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प्रधानमंत्री दाहोद में आदिजाति महासम्मेलन में भाग लेंगे और लगभग 22,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे
प्रधानमंत्री जामनगर में डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की आधारशिला रखेंगे और गांधीनगर में वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन का उद्घाटन भी करेंगे
प्रधानमंत्री बनासकांठा के दियोदर में बनास डेयरी संकुल में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री गांधीनगर में स्कूलों के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का दौरा करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 18 से 20 अप्रैल, 2022 तक गुजरात का दौरा करेंगे। 18 अप्रैल को शाम करीब 6 बजे प्रधानमंत्री गांधीनगर में स्कूलों के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की यात्रा करेंगे। 19 अप्रैल को सुबह करीब 9 बजकर 40 मिनट पर वह बनासकांठा के दियोदर में बनास डेयरी संकुल में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसके बाद दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह जामनगर में डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की आधारशिला रखेंगे। 20 अप्रैल को लगभग 10 बजकर 30 मिनट पर प्रधानमंत्री गांधीनगर में वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह दाहोद में आदिजाति महासम्मेलन में शामिल होंगे और विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे।

स्कूलों के कमान और नियंत्रण केंद्र में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री 18 अप्रैल को शाम करीब छह बजे गांधीनगर में स्कूलों के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का दौरा करेंगे। छात्रों को समग्र शिक्षण देने के परिणामों को बढ़ाने के लिए केंद्र प्रति वर्ष 500 करोड़ से अधिक डेटा सेट एकत्र करता है और व्यापक डेटा विश्लेषण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीनी शिक्षण का उपयोग करके उनका सार्थक विश्लेषण करता है। केंद्र शिक्षकों और छात्रों की दैनिक ऑनलाइन उपस्थिति को ट्रैक करने में मदद करता है, छात्रों के सीखने के परिणाम का केंद्रीकृत योगात्मक और आवधिक मूल्यांकन करता है। स्कूलों के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को विश्व बैंक द्वारा वैश्विक रूप से एक सर्वोत्तम प्रणाली माना गया है और इसके बारे में जानने के लिए अन्य देशों को भी आमंत्रित किया गया है।

बनासकांठा के दियोदर में बनास डेयरी संकुल में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री बनासकांठा जिले के दियोदर में 19 अप्रैल को सुबह करीब 9 बजकर 40 मिनट पर 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाए गए एक नये डेयरी परिसर और आलू प्रसंस्करण संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। नया डेयरी परिसर एक हरित क्षेत्र परियोजना है। यह संयंत्र प्रतिदिन लगभग 30 लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण में सक्षम होगा, लगभग 80 टन मक्खन, एक लाख लीटर आइसक्रीम, 20 टन संघनित दूध (खोया) और 6 टन चॉकलेट का उत्पादन करेगा। आलू प्रसंस्करण संयंत्र विभिन्न प्रकार के प्रसंस्कृत आलू उत्पादों जैसे फ्रेंच फ्राइज़, आलू चिप्स, आलू टिक्की, पैटी आदि का उत्पादन करेगा, जिन्हें कई अन्य देशों को निर्यात किया जाएगा। ये संयंत्र स्थानीय किसानों को सशक्त बनाएंगे और क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएंगे।

प्रधानमंत्री बनास सामुदायिक रेडियो स्टेशन भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह सामुदायिक रेडियो स्टेशन किसानों को कृषि और पशुपालन से संबंधित प्रमुख वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है। आशा है कि रेडियो स्टेशन लगभग 1700 गांवों के 5 लाख से अधिक किसानों से जुड़ेगा।

प्रधानमंत्री पालनपुर में बनास डेयरी संयंत्र में पनीर उत्पादों और मट्ठा पाउडर के उत्पादन के लिए विस्तारित सुविधाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। साथ ही, प्रधानमंत्री गुजरात के दामा में स्थापित जैविक खाद और बायोगैस संयंत्र राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

प्रधानमंत्री खिमाना, रतनपुरा-भीलडी, राधनपुर और थावर में स्थापित होने वाले 100 टन क्षमता के चार गोबर गैस संयंत्रों की आधारशिला रखेंगे।

डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन

प्रधानमंत्री 19 अप्रैल को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जामनगर में डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन (जीसीटीएम) का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर मॉरिशस के प्रधानमंत्री श्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रॉस घेब्रेयसस भी उपस्थित रहेंगे। जीसीटीएम दुनिया भर में पारंपरिक चिकित्सा के लिए पहला और एकमात्र वैश्विक आउटपोस्ट केंद्र होगा। यह वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभरेगा।

वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन

गुजरात के गांधीनगर में महात्मा मंदिर में होने वाले वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री 20 अप्रैल को सुबह करीब 10 बजकर 30 मिनट पर करेंगे। इस अवसर पर मॉरीशस के प्रधानमंत्री और डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक भी मौजूद रहेंगे। इस तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन में लगभग 90 प्रख्यात वक्ताओं और 100 प्रदर्शकों की उपस्थिति के साथ 5 पूर्ण सत्र, 8 गोलमेज सम्मेलन, 6 कार्यशालाएं और 2 संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। शिखर सम्मेलन निवेश क्षमता को उजागर करने में मदद करेगा और नवाचार, अनुसंधान तथा विकास, स्टार्ट-अप, इको सिस्टम और कल्याण उद्योग को बढ़ावा देगा। यह उद्योग जगत प्रमुखों, शिक्षाविदों और विद्वानों को एक साथ लाने में मदद करेगा और भविष्य के सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करने के रूप में कार्य करेगा।

आदिजाति महासम्मेलन, दाहोद में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री 20 अप्रैल को दोपहर लगभग 3 बजकर 30 मिनट पर दाहोद में आदिजाति महासम्मेलन में भाग लेंगे, जहां वह लगभग 22,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। सम्मेलन में 2 लाख से अधिक लोगों के भाग लेने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री 1400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। वह दाहोद जिला दक्षिणी क्षेत्र में क्षेत्रीय जल आपूर्ति योजना का उद्घाटन करेंगे, जो नर्मदा नदी बेसिन पर लगभग 840 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित है। यह दाहोद जिले और देवगढ़ बरिया शहर के लगभग 280 गांवों की जलापूर्ति की जरूरतों को पूरा करेगी। प्रधानमंत्री करीब 335 करोड़ रुपये की दाहोद स्मार्ट सिटी की पांच परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) बिल्डिंग, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम, सीवरेज वर्क्स, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम शामिल हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पंचमहल और दाहोद जिले के 10,000 जनजातीय लोगों को 120 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। प्रधानमंत्री 66 केवी घोड़िया सबस्टेशन, पंचायत हाउस, आंगनवाड़ी समेत अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री दाहोद में उत्पादन इकाई में 9000 एचपी इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे। परियोजना की लागत करीब 20,000 करोड़ रुपये है। भाप इंजनों के आवधिक ओवरहाल के लिए 1926 में स्थापित दाहोद कार्यशाला में महत्वपूर्ण सुधारों के साथ विद्युत लोकोमोटिव निर्माण इकाई को अपग्रेड किया जाएगा। यह 10,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री करीब 550 करोड़ रुपये की राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इसमें करीब 300 करोड़ रुपये की जलापूर्ति से संबंधित परियोजनाएं, 175 करोड़ रुपये की दाहोद स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, दुधिमती नदी परियोजना से संबंधित कार्य, घोड़िया में जीईटीसीओ सबस्टेशन से जुड़ी अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।

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January 28, 2023
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“You represent ‘Amrit Generation’ that will create a Viksit and Aatmnirbhar Bharat”
“When dreams turn into resolution and a life is dedicated to it, success is assured. This is the time of new opportunities for the youth of India”
“India’s time has arrived”
“Yuva Shakti is the driving force of India's development journey”
“When the country is brimming with the energy and enthusiasm of the youth, the priorities of that country will always be its young people”
“This a time of great possibilities especially for the daughters of the country in the defence forces and agencies”

केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्रीमान राजनाथ सिंह जी, श्री अजय भट्ट जी, सीडीएस अनिल चौहान जी, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव, डीजी एनसीसी और आज विशाल संख्या में पधारे हुए सभी अतिथिगण और मेरे प्यारे युवा साथियों!

आजादी के 75 वर्ष के इस पड़ाव में एनसीसी भी अपनी 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। इन वर्षों में जिन लोगों ने एनसीसी का प्रतिनिधित्व किया है, जो इसका हिस्सा रहे हैं, मैं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की सराहना करता हूं। आज इस समय मेरे सामने जो कैडेट्स हैं, जो इस समय NCC में हैं, वो तो और भी विशेष हैं, स्पेशल हैं। आज जिस प्रकार से कार्यक्रम की रचना हुई है, सिर्फ समय नहीं बदला है, स्वरूप भी बदला है। पहले की तुलना में दर्शक भी बहुत बड़ी मात्रा में हैं। और कार्यक्रम की रचना भी विविधताओं से भरी हुई लेकिन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के मूल मंत्र को गूंजता हुआ हिन्दुस्तान के कोने-कोने में ले जाने वाला ये समारोह हमेशा-हमेशा याद रहेगा। और इसलिए मैं एनसीसी की पूरी टीम को उनके सभी अधिकारी और व्यवस्थापक सबको हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आप एनसीसी कैडेट्स के रूप में भी और देश की युवा पीढ़ी के रूप में भी, एक अमृत पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये अमृत पीढ़ी, आने वाले 25 वर्षों में देश को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी, भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी, विकसित बनाएगी।

साथियों,

देश के विकास में NCC की क्या भूमिका है, आप सभी कितना प्रशंसनीय काम कर रहे हैं, ये हमने थोड़ी देर पहले यहां देखा है। आप में से एक साथी ने मुझे यूनिटी फ्लेम सौंपी। आपने हर दिन 50 किलोमीटर की दौड़ लगाते हुए, 60 दिनों में कन्याकुमारी से दिल्ली की ये यात्रा पूरी की है। एकता की इस लौ से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना सशक्त हो, इसके लिए बहुत से साथी इस दौड़ में शामिल हुए। आपने वाकई बहुत प्रशंसनीय काम किया है, प्रेरक काम किया है। यहां आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। भारत की सांस्कृतिक विविधता, आपके कौशल और कर्मठता के इस प्रदर्शन में और इसके लिए भी मैं आपको जितनी बधाई दूं, उतनी कम है।

साथियों,

आपने गणतंत्र दिवस की परेड में भी हिस्सा लिया। इस बार ये परेड इसलिए भी विशेष थी, क्योंकि पहली बार ये कर्तव्य पथ पर हुई थी। और दिल्ली का मौसम तो आजकल ज़रा ज्यादा ही ठंडा रहता है। आप में से अनेक साथियों को शायद इस मौसम की आदत भी नहीं होगी। फिर भी मैं आपको दिल्ली में कुछ जगह ज़रूर घूमने का आग्रह करुंगा, समय निकालेंगे ना। देखिए नेशनल वॉर मेमोरियल, पुलिस मेमोरियल अगर आप नहीं गए हैं, तो आपको जरूर जाना चाहिए। इसी प्रकार लाल किले में नेताजी सुभाष चंद्र बोस म्यूजियम में भी आप अवश्य जाएं। आज़ाद भारत के सभी प्रधानमंत्रियों से परिचय कराता एक आधुनिक PM-म्यूजियम भी बना है। वहां आप बीते 75 वर्षों में देश की विकास यात्रा के बारे में जान-समझ सकते हैं। आपको यहां सरदार वल्लभभाई पटेल का बढ़िया म्यूजियम देखने को मिलेगा, बाबा साहब अंबेडकर का बहुत बढ़िया म्यूजियम देखने को मिलेगा, बहुत कुछ है। हो सकता है, इन जगहों में से आपको कोई ना कोई प्रेरणा मिले, प्रोत्साहन मिले, जिससे आपका जीवन एक निर्धारत लक्ष्य को लेकर के कुछ कर गुजरने के लिए चल पड़े, आगे बढ़ता ही बढ़ता चला जाए।

मेरे युवा साथियों,

किसी भी राष्ट्र को चलाने के लिए जो ऊर्जा सबसे अहम होती है, वो ऊर्जा है युवा। अभी आप उम्र के जिस पड़ाव पर है, वहां एक जोश होता है, जुनून होता है। आपके बहुत सारे सपने होते हैं। और जब सपने संकल्प बन जाएं और संकल्प के लिए जीवन जुट जाए तो जिंदगी भी सफल हो जाती है। और भारत के युवाओं के लिए ये समय नए अवसरों का समय है। हर तरफ एक ही चर्चा है कि भारत का समय आ गया है, India’s time has arrived. आज पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रही है। और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह आप हैं, भारत के युवा हैं। भारत का युवा आज कितना जागरूक है, इसका एक उदाहरण मैं आज जरूर आपको बताना चाहता हूं। ये आपको पता है कि इस वर्ष भारत दुनिया की 20 सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्थाओं के समूह, G-20 की अध्यक्षता कर रहा है। मैं तब हैरान रह गया, जब देशभर के अनेक युवाओं ने मुझे इसको लेकर के चिट्ठियां लिखीं। देश की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं को लेकर आप जैसे युवा जिस प्रकार से रुचि ले रहे हैं, ये देखकर सचमुच में बहुत गर्व होता है।

साथियों,

जिस देश के युवा इतने उत्साह और जोश से भरे हुए हों, उस देश की प्राथमिकता सदैव युवा ही होंगे। आज का भारत भी अपने सभी युवा साथियों के लिए वो प्लेटफॉर्म देने का प्रयास कर रहा है, जो आपके सपनों को पूरा करने में मदद कर सके। आज भारत में युवाओं के लिए नए-नए सेक्टर्स खोले जा रहे हैं। भारत की डिजिटल क्रांति हो, भारत की स्टार्ट-अप क्रांति हो, इनोवेशन क्रांति हो, इन सबका सबसे बड़ा लाभ युवाओं को ही तो हो रहा है। आज भारत जिस तरह अपने डिफेंस सेक्टर में लगातार रिफॉर्म्स कर रहा है, उसका लाभ भी देश के युवाओं को हो रहा है। एक समय था, जब हम असॉल्ट राइफल और बुलेट प्रूफ जैकेट तक विदेशों से मंगवाते थे। आज सेना की ज़रूरत के सैकड़ों ऐसे सामान हैं, जो हम भारत में बना रहे हैं। आज हम अपने बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बहुत तेज़ी से काम कर काम रहे हैं। ये सारे अभियान, भारत के युवाओं के लिए नई संभावनाएं लेकर के आए हैं, अवसर लेकर के आए हैं।

साथियों,

जब हम युवाओं पर भरोसा करते हैं, तब क्या परिणाम आता है, इसका एक उत्तम उदाहरण हमारा स्पेस सेक्टर है। देश ने स्पेस सेक्टर के द्वार युवा टैलेंट के लिए खोल दिए। और देखते ही देखते पहला प्राइवेट सैटेलाइट लॉन्च किया गया। इसी प्रकार एनीमेशन और गेमिंग सेक्टर, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार लेकर आया है। आपने ड्रोन का उपयोग या तो खुद किया होगा, या फिर किसी दूसरे को करते हुए देखा होगा। अब तो ड्रोन का ये दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। एंटरटेनमेंट हो, लॉजिस्टिक हो, खेती-बाड़ी हो, हर जगह ड्रोन टेक्नॉलॉजी आ रही है। आज देश के युवा हर प्रकार का ड्रोन भारत में तैयार करने के लिए आगे आ रहे हैं।

साथियों,

मुझे एहसास है कि आप में से अधिकतर युवा हमारी सेनाओं से, हमारे सुरक्षा बलों से, एजेंसियों से जुड़ने की आकांक्षा रखते हैं। ये निश्चित रूप से आपके लिए, विशेष रूप से हमारी बेटियों के लिए भी बहुत बड़े अवसर का समय है। बीते 8 वर्षों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों में बेटियों की संख्या में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। आज आप देखिए, सेना के तीनों अंगों में अग्रिम मोर्चों पर महिलाओं की तैनाती का रास्ता खुल चुका है। आज महिलाएं भारतीय नौसेना में पहली बार अग्निवीर के रूप में, नाविक के रूप में शामिल हुई हैं। महिलाओं ने सशस्त्र बलों में लड़ाकू भूमिकाओं में भी प्रवेश करना शुरू किया है। NDA पुणे में महिला कैडेट्स के पहले बैच की ट्रेनिंग शुरु हो चुकी है। हमारी सरकार द्वारा सैनिक स्कूलों में बेटियों के एडमिशन की अनुमति भी दी गई है। आज मुझे खुशी है कि लगभग 1500 छात्राएं सैनिक स्कूलों में पढ़ाई शुरु कर चुकी हैं। यहां तक की एनसीसी में भी हम बदलाव देख रहे हैं। बीते एक दशक के दौरान एनसीसी में बेटियों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। मैं देख रहा था कि यहां जो परेड हुई, उसका नेतृत्व भी एक बेटी ने किया। सीमावर्ती और तटीय क्षेत्रों में एनसीसी के विस्तार के अभियान से भी बड़ी संख्या में युवा जुड़ रहे हैं। अभी तक सीमावर्ती और तटवर्ती क्षेत्रों से लगभग एक लाख कैडेट्स को नामांकित किया गया है। इतनी बड़ी युवाशक्ति जब राष्ट्र निर्माण में जुटेगी, देश के विकास में जुटेगी, तो साथियों बहुत विश्वास से कहता हूं कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रह जाएगा। मुझे विश्वास है कि एक संगठन के तौर पर भी और व्यक्तिगत रूप से भी आप सभी देश के संकल्पों की सिद्धि में अपनी भूमिका का विस्तार करेंगे। मां भारती के लिए आजादी के जंग में अनेक लोगों ने देश के लिए मरने का रास्ता चुना था। लेकिन आजाद भारत में पल-पल देश के लिए जीने का रास्ता ही देश को दुनिया में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाता है। और इस संकल्प की पूर्ति के लिए ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के आदर्शों को लेकर के देश को तोड़ने के कई बहाने ढूंढे जाते हैं। भांति-भांति की बातें निकालकर के मां भारती की संतानों के बीच में दूध में दरार करने की कोशिशें हो रही हैं। लाख कोशिशें हो जाएं, मां के दूध में कभी दरार नहीं हो सकती। और इसके लिए एकता का मंत्र ये बहुत बड़ी औषधि है, बहुत बड़ा सामर्थ्य है। भारत के भविष्य के लिए एकता का मंत्र ये संकल्प भी है, भारत का सामर्थ्य भी है और भारत को भव्यता प्राप्त करने के लिए यही एक मार्ग है। उस मार्ग को हमें जीना है, उस मार्ग पर आने वाली रूकावटों के सामने हमें जूझना हैं। और देश के लिए जीकर के समृद्ध भारत को अपनी आंखों के सामने देखना है। इसी आंखों से भव्य भारत को देखना, इससे छोटा संकल्प हो ही नहीं सकता। इस संकल्प की पूर्ति के लिए आप सबको मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। 75 वर्ष की यह यात्रा, आने वाले 25 वर्ष जो भारत का अमृतकाल है, जो आपका भी अमृतकाल है। जब देश 2047 में आजादी के 100 साल मनाएगा, एक डेवलप कंट्री होगा तो उस समय आप उस ऊंचाई पर बैठे होंगे। 25 साल के बाद आप किस ऊंचाई पर होंगे, कल्पना कीजिये दोस्तों। और इसलिए एक पल भी खोना नहीं है, एक भी मौका खोना नहीं है। बस मां भारती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के संकल्प लेकर के चलते ही रहना है, बढ़ते ही रहना है, नई-नई सिद्धियों को प्राप्त करते ही जाना है, विजयश्री का संकल्प लेकर के चलना है। यही मेरी आप सबको शुभकामनाएं हैं। पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए- भारत माता की जय, भारत माता की जय! भारत माता की जय।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद।