अध्‍यक्ष महोदया, श्रीमती सांति बाई हनुमानजी। प्रधानमंत्री सर अनिरूद्ध जगन्‍नाथ जी। विपक्ष के नेता, श्री पॉल बेरेंजेर। सदस्‍य गण,

मॉरीशस के स्‍वतंत्रता दिवस पर मेरी हार्दिक बधाई। किसी राष्‍ट्रीय एसेंबली को संबोधित करने को सदैव बड़ा सम्‍मान माना जाता है। मगर इतिहास और संस्‍कृति के गहरे संबंधों को साझा करने वाले देश की जनता की और एक ऐसे देश जिसे मित्र और भागीदार कहते हुए हमें गर्व होता है उसकी एसेंबली को संबोधित करना सचमुच एक विशेष अवसर है।

17 PM Modi's Address to the National Assembly, Mauritius (4)

इस एसेंबली में आपके राष्‍ट्रीय दिवस के अवसर पर उपस्थित होना मेरे लिए एक सौभाग्‍यशाली क्षण है।

स्‍वतंत्रता दिवस पर हम न केवल स्‍वतंत्र होने का जश्‍न मनाते हैं अपितु स्‍वतंत्रता प्राप्‍त करने के लिए किए गए संघर्षों और बलिदानों का स्‍मरण भी करते हैं। आज का दिन भारत के स्‍वंतत्रता संग्राम के इतिहास में विशेष महत्‍व रखता है।

1930 में आज ही के दिन महात्‍मा गांधी ने दांडी मार्च की शुरूआत की थी।

और इससे भारत अपने स्‍वतंत्रता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाकर आगे बढ़ा।

आपके राष्‍ट्रीय दिवस से महात्‍मा गांधी को भी सम्‍मान मिलता है और यह दोनों देशों के बीच भावनात्‍मक संबंधों का आधार भी है।

मॉरीशस के स्‍वतंत्रता संग्राम के कुशल नेतृत्‍व के लिए मैं आज सर शिवसागर रामगुलाम और उनके दर्शन तथा दोनों देशों के बीच भागीदारी के विकास में उनके नेतृत्‍व को नमन करता हूं।

मैं आज यहां हमारे संबंधों के आयोजन के लिए नहीं अपितु उपलब्धियों की सराहना के लिए उपस्थित हूं।

विश्‍व में कई ऐसे देश हैं जहां स्‍वतंत्रता का उल्‍लास धीमा होकर दिशा भ्रम की निराशा में दब गया।17 PM Modi's Address to the National Assembly, Mauritius (7)

मॉरीशस में मगर स्‍वतंत्रता की आशाएं और वायदे दिन ब दिन उज्‍जवल हुए हैं।

मॉरीशस लोकतंत्र के उज्‍जवल दीप की तरह खड़ा रहा है।

मॉरीशस 10 लाख से अधिक बेहद सद्भाव में रह रहे विविध संस्‍कृति वाले लोगों का देश है।

यह एक ऐसा देश है जो मजबूती से समृद्धि के मार्ग पर बढ़ रहा है।

मैंने मॉरीशस द्वारा स्‍मार्ट विकल्‍प चुनने और परिश्रम तथा उद्यमशीलता को प्रोत्‍साहित करने की सदैव प्रशंसा की है। इसने कृषि अर्थव्‍यवस्‍था की बजाय अब मध्‍य आय और विविध अर्थव्‍यवस्‍था का रूप लिया है और इसने वस्‍त्र और पर्यटन क्षेत्र के अवसरों का दोहन किया है और अब यह वित्‍त और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति कर रहा है।

भारत के लोगों की कई पीढि़यों ने पहले अनिश्चित नये जीवन की अनिश्चित रास्‍ते पर अनजान क्षेत्र में यात्रा की शुरूआत की थी।

उन्‍होंने अपने जीवन को नये स्‍थान पर स्‍थापित किया और शिवरात्रि तथा कावड़, होली के रंगों और ईद के उल्‍लास, वर्षा के स्‍वागत के गीतों और फसलों के जश्‍न में नृत्‍यों के अलावा हिमालय और गंगा की स्‍मृतियों को जीवित रखा।

वे आज मॉरीशस के गौरवशाली नागरिक हैं और सफलता में योगदान देकर यहां देश की गतिशीलता में फल फूल रहे हैं।

यह द्वीप उनकी संरक्षित आस्‍था और संस्‍कृति से बंधा है। फिर भी वे विश्‍व के अन्‍य भागों से आने वाली लहरों और हवाओं से विकसित जीवनशैली के साथ भी आसानी से रिश्‍ता बनाये हुए है।

मुझे आज सुबह गंगा तालाब जाने का शुभ अवसर मिला। वहां जाकर मुझे अपने संसदीय क्षेत्र बनारस की गंगा के घाटों के साथ अपना निजी लगाव भी महसूस हुआ।

और मैंने दिलों के उस सशक्‍त संपर्कों को महसूस किया जो इस शानदार देश में काल और दूरी के बावजूद स्‍थाई बने हुए हैं।

यह संपर्क आज हमारे संबंधों की मजबूत बुनियाद हैं। इनसे ऐसी सद्भाव और स्‍फूर्ति बनी है जो अंतर्राष्‍ट्रीय संबंधों में महसूस करना बहुत मुश्किल है। इनसे हमारे आपसी विश्‍वास की अटूट श्रृंखला का भी विकास हुआ है।

हमें आज समान रूप से ऐसे संबंध पर गर्व है जो हमारे समय की आवश्‍यकताओं के अनुरूप है। हम साझा लोकतांत्रिक मूल्‍यों के सुखद आभास के कारण एक-दूसरे से जुड़े हैं। हम दोनों देशों की आर्थिक प्रगति में भागीदार हैं। हम हिंद महासागर में सुरक्षा को बढ़ाने की जिम्‍मेदारी कंधे से कंधा मिलाकर साझा करते हैं। हम विकासशील विश्‍व और अपने ग्रह- पृथ्‍वी के भविष्‍य के हित में एक ही सुर में बोलते हैं।

मैं मॉरीशस को हिंद महासागर समुदाय के अगुआ और अफ्रीका के साथ सेतु के रूप में देखते हैं।

आपके नेतृत्‍व से विश्‍व में हिंदी को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है।

भारत मॉरीशस का अपने यहां विश्‍व हिंदी सचिवालय स्‍थापित करने के लिए धन्‍यवाद करता है।

अध्‍यक्ष महोदया, यह हमारी विरासत की दौलत है। यह हमारी भागीदारी की समृद्धता है।

पिछले वर्ष दोनों देशों में लोकतांत्रिक तरीके से सत्‍ता का हस्‍तांतरण हुआ। दोनों देशों के लिए दो बातें समान हैं।

दोनों देशों में लंबे समय के बाद किसी एक पार्टी को स्‍पष्‍ट बहुमत मिला।

और यह संयोग और रूचि की बात है कि दोनों देशों की संसद में अध्‍यक्ष का पदभार महिला को मिला है।

हमें मालूम है कि लोकतां‍त्रिक परिवर्तनों से हमारे संबंधों की मजबूती में कोई अंतर नहीं आ सकता।

हमारे पास आज एक ऐसा अनूठा अवसर है जो दोनों देशो में आर्थिक विकास में तेजी लाने का स्थिर मंच है।

पिछले नौ महीनों के दौरान, हम भारत में समावेशी विकास की स्‍पष्‍ट दृष्टि की ओर बढ़े हैं।

हमने आर्थिक विकास को बढ़ाने; अपनी अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार लाने और हमारे नागरिकों के जीवन को बदलने; सुदूर क्षेत्रों के गांवों और किसानों, सर्वाधिक वंचित युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन करने के लिए तेजी, संकल्‍प, नवाचार और निर्भीकता के साथ काम किया है।

मुझे भरोसा है कि प्रधानमंत्री जगन्‍नाथ के नेतृत्‍व में मॉरीशस में विकास और अधिक प्रभावशाली बनेगा।

और, मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि हम हमेशा आपके साथ रहेंगे- आपके प्रयासों के समर्थन में और आपकी कामयाबी के जश्‍न में।

कल मैंने प्रधानमंत्री जगन्‍नाथ को कहा कि हम आपकी अर्थव्‍यवस्‍था के लिए विदेश स्थित बैंकिंग सेक्‍टर के महत्‍व को समझते हैं। हम भारत पर इस निर्भरता को लेकर जागरूक हैं। हम अपने दोहरे कर वंचन समझौते के दुरूपयोग को रोकने के लिए अपने साझा उद्देश्‍य के साथ मिलकर काम करेंगे। मैं आपको आपके समर्थन के लिए धन्‍यवाद देता हूं। लेकिन, मैं आपको यह भी भरोसा दिलाता हूं कि हम अपने सबसे घनिष्‍ठ रणनीतिक साझेदारों में से एक इस गतिशील क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने का कोई काम नहीं करेंगे।

मॉरीशस के लिए एक विकास साझेदार बनना बड़ा विशेषाधिकार रहा है। हम आपकी इच्‍छाओं के अनुरूप और अधिक करने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे।

कल, हमने मॉरीशस में नागरिक परियोजनाओं के विकास के लिए 500 मिलियन डॉलर के नये ऋण की घोषणा की। प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी ने 2003 में मॉरीशस में पहली साइबर सिटी के निर्माण में सहयोग दिया था। वह हमारी जीवंत आर्थिक साझेदारी का एक प्रतीक बन गया है। मैं मॉरीशस में दूसरी साइबर सिटी के लिए अपने समर्थन की घोषणा करते हुए प्रसन्‍नता महसूस कर रहा हूं।

हालांकि हम सूचना प्रौद्योगिकी की बात कर रहे हैं, मॉरीशस में ई-हेल्‍थ एक सराहनीय पहल है। और हम इसके विकास को समर्थन देकर प्रसन्‍न होंगे।

हम मॉरीशस की पेट्रोलियम की जरूरतों की पूर्ति के लिए उसका साझेदार बनने पर गर्व का अनुभव कर रहे हैं। हम यहां पेट्रोलियम भंडारण केन्‍द्र का निर्माण करने की एक नई परियोजना की शुरूआत कर रहे हैं। यह एक क्षेत्रीय आर्थिक केन्‍द्र के रूप में मॉरीशस की स्थिति को और मजबूत बनाएगा।

मॉरीशस ने मत्‍स्‍य पालन से लेकर पर्यटन तक इसकी समुद्री अर्थव्‍यवस्‍था के विकास में गहरी दृष्टि प्रदर्शित की है।

भारत भी समुद्रों पर काफी निर्भर है। हम अपनी समुद्री अर्थव्‍यवस्‍था को विकसित करने और नई संभावनाओं की तलाश करने का प्रयास कर रहे हैं। हम इसे एक टिकाऊ तरीके से कर रहे हैं, जो हमारे समुद्रों की जटिल पारिस्थितिकी प्रणाली को संरक्षित करता है। वास्‍तव में, समुद्रों में हमारी समृद्धि को आगे बढ़ाने और विश्‍व की चुनौतियों का सामना करने की विशाल संभावनाएं हैं।

यही वजह है कि मैं अपने राष्‍ट्रीय ध्‍वज में नीले चक्र को नीली क्रांति के एक प्रतीक के रूप में देखता हूं; जैसे केसरिया रंग ऊर्जा क्रांति का, श्‍वेत दुग्‍ध क्रांति का और हरा रंग हरित क्रांति का प्रतिनिधित्‍व करता है।

यह हमारे दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। हम आपसे सीख सकते हैं। एक साथ मिलकर हम अपनी समुद्री परिस्थितिकी और नये अवसरों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। हम ज्‍यादा टिकाऊ कार्यों के लिए अपनी क्षमता को और बेहतर बना सकते हैं।

17 PM Modi's Address to the National Assembly, Mauritius (6) हमारी साझेदारी में जलवायु परिवर्तन की चुनौती भी अनिवार्य रूप से शामिल होनी चाहिए। भारत के लिए यह एक अभियान है, जिसे हम पूरी तरह नये स्‍तर और आवश्‍यकता के एक नये भाव के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। हमने 2022 तक सौर ऊर्जा के 100 गिगावाट तथा पवन ऊर्जा के 60 गिगावाट का एक महत्‍वकांक्षी लक्ष्‍य निर्धारित किया है। हम अपनी ऊर्जा कुशलता को उल्‍लेखनीय रूप से बढ़ाना चाहेंगे, जो ऊर्जा का सबसे स्‍वच्‍छ रूप हो।

यह विकल्‍प भविष्‍य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता से, साथ ही हमारे सिद्धांतों से भी प्रेरित है। और मेरे लिए यह एक विश्‍वास की बात है।

हमने विरासत में एक प्राचीन परंपरा और बुद्धिमता प्राप्‍त की है, जिसने प्रकृति के संरक्षण को एक पवित्र कार्य बना दिया है; जो धरती को एक मां की तरह पूजता है; और जो प्रकृति के शोषण को एक अपराध मानता है।

मॉरीशस जलवायु परिवर्तन पर एक अग्रणी अंतर्राष्‍ट्रीय आवाज रहा है, न केवल द्वीपीय राज्‍यों का बल्कि हमारे सामूहिक भविष्‍य का भी पक्षधर रहा है। हम जलवायु परिवर्तन के खिलाफ

अधिक ठोस वैश्विक कार्रवाई के लिए आपके साथ काम करने की उम्‍मीद करते हैं।

अगर हम शांति, सुरक्षा और हमारे विश्‍व में स्थिरता को लेकर आश्‍वस्‍त हैं तो हम एक टिकाऊ और समृ‍द्ध भविष्‍य के सपनों को साकार कर सकते हैं।

भारत और मॉरीशस में हमारी नियति हिंद महासागर की धाराओं के साथ जुड़ी है।

हमारी सुरक्षा साझेदारी हमारे संबंधों के लिए एक मजबूत स्‍तंभ रही है। और यह कठिन समय में भी अडिग रही है।

इसका आधार असाधारण आपसी भरोसे और विश्‍वास पर टिका है

इसकी जड़ें एक-दूसरे के प्रति उत्‍तरदायित्‍वों में निहित हैं, जो हमारी मैत्री में स्‍वाभाविक रूप से प्रदर्शित होती है।

यह हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और समृद्धि को लेकर हमारी साझी प्रतिबद्धता से उत्‍पन्‍न होता है।

जैसे मॉरीशस द्वीपों और जलीय क्षेत्रों को ज्‍यादा सुरक्षित बनाने का प्रयास करता है; जैसे आप अपने विशाल विशिष्‍ट आर्थिक क्षेत्र को संरक्षित करने का प्रयास करते हैं, हम हमेशा आपकी सहायता के लिए तत्‍पर रहेंगे।

हम अपने सहयोग को और मजबू‍त बनायेंगे और अपनी सक्षमताओं को मजबूती प्रदान करने के लिए हर संभव कार्य करेंगे। आज बाराकुड़ा का आपकी राष्‍ट्रीय तटरक्षक सेवा में जलावतरण करने का मुझे सम्‍मान प्राप्‍त होगा।

मॉरीशस का राष्‍ट्रीय ध्‍वज सम्‍मान से लहराते हुए आज यह हमारी दोस्‍ती के प्रतीक के रूप में समुद्र यात्रा करेगा।

आपने हम में जो विश्वास जताया है, उसके लिए भारत आभारी है। मॉरीशस, हिन्‍द महासागर के इस हिस्‍से को सुरक्षित करने की भारी जिम्‍मेदारी उठा रहा है, इसलिए हम जानते है कि हमारा क्षेत्र एक सु‍रक्षित स्‍थान होगा।

लेकिन हम इस क्षेत्र में स्‍थाई स्थिरता और समृद्धि स्‍थापित करने के लिए व्‍यापक सोच में साझेदार है।

हमें विश्‍वास है कि हमारे क्षेत्र के सभी राष्‍ट्रों को हमारी साझा जिम्‍मेदारी में सहयोग देने के लिए एकजुट होना चाहिए।

हम अपने क्षेत्र में घनिष्‍ठ सुरक्षा, आर्थिक, सांस्‍कृतिक, वैज्ञानिक और हर व्‍‍यक्ति के लिए संबंधों में व्‍यापक भागीदारी चाहते हैं।

मॉरीशस हिन्‍द महासागर रिम एसोसिएशन का मेज़बान है, जिसके लिए हम उसके शुक्रगुजार हैं। हमारे दृष्टिकोण को प्राप्‍त करने के लिए आपका नेतृत्‍व महत्‍वपूर्ण रहेगा। वैश्‍विक संस्‍थानों में आपका दृढ़ समर्थन हमें अपने साझा हितों के बारे में विचार रखने के लिए अधिक मजबूती प्रदान करता है। संयुक्‍त राष्‍ट्र ने भारी उथल-पुथल के समय 70वें वर्ष में प्रवेश किया है। हम इस संगठन को सुधारने और आज के युग की जरूरत के अनुसार इसे अधिक प्रासंगिक बनाने के लिए आपकी मदद चाहते हैं।

मैं 21 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित करने के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र के प्रस्‍ताव में जोरदार समर्थन देने के लिए मॉरीशस को धन्‍यवाद देना चाहता हूं। यह संकल्‍प रिकॉर्ड समय में अधिकतम देशों के समर्थन से पारित किया गया था।

यह हमारी साझा विरासत को नमन हैं। मैं जानता हूं कि आप इसे मॉरीशस में पूरे जोश के साथ मनाएंगे।

17 PM Modi's Address to the National Assembly, Mauritius

अध्‍यक्ष महोदया,

एक राष्‍ट्र के जीवन में एक व्‍यक्ति के जीवन की तरह ही एक सच्‍चे दोस्‍त और शुभचिंतक से भी ज्‍यादा कोई मूल्‍यवान और संतुष्टि प्रदान करने वाली चीज नहीं है। उसके मिलन से अधिक कुछ संतोषजनक नही है, उसके विश्‍वास से अधिक मूल्‍यवान कुछ भी नही है, उसकी मदद से अधिक कुछ भी आश्‍वस्‍त करने वाला नहीं है और उसकी भागीदारी से अधिक बहुमूल्‍य कुछ भी नही है।

इसलिए हम आपकी मैत्री से अपने आपको सौभाग्‍यशाली मानते हैं और हमेशा यह कहते हैं कि अगर कोई ऐसा देश है जो हम पर पूरा अधिकार महसूस करता है, तो वह मॉरीशस ही है।

यह हमारे दिलों और भावनाओं का संबंध है, जिन्‍हें किन्‍हीं सीमाओं द्वारा कभी भी सीमित नही किया जा सकता।

हम भारत में इसे समृद्ध बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगे। यह संबंध हमारे दोनों देशों के लिए सदैव प्रसन्‍नता और मजबूती का एक स्रोत बना रहेगा।

यह हमारे क्षेत्र और पूरे विश्‍व के लिए भी बहुत महत्‍वपूर्ण रहेगा।

मैं इस सम्‍मान के लिए आपको धन्‍यवाद देता हूं।

मैं एक बार फिर आपको इस राष्‍ट्रीय दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देता हूं।

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Farmers to benefit as Centre hikes onion procurement price by 13% to ₹2,125 per quintal

Media Coverage

Farmers to benefit as Centre hikes onion procurement price by 13% to ₹2,125 per quintal
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
पहले प्रोडक्ट, फिर कंपोनेंट्स और अब सेमीकंडक्टर, यही मेक इन इंडिया का अगला चरण: गुजरात के साणंद में पीएम मोदी
July 04, 2026
भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा के लिए एक ऐतिहासिक दिन; साणंद स्थित सीजी सेमी ओएसएटी सुविधा चिप विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करेगी, प्रौद्योगिकीय आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी तथा वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगी : प्रधानमंत्री
सेमिकॉन इंडिया कार्यक्रम तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है; कदम-दर-कदम, ईंट-दर-ईंट, चिप-दर-चिप : प्रधानमंत्री
भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग का विस्तार रातोंरात नहीं हुआ; यह पिछले एक दशक में भारत में हुई इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति का अगला चरण है : प्रधानमंत्री
पहले प्रोडक्ट्स, फिर कम्पोनेंट्स और अब सेमीकंडक्टर; भारत संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला का निर्माण कर रहा है, यही विकसित भारत का मार्ग है, यही मेक इन इंडिया का अगला चरण है : प्रधानमंत्री
हमारा लक्ष्य चिप डिजाइन से लेकर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग तक भारत में संपूर्ण सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है : प्रधानमंत्री
भारत का युवा मेड इन इंडिया चिप्स के साथ एआई, रोबोटिक्स तथा अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों की क्रांति का नेतृत्व करेगा : प्रधानमंत्री

कैसे हो सब मजे में। गुजरात के लोकप्रिय मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी अश्विनी वैष्णव, ऊर्जावान उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गुजरात सरकार के मंत्रीगण, सांसद और विधायकगण, CG पावर के चेयरमैन वेल्लायन सुबैया जी, रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रेसिडेंट मालिनी जी, सीजी सेमी के चेयरमैन गिरीश जी, यहां मौजूद अन्य सभी इंडस्ट्री लीडर्स, देवियों और सज्जनों!

आज का ये कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि भारत जो ठान लेता है, वो करके दिखाता है। 5 साल पहले भारत ने संकल्प लिया था कि देश को सेमीकंडक्टर हब बनाएंगे। हम Design in India, Make in India के मंत्र को लेकर आगे बढ़ें। और आज देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट में भी चीफ पैकेजिंग का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो रहा है।

साथियों,

2024 में इस प्लांट का शिलान्यास करने का अवसर मुझे मिला था। 2025 के अगस्त महीने में यहां टेस्टिंग चिप्स का काम शुरू हुआ, और आज, इस प्लांट का उद्घाटन हो गया है। शिलान्यास से प्रोडक्शन तक का ये सफर, निश्चित रूप से अनेक साथियों के परिश्रम का परिणाम है। सुबैया जी जैसे लोगों के नेतृत्व का परिणाम है। अभी मंच पर आने से पहले, मुझे इस प्रोजेक्ट से जुड़े अनेक साथियों से बातचीत करने का भी मौका मिला। एक प्रकार से लगता है कि इस परिसर में एक मिनी इंडिया बसता है। हर भाषा के, हर पहनावे के, हर खान-पान के लोग यहां हैं। यानी एक अलग सा माहौल मैंने अनुभव किया। Exhibition Visit के दौरान भी, मैंने कई बेटे–बेटियों से बातचीत की। और एक बात जिसको मैं बड़े गर्व से उल्लेख करना चाहूंगा, इन बच्चों का कॉन्फिडेंस लेवल। जिस आत्मविश्वास से वो बातें रहे थे, टेक्नॉलोजी के संदर्भ में जो उनका विश्वास था कहने का, कम से कम मैं तो इंप्रेस हो गया।

साथियों,

सीजी सेमी का ये प्लांट, भारत, जापान और थाईलैंड के हमारे इंडस्ट्री पार्टनर्स के साझा प्रयासों का भी प्रतीक है। ये केवल एक बिजनेस वेंचर नहीं है, ये टेक्नोलॉजी, भरोसे और साझेदारी का ऐसा मॉडल है, जो भारत की सेमीकंडक्टर जर्नी को नई गति देने वाला है। बीते सवा दो सालों में, आप सभी ने स्क्रैच से स्केल तक, इस पूरी फैसिलिटी को आकार दिया है। आज हम इसके कॉमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत कर रहे हैं। मुझे बताया गया है कि अभी यहां से हर साल 20 करोड़ चिप्स निकलेंगी। 20 करोड़, आपको लगता होगा कि मोदी जी ने गलती कर दी, 20 लाख को 20 करोड़ बोल दिया, इसलिए ताली बजाने में देर हो गई, 20 करोड़। और मुझे बताया गया आप सभी यहीं नहीं रुकने वाले हैं। आपने हर साल 500 करोड़ चिप्स का लक्ष्य रखा है। यानी हर दिन डेढ़ करोड़ से ज्यादा। मेरा पक्का विश्वास है कि आप उसे बहुत जल्द हासिल करके रहेंगे। ये भरोसा इस बात का भी है कि सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम तेज गति पकड़ रहा है, Step by step, brick by brick और अब chip by chip. मैं, सीजी सेमी की पूरी टीम को, राज्य सरकार और पूरे देश को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

मुझे जरा इस बात का थोड़ा आनंद ज्यादा है, आपको लगता होगा कि ऐसा क्या हो गया कि मोदी जी को जरा आनंद ज्यादा है, इसका कारण ये है कि 20 साल पहले, शायद उससे भी पहले मैंने गुजरात में सेमी कंडक्टर प्लांट लगाने के लिए सारी योजना बनाई, गांधीनगर और प्रांतिज के पास साढ़े तीन सौ, चार सौ एकड़ जमीन तय कर ली, कुछ कंपनियों से बातचीत भी की, भारत सरकार भी उस समय बड़े बड़े बयान दे रही थी, तो कुछ कंपनियां बातचीत करने के लिए आती भी थीं, लेकिन पता नहीं भारत सरकार को उस समय क्या हो गया, कि उनके पैरों में बेडि़यां लग गई, और बात आगे नहीं चली। आज जब मैं इसे देखता हूं तो मेरा 20-22 साल पुराना जो सपना, और उस समय देश में इन विषयों की चर्चा कोई करता नहीं था, और मैं जब करता था तो मीडिया वाले मेरी मजाक उड़ाते थे। उस समय नहीं हो पाया, लेकिन आज जब हो रहा है तो सर्वाधिक खुशी मैं अपने भीतर से अनुभव कर रहा हूं। आप देखिए, अभी कुछ हफ्ते पहले खबर आई। मुझे हैरानी है कि मीडिया ने जितना उस पर ध्यान जाना चाहिए उतना गया नहीं। भारत में बना हुआ C295 विमान बड़ौदा में बना और हवा में उड़ान भी भरी। एक जमाना था साईकिल बनाने वाला भी कोई आ जाए ना तो हम मिठाई बाँटते थे दोस्तों, आज हवाई जहाज बनाने वाले आ रहे हैं।

साथियों,

आप सभी जानकार लोग यहां बैठे हैं, मैं देख रहा हूं, बहुत सारे युवा साथी भी यहां मौजूद हैं, हम अगर दुनिया के औद्योगिक इतिहास को देखेंगे, तो एक बात स्पष्ट होती है। दुनिया की कोई भी ग्लोबल इंडस्ट्रियल पावर, किसी एक अकेली फैक्ट्री से नहीं बनी। इंडस्ट्रियल पावर की नींव क्लस्टर्स होते हैं। अमेरिका की सिलिकॉन वैली, ताइवान का शिन-चु साइंस पार्क, जापान का सिलिकॉन आइलैंड, सुकुबा साइंस सिटी, ये सब क्लस्टर के महत्व को दर्शाते हैं। आज साणंद भी उसी दिशा में अपने कदम बढ़ा रहा है।

साथियों,

कुछ ही महीनों में यहां माइक्रोन, केयान्स और सीजी सेमी ने प्रोडक्शन शुरु कर दिया। यानी देश में एक Semiconductor Cluster जन्म ले रहा है। और आज यहां चिप्स की पैकेजिंग हो रही है। कल यहां विशेष कंपनियां आएंगी, केमिकल्स का उत्पादन होगा, नई टेस्टिंग लैब्स बनेंगी, मशीनों की सर्विस करने वाले उद्योग आएंगे, डिजाइन सेंटर्स खुलेंगे, और फिर यहां से नए स्टार्टअप्स भी निकलेंगे। यही क्लस्टर की ताकत होती है। एक उद्योग, सैकड़ों उद्योगों को जन्म देता है। सैकड़ों उद्योग, लाखों रोजगार पैदा करते हैं। और ये लाखों रोजगार, पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदल देते हैं। और ये सिर्फ साणंद में ही नहीं हो रहा, देश के अनेक राज्यों में भी सेमीकंडक्टर के क्लस्टर बन रहे हैं।

साथियों,

आज भारत में सेमीकंडक्टर सेक्टर के इस उभार से सभी उत्साहित है। देश-दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है। अक्सर लोग इसको आइसोलेशन में देखते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग का विस्तार अचानक नहीं हुआ है। ये पिछले एक दशक में, भारत में आई इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति का next step है।

साथियों,

हमने शुरुआत मोबाइल फोन मैन्युफेक्चरिंग से की। एक समय था जब भारत अपनी ज़रूरत से भी अधिकांश स्मार्ट फोन, ज्यादातर स्मार्ट फोन, हम विदेश से ही मंगाता था। और आज भारत में मोबाइल फोन प्रोडक्शन पहले के मुकाबले 33 गुना ज्यादा हुआ है। आज भारत यानी जो 2014 के पहले मोबाइल फोन बाहर से लाता था, आपने मुझे जब गुजरात से दिल्ली भेजा, तो भारत मोबाइल दुनिया में भेज रहा है। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफेक्चरर है, और दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल exporter भी है।

साथियों,

बीते वर्षों में हमने पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत किया है। आज भारत का टोटल इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन 2014 के मुकाबले, लगभग सात गुना बढ़ चुका है। इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट लगभग ग्यारह गुना बढ़ चुका है।

साथियों,

हमारा प्रयास, सिर्फ फाइनल प्रोडक्ट में आत्मनिर्भरता तक सीमित नहीं है। हमारा प्रयास, कंपोनेंट्स में भी आत्मनिर्भरता की तरफ है। और इसीलिए अब भारत का अगला कदम उठ रहा है। हम केवल मोबाइल नहीं बनाएंगे, हम केवल इलेक्ट्रॉनिक्स नहीं बनाएंगे, हम उन चिप्स का निर्माण भी करेंगे, जिनसे इलेक्ट्रॉनिक्स की पूरी दुनिया चलती है। और यही हमारी रणनीति है। पहले Product, फिर कंपोनेंट्स और अब Semiconductor, यानी इलेक्ट्रॉनिक्स की पूरी Value Chain भारत में होगी। यही विकसित भारत का रोडमैप है, यही Make in India का अगला चरण है।

साथियों,

सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का Next step है, क्रिटिकल मिनरल्स और हाई-टेक मटीरियल्स में आत्मनिर्भरता, और अभी सुबैया जी बीच-बीच में गुजराती भी बोलते थे, उन्होंने गुजराती कहावत सुनाई, निशान चूक माफ, लेकिन नहीं माफ नीचा निशान, और इसलिए मेरा भी वही स्वभाव है, मैं लक्ष्य छोटे नहीं रखता, मैं सोच छोटी नहीं रखता, अगर स्टैच्यू भी बनाता हूं तो दुनिया में सबसे बड़ा बनाकर रख देता हूं। और जैसा सुबैया जी ने कहा, सुनते हो ना विनोद काम बोलता है। ये जो प्रोग्रेस दिख रही है, ये जो अचीवमेंट दिख रहे हैं, इससे जुड़ी सप्लाई चेन को मजबूत करना, ये भी हमारा लक्ष्य है। आज भारत इसी दिशा में व्यापक प्रयास कर रहा है। हमारा लक्ष्य है कि चिप डिजाइन से लेकर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग तक का पूरा इकोसिस्टम भारत में ही विकसित हो। और भारत चिप तो बनाएगा ही, भारत का युवा मेड इन इंडिया चिप्स पर, AI, रोबोटिक्स और नेक्स्ट जेन टेक क्रांति को भी गति देगा। मुझे भारत की युवाशक्ति पर, भारत की युवा टैलेंट पर अटूट विश्वास है। मेरे देश की युवा शक्ति और उनके सामर्थ्य पर मेरा पूरा भरोसा है।

साथियों,

मैं इस अवसर पर देश की युवाशक्ति से एक बात जरूर कहना चाहता हूं। जब भी दुनिया में कोई नई औद्योगिक क्रांति आती है, तो सबसे अधिक अवसर युवाओं के लिए पैदा होते हैं। एक समय आईटी क्रांति आई, तो उसमें लाखों भारतीय युवाओं को अपना सामर्थ्य दिखाने का मौका मिला। फिर स्मार्ट फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का दौर आया। उससे भी लाखों युवाओं को नए अवसर मिले। ये जो Semiconductor रेवोल्यूशन और AI रेवोल्यूशन का दौर है, ये भी अनगिनत नए अवसर लेकर के आ रहा है। रिसर्च और डिजायन से लेकर, Startup Innovation और सप्लाई चेन मैनेजमेंट तक, अनेक अवसर हैं।

साथियों,

ज़रूरत नई स्किल्स की है, नए Ideas की है। अब मायने ये रखता है कि आपके पास नया Idea है या नहीं? आपके पास कुछ नया सीखने, नया करने का जज्बा है या नहीं? मैं आज इन बेटियों से मिला, झारखंड, बालागढ़, मध्यप्रदेश, कोई केरल से, कोई छत्तीसगढ़ से और जय जोहार से ही हमारी बात शुरू हुई। क्योंकि मैं उस क्षेत्र में रहा हूं तो मुझे पता है। उन बेटियों ने जिस तेजी से चीजों को सीखा है, और जिस तरीके से वो चीजों को वहां कंडक्ट कर रही थी, गर्व होता है मेरे देश की युवा शक्ति पर।

साथियों,

आने वाले समय में AI आपके सामने नई स्किल्स, नई एक्सपर्टाइज का पूरा संसार खोल देने वाली है। इसलिए, भारत के युवाओं को अब ये अवसर गंवाना नहीं है। और मैं नौजवानों आपको कहता हूं- आईडिया आपका, साथ मेरा।

साथियों,

ये फैसिलिटी, ये प्रोजेक्ट भी इस बात का प्रमाण है, कि भारत के युवा कैसे नई संभावनाओं से जुड़ रहे हैं। यहां काम करने वाली बहनें-बेटियां, जैसे मैंने कहा झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, सारा ट्राइबल बेल्ट से आई हुई बेटियां हैं। उन बेटियों ने जब मुझे फैक्ट्री दिखाई, और बड़े जोश और उत्साह के साथ, एक-एक चीज के बारे में विस्तार से मुझे बता रही थी। साधारण परिवार, साधारण स्कूल, ITI की पढ़ाई, हमारे यहां तो आईटीआई में कोई दाखिल होता है तो मां बाप किसी को बताते नहीं हैं, कि आईटीआई पढ़ता है, शर्म आती है। अब वक्त बदल चुका है, आईटीआई वालों का जमाना है। पढ़ाई भले आईटीआई में हुई हो, इनके सपने असाधारण हैं। इनमें से कई बेटियों के परिवार में कभी किसी ने पासपोर्ट तक नहीं बनवाया था, देखा तक नहीं था। इनमें से कई बेटियों ने तो दिल्ली-मुंबई तक नहीं देखा था, विदेश जाने की तो बात ही छोड़ दीजिए। लेकिन वही बेटियां ट्रेनिंग के लिए मलेशिया गईं, दुनिया की सबसे आधुनिक सेमीकंडक्टर तकनीक सीखी, और आज ये सभी मेड इन इंडिया चिप निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा हैं। मुझे याद है, जब सुबैया जी ने मुझे एक बार दिल्ली में एक वीडियो दिखाया था, तीन मिनट का वीडियो था, इन बेटियों के जीवन पर था वो जंगलों में कैसे रहती थीं, खटिया पर बैठकर कैसे पढ़ती थीं और फिर एयरपोर्ट पर अपना चैकअप के लिए खड़ी हुई हैं और जा रही है वो क्लियरेंस करके मलेशिया के लिए। तो मैंने तुरंत उनको कहा था, कि मैं हो सके उतना जल्दी जब भी गुजरात आऊंगा, तो गर्वनर हाउस में इन बेटियों को बुलाकर इनसे बातचीत करूंगा, वो तो मैं नहीं कर पाया, लेकिन आज मुझे वो अवसर मिल गया, Thank You सुबैया जी। मैं इन सभी बेटियों को, उनके परिवार को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज का ये अवसर, इस बात का भी प्रमाण है कि भारत को विकसित बनाने के लिए हम कितने अधीर हैं। इस वर्ष की शुरुआत में, मैंने कहा था कि वर्ष 2026 में चार सेमीकंडक्टर फैसिलिटीज शुरु हो जाएंगी। और आज मेरे मंत्री ने कह दिया नहीं 4 नहीं 5 हो जाएंगी। और मुझे खुशी है कि 6 महीने में तीन प्रोजक्ट्स में प्रोडक्शन शुरु हो चुका है। यानी आज का भारत बड़े लक्ष्य भी रखता है और उन्हें समय पर पूरा भी करता है। भारत, यही भरोसा पूरी दुनिया को, हर इंवेस्टर को भी देता है। हमारी नीतियों में स्थिरता है, हमारे निर्णयों में स्पष्टता है, और हमारे एग्जीक्यूशन में गति है। मैं सीजी सेमी के मैनेजमेंट को, अन्य इन्वसेटर्स को भी आश्वस्त करता हूं, रिफॉर्म्स का जो रास्ता भारत ने चुना है, जिस रिफार्म एक्सप्रेस पर हम चल पड़े हैं, वो और गति पकड़ेगा। आज का भारत ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए पूरी तरह से कमिटेड है। इसी कमिटमेंट से ही 140 करोड़ भारतवासी, 2047 तक भारत को विकसित बनाकर रहेंगे। और आज 18-20 साल के नौजवान हैं ना, ये मोदी इसलिए मेहनत करता है कि जब आप 40-45 साल के हो, जब आपके घर मे बच्चे बड़े हो रहे हों, तब आप अपने बच्चों को विकसित भारत में बड़े करते देख सकें, इसलिए मैं मेरी जिंदगी खपा रहा हूं आपके बच्चों के भविष्य के लिए।

साथियों,

हम विकास की राह पर चल पड़े हैं, हम प्रगति की नई-नई ऊचाईयों को छू रहे हैं और इसमें सेमीकंडक्टर का ये क्षेत्र एक बहुत बड़ी शक्ति बनकर के नया विश्वास पैदा कर रहा है। मैं आप सबको अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। आप भी ऊंचे लक्ष्य लेकर के चलें, निशान चूक होगा तो देखा जाएगा, लेकिन हम चल पड़ें, आप सबको मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं, बहुत-बहुत धन्यवाद।