प्रधानमंत्री भुज में स्मृति वन स्मारक का उद्घाटन करेंगे, 2001 के विनाशकारी भूकंप के बाद लोगों ने जैसी दृढ़ता की भावना दिखाई थी उसे सेलिब्रेट करने के लिए ये अपनी तरह की अनूठी पहल है
अत्याधुनिक स्मृति वन भूकंप संग्रहालय को सात थीम पर सात खंडों में बांटा गया है: पुनर्जन्म, पुन: खोज, पुनर्स्थापना, पुनर्निर्माण, पुनर्विचार, पुनर्जीवन और नवीनीकरण
प्रधानमंत्री भुज में करीब 4400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे
प्रधानमंत्री सरदार सरोवर परियोजना की कच्छ शाखा नहर का उद्घाटन करेंगे जिससे क्षेत्र में जल आपूर्ति को बढ़ावा मिलेगा
अपनी तरह के अनूठे आयोजन में, प्रधानमंत्री स्वतंत्रता संग्राम के दौरान खादी और इसके महत्व को ट्रिब्यूट देने के लिए आयोजित खादी उत्सव में भाग लेंगे
अनूठी विशेषता: 7500 महिला खादी कारीगर एक ही समय और एक ही स्थान चरखा कातेंगी
प्रधानमंत्री भारत में सुजुकी के 40 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम को संबोधित करेंगे और भारत में सुजुकी समूह की दो प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 27 और 28 अगस्त को गुजरात के दौरे पर रहेंगे। 27 अगस्त को शाम करीब 5:30 बजे प्रधानमंत्री अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर खादी उत्सव को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री 28 अगस्त को सुबह करीब 10 बजे भुज में स्मृति वन स्मारक का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे प्रधानमंत्री भुज में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। भारत में सुजुकी के 40 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री शाम करीब 5 बजे गांधीनगर में एक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

खादी उत्सव

खादी को लोकप्रिय बनाने, खादी उत्पादों के बारे में जागरूकता पैदा करने और युवाओं में खादी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री का निरंतर प्रयास रहा है। प्रधानमंत्री के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 2014 के बाद से, भारत में खादी की बिक्री में चार गुना बढ़ोतरी हुई है, जबकि गुजरात में खादी की बिक्री में आठ गुना बढ़ोतरी हुई है।

आजादी के अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में आयोजित अपनी तरह के अनूठे कार्यक्रम में खादी को ट्रिब्यूट देने और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसके महत्व के लिए, खादी उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। ये उत्सव अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट में आयोजित किया जाएगा और गुजरात के विभिन्न जिलों से 7500 महिला खादी कारीगर एक ही समय और एक ही स्थान पर चरखा कातते नजर आएंगी। इस कार्यक्रम में "चरखों के विकास" को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी भी होगी जिसमें 1920 के दशक से इस्तेमाल में लाए गए विभिन्न पीढ़ियों के 22 चरखों को प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें "यरवदा चरखा" जैसे चरखे भी शामिल होंगे जो स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस्तेमाल किए गए चरखों का प्रतीक है। वहां से लेकर इसमें आज के नवीनतम नवाचारों और तकनीक वाले चरखे भी होंगे। पोंडुरु खादी को बनाने का सीधा प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री गुजरात राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के नए कार्यालय भवन और साबरमती में एक फुट ओवर ब्रिज का भी उद्घाटन करेंगे।

भुज में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री भुज जिले में स्मृति वन स्मारक का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित ये स्मृति वन अपनी तरह की एक अनूठी पहल है। इसे लगभग 470 एकड़ के क्षेत्र में बनाया गया है। ये 2001 के भूकंप के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लगभग 13,000 लोगों की मौत के बाद यहां के लोगों द्वारा दिखाई गई दृढ़ता की अदम्य भावना को सेलिब्रेट करने के लिए बनाया गया। इस भूकंप का केंद्र भुज में था। इस स्मारक में उन लोगों के नाम हैं जिन्होंने भूकंप के दौरान अपनी जान गंवाई थी।

यहां के अत्याधुनिक स्मृति वन भूकंप संग्रहालय को सात थीम पर आधारित सात खंडों में बांटा गया है: पुनर्जन्म, पुन: खोज, पुनर्स्थापना, पुनर्निर्माण, पुनर्विचार, पुनर्जीवन और नवीनीकरण। पहला खंड पुनर्जन्म की थीम पर आधारित है जो पृथ्वी के विकास और पृथ्वी द्वारा हर बार जीतने की क्षमता को दर्शाता है। दूसरा खंड गुजरात की स्थलाकृति और विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं को प्रदर्शित करता है जिनके प्रति ये राज्य संवेदनशील है। तीसरा खंड हमें 2001 के भूकंप के तुरंत बाद के समय में ले जाता है। इस खंड के गलियारों में व्यक्तियों और संगठनों द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए राहत कार्यों को दिखाया गया है। चौथा खंड 2001 के भूकंप के बाद गुजरात की पुनर्निर्माण पहल और सफलता की कहानियों को प्रदर्शित करता है। पांचवां खंड आगंतुकों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं के बारे में सोचने और भविष्य में किसी भी समय किसी भी प्रकार की आपदा के लिए तैयार रहने व सीखने के लिए प्रेरित करता है। छठा खंड हमें एक सिम्युलेटर की मदद से भूकंप के अनुभव को फिर से जीने में मदद करता है। इस अनुभव को 5डी सिम्युलेटर में डिज़ाइन किया गया है और इसका उद्देश्य आगंतुक को इतने बड़े पैमाने की घटना की जमीनी हकीकत से रूबरू करवाना है। सातवां खंड लोगों को वो स्थान प्रदान करता है जहां वे स्मरण कर सकते हैं और दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि दे सकते हैं।

प्रधानमंत्री भुज में करीब 4400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री सरदार सरोवर परियोजना की कच्छ शाखा नहर का उद्घाटन करेंगे। इस नहर की कुल लंबाई लगभग 357 किमी है। नहर के एक हिस्से का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने 2017 में किया था और बाकी हिस्से का उद्घाटन अब किया जा रहा है। ये नहर कच्छ में सिंचाई की सुविधा प्रदान करने और कच्छ जिले के सभी 948 गांवों और 10 कस्बों में पेयजल उपलब्ध कराने में मदद करेगी। प्रधानमंत्री, सरहद डेयरी के नए स्वचालित दूध प्रसंस्करण और पैकिंग प्लांट; भुज में क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र; गांधीधाम में डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर कन्वेंशन सेंटर; अंजार में वीर बाल स्मारक; भुज 2 सबस्टेशन नखत्राणा आदि कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री भुज-भीमासर रोड सहित 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

गांधीनगर में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री भारत में सुजुकी के 40 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में महात्मा मंदिर, गांधीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री भारत में सुजुकी समूह की दो प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे- गुजरात के हंसलपुर में सुजुकी मोटर गुजरात इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी मैन्युफैक्चरिंग इकाई और हरियाणा के खरखोदा में मारुति सुजुकी की आगामी वाहन निर्माण इकाई।

गुजरात के हंसलपुर में सुजुकी मोटर गुजरात इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी मैन्युफैक्चरिंग इकाई की स्थापना लगभग 7,300 करोड़ रुपये के निवेश के साथ की जाएगी जहां इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एडवांस केमिस्ट्री सेल बैटरी बनाई जाएगी। खरखोदा, हरियाणा स्थित वाहन निर्माण इकाई में प्रति वर्ष 10 लाख यात्री वाहनों के निर्माण की क्षमता होगी, जिससे ये दुनिया में एक ही साइट पर सबसे बड़ी यात्री वाहन निर्माण इकाइयों में से एक बन जाएगी। इस परियोजना का पहला चरण 11,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ निर्मित किया जाएगा।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को भारत का सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने बधाई दी
June 09, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को सबसे लंबे समय तक भारत का निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने गर्मजोशी भरी बधाई दी है। विश्‍व भर के नेताओं ने प्रधानमंत्री के बदलाव लाने वाले शासन, 'ग्लोबल साउथ' की वकालत और एक समावेशी व आर्थिक रूप से गतिशील भारत की उनकी कल्‍पना की सराहना की।

श्रीलंका के राष्ट्रपति महामहिम अनुरा कुमारा दिसानायके ने 8 जून 2026 को प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में श्रीलंका की सरकार और वहां के लोगों की ओर से उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा: "यह उपलब्धि न केवल आपके कार्यकाल की अवधि को दर्शाती है, बल्कि उस भरोसे और विश्वास का भी प्रमाण है जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता ने बार-बार आपके नेतृत्व में जताया है।" राष्ट्रपति ने भारत के उल्लेखनीय आर्थिक और सामाजिक बदलाव का भी ज़िक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न ने भारत की सीमाओं से परे, श्रीलंका सहित कई देशों के लोगों को प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 4-6 अप्रैल 2025 के दौरान श्रीलंका का दौरा किया था। यह इस द्वीप देश की उनकी चौथी यात्रा थी, जिसके दौरान उन्हें 'मित्र विभूषण' से सम्मानित किया गया - यह श्रीलंका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जो किसी विदेशी गणमान्य व्यक्ति को दिया जाता है। इस यात्रा ने भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति को और मज़बूत किया; श्रीलंका भारत की अटूट साझेदारी से सबसे ज़्यादा लाभ उठाने वाले देशों में से एक है, जिसमें 2022 में श्रीलंका की आर्थिक मुश्किलों के दौरान भारत का अहम सहयोग भी शामिल है।

पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक व्‍यक्तिगत वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को "एक रोल मॉडल और लीडरशिप की मिसाल" बताया। उन्होंने कहा - "आज 20 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर ज़िंदगी देना एक अद्भुत उपलब्धि है।" प्रधानमंत्री मारापे ने पापुआ न्यू गिनी की स्‍नेहपूर्ण दोस्ती और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा ज़ाहिर की। मई 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा भारत–प्रशांत द्वीपीय देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण था। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा थी। यह यात्रा भारत–प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए की गई थी। इस यात्रा ने 'ग्लोबल साउथ' के एक प्रतिबद्ध साथी के तौर पर भारत की भूमिका पर जोर दिया।

त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और कहा कि "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्‍व में भारत वैश्विक मामलों में एक प्रमुख आवाज़ बनकर उभरा है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की साधारण शुरुआत से लेकर तीन कार्यकाल तक 1.4 अरब लोगों वाले देश का नेतृत्व करने तक के सफ़र पर प्रकाश डाला और विदेश नीति, आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक-आर्थिक विकास में भारत की अहम उपलब्धियों पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने 3-4 जुलाई 2025 को त्रिनिदाद और टोबैगो की एक ऐतिहासिक यात्रा की - जो 26 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी - और यह यात्रा त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ के मौके पर हुई।