प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए चेन्नई की तमिल पत्रिका ‘तुगलक’ की 50वीं वर्षगांठ के समारोह में शिरकत की।

उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पिछले 50 वर्षों के दौरान पत्रिका की शानदार यात्रा की सराहना की। उन्होंने पत्रिका के संस्थापक चो रामास्वामी के निधन पर शोक भी व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पत्रिका तथ्यों, बुद्धिपरक तर्कों और व्यंग्य पर आधारित है।

तमिलनाडु की जीवंतता

प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु की जीवंतता का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने सदियों से देश को दिशा दिखाई है।

उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु और तमिल लोगों की जीवंतता मुझे अचम्भित करती है। तमिलनाडु सदियों से हमारे देश के लिए मार्गदर्शक बना हुआ है। यहां आर्थिक उन्नति के साथ सामाजिक सुधारों का सुंदर मिश्रण नजर आता है। यह विश्व की सबसे प्राचीन भाषा की भूमि है। पिछले वर्ष सितंबर में मुझे संयुक्त राष्ट्र संबोधन में तमिल भाषा की कुछ पंक्तियां बोलने का सम्मान प्राप्त हुआ था।’

तमिलनाडु के लिए रक्षा गलियारा

राज्य के विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार दो रक्षा गलियारों में से एक रक्षा गलियारा तमिलनाडु में स्थापित करने के लिए अनेक कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों के दौरान तमिलनाडु की प्रगति में अनेक अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं। हमने जब दो रक्षा गलियारों की स्थापना करने का महत्वाकांक्षी निर्णय किया था, तब उस समय तमिलनाडु हमारे लिए बढ़िया विकल्प के रूप में आया था। इस गलियारे के बन जाने से राज्य में उद्योगों की संख्या बढ़ेगी और तमिलनाडु के युवाओं के लिए रोजगार अवसरों में इजाफा होगा।’

कपड़ा और मछलीपालन सेक्टर को बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में कपड़ा सेक्टर के आधुनिकीकरण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘कपड़ा सेक्टर तमिलनाडु की प्रगति में अहम भूमिका निभाता है। तमिलनाडु वासियों की मदद के लिए केन्द्र सरकार इस सेक्टर का आधुनिकीकरण कर रही है। राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। दो बड़े हथकरघा केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा मशीनों के आधुनिकीकरण के लिए संसाधनों का आवंटन किया गया है।’

श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि केन्द्र सरकार मछलीपालन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष कदम उठा रही है। मछलीपालन आज तेजी से उभरता क्षेत्र बन गया है। हमें इस सेक्टर को और अधिक जीवंत बनाना है।

उन्होंने कहा, ‘हमारा ध्यान प्रौद्योगिकी, वित्तीय सहायता और मानव संसाधन विकास पर है। कुछ दिनों पहले तमिलनाडु के मछुआरों को गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाली नौकाएं और ट्रांसपॉन्डर प्रदान किए गए थे। हमारे मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ दिया गया है। मछुआरों के लिए नये मछलीपालन बंदरगाह बनाए गए हैं। नौकाओं के आधुनिकीकरण के लिए भी सहायता दी जा रही है।’

पर्यटन को बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने सबसे आग्रह किया कि वे अगले दो वर्षों में भारत के 15 स्थानों की यात्रा करें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार पर्यटन सेक्टर पर ध्यान दे रही है और भारत को विश्व आर्थिक मंच के यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धा सूचकांक में 34वां स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब राजग सरकार ने कार्यभार संभाला था, तो उस समय भारत 65वें स्थान पर था।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान भारत में विदेशी शैलानियों का आगमन बहुत बढ़ गया है। इसी तरह पर्यटन से प्राप्त होने वाली विदेशी मुद्रा आय में भी बढ़ोतरी हुई है।’

उन्होंने कहा, ‘आपको जानकर प्रसन्नता होगी कि केन्द्र सरकार की स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजनाओं से तमिलनाडु को बहुत फायदा पहुंचा है। चेन्नई से कन्याकुमारी, कांचीपुरम और वेल्लानकली के तटीय सर्किट को और अधिक पर्यटक अनुकूल बनाया जा रहा है।’

नव भारत – नव दशक

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अब भारत एक नये दशक में प्रवेश कर रहा है। भारतवासी देश के विकास को दिशा देंगे और उसे नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। मेरा विश्वास रहा है कि दो प्रमुख कारणों से हमारी महान सभ्यता हमेशा समृद्ध रही है। पहला कारण यह है कि भारत में समरसता, विविधता और भाईचारे को प्रश्रय दिया जाता है। दूसरा कारण भारत वासियों का उत्साह और जीवटता है। भारत के लोगों ने जब भी कुछ करने का निर्णय किया है, तो कोई भी ताकत उन्हें रोक नहीं पाती है।’

प्रधानमंत्री ने मीडिया से आग्रह किया कि वह इस भावना का सम्मान करे और इसके साथ आगे बढ़े।

उन्होंने कहा, ‘सरकार हो या मीडिया घराना, हम सबको इस भावना का सम्मान करना चाहिए और इसके साथ आगे बढ़ना चाहिए। यहां मैं मीडिया की भूमिका की सराहना करता हूं। मीडिया ने राष्ट्र निर्माण के हरसंभव श्रेष्ठ मिशन को आगे ले जाने का काम किया है, चाहे वह स्वच्छता हो, सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करना हो या पर्यावरण की सुरक्षा हो। मैं उम्मीद करता हूं कि यह भावना समय के साथ और मजबूत होती जाएगी।’

 

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प्रधानमंत्री ने पिछले दशक में आत्मनिर्भरता और नवाचार के बल पर भारत की रक्षा क्षमताओं में हुए परिवर्तन का उल्लेख किया
June 17, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले एक दशक में भारत की रक्षा क्षमताओं में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तन को रेखांकित किया है।

श्री मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता की दृष्टि से निर्देशित और नवाचार, प्रौद्योगिकी एवं स्वदेशी विनिर्माण द्वारा संचालित भारत की रक्षा क्षमताओं में एक बड़ा परिवर्तन आया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति आत्मनिर्भरता के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने पर भारत का प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने वायु, भूमि और समुद्र में अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया है, स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाया है और आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा;

"आत्मनिर्भरता की दृष्टि से निर्देशित और नवाचार, प्रौद्योगिकी एवं स्वदेशी विनिर्माण द्वारा संचालित, भारत की रक्षा क्षमताओं में पिछले दशक में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिला है।"

यह श्रृंखला पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में भारत द्वारा की गई प्रगति की एक झलक प्रस्तुत करता है।

#12YearsOfSurakshitBharat

"यह श्रृंखला बताती है कि भारत ने वायु, भूमि और समुद्र में अपनी रक्षा क्षमताओं को कैसे मजबूत किया है, स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को कैसे आगे बढ़ाया है और आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार कैसे बनाया है।"

#12YearsOfSurakshitBharat