बजट में जिन नए रीफॉर्म्स का ऐलान किया गया है, वो हमारी अर्थव्यवस्था को गति देने, देश के प्रत्येक नागरिक को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और इस दशक में अर्थव्यवस्था की नींव को मजबूत करने का काम करेंगे: प्रधानमंत्री मोदी
किसान की आय दोगुनी हो, इसके प्रयासों के साथ ही, 16 एक्शन प्वाइंट्स बनाए गए हैं जो ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार को बढ़ाने का काम करेंगे: पीएम मोदी
आयुष्मान भारत योजना ने देश के हेल्थ सेक्टर को नया विस्तार दिया है, इस सेक्टर में Human resource- डॉक्टर, नर्स, अटेनडेंट के साथ ही मेडिकल डिवाइस मैन्यूफैक्चरिंग का बहुत स्कोप बना है, इसे बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा नए निर्णय लिए गए हैं: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्रीय बजट 2020 को भविष्य की सोच वाला और कार्रवाई उन्मुख बताया है।

केंद्रीय बजट को लोकसभा में पेश किए जाने के बाद अपने संबोधन में प्रधान मंत्री ने कहा, "बजट में घोषित किए गए नए सुधार न केवल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाला है बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के आर्थिक सशक्तीकरण का लक्ष्य भी रखता है।"

"इस बजट में नए दशक में अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

रोजगार सृजन पर ध्यान

प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करने वाले कृषि, बुनियादी ढ़ाचे, कपड़ा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट की 16 सूत्री कार्ययोजना ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन बढ़ाने के साथ किसानों की आय को दोगुना करने में मदद करेगी।

उन्होंने कहा, "केंद्रीय बजट कृषि क्षेत्र के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण को अपनाता है, जहां खेती के पारंपरिक तरीकों के अलावा बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन में मूल्यवर्धन पर भी जोर दिया गया है जिससे रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।......"नीली अर्थव्यवस्था की दिशा में वसर मिलेंगे।"।

कपड़ा क्षेत्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीकी वस्त्रों के उत्पादन में तकनीकी मशीनों के इस्तेमाल का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में मानव निर्मित फाइबर के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कच्चे माल के शुल्क संरचना में सुधारों की भी घोषणा की गई है। प्रधान मंत्री ने कहा, पिछले 3 दशकों से इसमें सुधार की मांग की जा रही थी।

स्वास्थ्य क्षेत्र

श्री मोदी ने कहा, “आयुष्मान भारत कार्यक्रम ने देश में स्वास्थ्य क्षेत्र का विस्तार किया है। इसने देश में चिकित्सा उपकरणों के निर्माण की आवश्यकता के साथ-साथ अधिक मानव संसाधनों के लिए गुंजाइश भी बनायी है और सरकार ने इस दिशा में कई फैसले लिए हैं।”

प्रौद्योगिकी क्षेत्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रौद्योगिकी क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए कई विशेष उपाय किए हैं। उन्होंने कहा, “हमने स्मार्ट शहरों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तु के विनिर्माण, डेटा सेंटर पार्क, जैव प्रौद्योगिकी और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कई नीतिगत पहल की हैं। इसके साथ ही भारत वैश्विक मूल्य श्रृंखला का एक अभिन्न अंग बन जाएगा।”

उन्होंने कहा कि बजट में डिग्री पाठ्यक्रम में प्रशिक्षुता को शामिल किए जाने, स्थानीय निकायों में इंटर्नशिप और ऑनलाइन डिग्री पाठ्यक्रमों जैसे नए और अभिनव पहलों के माध्यम से युवाओं के कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

प्रधानमंत्री ने सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्यमों और निर्यात क्षेत्र को रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि बजट में लघु उद्योगों के वित्तपोषण के साथ निर्यात को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

अवसंरचना

उन्होंने कहा कि एक आधुनिक भारत को आधुनिक अवसंरचना की आवश्यकता है और यह क्षेत्र एक बड़ा रोजगार उत्पादक है।

उन्होंने कहा ‘6500 से अधिक परियोजनाओं में 100 लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया जा रहा है और यह एक व्यापक रोजगार सृजन क्षमता का निर्माण करेगा। राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति व्यापार, उद्योग और रोजगार में भी सहायता करेगी।’

उन्होंने कहा, ‘100 नए हवाई अड्डों को विकसित करने की घोषणा देश में पर्यटन को बढ़ावा देगी और इसके साथ-साथ रोजगार सृजन के लिए भी बड़ी संभावना पैदा होगी।’

निवेश

प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए है जो कि रोजगार के लिए एक बड़ा वाहक है।

उन्होंने कहा, ‘बॉण्ड मार्केट को सृदृढ़ बनाने और अवसंरचना परियोजनाओं के दीर्घकालिक वित्त पोषण के लिए कई कदम उठाए गए है। इसी प्रकार लाभांश वितरण कर की समाप्ति के बाद कम्पनियों के पास आगे के निवेश के लिए 25,000 करोड़ रुपये रहेंगे।’

उन्होंने कहा, ‘एफडीआई आकर्षित करने के लिए भी कई कर रियायतों की घोषणा की गई।’

उन्होंने कहा, ‘ऐसे ही कर लाभ स्टार्ट-अप और रियल स्टेट सेक्टर को भी उपलब्ध कराए गए।’

कराधान में विश्वास पर फोकस

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसे वातावरण का निर्माण कर रही है जहां कोई विवाद नहीं होंगा और आयकर कराधान में भरोसा होगा।

उन्होंने कहा, ‘कम्पनी कानून में छोटी गलतियों को भी आपराधिक माना जाता था, अब हमने ऐसे कार्यों को गैर-अपराधी मानने का बड़ा फैसला किया है।’

‘हम करदाता चार्टर लॉन्च कर रहे हैं जो करदाताओं के अधिकारों को सूचीबद्ध करेगी।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भरोसा बढ़ाने की इसी दिशा में बजट ने घोषणा की है कि अब उन एमएसएमई का लेखा परीक्षण करना अनिवार्य नहीं है जिनका टर्न ओवर 5 करोड़ रुपये तक है।

उन्होंने कहा, ‘पहले यह सीमा एक करोड़ रुपये तक थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है।’

सरकारी नौकरियों के लिए संयुक्त परीक्षा

उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में देश के युवाओं को विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए विभिन्न परीक्षाएं देनी पड़ती हैं। इसमें प्रणालीगत बदलाव लाने के लिए, राष्ट्रीय नियुक्ति एजेंसी अब बैंकों, रेलवे या किसी अन्य सरकारी नौकरी के लिए एक ऑनलाइन कॉमन परीक्षा आयोजित करेगी।’

न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन

प्रधानमंत्री ने कहा कि फेसलेस अपील, सरल आयकर, पीएसयू के विनिवेश में तेजी लाने के प्रयास, समान खरीद प्रणाली, ऑटो इनरोलमेंट जैसे कदमों का उद्देश्य न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन है।

व्यय करने की सुगमता और और जीवन की सरलता

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बजट में ब्राण्डबैंड इंटरनेट के जरिए एक लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ियों, विद्यालयों, वेलनेस केन्द्रों और पुलिस थानों को जोड़ने की घोषणा की गई है।

उन्होंने कहा कि यह ‘व्यय करने की सुगमता और और जीवन की सरलता’ में सहायता करेगी।

उन्होंने कहा, ‘यह ब्राण्ड बैंड के जरिए कई सुदूर गांव को भी कनेक्ट करेगी।’

उन्होंने आम बजट 2020 का सार ऐसे बजट के रूप में बताया जो आय और निवेश, मांग एवं उपभोग को सुदृढ़ बढाएगाः ऐसा बजट जो वित्तीय प्रणाली और ऋण प्रवाह में नई प्रेरणा का संचार करेगा।

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Prime Minister shares a Sanskrit Subhashitam highlighting fundamental causes of progress
April 28, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi shared a Sanskrit Subhashitam today highlighting that effort, self-control, skill, vigilance, patience, memory, and initiating any task with thoughtful consideration are the fundamental causes of progress.

The Prime Minister remarked that hard work performed with patience and dedication can yield remarkable success, further pointing out that it also infuses the nation's prosperity and strength with fresh vigor.

The Prime Minister wrote on X:

"संयम और समर्पण के साथ किया गया परिश्रम अद्भुत सफलता दे सकता है। इससे राष्ट्र की समृद्धि और सामर्थ्य को भी एक नई ऊर्जा मिलती है।

उत्थानं संयमो दाक्ष्यमप्रमादो धृतिः स्मृतिः।

समीक्ष्य च समारम्भो विद्धिमूलं भवस्य तु॥"

Effort, self-control, skill, vigilance, patience, memory and initiating any task with thoughtful consideration, these are all the fundamental causes of progress.