प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की जनता से प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से संबंधित नामांकन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया है।

श्री मोदी ने समाज में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले जमीनी स्तर के नायकों को सम्‍मानित करने के महत्व पर जोर दिया। नामांकन प्रक्रिया के पारदर्शी और सहभागी दृष्टिकोण पर जोर देते हुए श्री मोदी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पहले से अनेक नामांकन प्राप्त हो चुके हैं। साथ ही उन्‍होंने और अधिक लोगों से प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों के लिए आधिकारिक पोर्टल awards.gov.in के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों को नामित करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पोस्ट में कहा;

“पिछले दशक में हमने अनगिनत जमीनी स्तर के नायकों को #PeoplesPadma से सम्मानित किया है। इन पुरस्कार विजेताओं की जीवन यात्रा ने अनगिनत लोगों को प्रेरित किया है। उनका साहस और दृढ़ता उनके समृद्ध कार्यों में स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होती है। व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सहभागी बनाने की भावना से हमारी सरकार जनता को विभिन्न पद्म पुरस्कारों के लिए व्‍यक्तित्‍वों को नामित करने के लिए आमंत्रित कर रही है। मुझे इस बात की खुशी है कि अनेक नामांकन आ चुके हैं। व्‍यक्तित्‍वों को नामित करने की अंतिम तिथि इस महीने की 15 तारीख है। मैं और अधिक लोगों से पद्म पुरस्कारों के लिए प्रेरक व्यक्तित्वों को नामित करने का आग्रह करता हूं। आप ऐसा awards.gov.in पर कर सकते हैं।”

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प्रधानमंत्री ने दुनिया की विविध संस्कृतियों के सम्मान पर जोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया
June 29, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया:

“देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।

स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥" 

यह सुभाषितम दर्शाता है कि विश्व की विविध संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है और आपसी समझ तथा भाईचारा मजबूत होता है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा:

दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है। इससे आपसी समझ और भाईचारा और मजबूत होता है।

देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।

स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥