस तरह आलू उत्पादन में उभरा है, वह अपने आप में एक मिसाल है।

इसी तरह भाइयों बहनों,

आज हम विकास के जिन कामों को आगे बढ़ा रहे हैं, उनका लाभ पूरे उत्तर गुजरात को होगा। वाव-थराद, बनासकांठा, पाटन और महेसाणा, हर जिले के लिए नए अवसर पैदा होंगे, बेहतर जीवन के रास्ते खुलेंगे।

साथियों,

गुजरात की सबसे बड़ी ताकत है कि इसने लगातार 25 वर्ष से विकास के महाअभियान को रुकने नहीं दिया है। गुजरात ने नए कीर्तिमान बनाए। अपने कीर्तिमानों को खुद ही तोड़ा। फिर नए कीर्तिमान बनाए, फिर कीर्तिमान को तोड़ा, फिर कीर्तिमान नए बनाए। अभी गुजरात के इनफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का ज़िक्र हुआ, इसी तरह हमने पूरे गुजरात में गाँव-गाँव को अच्छी सड़कों से जोड़ा। हाइस्पीड हाइवेज बनाए। वंदेभारत जैसी हाइस्पीड ट्रेनों की सुविधा भी गुजरात को मिल रही है।

भाइयों बहनों,

2005 में, मैंने विकास को गुजरात के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए ‘शहरी विकास वर्ष’ की शुरुआत की थी। तब इसका बजट करीब साढ़े छह सौ करोड़ रुपए था। लेकिन, विकास का पहिया इतनी तेजी से घूमा कि, आज ये बजट 33 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है। इसी दिशा में 9 नई महानगरपालिकाओं के लिए 2300 करोड़ रुपए के करीब 300 प्रस्ताव स्वीकृत के लिए आए हैं। 72 नगरपालिकाओं को अपग्रेड किया गया है। गुजरात सरकार ने इस साल प्रदेश का जो बजट पेश किया है, वो बजट भी 4 लाख करोड़ से ज्यादा का है। ये पैसा गाँव, कस्बे, और शहरों के कायाकल्प के लिए खर्च होगा। गाँव गाँव बेहतर सुविधाएं बनाई जा रही हैं। घर-घर पाइप से पानी पहुंचाया जा रहा है।

भाइयों बहनों,

पंचायत से पार्लियामेंट तक जब तक आपका भरोसा बना रहेगा, विकास की सुपरफास्ट एक्सप्रेस को इसी रफ्तार से चलती रहेगी।

साथियों,

भारत की हमेशा से बड़ी ताकत रही है- मुश्किल समय, कितना ही कठिन समय क्यों न आए, मुश्किल के समय हमारा देश एकजुट होकर खड़ा होता है। बीते कुछ समय से आप देख रहे हैं, दुनिया के कई देश युद्ध, अशांति और अस्थिरता से घिरे हैं। वेस्ट एशिया में जो हालात बने हुए हैं, उनका असर पूरी दुनिया पर है। ऊर्जा जरूरतों की, डीजल, पेट्रोल और गैस की दिक्कत पूरी दुनिया में बढ़ गई है। ऐसे संकट में भी, भारत ने हालातों को नियंत्रण में बनाए रखा है। इसके पीछे देश की सफल विदेश नीति, और देशवासियों की एकजुटता की सफलता की ताकत है।

लेकिन भाइयों बहनों,

दुर्भाग्य देखिए, हमारे देश में कुछ राजनैतिक दल वैश्विक संकट के दौर में भी राजनैतिक रोटियाँ सेंकने से बाज नहीं आ रहे! इस सियासी षड्यंत्र में सबसे आगे अगर कोई है, तो काँग्रेस पार्टी है! आज जब देश को एकता और एकजुटता की जरूरत है, काँग्रेस के नेता देश को बांटने में लगे हैं। आज जब देश को भरोसे की जरूरत है, काँग्रेस भय और अफवाह फैलाने में लगी है। आज जब देश को संयम की जरूरत है, काँग्रेस लोगों को उकसाने में जुटी है। राजनैतिक गिद्धों की तरह कॉंग्रेस इस इंतज़ार में है कि कब देश परेशानी में बढ़े, और उसके बहाने उनको सियासी फायदा मिले!

भाइयों बहनों,

आज दुनिया के छोटे से लेकर बड़े सुपरपावर देशों तक में, डीजल पेट्रोल के दाम कहीं 10 पर्सेंट, कहीं 20 पर्सेंट, कहीं 25 पर्सेंट प्रतिशत तक बढ़े हैं। लेकिन, भारत इसका असर देश की जनता पर नहीं पड़ने दे रहा है। काँग्रेस को ये सहन नहीं हो रहा। इसलिए,वो लगातार अफवाहें फैला रही है, ताकि, देश में डर का माहौल बने, और लोग पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर लाइन लगाकर खड़े हों, अव्यवस्था फैल जाए! उसे लेकर ये लोग दुष्प्रचार करें, ये इनकी मंशा है!

साथियों,

सत्ता से दूरी काँग्रेस पार्टी को बौखला कर देती है। अभी दिल्ली में हुई ग्लोबल AI समिट में भी आपने देखा है, दुनिया भर के मेहमान यहां थे, दिल्ली की एआई समिट की पूरे विश्व में प्रशंसा हो रही थी, लेकिन कैसे विरोध के लिए कांग्रेस के लोगों ने अपने कपड़े तक फाड़ दिए, इनकी कोशिश थी कि दुनिया के सामने भारत की छवि खराब हो! आज के हालात में भी काँग्रेस भारत से नफरत करने वाली विदेशी ताकतों की भाषा बोल रही है। हमें काँग्रेस के इस षड्यंत्र से सावधान रहना है।

साथियों,

भारत किसी भी मुश्किल परिस्थिती का सामना डटकर के सकता है, ये हमने कोरोनाकाल में भी दिखाया है। उसी तरह, ये समय भी साथ रहने का है। हमें इस बात पर गर्व होना चाहिए, आज जब पूरी दुनिया केवल अपने बचाव में लगी है, भारत न केवल स्थिरता बनाये हुये हैं, बल्कि, विकास के रास्ते पर भी हर दिन आगे बढ़ रहा है। आज गुजरात में हुये हजारों करोड़ के विकास प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास इसका एक जीता जागता उदाहरण है। मैं एक बार फिर, आप सबको इन विकास कार्यों के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। मैं देशवासियों के संयम, सहयोग और अनुशासन के लिए उनका भी बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ।

ए आवजो राम राम आप सबको। ए आवजो राम राम। बहुत आनंद हुआ आप सभी को मिलकर। आपके आशीर्वाद ले के अब आगे बढता हूं। बहुत बहुत धन्यवाद।