प्रधानमंत्री ने भारत में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत समिति के 20वें सत्र की शुरुआत पर अत्यंत हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मंच विश्व भर की जीवित परंपराओं को संरक्षित करने और लोकप्रिय बनाने के एक साझा विज़न के साथ 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ लेकर आया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की मेजबानी करने पर अत्यंत प्रसन्न है, खासतौर पर इसलिए कि यह ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह अवसर समाजों और पीढ़ियों को जोड़ने के लिए संस्कृति की शक्ति का उपयोग करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि भारत में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत समिति का 20वाँ सत्र आरम्भ हो गया है। इस मंच ने हमारी साझा जीवित परंपराओं को संरक्षित और लोकप्रिय बनाने की दृष्टि के साथ 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ जोड़ा है। भारत इस सम्मेलन की मेजबानी करके प्रसन्न है, वह भी लाल किले में। यह हमारे समाजों और पीढ़ियों को जोड़ने के लिए संस्कृति की शक्ति का उपयोग करने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
@UNESCO”
It is a matter of immense joy that the 20th Session of UNESCO’s Committee on Intangible Cultural Heritage has commenced in India. This forum has brought together delegates from over 150 nations with a vision to protect and popularise our shared living traditions. India is glad to…
— Narendra Modi (@narendramodi) December 8, 2025


