उत्तर प्रदेश में एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर सुविधा की स्थापना तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह इकाई वैश्विक चिप इकोसिस्टम में भारत की उपस्थिति को बढ़ायेगी: प्रधानमंत्री
भारत सॉफ़्टवेयर और हार्डवेयर दोनों क्षेत्रों में एक साथ प्रगति कर रहा है; उत्तर प्रदेश राष्ट्र के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा: प्रधानमंत्री
एचसीएल और फॉक्सकॉन का यह नया संयंत्र, एक तकनीकी महाशक्ति के रूप में यूपी की नई पहचान को और मजबूत करेगा: प्रधानमंत्री
यह दशक भारत का टेकएड है; भारत की आज की तकनीकी प्रगति 21वीं सदी में हमारी ताकत की नींव बनेगी: प्रधानमंत्री
भारत का लक्ष्य चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनने का है; विशेष ध्यान मजबूत घरेलू सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने पर है: प्रधानमंत्री
लोकतांत्रिक भारत एक विश्वसनीय वैश्विक साझेदार है; हमारी भागीदारी वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं की सुदृढ़ता को बढ़ाती है: प्रधानमंत्री
आज पूरी दुनिया भारत को तकनीकी भविष्य के केंद्र के रूप में देख रही है: प्रधानमंत्री

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी,केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी, अश्विनी वैष्णव जी, जितिन प्रसाद जी, उत्तर प्रदेश सरकार के सभी मंत्रीगण, Foxconn के सेमीकंडक्टर बिजनेस ग्रुप के प्रेसिडेंट बॉब चेन, HCL Technologies की चेयरपर्सन रोशनी नादर जी, कार्यक्रम में उपस्थित इंडस्ट्री लीडर्स, अन्य महानुभाव, देवियो और सज्जनों!

आज भारत, विकसित होने के लक्ष्य पर बहुत तेजी से काम कर रहा है। और मैंने लाल किले से भी कहा है- भारत के पास रुकने का, थमने का समय नहीं है। साल 2026 की शुरुआत से ही भारत ने अपनी कदमताल और तेज कर दी है। 12 जनवरी को विकसित भारत यंग लीडर्स डॉयलॉग से देश के लाखों युवा जुड़े, 16 जनवरी को हमने नेशनल स्टार्ट अप डे मनाया, भारत की स्टार्ट-अप क्रांति को नई ऊर्जा दी, जनवरी में ही हुई इंडिया एनर्जी समिट में भारत ने अपने सामर्थ्य से दुनिया का ध्यान खींचा। फिर विकसित भारत को नई गति देने वाला बजट आया और अब ये सप्ताह भी भारत के लिए ऐतिहासिक सिद्ध हो रहा है। ग्लोबल AI Impact समिट में, दुनिया के अनेक देशों के राष्ट्राध्यक्ष, टेक्नॉलॉजी जगत के दिग्गज, सभी दिल्ली में जुटे थे। इस समिट में दुनिया ने, भारत के AI सामर्थ्य को देखा, हमारे विजन को समझा और सराहा।

साथियों,

ये समिट कल ही समाप्त हुई है, और अब हम यहां भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जुड़े इतने बड़े कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं।

साथियों,

आधुनिक विश्व को चलाने के लिए जिस प्रोसेसिंग पावर की ज़रूरत है, उसमें भी भारत अब दुनिया के टॉप देशों के साथ आने का प्रयास कर रहा है। यानी भारत सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर, दोनों पहलुओं पर एक साथ काम कर रहा है। औऱ हम सभी के लिए ये गर्व की बात है कि उत्तर प्रदेश भी, भारत के सेमीकंडक्टर इकोकिस्टम का बड़ा सेंटर बनने जा रहा है। HCL और Foxconn की ये नई फैक्ट्री, टेक्नॉलॉजी पावर-हाउस के रूप में यूपी की नई पहचान को और सशक्त करेगी। उत्तर प्रदेश के सांसद के रूप में भी, मेरे लिए ये बहुत गर्व का क्षण है। इस सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की वजह से, उत्तर प्रदेश के युवाओं को, देश के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेंगा। क्योंकि जहाँ semiconductor unit आती है, वहाँ design houses आते हैं, R&D center आते हैं, startup ecosystems बनते हैं। और ये सब कुछ अब यूपी में भी होने जा रहा है। मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और उनकी पूरी टीम को, यूपी की जनता को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

मैं एक बात अक्सर कहता हूं, कि ये Decade भारत का Techade है। इस दशक में भारत टेक्नॉलॉजी के क्षेत्र में जो कुछ कर रहा है, वो इक्कीसवीं सदी के हमारे सामर्थ्य का आधार बनेगा। चाहे ग्रीन एनर्जी हो, चाहे स्पेस टेक हो, चाहे डिजिटल टेक्नॉलॉजी हो, चाहे मैन्युफेक्चरिंग टेक्नॉलॉजी हो, या फिर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मानवता का भविष्य तय करने वाली हर टेक्नॉलॉजी में भारत आज अभूतपूर्व निवेश कर रहा है। भारत में सशक्त सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का विकास भी इसका एक उत्तम उदाहरण है। सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत ने अपना सफर भले ही देरी से शुरु किया हो, लेकिन आज हम बहुत तेज़ गति से आगे बढ़ रहे हैं। भारत ने अपने सेमीकंडक्टर मिशन के तहत, अभी तक 10 सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति दे दी है। इनमें से चार यूनिट्स, बहुत ही जल्द अपना प्रोडक्शन शुरु करने वाली हैं।

साथियों,

आप सभी जानते हैं, बीसवीं सदी में जिस देश के पास तेल था, वहां समृद्धि और सामर्थ्य दोनों आया। इक्कीसवीं सदी में यही सामर्थ्य छोटी सी चिप के पास है, उससे जुड़ी स्किल और मटीरियल में है। कोरोना महामारी के दौरान हमने देखा है, कि छोटी सी चिप की supply chain कितनी कमज़ोर रही है। उस दौरान, चिप की सप्लाई पर ब्रेक क्या लगा, दुनिया में फैक्ट्रियां रुक गईं, अर्थव्यवस्थाएं चरमराने लगीं। भारत ने उस संकट से भी सीखा, और उसे अवसर में बदलने का प्रयास शुरू किया। हमने तय किया, भारत को चिप मैन्यूफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए, भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का निर्माण करना है। आज का ये कार्यक्रम, इसी विजन का प्रतिबिंब है।

साथियों,

विकसित भारत का निर्माण तभी होगा, जब भारत आत्मनिर्भर होगा। और इसके लिए मेड इन इंडिया चिप होना बहुत ज़रूरी है। क्योंकि जब भारत की चिप मेड इन इंडिया होगी, तो हमें हमारे आधुनिक साजो-सामान की मैन्यूफैक्चरिंग के लिए दूसरों की तरफ नहीं देखना पड़ेगा। Digital India, AI, 5G-6G, इलेक्ट्रिक व्हीकल, Defence., आज जरूरत के हर सामान की आत्मा सेमीकंडक्टर है, चिप है। हमारे पास अपनी चिप होगी, तो हर सेक्टर में भारत की गति बिना रोक-टोक जारी रहेगी।

साथियों,

आज फॉक्सकॉन जैसी दिग्गज कंपनियों का भारत आना, चिप मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग करना, इसमें एक वैश्विक संदेश भी है। भारत जैसा लोकतांत्रिक देश, दुनिया का एक भरोसेमंद पार्टनर है। किसी भी Value Chain में भारत की बढ़ती भागीदारी, उस Value Chain की रिजिलियंस को भी बढ़ाएगी। इसलिए दुनिया की फैक्ट्री के रूप में भारत की पहचान, भारत और विश्व के अन्य देश, सभी के लिए win-win situation की तरह है।

साथियों,

आज दुनिया भारत को tech फ्यूचर के सेंटर के रूप में देख रही है। इसका एक बड़ा कारण भारत का टैलेंट भी है। भारत, अपने चिप डिजायिनिंग टैलेंट के पूल का तो विस्तार कर ही रहा है, साथ ही, सेमीकंडक्टर से जुड़ी अन्य स्किल्स पर भी बहुत बल दे रहा है। भारत सरकार ने Chip to Startup कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य, सेमीकंडक्टर डिज़ाइन में 85 हजार से ज्यादा, इंडस्ट्री रेडी प्रोफेशनल्स तैयार करने का है। इस वर्ष के बजट में इंडिया सेमीकेंडक्टर मिशन के दूसरे चरण की भी घोषणा की गई है। यानी हर प्रकार के Fabs, एडवांस्ड पैकेजिंग, R&D के लिए, भारत में ही एक कंप्लीट सपोर्ट सिस्टम डवलप किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर और बैटरी निर्माण के लिए रेयर अर्थ मिनरल्स भी बहुत आवश्यक हैं। भारत इसमें भी आत्मनिर्भरता के लिए बड़े कदम उठा रहा है। इस वर्ष के बजट में घोषणा की गई है, कि देश में Rare Earth Corridors बनाए जाएंगे। ये भी सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए बहुत बड़ा प्रोत्साहन है।

साथियों,

बीते 11 वर्षों में भारत ने बार-बार दिखाया है कि हम जो ठानते हैं, वो हासिल करके ही रहते हैं। कुछ वर्ष पहले जब देश ने मेक इन इंडिया का संकल्प लिया था, तब कुछ लोगों ने शंकाएं-आशंकाएं जताई थीं। लेकिन आज मेक इन इंडिया, एक सशक्त ब्रैंड बनकर उभरा है। पिछले 11 वर्षों में, भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग लगभग छह गुना बढ़ी है। इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट भी लगभग आठ गुना तक पहुँच गया है। इसमें भी, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, अट्ठाइस गुना से अधिक बढ़ गई है। और हमारे मोबाइल फोन एक्सपोर्ट में तो सौ गुना से भी अधिक की वृद्धि हुई है।

साथियों,

मुझे इस बात का संतोष है, कि भारत की मैन्यूफेक्चरिंग सक्सेस में यूपी एक मजबूत पिलर के रूप में भी उभर रहा है। अगर मैं मोबाइल फोन मैन्यूफेक्चरिंग की ही बात करुं, तो देश के आधे से अधिक मोबाइल फोन आज उत्तर प्रदेश में ही बन रहे हैं। आने वाले समय में यूपी का ये सामर्थ्य और बढ़ने जा रहा है। क्योंकि यहां पर सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के साथ-साथ, इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े कंपोनेंट्स, यानी छोटे-छोटे पार्ट्स भी यहीं बनने जा रहे हैं। इससे भी बहुत बड़ी संख्या में यहां रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

साथियों,

आज उत्तर प्रदेश की चर्चा मैन्यूफेक्चरिंग के लिए हो रही है। यहां आ रहे हज़ारों करोड़ रुपए के निवेश के लिए, यहां लग रही नई फैक्ट्रियों के लिए उत्तर प्रदेश चर्चा में है। लेकिन करीब एक दशक पहले तक, उत्तर प्रदेश का नाम गलत बातों के लिए उछाला जाता था। पलायन और अभाव, असुविधा और अपराध, ऐसा लगता था कि देश के सबसे बड़े राज्य का यही दुर्भाग्य बन गया है। मुझे बहुत गर्व है, कि यूपी की जनता ने डबल इंजन सरकार पर जो भरोसा जताया, बार-बार आशीर्वाद दिया, उसके परिणाम निरंतर दिख रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश, Expressway वाला राज्य बन चुका है। यूपी की चर्चा Defence Corridor के लिए होती है। देश और दुनिया के लोग आज उत्तर प्रदेश को टूरिज्म की पसंदीदा जगह बना रहे हैं।

साथियों,

दुनियाभर के निवेशक आज इसलिए यूपी आ रहे हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि यूपी में उनके निवेश का शानदार रिटर्न मिलना तय है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और ज़ेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी आधुनिक कनेक्टिविटी, इस पूरे क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाई पर ले जा रही है। और कल ही, आने वाले कल रविवार को, मैं दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन कॉरिडोर का लोकार्पण करने वाला हूं। जहां ऐसा उत्तम काम हो रहा है, वो उत्तर प्रदेश, विकसित होकर ही रहेगा। मैं एक बार फिर से HCL और फॉक्सकॉन का आभार व्यक्त करता हूं। मुझे विश्वास है कि ये सेमीकंडक्टर यूनिट, उत्तर प्रदेश के विकास की गति को और तेज़ करेगी।

मेरी आप सभी को फिर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

बहुत बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the spirit of selfless service and dedication
August 21, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi has said that the continuous flow of rivers teaches us how we can utilise our capabilities for the welfare of humanity. He noted that the spirit of selfless service, dedication and benevolence gives a new direction to the nation.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“जीवनं स्वं परार्थाय नित्यं यच्छत मानवाः।

इति सन्देशमाख्यातुं समुद्रं यान्ति निम्नगाः॥”

The Subhashitam conveys that human beings, dedicate your lives to the service and welfare of others. Just as rivers flow ceaselessly and selflessly, sustaining countless lives with their waters before ultimately merging into the ocean, so should we devote our time, abilities and resources to the well-being of others. The true purpose and fulfilment of human life lie in selfless service, compassion and the welfare of all.

The Prime Minister wrote on X;

“नदियों का अविरल प्रवाह सिखाता है कि हम किस प्रकार अपने सामर्थ्य का उपयोग मानवता की भलाई के लिए कर सकते हैं। निःस्वार्थ सेवा, समर्पण और परोपकार की यही भावना राष्ट्र को नई दिशा देती है।

जीवनं स्वं परार्थाय नित्यं यच्छत मानवाः।

इति सन्देशमाख्यातुं समुद्रं यान्ति निम्नगाः॥”