प्रधानमंत्री पुडुचेरी में 2,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे
पुडुचेरी में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, औद्योगिक प्रगति, शिक्षा, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा और सस्टेनेबल ग्रोथ को गति देने वाली परियोजनाएं
प्रधानमंत्री मदुरै में 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे
प्रधानमंत्री एनएच-332ए के मरक्कनम-पुडुचेरी सेक्शन और एनएच-87 के परमकुडी-रामनाथपुरम सेक्शन को फोर-लेन बनाने की आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री तमिलनाडु में 8 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे और चेन्नई बीच-चेन्नई एग्मोर चौथी लाइन राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री तिरुप्पारनकुंद्रम स्थित अरुलमिगु सुब्रमण्यस्वामी मंदिर में दर्शन और पूजन करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 1 मार्च 2026 को तमिलनाडु और पुडुचेरी के दौरे पर रहेंगे। राजस्थान और गुजरात के अपने प्रवास के पश्चात, प्रधानमंत्री 28 फरवरी की रात लगभग 9 बजे चेन्नई पहुँचेंगे।

1 मार्च को, सुबह लगभग 11:45 बजे, प्रधानमंत्री पुडुचेरी में 2,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस अवसर पर वे एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

इसके पश्चात, वे मदुरै के लिए प्रस्थान करेंगे, जहाँ दोपहर लगभग 3:00 बजे वे 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद, शाम लगभग 4:00 बजे, प्रधानमंत्री मदुरै के तिरुप्पारनकुंद्रम स्थित अरुलमिगु सुब्रमण्यस्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे।

पुडुचेरी में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री पुडुचेरी में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, औद्योगिक प्रगति, शिक्षा, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा और सस्टेनेबल ग्रोथ को गति देने वाली विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे।

प्रधानमंत्री कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे, जिनमें पीएम ई-बस सेवा के तहत ई-बसों का परिचालन, स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, सिटी इन्वेस्टमेंट्स टू इनोवेट, इंटीग्रेट एंड सस्टेन (CITIIS) योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए निर्मित आवास शामिल हैं। इसके साथ ही, वे पुडुचेरी सरकार की सीवरेज और जलापूर्ति क्षेत्र की महत्वपूर्ण योजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। क्षेत्र में उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में, वे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, कराईकल के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और गंगा हॉस्टल, जेआईपीएमईआर में क्षेत्रीय कैंसर केंद्र के आधुनिकीकरण तथा पांडिचेरी विश्वविद्यालय के नए भवनों व छात्रावासों का भी लोकार्पण करेंगे।

प्रधानमंत्री 750 एकड़ में फैले करासूर-सेदरापेट औद्योगिक क्षेत्र को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस परिसर में एक फार्मा पार्क, टेक्सटाइल पार्क, आईटी पार्क के साथ-साथ आईआईटी मद्रास का अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास केंद्र और जेआईपीएमईआ की उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। यह पहल क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को एक नई दिशा और बढ़ावा प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री पुडुचेरी क्षेत्र के निवासियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने तथा जल आपूर्ति प्रणालियों में सुधार के उद्देश्य से विभिन्न जल आपूर्ति परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। साथ ही, वे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत 41 ग्रामीण सड़कों के निर्माण, पुडुचेरी में हेरिटेज टाउन (विरासत शहर) के विकास और मिष्टी (मैंग्रोव इनिशिएटिव फॉर शोरलाइन हैबिटैट्स एंड टैंजिबल इनकम) योजना के अंतर्गत मैंग्रोव संरक्षण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। इसके अतिरिक्त, वे जल आपूर्ति एवं स्वच्छता क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं और संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत विद्युत क्षेत्र की परियोजनाओं की भी आधारशिला रखेंगे।

प्रधानमंत्री राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता (एसएएससीआई- स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट) योजना के तहत शहरी सड़कों, जल निकासी नेटवर्क, सार्वजनिक भवनों, छात्र छात्रावासों और खेल सुविधाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। भारत सरकार ने पुडुचेरी को एसएएससीआई योजना में शामिल करने की मंजूरी दी है, जो मूल रूप से केवल राज्यों तक ही सीमित थी। इस निर्णय से इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और जन-सुविधाओं के निर्माण के लिए पूंजीगत परिसंपत्ति सृजन के कार्यों को गति मिलेगी।

मदुरै में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मदुरै में 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बढ़ाना, आवागमन में सुधार लाना और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देना है। इस अवसर पर वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री एनएच-332ए के मरक्कनम-पुडुचेरी सेक्शन और एनएच-87 के परमकुडी-रामनाथपुरम सेक्शन को फोर-लेन (चार-लेन) बनाने की आधारशिला रखेंगे। मरक्कनम-पुडुचेरी सेक्शन के चार-लेन हो जाने से पुडुचेरी के शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम कम करने में मदद मिलेगी और यात्रा के समय में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे एक घंटे का सफर मात्र 30 मिनट में पूरा हो सकेगा। यह परियोजना प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इससे मामल्लपुरम (महाबलीपुरम), कलपक्कम परमाणु ऊर्जा केंद्र और ऑरोविले जैसे प्रमुख गंतव्यों तक पहुँच सुगम होगी। साथ ही, यह तटीय गाँवों और विलुप्पुरम जिला मुख्यालय के बीच संपर्क को मजबूत करेगी और क्षेत्र में पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी।

एनएच-87 के परमकुडी-रामनाथपुरम सेक्शन के फोर-लेन (चार-लेन) हो जाने से मदुरै, रामेश्वरम और धनुषकोडी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुँच और भी तेज व सुगम हो जाएगी। इस परियोजना से यात्रा के समय में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे एक घंटे का सफर घटकर मात्र 35 मिनट रह जाएगा। यह परियोजना मदुरै और रामेश्वरम के प्रमुख रेलवे स्टेशनों, मदुरै और आईएनएस परुंडु हवाई अड्डों तथा पंबन और रामेश्वरम के छोटे बंदरगाहों को जोड़कर मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगी। पीएम गति शक्ति के सिद्धांतों के अनुरूप, यह कॉरिडोर मत्स्य पालन क्लस्टरों, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), एक मेगा फूड पार्क और टेक्सटाइल क्लस्टर जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों को एकीकृत करेगा, जिससे पूरे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री राज्य में यात्री सुविधाओं को बढ़ाने, ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार करने और रेल-आधारित कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न रेल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 8 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। तमिलनाडु के इन पुनर्विकसित स्टेशनों में मोरप्पुर, बोम्मिडी, श्रीविल्लिपुत्तूर, शोलावंदन, मनापराई, पोलाची जंक्शन, कराईकुडी जंक्शन, तिरुवरूर जंक्शन शामिल हैं। इन स्टेशनों को आधुनिक यात्री-केंद्रित सुविधाओं के साथ उन्नत किया गया है, जिनमें स्थानीय वास्तुकला और सांस्कृतिक सौंदर्य का समावेश किया गया है। इन सुविधाओं में बेहतर एक्सेसिबिलिटी, उन्नत स्टेशन भवन, आधुनिक प्रतीक्षालय, लिफ्ट और एस्केलेटर, अपग्रेड किए गए प्लेटफॉर्म तथा दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं शामिल हैं।

प्रधानमंत्री चेन्नई बीच-चेन्नई एग्मोर चौथी लाइन को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह रेल लाइन चेन्नई सबअर्बन रेल नेटवर्क की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी। इसके माध्यम से अतिरिक्त यात्री और मालगाड़ी सेवाओं के संचालन में सुगमता आएगी, जिससे कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, आईटी पेशेवरों, छात्रों और व्यापारियों सहित लाखों दैनिक यात्रियों को सीधा लाभ होगा।

तमिलनाडु में ब्रॉडकास्टिंग सर्विस को और व्यापक बनाने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री कुंभकोणम, येरकॉड और वेल्लोर में तीन नए आकाशवाणी एफएम रिले ट्रांसमीटरों का उद्घाटन करेंगे। ये ट्रांसमीटर क्षेत्रीय कवरेज का विस्तार करेंगे, निर्बाध एफएम प्रसारण सुनिश्चित करेंगे और राज्य के कई जिलों में सार्वजनिक प्रसारण सेवाओं तक लोगों की पहुँच को बेहतर बनाएंगे।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को भारत का सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने बधाई दी
June 09, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को सबसे लंबे समय तक भारत का निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने गर्मजोशी भरी बधाई दी है। विश्‍व भर के नेताओं ने प्रधानमंत्री के बदलाव लाने वाले शासन, 'ग्लोबल साउथ' की वकालत और एक समावेशी व आर्थिक रूप से गतिशील भारत की उनकी कल्‍पना की सराहना की।

श्रीलंका के राष्ट्रपति महामहिम अनुरा कुमारा दिसानायके ने 8 जून 2026 को प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में श्रीलंका की सरकार और वहां के लोगों की ओर से उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा: "यह उपलब्धि न केवल आपके कार्यकाल की अवधि को दर्शाती है, बल्कि उस भरोसे और विश्वास का भी प्रमाण है जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता ने बार-बार आपके नेतृत्व में जताया है।" राष्ट्रपति ने भारत के उल्लेखनीय आर्थिक और सामाजिक बदलाव का भी ज़िक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न ने भारत की सीमाओं से परे, श्रीलंका सहित कई देशों के लोगों को प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 4-6 अप्रैल 2025 के दौरान श्रीलंका का दौरा किया था। यह इस द्वीप देश की उनकी चौथी यात्रा थी, जिसके दौरान उन्हें 'मित्र विभूषण' से सम्मानित किया गया - यह श्रीलंका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जो किसी विदेशी गणमान्य व्यक्ति को दिया जाता है। इस यात्रा ने भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति को और मज़बूत किया; श्रीलंका भारत की अटूट साझेदारी से सबसे ज़्यादा लाभ उठाने वाले देशों में से एक है, जिसमें 2022 में श्रीलंका की आर्थिक मुश्किलों के दौरान भारत का अहम सहयोग भी शामिल है।

पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक व्‍यक्तिगत वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को "एक रोल मॉडल और लीडरशिप की मिसाल" बताया। उन्होंने कहा - "आज 20 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर ज़िंदगी देना एक अद्भुत उपलब्धि है।" प्रधानमंत्री मारापे ने पापुआ न्यू गिनी की स्‍नेहपूर्ण दोस्ती और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा ज़ाहिर की। मई 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा भारत–प्रशांत द्वीपीय देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण था। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा थी। यह यात्रा भारत–प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए की गई थी। इस यात्रा ने 'ग्लोबल साउथ' के एक प्रतिबद्ध साथी के तौर पर भारत की भूमिका पर जोर दिया।

त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और कहा कि "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्‍व में भारत वैश्विक मामलों में एक प्रमुख आवाज़ बनकर उभरा है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की साधारण शुरुआत से लेकर तीन कार्यकाल तक 1.4 अरब लोगों वाले देश का नेतृत्व करने तक के सफ़र पर प्रकाश डाला और विदेश नीति, आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक-आर्थिक विकास में भारत की अहम उपलब्धियों पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने 3-4 जुलाई 2025 को त्रिनिदाद और टोबैगो की एक ऐतिहासिक यात्रा की - जो 26 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी - और यह यात्रा त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ के मौके पर हुई।