उत्तर प्रदेश में एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर सुविधा की स्थापना तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह इकाई वैश्विक चिप इकोसिस्टम में भारत की उपस्थिति को बढ़ायेगी: प्रधानमंत्री
भारत सॉफ़्टवेयर और हार्डवेयर दोनों क्षेत्रों में एक साथ प्रगति कर रहा है; उत्तर प्रदेश राष्ट्र के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा: प्रधानमंत्री
एचसीएल और फॉक्सकॉन का यह नया संयंत्र, एक तकनीकी महाशक्ति के रूप में यूपी की नई पहचान को और मजबूत करेगा: प्रधानमंत्री
यह दशक भारत का टेकएड है; भारत की आज की तकनीकी प्रगति 21वीं सदी में हमारी ताकत की नींव बनेगी: प्रधानमंत्री
भारत का लक्ष्य चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनने का है; विशेष ध्यान मजबूत घरेलू सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने पर है: प्रधानमंत्री
लोकतांत्रिक भारत एक विश्वसनीय वैश्विक साझेदार है; हमारी भागीदारी वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं की सुदृढ़ता को बढ़ाती है: प्रधानमंत्री
आज पूरी दुनिया भारत को तकनीकी भविष्य के केंद्र के रूप में देख रही है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश में एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर यूनिट के भूमिपूजन समारोह में भाग लिया। यह समारोह भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि को रेखांकित करता है, जिसे नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट के तुरंत बाद आयोजित किया गया है।

 

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत विकसित भारत बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, "मैंने लाल किले की प्राचीर से कहा है, भारत के पास रुकने या ठहरने का समय नहीं है। 2026 की शुरुआत से, भारत ने अपनी गति तेज कर दी है।“ श्री मोदी ने हाल ही में हासिल की गयी उपलब्धियों के उदाहरण दिए, जैसे विकसित भारत युवा नेता संवाद, राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस जिसने भारत में स्टार्टअप क्रांति को ऊर्जा दी, और भारत ऊर्जा शिखर सम्मेलन, जिसने भारत की ताकत को लेकर पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।

 

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि विकसित भारत के लिए बजट ने देश की प्रगति में नई गति का संचार किया है, जिससे यह सप्ताह वास्तव में भारत के लिए ऐतिहासिक बन गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट में, विश्व के राजनेता, राष्ट्राध्यक्ष और तकनीकी दिग्गज भारत की एआई क्षमताओं को देखने के लिए एकत्र हुए और अंततः देश की रणनीतिक दृष्टि को मान्यता दी और इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि कल एआई समिट के समापन के तुरंत बाद, देश आज ही इस विशाल कार्यक्रम के साथ भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, “भारत अब आधुनिक दुनिया को चलाने के लिए आवश्यक प्रसंस्करण शक्ति (प्रोसेसिंग पावर) प्रदान करने में विश्व की शीर्ष राष्ट्रों के साथ कदम मिलाने का प्रयास कर रहा है और साथ ही सॉफ़्टवेयर और हार्डवेयर दोनों पहलुओं पर काम कर रहा है।

 

प्रधानमंत्री ने वर्तमान दशक को भारत का 'टेकएड' घोषित करते हुए अपने दृष्टिकोण को दोहराया और कहा कि हरित ऊर्जा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, डिजिटल तकनीक और एआई में निवेश; 21वीं सदी की क्षमता की आधारशिला तैयार करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि भारत आज हर उस तकनीक में अभूतपूर्व निवेश कर रहा है जो मानवता का भविष्य निर्धारित करेगी और भारत में इस मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का विकास इसका एक प्रमुख उदाहरण है।

 

चिप्स के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी में इनके मूल्य की तुलना 20वीं सदी के तेल से की। श्री मोदी ने कहा, "कोरोना महामारी के दौरान, दुनिया ने चिप आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरी की अनुभव किया। जब आपूर्ति रुक गई, वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं डगमगा गईं।“ उन्होंने बताया कि भारत ने उस संकट से यह सीख ली कि इसे एक अवसर में बदला जा सकता है और भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनना चाहिए। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, "आज का कार्यक्रम इसी दृष्टिकोण का प्रतिबिंब है।“

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि "मेड-इन-इंडिया" चिप्स, विकसित भारत की रीढ़ हैं, जो एआई और 6जी से लेकर रक्षा और इलेक्ट्रिक वाहनों तक के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को ऊर्जा प्रदान कर रही हैं। इस दृष्टि का समर्थन करने के लिए, उन्होंने चिप्स से स्टार्टअप पहल को उजागर किया, जो 85,000 विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने के लिए तैयार है, साथ ही बजट से संचालित प्रगति, जैसे सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा चरण और संपूर्ण अनुसंधान और विकास एवं निर्माण समर्थन के लिए रेयर अर्थ कॉरिडोर की स्थापना।

 

उत्तर प्रदेश से सांसद के रूप में, प्रधानमंत्री ने राज्य के परिवर्तन पर अत्यंत गर्व व्यक्त किया। श्री मोदी ने कहा, "उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है, जो प्रदेश में डिजाइन हाउसेस, अनुसंधान और विकास केंद्रों और स्टार्टअप इकोसिस्टम को लाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।"

 

प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने अपने औद्योगिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक बदलाव देखा है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में छह गुनी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, “यह वृद्धि सबसे अधिक मोबाइल क्रांति में स्पष्ट होती है, जहां घरेलू उत्पादन 28 गुना बढ़ा है और निर्यात में आश्चर्यजनक रूप से 100 गुनी वृद्धि हुई है।” श्री मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इस सफलता गाथा में एक ताकतवर केंद्र और मजबूत स्तंभ के रूप में उभरा है, जो वर्तमान में देश में निर्मित कुल मोबाइल फोन के आधे से अधिक हिस्से का निर्माण करता है। यह परिवर्तन भारत की वैश्विक निर्माण केंद्र बनने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

 

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश की पहचान को बदलने का श्रेय “डबल इंजन वाली सरकार” को दिया, प्रदेश की पहचान पहले अपराध और पलायन से जुड़े राज्य के रूप में होती थी, लेकिन अब राज्य एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडॉर तथा जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और समर्पित फ्रेट कॉरिडॉर जैसी विश्व स्तरीय अवसंरचना के लिए जाना जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा, "वैश्विक निवेशक यूपी आ रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उनके निवेश में शानदार रिटर्न की गारंटी है।" श्री मोदी ने यह भी घोषणा की कि वे कल दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन कॉरिडॉर का उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र के परिवहन-संपर्क में और वृद्धि होगी।

 

अपना संबोधन समाप्त करते हुए, प्रधानमंत्री ने एचसीएल टेक्नोलॉजीज़ की अध्यक्ष रोशनी नादर और फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर बिज़नेस ग्रुप के अध्यक्ष बॉब चेन को उनकी साझेदारी के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने उल्लेख किया कि फॉक्सकॉन की मौजूदगी एक वैश्विक संदेश देती है: "एक लोकतांत्रिक भारत एक भरोसेमंद साझेदार है। मूल्य श्रृंखला में हमारी भागीदारी इसकी सुदृढ़ता बढ़ाती है, जो भारत और दुनिया, दोनों के लिए लाभकारी है।"

 

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प्रधानमंत्री ने निःस्वार्थ सेवा और समर्पण की भावना को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
August 21, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi has said that the continuous flow of rivers teaches us how we can utilise our capabilities for the welfare of humanity. He noted that the spirit of selfless service, dedication and benevolence gives a new direction to the nation.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“जीवनं स्वं परार्थाय नित्यं यच्छत मानवाः।

इति सन्देशमाख्यातुं समुद्रं यान्ति निम्नगाः॥”

The Subhashitam conveys that human beings, dedicate your lives to the service and welfare of others. Just as rivers flow ceaselessly and selflessly, sustaining countless lives with their waters before ultimately merging into the ocean, so should we devote our time, abilities and resources to the well-being of others. The true purpose and fulfilment of human life lie in selfless service, compassion and the welfare of all.

The Prime Minister wrote on X;

“नदियों का अविरल प्रवाह सिखाता है कि हम किस प्रकार अपने सामर्थ्य का उपयोग मानवता की भलाई के लिए कर सकते हैं। निःस्वार्थ सेवा, समर्पण और परोपकार की यही भावना राष्ट्र को नई दिशा देती है।

जीवनं स्वं परार्थाय नित्यं यच्छत मानवाः।

इति सन्देशमाख्यातुं समुद्रं यान्ति निम्नगाः॥”