Excellencies,

जैसे-जैसे टेक्नॉलॉजी आगे बढ़ रही है, अवसर और संसाधन, दोनों कुछ ही हाथों में केंद्रित हो रहे हैं। विश्व में क्रिटिकल टेक्नॉलजी पर संघर्ष बढ़ रहा है। यह मानवता के लिए तो चिंता का विषय है, साथ ही ये इनोवेशन के रास्ते में भी रुकावट है। इसके समाधान के लिए हमें अपनी सोच में Fundamental change लाना होगा।

हमें ऐसे टेक्नॉलजी applications को प्रमोट करना होगा जो ‘फाइनांस centric’ होने के बजाय ‘ह्यूमन centric’ हो, जो ‘नेशनल’ के बजाय ‘ग्लोबल’ हों और ‘Exclusive models’ के बजाय ‘ओपन सोर्स’ हो। हमने इसी विजन को भारत के सभी टेक्नॉलॉजी प्रोजेक्ट में integrate करने का प्रयास किया है।

इसी कारण आज भारत में दुनिया के सबसे अधिक डिजिटल पेमेंट्स हो रहे हैं। स्पेस टेक्नोलॉजी से लेकर AI तक, हर क्षेत्र में हमें positivity और व्यापक भागीदारी देखने को मिलती है।

Friends,

AI के क्षेत्र में भारत का अप्रोच तीन pillars पर आधारित है—equitable access, population-scale skilling, और responsible deployment. India-AI Mission के तहत हम accessible high-performance computing बना रहे हैं ताकि AI का लाभ हर जिले और हर भाषा में पहुँचे। इससे human development के हमारे प्रयासों को scale और speed मिलेगी।

लेकिन साथ ही, हम सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि AI का उपयोग global good के लिए हो और इसके misuse से बचा जाए। इस के लिए हमें AI पर एक global compact बनाना होगा जो कुछ मूल सिद्धांतों पर आधारित हो। जिनमें effective human oversight, safety-by-design, transparency, और deepfakes, crime तथा terror activities में AI के उपयोग पर सख़्त प्रतिबंध शामिल हों।

जो AI systems human life, security या public trust को प्रभावित करती हैं, उन्हें responsible और auditable होना चाहिए। और सबसे अहम—AI मानव क्षमताओं को बढ़ाए, लेकिन परंतु निर्णय लेने की अंतिम ज़िम्मेदारी हमेशा मनुष्य के पास ही रहे।

फरवरी 2026 में भारत AI Impact Summit की मेजबानी करेगा, जिसका थीम है: सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय – welfare for all, happiness for all. हम G20 देशों को इसमें साझेदारी का आमंत्रण देते हैं।

Friends,

AI के इस युग में, हमें अपनी अप्रोच को ‘Jobs of Today’ से ‘Capabilities of Tomorrow’ की ओर तेज़ी से चेंज करना होगा। रैपिड इनोवेशन के लिए टैलेंट की मोबिलिटी को अनलॉक करना अत्यंत आवश्यक है। इस विषय पर हमने दिल्ली G20 में प्रगति की थी। हमें आशा है कि अगले कुछ वर्षों में G20 एक talent मोबिलिटी का global framework डेवलप करेगा।

Friends,

COVID काल ने global supply chains की कमज़ोरियाँ उजागर कर दीं। उस कठिन समय में भी भारत ने 150 से अधिक देशों को वैक्सीन और दवाईया पहुँचाई। देशों को केवल markets के तौर पर नहीं देखा जा सकता—हमें एक संवेदनशील और long-term अप्रोच अपनानी होगी।

भारत का संदेश स्पष्ट है:

· विकास ऐसा हो जो sustainable हो,

· व्यापार ऐसा हो जो trusted हो,

· finance ऐसा हो जो fair हो,

· और प्रगति ऐसी हो जिसमें all-inclusive prosperity हो।

इसी से हम एक fair and just future for all बना सकते हैं।

Thank you.

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प्रधानमंत्री 5 जून को सूरत और दमन के दौरे पर जाएंगे
June 04, 2026
प्रधानमंत्री सूरत में लगभग 18,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री 8-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के प्रमुख पैकेज राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री एनएच-56 के महत्वपूर्ण खंडों को चार-लेन बनाने की आधारशिला रखेंगे; यह परियोजना जनजातीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच को सुगम बनाएगी
प्रधानमंत्री दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री दमन में नमो हवाई अड्डा का नया टर्मिनल भवन राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए 885 करोड़ रुपये की बंदरगाह परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 5 जून, 2026 को गुजरात और दमन का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 2:30 बजे, सूरत जिले के हजीरा में चल रहे औद्योगिक कार्यों और अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। प्रधानमंत्री शाम लगभग 4:15 बजे, सूरत में लगभग 18,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री दमन के लिए रवाना होंगे, जहां शाम लगभग 6:15 बजे वे दमन स्थित नामो हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद दमन में स्थित नामो अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। फिर सायं लगभग 7:15 बजे प्रधानमंत्री दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, समर्पण और शिलान्यास करेंगे। वे लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए लगभग 885 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वे जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।

सूरत में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री सूरत में सड़क, बिजली और औद्योगिक क्षेत्रों में फैली 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और उनकी आधारशिला रखेंगे।

प्रधानमंत्री वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज VI और VII राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे गुजरात और महाराष्ट्र के बीच उच्च गति परिवहन, लॉजिस्टिक्‍स दक्षता और आर्थिक संपर्क में सुधार होगा। प्रधानमंत्री प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें जनजातीय क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए राष्‍ट्रीय राजमार्ग-56 के महत्वपूर्ण खंडों को चार लेन का बनाना शामिल है।

प्रधानमंत्री सूरत में 200 बिस्तरों वाले ईएसआईसी अस्पताल का भी उद्घाटन करेंगे, जो प्रमुख स्‍पेशियलिटिज में आधुनिक माध्यमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। साथ ही, यह एक केंद्रीय प्रयोगशाला और आवश्यक सहायक सेवाओं से भी सुसज्जित होगा। इसमें व्यावसायिक चोटों और चिकित्सा आपात स्थितियों के समय पर प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए 24/7 आपातकालीन और ट्रॉमा देखभाल की सुविधा भी है। प्रधानमंत्री अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रणाली के तहत बिजली निकासी क्षमता बढ़ाने के लिए गुजरात में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार सहित महत्वपूर्ण उपयोगिता केन्‍द्रों और औद्योगिक अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री गुजरात सरकार की कई महत्वपूर्ण पहलों का भी उद्घाटन करेंगे, जिनमें वलसाड में संशोधित सुधार-आधारित वितरण सेक्‍टर स्‍कीम के तहत आधुनिक बिजली वितरण उन्नयन, दहेज पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र (पीसीपीआईआर) और सारिगाम गुजरात औद्योगिक विकास निगम (जीआईडीसी) में उन्नत अपशिष्ट निपटान और उपचार अवसंरचना एवं जंबूसर बल्क ड्रग पार्क में आवश्यक लेआउट उपयोगिता केन्‍द्र शामिल हैं।

दमन में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे। ये परियोजनाएं स्वास्थ्य सेवा, नागरिक उड्डयन, पर्यटन, अवसंरचना, कनेक्टिविटी और जन कल्याण सहित विभिन्न सेक्‍टरों से संबंधित हैं। इनसे दादरा और नगर हवेली तथा दमन एवं दीव केंद्र शासित प्रदेशों के समग्र विकास को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री दमन में लगभग 1,340 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें नामो हवाई अड्डे का नया टर्मिनल भवन और नामो अस्पताल शामिल हैं। नया हवाई अड्डा टर्मिनल क्षेत्रीय हवाई संपर्क को अत्‍यधिक सुदृढ़ करेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगा। दमन जिले का जिला अस्पताल नामो अस्पताल प्रतिदिन लगभग 1,500 ओपीडी रोगियों की देखभाल के लिए विकसित किया गया है। इससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

प्रधानमंत्री लगभग 1,630 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। प्रमुख परियोजनाओं में आइकॉनिक ब्रिज, दमन कन्वेंशन सेंटर और दमन स्थित एनआईएफटी परिसर शामिल हैं। इन परियोजनाओं से आधुनिक बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।

प्रधानमंत्री लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए लगभग 885 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं में कलपेनी द्वीप और कदमत द्वीप दोनों के पूर्वी और पश्चिमी किनारों पर बंदरगाह सुविधाओं का विकास शामिल है। इन बहुउद्देशीय घाटों के विकास से 300 मीटर तक की लंबाई वाले क्रूज जहाजों सहित बड़े यात्री जहाजों के लिए साल भर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। ये परियोजनाएं यात्रियों और माल की सुरक्षित एवं कुशल आवाजाही को सक्षम बनाएंगी। साथ ही मछली प्रबंधन, ईंधन वितरण, बर्फ आपूर्ति और नाव मरम्मत के लिए एकीकृत सुविधाएं प्रदान करेंगी। ये पहल समुद्री कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेंगी, स्थानीय मछुआरों की आजीविका में सहायता करेंगी, पर्यटन को बढ़ावा देंगी और द्वीपों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी।