सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री भाग लेंगे
एकता दिवस परेड में 'विविधता में एकता' विषय पर आधारित झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी
परेड के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं: बीएसएफ का मार्चिंग दस्ता जिसमें विशेष रूप से रामपुर हाउंड और मुधोल हाउंड जैसे भारतीय नस्ल के स्वा न शामिल होंगे
प्रधानमंत्री एकता नगर में 1,140 करोड़ रुपये से अधिक की इन्फ्रा स्ट्राक्च र और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे
परियोजनाओं का फोकस: पर्यटकों के अनुभव को बढ़ाना, सुगम्यता में सुधार और स्थाोयित्व संबंधी पहलों का समर्थन
प्रधानमंत्री 'आरंभ 7.0' के समापन पर 100वें फाउंडेशन कोर्स के अधिकारी प्रशिक्षुओं के साथ बातचीत करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 30-31 अक्टूबर को गुजरात के दौरे पर रहेंगे। 30 अक्टूबर को, प्रधानमंत्री केवड़िया के एकता नगर जाएंगे और शाम लगभग 5:15 बजे वहां ई-बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। शाम लगभग 6:30 बजे, वे एकता नगर में 1,140 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

31 अक्टूबर को सुबह लगभग 8 बजे, प्रधानमंत्री स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का आयोजन होगा। बाद में, करीब 10:45 बजे, वे ‘आरंभ 7.0’ में 100वें कॉमन फाउंडेशन कोर्स के प्रशिक्षु अधिकारियों से बातचीत करेंगे।

पहला दिन - 30 अक्टूबर

प्रधानमंत्री एकता नगर में विभिन्न इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य इस क्षेत्र में पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना, सुगम्यता में सुधार लाना और सतत विकास पहलों को बढ़ावा देना है। कुल 1,140 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली ये परियोजनाएं दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के आसपास के क्षेत्र में इको-टूरिज्म, ग्रीन मोबिलिटी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और आदिवासी विकास को बढ़ावा देने के सरकार के विजन को दर्शाती हैं।

जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा उनमें राजपीपला में बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय; गरुड़ेश्वर में आतिथ्य जिला (चरण-1); वामन वृक्ष वाटिका; सतपुड़ा सुरक्षा दीवार; ई-बस चार्जिंग डिपो और 25 इलेक्ट्रिक बसें; नर्मदा घाट विस्तार; कौशल्या पथ; एकता द्वार से श्रेष्ठ भारत भवन (चरण-2) तक पैदल मार्ग, स्मार्ट बस स्टॉप (चरण-2), डैम रिप्लिका फाउंटेन, जीएसईसी क्वार्टर आदि शामिल हैं।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री भारतीय शाही राज्य संग्रहालय; वीर बालक उद्यान; खेल परिसर; वर्षा वन परियोजना; शूलपनेश्वर घाट के पास जेटी विकास; स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर ट्रैवलेटर सहित विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के दौरान सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में 150 रुपये मूल्य का एक विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी करेंगे।

दूसरा दिन - 31 अक्टूबर

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेंगे और सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। वे एकता दिवस की शपथ दिलाएंगे और एकता दिवस परेड का अवलोकन करेंगे।

परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के साथ-साथ विभिन्न राज्य पुलिस बलों की टुकड़ियां शामिल होंगी। इस वर्ष के मुख्य आकर्षणों में विशेष रूप से रामपुर हाउंड और मुधोल हाउंड जैसे भारतीय नस्ल के स्‍वानों से युक्त बीएसएफ का मार्चिंग दस्ता, गुजरात पुलिस का घुड़सवार दस्ता, असम पुलिस का मोटरसाइकिल डेयरडेविल शो और बीएसएफ का ऊंट दस्ता तथा ऊंट पर सवार बैंड शामिल हैं।

परेड में सीआरपीएफ के पांच शौर्य चक्र विजेताओं और बीएसएफ के सोलह वीरता पदक विजेताओं को भी सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने झारखंड में नक्सल-विरोधी अभियानों और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों में असाधारण साहस का परिचय दिया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ कर्मियों की वीरता के लिए भी उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

इस वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में एनएसजी, एनडीआरएफ, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, अंडमान- निकोबार द्वीप समूह, मणिपुर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और पुडुचेरी की दस झांकियां शामिल होंगी, जो 'अनेकता में एकता' विषय पर आधारित होंगी। 900 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की समृद्धि और विविधता को दर्शाते हुए भारत के शास्त्रीय नृत्यों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का विशेष महत्व है, क्योंकि राष्ट्र सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मना रहा है।

प्रधानमंत्री ‘आरंभ 7.0’ के समापन पर 100वें फाउंडेशन कोर्स के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे। सातवें ‘आरंभ’ को "शासन की पुनर्कल्पना" विषय पर आयोजित किया गया है। इस 100वें फाउंडेशन कोर्स में भारत की 16 सिविल सेवाओं और भूटान की 3 सिविल सेवाओं के 660 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल होंगे।

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विश्व वन्यजीव दिवस पर प्रधानमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, संस्कृत में सुभाषितम् साझा किया
March 03, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने वाली और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को कायम रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है। उन्होंने कहा कि यह वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने और उनके संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और प्राकृतिक निवास की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का दिन है ताकि वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणियों का निवास है और उनका पालन-पोषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में बाघों की विश्व की 70% से अधिक और साथ ही एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी पायी जाती है तथा एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी यहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां जंगल के राजा एशियाई शेरों की संख्या बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि सरकार ने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अनेक प्रयास किए हैं। इनमें अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच के रूप में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल और स्लॉथ बियर के संरक्षण के उद्देश्य से की गई पहल के साथ-साथ चीतों का स्थानांतरण भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने भारत के सांस्कृतिक लोकाचार पर बल देते हुए कहा कि हमारे शास्त्र सभी जीवित प्राणियों के कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं और वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशीलता को प्रेरित करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर संस्कृत का नीतिपरक श्लोक साझा किया जिसमें कहा गया है-

"निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्। तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥"

उक्त सुभाषितम् का संदेश यह है कि जंगलों के बिना बाघ विलुप्त हो जाते हैं और बाघों के बिना जंगल नष्ट हो जाते हैं। इसलिए, बाघ जंगल की रक्षा करते हैं और जंगल बाघ की रक्षा करते हैं जो प्रकृति में परस्पर गहरी निर्भरता को रेखांकित करता है।

श्री मोदी ने X पर अपने कई पोस्टों की श्रृंखला में कहा-

विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को बनाए रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है। यह वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने का दिन है। हम संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और आवासों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं ताकि हमारे वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

हमें इस बात पर गर्व है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणी पाए जाते हैं। विश्व में 70% से अधिक बाघों का निवास हमारे यहां है। हमारे यहां एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी और एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी है। भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां वनराज एशियाई शेर फल-फूल रहे हैं।

एनडीए सरकार ने वन्यजीव संरक्षण के लिए कई प्रयास किए हैं। इनमें अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है जो अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच है। अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल, स्लॉथ बियर की सुरक्षा और चीतों का स्थानांतरण शामिल हैं।

"आज विश्व वन्यजीव दिवस है। हमारे शास्त्रों में सभी जीवों के कल्याण की कामना की गई है। उनसे हमें प्राणियों के संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशील होने की प्रेरणा भी मिलती है। उसका एक उदाहरण यह है...

निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्।

तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥”