"भारत को खुलेपन, अवसरों और विकल्पों के मेल के रूप में देखा जाता है"
"पिछले नौ वर्षों के दौरान, हमारे निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत पांचवीं सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बन गया है"
"भारत लाल फीताशाही से रेड कार्पेट की ओर बढ़ गया है"
"हमें लचीली और समावेशी वैश्विक मूल्य श्रृंखलाएं बनानी चाहिए जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने पर सक्षम हों"
"'व्यापार दस्तावेज़ों के डिजिटलीकरण के उच्च स्तरीय सिद्धांत' सीमा पार इलेक्ट्रॉनिक व्यापार उपाय लागू करने और अनुपालन बोझ कम करने में मदद कर सकते हैं"
"भारत डब्ल्यूटीओ के मूल में नियम-आधारित, खुली, समावेशी और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली में विश्वास करता है"
"हमारे लिए, एमएसएमई का मतलब है - सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को अधिकतम सहयोग"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो लिंक के माध्यम से राजस्थान के जयपुर में आयोजित जी20 व्यापार और निवेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने गुलाबी शहर की जनता का गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि यह क्षेत्र अपने गतिशील और उद्यमशील लोगों के लिए जाना जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यापार ने विचारों, संस्कृतियों और प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया है, साथ ही इतिहास गवाह है कि यह लोगों को निकट लाया है। श्री मोदी ने कहा, "व्यापार और वैश्वीकरण ने करोड़ों लोगों को अत्यंत गरीबी से बाहर निकाला है।"

भारतीय अर्थव्यवस्था में वैश्विक आशावाद और विश्वास पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि आज, भारत को खुलेपन, अवसरों और विकल्पों के मेल के रूप में देखा जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप, भारत पिछले नौ वर्षों के दौरान पांचवीं सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बन गया है। "हमने 2014 में "सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन" की यात्रा शुरू की", प्रधानमंत्री ने उदाहरण देते हुए बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता और बढ़ी हुई पारदर्शिता, डिजिटलीकरण के विस्तार और नवाचार को बढ़ावा देने का उल्लेख किया। उन्होंने आगे कहा कि भारत ने समर्पित माल ढुलाई गलियारे स्थापित किए हैं और औद्योगिक क्षेत्र बनाए हैं। श्री मोदी ने कहा, "हम लाल फीताशाही से रेड कार्पेट और उदारीकृत एफडीआई प्रवाह की ओर बढ़ गए हैं।" उन्होंने विनिर्माण को बढ़ावा देने वाली मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों और देश में नीतिगत स्थिरता का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि सरकार अगले कुछ वर्षों में भारत को तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महामारी से लेकर भू-राजनीतिक तनाव तक मौजूदा वैश्विक चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि इसने विश्व अर्थव्यवस्था की परीक्षा ली है। उन्होंने कहा कि जी20 देशों के रूप में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निवेश में विश्वास का पुनर्निर्माण करें। प्रधानमंत्री ने लचीली और समावेशी वैश्विक मूल्य श्रृंखला बनाने पर जोर दिया जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने पर सक्षम हो । इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री ने कमजोरियों का आकलन करने, जोखिमों को कम करने और लचीलापन बढ़ाने के लिए वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के मानचित्रण के लिए एक सामान्य ढांचा बनाने के भारत के प्रस्ताव के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की, "व्यापार में प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी शक्ति निर्विवाद है" और भारत के ऑनलाइन एकल अप्रत्यक्ष कर - जीएसटी की ओर बढ़ने का उदाहरण दिया, जिसने अंतर-राज्य व्यापार को बढ़ावा देने वाले एकल आंतरिक बाजार बनाने में मदद की। उन्होंने भारत के यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटर-फेस प्लेटफॉर्म की भी चर्चा की जो व्यापार लॉजिस्टिक्स को सस्ता और अधिक पारदर्शी बनाता है। उन्होंने 'डिजिटल कॉमर्स के लिए ओपन नेटवर्क' का भी उल्लेख किया और इसे एक गेम-चेंजर बताया जो डिजिटल मार्केटप्लेस इको-सिस्टम का लोकतंत्रीकरण करेगा। उन्होंने कहा, "हमने भुगतान प्रणालियों के लिए अपने एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस के साथ पहले ही ऐसा कर लिया है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटलीकरण प्रक्रियाओं और ई-कॉमर्स के उपयोग से बाजार पहुंच बढ़ने की संभावना है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि समूह 'व्यापार दस्तावेजों के डिजिटलीकरण के लिए उच्च-स्तरीय सिद्धांतों' पर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ये सिद्धांत देशों को सीमा पार इलेक्ट्रॉनिक व्यापार उपायों को लागू करने और अनुपालन बोझ को कम करने में मदद कर सकते हैं। सीमा पार ई-कॉमर्स में वृद्धि की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने बड़े और छोटे विक्रेताओं के बीच समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से काम करने का सुझाव दिया। उन्होंने उचित मूल्य खोज और शिकायत प्रबंधन तंत्र में उपभोक्ताओं के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत डब्ल्यूटीओ के मूल में नियम-आधारित, खुली, समावेशी और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली में विश्वास करता है। उन्होंने बताया कि भारत ने 12वें डब्ल्यूटीओ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में ग्लोबल साउथ के हितों का पक्ष प्रस्तुत किया है, जहां सदस्य लाखों किसानों और छोटे व्यवसायों के हितों की सुरक्षा पर आम सहमति बनाने में सक्षम थे। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में एमएसएमई की प्रमुख भूमिका को देखते हुए उन पर अधिक ध्यान देने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, "एमएसएमई 60 से 70 प्रतिशत रोजगार देते हैं और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 50 प्रतिशत का योगदान देते हैं", उन्होंने उन्हें लगातार समर्थन देने की आवश्यकता पर बल दिया क्योंकि उनका सशक्तिकरण सामाजिक सशक्तिकरण में तब्दील हो जाता है। प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की, "हमारे लिए, एमएसएमई का अर्थ है- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को अधिकतम सहयोग।" उन्होंने कहा कि भारत ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म - सरकारी ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से एमएसएमई को सार्वजनिक खरीद से जोड़ा है और पर्यावरण पर 'शून्य दोष' और 'शून्य प्रभाव' की प्रकृति को अपनाने के लिए एमएसएमई क्षेत्र के साथ काम कर रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि वैश्विक व्यापार और वैश्विक मूल्य श्रृंखला में उनकी भागीदारी बढ़ाना भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। 'एमएसएमई को सूचना के निर्बाध प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित जयपुर पहल' के बारे में बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बाजार और व्यवसाय-संबंधित जानकारी तक अपर्याप्त पहुंच संबंधी एमएसएमई के सामने आने वाली चुनौती का समाधान करेगा। श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि ग्लोबल ट्रेड हेल्प डेस्क के उन्नयन से वैश्विक व्यापार में एमएसएमई की भागीदारी बढ़ेगी।

संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि जी20 सदस्यों की एक परिवार के रूप में सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निवेश प्रक्रियाओं में विश्वास बहाल करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वैश्विक व्यापार प्रणाली को धीरे-धीरे अधिक प्रतिनिधिक और समावेशी भविष्य में परिवर्तित करने को सुनिश्चित करने के लिए कार्य समूह सामूहिक रूप से आगे बढ़ेगा।

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मां महामाया माई की जय!

मां महामाया माई की जय!

हमर बहिनी, भाई, दद्दा अउ जम्मो संगवारी मन ला, मोर जय जोहार। 

भाजपा ने जब मुझे पीएम पद का उम्मीदवार बनाया था, तब अंबिकापुर में ही आपने लाल किला बनाया था। और जो कांग्रेस का इकोसिस्टम है आए दिन मोदी पर हमला करने के लिए जगह ढ़ूंढते रहते हैं। उस पूरी टोली ने उस समय मुझपर बहुत हमला बोल दिया था। ये लाल किला कैसे बनाया जा सकता है, अभी तो प्रधानमंत्री का चुनाव बाकि है, अभी ये लाल किले का दृश्य बना के वहां से सभा कर रहे हैं, कैसे कर रहे हैं। यानि तूफान मचा दिया था और बात का बवंडर बना दिया था। लेकिन आप की सोच थी वही  मोदी लाल किले में पहुंचा और राष्ट्र के नाम संदेश दिया। आज अंबिकापुर, ये क्षेत्र फिर वही आशीर्वाद दे रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों, 

कुछ महीने पहले मैंने आपसे छत्तीसगढ़ से कांग्रेस का भ्रष्टाचारी पंजा हटाने के लिए आशीर्वाद मांगा था। आपने मेरी बात का मान रखा। और इस भ्रष्टाचारी पंजे को साफ कर दिया। आज देखिए, आप सबके आशीर्वाद से सरगुजा की संतान, आदिवासी समाज की संतान, आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ के सपनों को साकार कर रहा है। और मेरा अनन्य साथी भाई विष्णु जी, विकास के लिए बहुत तेजी से काम कर रहे हैं। आप देखिए, अभी समय ही कितना हुआ है। लेकिन इन्होंने इतने कम समय में रॉकेट की गति से सरकार चलाई है। इन्होंने धान किसानों को दी गारंटी पूरी कर दी। अब तेंदु पत्ता संग्राहकों को भी ज्यादा पैसा मिल रहा है, तेंदू पत्ता की खरीद भी तेज़ी से हो रही है। यहां की माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना से भी लाभ हुआ है। छत्तीसगढ़ में जिस तरह कांग्रेस के घोटालेबाज़ों पर एक्शन हो रहा है, वो पूरा देश देख रहा है।

साथियों, 

मैं आज आपसे विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए आया हूं। जब मैं विकसित भारत कहता हूं, तो कांग्रेस वालों का और दुनिया में बैठी कुछ ताकतों का माथा गरम हो जाता है। अगर भारत शक्तिशाली हो गया, तो कुछ ताकतों का खेल बिगड़ जाएगा। आज अगर भारत आत्मनिर्भर बन गया, तो कुछ ताकतों की दुकान बंद हो जाएगी। इसलिए वो भारत में कांग्रेस और इंडी-गठबंधन की कमज़ोर सरकार चाहते हैं। ऐसी कांग्रेस सरकार जो आपस में लड़ती रहे, जो घोटाले करती रहे। 

साथियों,

कांग्रेस का इतिहास सत्ता के लालच में देश को तबाह करने का रहा है। देश में आतंकवाद फैला किसके कारण फैला? किसके कारण फैला? किसके कारण फैला? कांग्रेस की नीतियों के कारण फैला। देश में नक्सलवाद कैसे बढ़ा? किसके कारण बढ़ा? किसके कारण बढ़ा? कांग्रेस का कुशासन और लापरवाही यही कारण है कि देश बर्बाद होता गया। आज भाजपा सरकार, आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर रही है। लेकिन कांग्रेस क्या कर रही है? कांग्रेस, हिंसा फैलाने वालों का समर्थन कर रही है, जो निर्दोषों को मारते हैं, जीना हराम कर देते हैं, पुलिस पर हमला करते हैं, सुरक्षा बलों पर हमला करते हैं। अगर वे मारे जाएं, तो कांग्रेस वाले उन्हें शहीद कहते हैं। अगर आप उन्हें शहीद कहते हो तो शहीदों का अपमान करते हो। इसी कांग्रेस की सबसे बड़ी नेता, आतंकवादियों के मारे जाने पर आंसू बहाती हैं। ऐसी ही करतूतों के कारण कांग्रेस देश का भरोसा खो चुकी है।

भाइयों और बहनों, 

आज जब मैं सरगुजा आया हूं, तो कांग्रेस की मुस्लिम लीगी सोच को देश के सामने रखना चाहता हूं। जब उनका मेनिफेस्टो आया उसी दिन मैंने कह दिया था। उसी दिन मैंने कहा था कि कांग्रेस के मोनिफेस्टो पर मुस्लिम लीग की छाप है। 

साथियों, 

जब संविधान बन रहा था, काफी चर्चा विचार के बाद, देश के बुद्धिमान लोगों के चिंतन मनन के बाद, बाबासाहेब अम्बेडकर के नेतृत्व में तय किया गया था कि भारत में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा। आरक्षण होगा तो मेरे दलित और आदिवासी भाई-बहनों के नाम पर होगा। लेकिन धर्म के नाम पर आरक्षण नहीं होगा। लेकिन वोट बैंक की भूखी कांग्रेस ने कभी इन महापुरुषों की परवाह नहीं की। संविधान की पवित्रता की परवाह नहीं की, बाबासाहेब अम्बेडकर के शब्दों की परवाह नहीं की। कांग्रेस ने बरसों पहले आंध्र प्रदेश में धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रयास किया था। फिर कांग्रेस ने इसको पूरे देश में लागू करने की योजना बनाई। इन लोग ने धर्म के आधार पर 15 प्रतिशत आरक्षण की बात कही। ये भी कहा कि SC/ST/OBC का जो कोटा है उसी में से कम करके, उसी में से चोरी करके, धर्म के आधार पर कुछ लोगों को आरक्षण दिया जाए। 2009 के अपने घोषणापत्र में कांग्रेस ने यही इरादा जताया। 2014 के घोषणापत्र में भी इन्होंने साफ-साफ कहा था कि वो इस मामले को कभी भी छोड़ेंगे नहीं। मतलब धर्म के आधार पर आरक्षण देंगे, दलितों का, आदिवासियों का आरक्षण कट करना पड़े तो करेंगे। कई साल पहले कांग्रेस ने कर्नाटका में धर्म के आधार पर आरक्षण लागू भी कर दिया था। जब वहां बीजेपी सरकार आई तो हमने संविधान के विरुद्ध, बाबासाहेब अम्बेडर की भावना के विरुद्ध कांग्रेस ने जो निर्णय किया था, उसको उखाड़ करके फेंक दिया और दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को उनका अधिकार वापस दिया। लेकिन कर्नाटक की कांग्रेस सरकार उसने एक और पाप किया मुस्लिम समुदाय की सभी जातियों को ओबीसी कोटा में शामिल कर दिया है। और ओबीसी बना दिया। यानि हमारे ओबीसी समाज को जो लाभ मिलता था, उसका बड़ा हिस्सा कट गया और वो भी वहां चला गया, यानि कांग्रेस ने समाजिक न्याय का अपमान किया, समाजिक न्याय की हत्या की। कांग्रेस ने भारत के सेक्युलरिज्म की हत्या की। कर्नाटक अपना यही मॉडल पूरे देश में लागू करना चाहती है। कांग्रेस संविधान बदलकर, SC/ST/OBC का हक अपने वोट बैंक को देना चाहती है।

भाइयों और बहनों,

ये सिर्फ आपके आरक्षण को ही लूटना नहीं चाहते, उनके तो और बहुत कारनामे हैं इसलिए हमारे दलित, आदिवासी और ओबीसी भाई-बहनों  को कहना चाहता हूं कि कांग्रेस के इरादे नेक नहीं है, संविधान और सामाजिक न्याय के अनुरूप नहीं है , भारत की बिन सांप्रदायिकता के अनुरूप नहीं है। अगर आपके आरक्षण की कोई रक्षा कर सकता है, तो सिर्फ और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी कर सकती है। इसलिए आप भारतीय जनता पार्टी को भारी समर्थन दीजिए। ताकि कांग्रेस की एक न चले, किसी राज्य में भी वह कोई हरकत ना कर सके। इतनी ताकत आप मुझे दीजिए। ताकि मैं आपकी रक्षा कर सकूं। 

साथियों!

कांग्रेस की नजर! सिर्फ आपके आरक्षण पर ही है ऐसा नहीं है। बल्कि कांग्रेस की नज़र आपकी कमाई पर, आपके मकान-दुकान, खेत-खलिहान पर भी है। कांग्रेस के शहज़ादे का कहना है कि ये देश के हर घर, हर अलमारी, हर परिवार की संपत्ति का एक्स-रे करेंगे। हमारी माताओं-बहनों के पास जो थोड़े बहुत गहने-ज़ेवर होते हैं, कांग्रेस उनकी भी जांच कराएगी। यहां सरगुजा में तो हमारी आदिवासी बहनें, चंदवा पहनती हैं, हंसुली पहनती हैं, हमारी बहनें मंगलसूत्र पहनती हैं। कांग्रेस ये सब आपसे छीनकर, वे कहते हैं कि बराबर-बराबर डिस्ट्रिब्यूट कर देंगे। वो आपको मालूम हैं ना कि वे किसको देंगे। आपसे लूटकर के किसको देंगे मालूम है ना, मुझे कहने की जरूरत है क्या। क्या ये पाप करने देंगे आप और कहती है कांग्रेस सत्ता में आने के बाद वे ऐसे क्रांतिकारी कदम उठाएगी। अरे ये सपने मन देखो देश की जनता आपको ये मौका नहीं देगी। 

साथियों, 

कांग्रेस पार्टी के खतरनाक इरादे एक के बाद एक खुलकर सामने आ रहे हैं। शाही परिवार के शहजादे के सलाहकार, शाही परिवार के शहजादे के पिताजी के भी सलाहकार, उन्होंने  ने कुछ समय पहले कहा था और ये परिवार उन्हीं की बात मानता है कि उन्होंने कहा था कि हमारे देश का मिडिल क्लास यानि मध्यम वर्गीय लोग जो हैं, जो मेहनत करके कमाते हैं। उन्होंने कहा कि उनपर ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए। इन्होंने पब्लिकली कहा है। अब ये लोग इससे भी एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। अब कांग्रेस का कहना है कि वो Inheritance Tax लगाएगी, माता-पिता से मिलने वाली विरासत पर भी टैक्स लगाएगी। आप जो अपनी मेहनत से संपत्ति जुटाते हैं, वो आपके बच्चों को नहीं मिलेगी, बल्कि कांग्रेस सरकार का पंजा उसे भी आपसे छीन लेगा। यानि कांग्रेस का मंत्र है- कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी। जब तक आप जीवित रहेंगे, कांग्रेस आपको ज्यादा टैक्स से मारेगी। और जब आप जीवित नहीं रहेंगे, तो वो आप पर Inheritance Tax का बोझ लाद देगी। जिन लोगों ने पूरी कांग्रेस पार्टी को पैतृक संपत्ति मानकर अपने बच्चों को दे दी, वो लोग नहीं चाहते कि एक सामान्य भारतीय अपने बच्चों को अपनी संपत्ति दे। 

भाईयों-बहनों, 

हमारा देश संस्कारों से संस्कृति से उपभोक्तावादी देश नहीं है। हम संचय करने में विश्वास करते हैं। संवर्धन करने में विश्वास करते हैं। संरक्षित करने में विश्वास करते हैं। आज अगर हमारी प्रकृति बची है, पर्यावरण बचा है। तो हमारे इन संस्कारों के कारण बचा है। हमारे घर में बूढ़े मां बाप होंगे, दादा-दादी होंगे। उनके पास से छोटा सा भी गहना होगा ना? अच्छी एक चीज होगी। तो संभाल करके रखेगी खुद भी पहनेगी नहीं, वो सोचती है कि जब मेरी पोती की शादी होगी तो मैं उसको यह दूंगी। मेरी नाती की शादी होगी, तो मैं उसको दूंगी। यानि तीन पीढ़ी का सोच करके वह खुद अपना हक भी नहीं भोगती,  बचा के रखती है, ताकि अपने नाती, नातिन को भी दे सके। यह मेरे देश का स्वभाव है। मेरे देश के लोग कर्ज कर करके जिंदगी जीने के शौकीन लोग नहीं हैं। मेहनत करके जरूरत के हिसाब से खर्च करते हैं। और बचाने के स्वभाव के हैं। भारत के मूलभूत चिंतन पर, भारत के मूलभूत संस्कार पर कांग्रेस पार्टी कड़ा प्रहार करने जा रही है। और उन्होंने कल यह बयान क्यों दिया है उसका एक कारण है। यह उनकी सोच बहुत पुरानी है। और जब आप पुरानी चीज खोजोगे ना? और ये जो फैक्ट चेक करने वाले हैं ना मोदी की बाल की खाल उधेड़ने में लगे रहते हैं, कांग्रेस की हर चीज देखिए। आपको हर चीज में ये बू आएगी। मोदी की बाल की खाल उधेड़ने में टाइम मत खराब करो। लेकिन मैं कहना चाहता हूं। यह कल तूफान उनके यहां क्यों मच गया,  जब मैंने कहा कि अर्बन नक्सल शहरी माओवादियों ने कांग्रेस पर कब्जा कर लिया तो उनको लगा कि कुछ अमेरिका को भी खुश करने के लिए करना चाहिए कि मोदी ने इतना बड़ा आरोप लगाया, तो बैलेंस करने के लिए वह उधर की तरफ बढ़ने का नाटक कर रहे हैं। लेकिन वह आपकी संपत्ति को लूटना चाहते हैं। आपके संतानों का हक आज ही लूट लेना चाहते हैं। क्या आपको यह मंजूर है कि आपको मंजूर है जरा पूरी ताकत से बताइए उनके कान में भी सुनाई दे। यह मंजूर है। देश ये चलने देगा। आपको लूटने देगा। आपके बच्चों की संपत्ति लूटने देगा।

साथियों,

जितने साल देश में कांग्रेस की सरकार रही, आपके हक का पैसा लूटा जाता रहा। लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद अब आपके हक का पैसा आप लोगों पर खर्च हो रहा है। इस पैसे से छत्तीसगढ़ के करीब 13 लाख परिवारों को पक्के घर मिले। इसी पैसे से, यहां लाखों परिवारों को मुफ्त राशन मिल रहा है। इसी पैसे से 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। मोदी ने ये भी गारंटी दी है कि 4 जून के बाद छत्तीसगढ़ के हर परिवार में जो बुजुर्ग माता-पिता हैं, जिनकी आयु 70 साल हो गई है। आज आप बीमार होते हैं तो आपकी बेटे और बेटी को खर्च करना पड़ता है। अगर 70 साल की उम्र हो गई है और आप किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते तो ये मोदी आपका बेटा है। आपका इलाज मोदी करेगा। आपके इलाज का खर्च मोदी करेगा। सरगुजा के ही करीब 1 लाख किसानों के बैंक खाते में किसान निधि के सवा 2 सौ करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं और ये आगे भी होते रहेंगे।

साथियों, 

सरगुजा में करीब 400 बसाहटें ऐसी हैं जहां पहाड़ी कोरवा परिवार रहते हैं। पण्डो, माझी-मझवार जैसी अनेक अति पिछड़ी जनजातियां यहां रहती हैं, छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों में रहती हैं। हमने पहली बार ऐसी सभी जनजातियों के लिए, 24 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम-जनमन योजना भी बनाई है। इस योजना के तहत पक्के घर, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, ऐसी सभी सुविधाएं पिछड़ी जनजातियों के गांव पहुंचेंगी। 

साथियों, 

10 वर्षों में भांति-भांति की चुनौतियों के बावजूद, यहां रेल, सड़क, अस्तपताल, मोबाइल टावर, ऐसे अनेक काम हुए हैं। यहां एयरपोर्ट की बरसों पुरानी मांग पूरी की गई है। आपने देखा है, अंबिकापुर से दिल्ली के ट्रेन चली तो कितनी सुविधा हुई है।

साथियों,

10 साल में हमने गरीब कल्याण, आदिवासी कल्याण के लिए इतना कुछ किया। लेकिन ये तो सिर्फ ट्रेलर है। आने वाले 5 साल में बहुत कुछ करना है। सरगुजा तो ही स्वर्गजा यानि स्वर्ग की बेटी है। यहां प्राकृतिक सौंदर्य भी है, कला-संस्कृति भी है, बड़े मंदिर भी हैं। हमें इस क्षेत्र को बहुत आगे लेकर जाना है। इसलिए, आपको हर बूथ पर कमल खिलाना है। 24 के इस चुनाव में आप का ये सेवक नरेन्द्र मोदी को आपका आशीर्वाद चाहिए, मैं आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूं। आपको केवल एक सांसद ही नहीं चुनना, बल्कि देश का उज्ज्वल भविष्य भी चुनना है। अपनी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य चुनना है। इसलिए राष्ट्र निर्माण का मौका बिल्कुल ना गंवाएं। सर्दी हो शादी ब्याह का मौसम हो, खेत में कोई काम निकला हो। रिश्तेदार के यहां जाने की जरूरत पड़ गई हो, इन सबके बावजूद भी कुछ समय आपके सेवक मोदी के लिए निकालिए। भारत के लोकतंत्र और उज्ज्वल भविष्य के लिए निकालिए। आपके बच्चों की गारंटी के लिए निकालिए और मतदान अवश्य करें। अपने बूथ में सारे रिकॉर्ड तोड़नेवाला मतदान हो। इसके लिए मैं आपसे प्रार्थना करता हूं। और आग्राह है पहले जलपान फिर मतदान। हर बूथ में मतदान का उत्सव होना चाहिए, लोकतंत्र का उत्सव होना चाहिए। गाजे-बाजे के साथ लोकतंत्र जिंदाबाद, लोकतंत्र जिंदाबाद करते करते मतदान करना चाहिए। और मैं आप को वादा करता हूं। 

भाइयों-बहनों  

मेरे लिए आपका एक-एक वोट, वोट नहीं है, ईश्वर रूपी जनता जनार्दन का आर्शीवाद है। ये आशीर्वाद परमात्मा से कम नहीं है। ये आशीर्वाद ईश्वर से कम नहीं है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी को दिया गया एक-एक वोट, कमल के फूल को दिया गया एक-एक वोट, विकसित भारत बनाएगा ये मोदी की गारंटी है। कमल के निशान पर आप बटन दबाएंगे, कमल के फूल पर आप वोट देंगे तो वो सीधा मोदी के खाते में जाएगा। वो सीधा मोदी को मिलेगा।      

भाइयों और बहनों, 

7 मई को चिंतामणि महाराज जी को भारी मतों से जिताना है। मेरा एक और आग्रह है। आप घर-घर जाइएगा और कहिएगा मोदी जी ने जोहार कहा है, कहेंगे। मेरे साथ बोलिए...  भारत माता की जय! 

भारत माता की जय! 

भारत माता की जय!