योर हाइनेसेस,
Excellencies,
नमस्कार!

मेरा निमंत्रण स्वीकार कर, आज इस समिट में जुड़ने के लिए मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूँ। 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से आप सभी का हार्दिक स्वागत है।

Friends,

मुझे याद है, जब पिछले साल 16 नवंबर को मेरे दोस्त और इंडोनेशिया के प्रेसिडेंट जोको विडोडो ने मुझे सेरीमोनियल गेवल सौंपी थी, तो मैंने कहा था कि हम मिलकर जी-20 को inclusive, ambitious, action-oriented और decisive बनाएंगे।एक साल में हम सब ने मिलकर यह करके दिखाया है। हम सब ने मिलकर जी-20 को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

अविश्वास और चुनौतियों से भरी आज की दुनिया में, ये आपसी विश्वास ही है जो हमें बांधता है, एक दूसरे से जोड़ता है।इस एक साल में हमने "One Earth, One Family, One Future” में विश्वास जताया है। और, विवादों से हटकर एकता और सहयोग का परिचय दिया है। वो पल मैं कभी नहीं भूल सकता जब दिल्ली में हम सभी ने सर्वसम्मति से जी-20 में African Union का स्वागत किया।जी-20 ने पूरे विश्व को inclusivity का जो ये संदेश दिया है, वो अभूतपूर्व है।

भारत के लिए गर्व की बात है कि उसकी प्रेसीडेंसी में अफ्रीका को आवाज मिली है।इस एक साल में पूरी दुनिया ने जी-20 में ग्लोबल साउथ की गूंज भी सुनी है।पिछले हफ्ते Voice of Global South Summit में, करीब-करीब 130 देशों ने, नई दिल्ली जी-20 समिट में लिए गए फैसलों की मन से सराहना की है। जी-20 ने इनोवेशन और digital technology का समर्थन करते हुए human-centric अप्रोच को अपनाने पर बल दिया है।जी-20 ने multilateralism में फिर से विश्वास बढ़ाया है।

हमने मिलकर Multilateral Development Banks, और ग्लोबल गवर्नेंस रिफॉर्म को दिशा दी है।और इनके साथ ही, भारत की प्रेसिडेंसी में जी-20 को People’s-20 की पहचान मिली है। भारत के करोड़ों सामान्य नागरिक जी-20 से जुड़े, हमने इसे एक पर्व की तरह मनाया।

योर हाइनेसेस,
Excellencies,

जब मैंने इस virtual समिट का प्रस्ताव रखा था, तो कोई पूर्वानुमान नहीं था कि आज की वैश्विक स्थिति कैसी होगी। पिछले महीनो में नयी चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। पश्चिम एशिया क्षेत्र में असुरक्षा और अस्थिरता की स्थिति हम सब के लिए चिंता का विषय है। आज हमारा एक साथ आना, इस बात का प्रतीक है कि हम सभी मुद्दों के प्रति संवेदनशील हैं और इनके समाधान के लिए एक साथ खड़े हैं।हम मानते हैं कि आतंकवाद हम सभी को अस्वीकार्य है।Civilians की मौत, कहीं भी हो, निंदनीय है।

आज हुए hostages के release के समाचार का हम स्वागत करते हैं। और उम्मीद करते हैं कि सभी hostages जल्दी रिहा हो जाएंगे । मानवीय सहायता का समय से और निरंतर पहुंचाना आवश्यक है।यह सुनिसचीत करना भी जरूरी है कि इजराइल और हमास की लड़ाई किसी तरह का क्षेत्रीय रूप धरण न कर ले। आज संकटों के जो बादल हम देख रहे हैं, One Family में वह ताकत है कि हम शांति के लिए काम कर सकते हैं। मानवीय कल्याण के दृष्टिकोण से, हम आतंक और हिंसा के विरुद्ध, और मानवता के प्रति अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं।आज विश्व की, मानवता की इस अपेक्षा की पूर्ति के लिए भारत कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए तत्पर है।

Friends,

21वीं सदी के विश्व को आगे बढ़ते हुए ग्लोबल साउथ की चिंताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।ग्लोबल साउथ के देश ऐसी अनेक कठिनाइयों से गुज़र रहे हैं जिनके लिए वे ज़िम्मेदार नहीं है। इस संदर्भ में, समय की मांग है कि हम development एजेंडा को अपना पूर्ण समर्थन दें।ये जरूरी है कि ग्लोबल इकॉनॉमिक और governance structures को Bigger, Better, Effective, Representative और Future Ready बनाने के लिए उनमें रिफॉर्म्स लाएं जाएं। जरूरतमंद देशों को समय से और आसान दरों पर सहायता सुनिश्चित करें। 2030 सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स में तेजी लाने के लिए अपनाए गए Action Plan को इम्प्लिमेन्ट करें।

Friends,

भारत में लोकल level पर SDG में प्रगति का एक उत्तम उदाहरण है हमारा Aspirational District प्रोग्राम।मैं जी-20 देशों को, ग्लोबल साउथ को, Aspirational District प्रोग्राम के अध्ययन के लिए, आमंत्रित करता हूं।आप देखिएगा कि कैसे इस एक अभियान ने भारत के 25 करोड़ लोगों का जीवन बदल दिया है।

Friends,

नई दिल्ली समिट में Digital Public Infrastructure रिपॉजिटरी बनाने का निर्णय लिया था। मुझे कहते हुए खुशी है कि यह रिपॉजिटरी तैयार हो गई है। इसमें 16 देशों के 50 से भी ज्यादा DPI जुड़ गए हैं। ग्लोबल साउथ के देशों मे DPI इम्प्लिमेन्ट करने के लिए, मैं Social Impact Fund स्थापित करने का प्रस्ताव रखता हूँ। भारत की ओर से मैं इसमें 25 मिलियन डॉलर की प्रारंभिक राशि भी जोड़ने की घोषणा करता हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी इस initiative से जुड़ेंगे।

आज Artificial Intelligence के युग में, टेक्नॉलॉजी को responsible तरीके से उपयोग में लाने की जरूरत है। पूरी दुनिया में A.I के नेगेटिव use को लेकर चिंता बढ़ रही है। भारत की स्पष्ट सोच है कि A.I के वैश्विक रेग्यूलेशन को लेकर हमें मिलकर काम करना चाहिए।DeepFake, समाज के लिए, व्यक्ति के लिए, कितना खतरनाक है, इसकी गंभीरता को समझते हुए हमें आगे बढ़ना होगा।हम चाहते हैं कि A.I. should reach the people, and it must be safe for the society.इसी अप्रोच के साथ भारत में अगले महीने ग्लोबल A.I. पार्टनरशिप समिट आयोजित की जा रही है।मुझे विश्वास है कि आप सभी इसमें भी सहयोग देंगे।

Friends,

नयी दिल्ली समिट में मैंने पर्यावरण संरक्षण के संबंध में Green credit की बात रखी थी। आप जानते हैं कि भारत में हमने इसकी शुरुआत कर दी है।नयी दिल्ली में लॉन्च किये गए Global Biofuels Alliance के जरिये, हम कार्बन को कम करने के साथ-साथ, वैकल्पिक ईंधन के विकास को भी बढ़ावा दे रहे हैं।

जी-20 ने pro-planet approach के लिए मिशन LiFE, यानि lifestyle for environment, को मान्यता दी है। 2030 तक रिन्यूएबल एनर्जी को तीन गुना तक ले जाने का आवाहन किया है। Clean hydrogen के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है। Climate finance को बिलियन से ट्रिलियन ले जाने की जरूरत को पहचाना है। कुछ दिनों में, UAE में हो रहे COP-28 के दौरान, इन सभी initiatives पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

Friends,

Women empowerment पर एक नया वर्किंग ग्रुप भी बना है।इस संदर्भ में मुझे यह बताते हुए बहुत ख़ुशी है कि भारत ने अपने नए संसद भवन के पहले सत्र में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया। Women-led development को मजबूती देने के लिए, हमने parliament और state legislative assemblies में महिलाओं के लिए 33 percent reservation का निर्णय लिया है।

Friends,

मैं अपना वक्तव्य यहीं समाप्त करता हूँ ।

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PM Narendra Modi receives a telephone call from the President of Brazil
January 22, 2026
The two leaders reaffirm their commitment to further strengthen the India–Brazil Strategic Partnership.
Both leaders note significant progress in trade and investment, technology, defence, energy, health, agriculture, and people-to-people ties.
The leaders also exchange views on regional and global issues of mutual interest.
PM conveys that he looks forward to welcoming President Lula to India at an early date.

Prime Minister Shri Narendra Modi received a telephone call today from the President of the Federative Republic of Brazil, His Excellency Mr. Luiz Inácio Lula da Silva.

The two leaders reaffirmed their commitment to further strengthen the India–Brazil Strategic Partnership and take it to even greater heights in the year ahead.

Recalling their meetings last year in Brasília and South Africa, the two leaders noted with satisfaction the significant progress achieved across diverse areas of bilateral cooperation, including trade and investment, technology, defence, energy, health, agriculture, and people-to-people ties.

The leaders also exchanged views on regional and global issues of mutual interest. They also underscored the importance of reformed multilateralism in addressing shared challenges.

Prime Minister Modi conveyed that he looked forward to welcoming President Lula to India at an early date.