पहलगाम आतंकी हमले में निर्दोष लोगों की दुखद मौत पर भारत शोक में डूबा है। बिहार के मधुबनी में आयोजित राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने पूरे देश की ओर से शोक व्यक्त किया और गहरा दुख व रोष प्रकट किया। पीड़ितों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया, जिसमें पूरा देश प्रभावित परिवारों के साथ एकजुट दिखा।

बिहार के मधुबनी में अपने प्रभावी संबोधन में पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ न्याय, एकता, दृढ़ता और भारत की अटूट स्पिरिट का आह्वान किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की और भारत की संप्रभुता और स्पिरिट को खतरा पहुंचाने वालों को करारा जवाब देने का संकल्प जताया।

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए दुखद हमले पर पीएम मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, "निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या ने पूरे देश को पीड़ा और दुख में डाल दिया है। कारगिल से कन्याकुमारी तक, हमारा दुख और आक्रोश एक है।" उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की और उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार घायलों और इलाजरत लोगों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ 140 करोड़ भारतीयों के एकजुट संकल्प को रेखांकित किया। उन्होंने घोषणा की, "यह केवल निहत्थे पर्यटकों पर हमला नहीं था, बल्कि भारत की आत्मा पर एक दुस्साहसिक हमला था।"

पीएम मोदी ने दृढ़ निश्चय के साथ अपराधियों को दंडित करने का संकल्प जताया और कहा, "इस हमले को अंजाम देने वालों और इसकी साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी कहीं अधिक कठोर सजा मिलेगी। आतंकियों की बची-खुची जमीन को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है। भारत की इच्छाशक्ति, आतंकवाद के आकाओं की कमर तोड़ देगी।" उन्होंने बिहार की धरती से भारत के वैश्विक रुख को और मजबूत करते हुए कहा, "भारत हर आतंकवादी, उसके आकाओं और उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उन्हें ट्रैक करेगा और उन्हें दंडित करेगा, चाहे वे दुनिया के किसी भी हिस्से में हों। आतंकवाद को बख्शा नहीं जाएगा और पूरा देश इस संकल्प पर अडिग है।"

पीएम मोदी ने दुख की इस घड़ी में भारत के साथ खड़े विभिन्न देशों, उनके नेताओं और लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और इस बात पर जोर दिया कि “मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति हमारे साथ है।”

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प्रधानमंत्री 15 जनवरी को राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों की 28वीं कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे
January 14, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 15 जनवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे संसद भवन परिसर, नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय हॉल में राष्ट्रमंडल देशों के लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सभा को संबोधित भी करेंगे।

इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला करेंगे और इसमें विश्व के विभिन्न हिस्सों से 42 राष्ट्रमंडल देशों और 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के 61 लोकसभा अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी भाग लेंगे।

यह सम्मेलन समकालीन संसदीय मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला पर विचार-विमर्श करेगा, जिसमें मजबूत लोकतांत्रिक संस्थानों को बनाए रखने में लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों की भूमिका, संसदीय कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग, संसद सदस्यों पर सोशल मीडिया का प्रभाव, संसद की सार्वजनिक समझ को बढ़ाने के लिए अभिनव कार्यनीतियां और मतदान से परे नागरिक भागीदारी आदि शामिल हैं।