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लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स देश में हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को नई दिशा दिखाएंगे : प्रधानमंत्री मोदी
अब तक 2 करोड़ ग्रामीण घरों का निर्माण किया जा चुका है, इस वर्ष ग्रामीण आवास बनाने की गति में तेजी लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे: पीएम मोदी
घर की चाबी हाथ आने से सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन का द्वार खुलता है। इससे एक आत्मविश्वास आता है : प्रधानमंत्री मोदी
सरकार, उद्योगों और दूसरे निवेशकों के साथ मिलकर उचित किराए वाले घरों का निर्माण करने पर बल दे रही है : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज (जीएचटीसी) के अंतर्गत छह राज्यों में छह स्‍थानों पर, आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स (एलएचपी) की आधारशिला रखी। उन्होंने अफोर्डेबल सस्टेनेबल हाउसिंग एक्सेलरेटर्स- इंडिया (आशा- इंडिया) के तहत विजेताओं की घोषणा की और प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी (पीएमएवाई-यू) मिशन के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता के लिए वार्षिक पुरस्कार दिए। उन्होंने एनएवीएआरआईटीआईएच (भारतीय आवास के लिए नवीन, सस्ती, विधिमान्‍य, अनुसंधान नवाचार प्रौद्योगिकी) नाम के नवीन निर्माण प्रौद्योगिकियों पर एक प्रमाणीकरण पाठ्यक्रम भी जारी किया। इस अवसर पर केन्‍द्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी, उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, झारखंड, तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री उपस्थित थे।

इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने कहा कि आज नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने, नए संकल्पों को साबित करने का दिन है और आज देश को गरीब, मध्यम वर्ग के लिए घर बनाने के लिए नई तकनीक मिल रही है। उन्होंने कहा कि इन घरों को तकनीकी भाषा में लाइट हाउस प्रोजेक्ट कहा जाता है लेकिन ये 6 परियोजनाएं वास्तव में लाइटहाउस की तरह हैं जो देश में आवास निर्माण के क्षेत्र को एक नई दिशा दिखा रही है।

प्रधानमंत्री ने इन लाइट हाउस परियोजनाओं को वर्तमान सरकार के दृष्टिकोण का एक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि एक समय में आवास योजनाएं केन्‍द्र सरकार की प्राथमिकता नहीं हुआ करती थीं, गृह निर्माण की बारीकियां और गुणवत्ता भी नहीं थी। आज, देश ने परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए एक अलग मार्ग और बेहतर तकनीक को अपनाते हुए, अलग दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने सरकारी मंत्रालयों के लिए बड़े और निष्क्रिय ढांचे की नहीं, बल्कि स्टार्टअप की तरह फिट होने वाले ढांचे के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने दुनिया भर से 50 से अधिक उन्‍नतिशील निर्माण कंपनियों की सक्रिय भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस वैश्विक चुनौती ने हमें नई तकनीक के साथ नया करने और विकास को बढ़ावा देने का अवसर दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी प्रक्रिया के अगले चरण में, विभिन्न स्थानों पर 6 लाइट हाउस परियोजनाओं का काम आज से शुरू हो रहा है। ये लाइट हाउस प्रोजेक्ट आधुनिक तकनीक और नवीन प्रक्रियाओं से बने होंगे और निर्माण के समय को कम करेंगे और गरीबों के लिए अधिक लचीले, किफायती और आरामदायक घर बनाएंगे। उन्होंने बताया कि इन लाइट हाउसों में निर्माण प्रौद्योगिकी में नवाचार हैं। उदाहरण के लिए इंदौर में परियोजना में ईंट और मोर्टार दीवारें नहीं होंगी, इसके बजाय वे पूर्वनिर्मित सैंडविच पैनल प्रणाली का उपयोग करेंगे। राजकोट में लाइट हाउसों को फ्रेंच तकनीक का उपयोग करके बनाया जाएगा और सुरंग का उपयोग करके एक पत्‍थर की ठोस निर्माण तकनीक होगी। ये घर आपदाओं को झेलने में अधिक समर्थ होंगे। चेन्नई में, यूएस और फिनलैंड की प्रौद्योगिकियां प्रीकास्ट कंक्रीट प्रणाली का उपयोग करेंगी, जिससे घर का निर्माण तेजी से और सस्ता होगा। जर्मनी की 3 डी निर्माण प्रणाली का उपयोग करके रांची में मकान बनाए जाएंगे। प्रत्येक कमरे को अलग से बनाया जाएगा और फिर पूरी संरचना को उसी तरह से जोड़ा जाएगा जैसे लेगो ब्लॉक के खिलौनों को जोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि अगरतला में स्‍टील के फ्रेमों के साथ न्यूजीलैंड की तकनीक का उपयोग करते हुए मकान बनाए जा रहे हैं जो भूकंप के बड़े जोखिम को झेल सकते हैं। कनाडा की प्रौद्योगिकी का उपयोग लखनऊ में किया जा रहा है, जिसमें प्लास्टर और पेंट की आवश्यकता नहीं होगी और तेजी से मकान बनाने के लिए पहले से तैयार की गई पूरी दीवारों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक स्थान पर 12 महीनों में हजारों घर बनाए जाएंगे जो इंक्यूबेशन केंद्रों के रूप में कार्य करेंगे, जिसके माध्यम से हमारे योजनाकार, वास्‍तुकार, इंजीनियर और छात्र नई तकनीक के साथ अध्‍ययन और प्रयोग कर सकेंगे। उन्होंने घोषणा की कि इसके साथ ही निर्माण क्षेत्र में नई तकनीक से संबंधित कौशल उन्नयन के लिए लोगों के लिए एक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जाएगा, ताकि लोगों को घर के निर्माण में दुनिया की सबसे अच्छी तकनीक और सामग्री मिल सके।

प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की कि देश के भीतर आधुनिक आवास प्रौद्योगिकी से संबंधित अनुसंधान और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए आशा-इंडिया कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से, 21वीं सदी के घरों के निर्माण की नई और सस्ती तकनीक भारत में ही विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत पांच सर्वश्रेष्ठ तकनीकों का भी चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर में रहने वाले गरीब या मध्यम वर्ग के लोगों का सबसे बड़ा सपना उनका अपना घर होना है। लेकिन वर्षों से, लोग अपना घर होने को लेकर विश्वास खो रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्वास अर्जित करने के बावजूद भी, उच्च कीमतों के कारण मांग कम हो गई है। लोगों ने भरोसा खो दिया है कि क्या वे किसी भी मुद्दे के मामले में कानूनी रूप से खड़े हो सकते हैं। बैंक की उच्च ब्याज दर और ऋण प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों ने भी घर का मालिक बनने की दिलचस्‍पी कम कर दी है। उन्होंने एक आम आदमी का विश्वास बहाल करने के लिए पिछले 6 वर्षों में किए गए प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया कि उसके पास भी अपना घर हो सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरों में बहुत कम समय में लाखों घर बनाए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण में घर-मालिकों की स्थानीय आवश्यकताओं और अपेक्षाओं के अनुसार नवाचार और कार्यान्वयन दोनों पर ध्यान केन्‍द्रित किया गया है। यह एक पूर्ण पैकेज है क्योंकि प्रत्येक इकाई बिजली-पानी-गैस कनेक्शन से सुसज्जित है। लाभार्थियों के लिए जियो-टैगिंग और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) जैसी प्रौद्योगिकियों के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।

मध्यम वर्ग के लिए लाभ के बारे में बात करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि उन्हें होम लोन के ब्याज पर छूट मिल रही है। अधूरी आवास परियोजनाओं के लिए सृजित 25 हजार करोड़ रुपये के विशेष फंड से मध्यम वर्ग को भी मदद मिलेगी। रेरा जैसे उपायों ने घर के मालिकों का विश्वास वापस ला दिया है और उन्हें विश्वास दिलाया है कि उनकी गाढ़ी कमाई के साथ कोई धोखा नहीं होगा। रेरा के तहत 60 हजार परियोजनाएं पंजीकृत हैं और हजारों शिकायतों का निवारण कानून के तहत किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक घर की चाबी प्राप्त करना न केवल एक आवास इकाई का कब्जा लेना है, बल्कि यह गरिमा, आत्मविश्वास, सुरक्षित भविष्य, नई पहचान और विस्तार की संभावनाओं के द्वार खोलता है। ‘सभी के लिए आवास’ (हाउसिंग फॉर ऑल) के लिए किए जा रहे चौतरफा कार्य करोड़ों गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी यानि अफोर्डेबल रेंटिंग हाउसिंग कॉम्प्लेक्स स्कीमों के दौरान शुरू की गई नई योजना का भी उल्लेख किया। सरकार एक राज्‍य से दूसरे राज्‍य में काम करने के लिए आने वाले श्रमिकों को उचित किराए के साथ आवास प्रदान करने के लिए उद्योग और अन्य निवेशकों के साथ काम कर रही है। उनके आवास की स्थिति अक्सर गंदी और गरिमारहित होती है। श्री मोदी ने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि उन्हें उनके कार्यस्थल के आसपास के क्षेत्र में उचित किराए पर आवास प्रदान किए जाए। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हमारे कामकाजी मित्र सम्मान के साथ रहें।

प्रधानमंत्री ने रियल एस्टेट क्षेत्र की मदद के लिए हाल ही में किए गए उपायों को भी याद किया। सस्ते मकानों पर कर में 8 से 1 प्रतिशत की कटौती, जीएसटी में 12 से 5 प्रतिशत की कटौती जैसे उपाय, सस्ते ऋण के लिए इस क्षेत्र को बुनियादी ढांचे के रूप में मान्यता देने से निर्माण की अनुमति से हमारी रैंकिंग 185 से 27 हो गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2000 से अधिक शहरों में निर्माण प्रक्रिया की अनुमति ऑनलाइन ली गई है।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि ग्रामीण भारत में 2 करोड़ से अधिक आवास इकाइयों का निर्माण किया गया है। इस वर्ष ग्रामीण आवास की गति में तेजी लाने का प्रयास किया जाएगा।

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प्रधानमंत्री मोदी के साथ परीक्षा पे चर्चा
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PM pays tribute to Maharana Pratap on his Jayanti
May 09, 2021
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The Prime Minister, Shri Narendra Modi has paid tribute to Maharana Pratap on his Jayanti.

In a tweet, the Prime Minister said that Maharana Pratap made Maa Bharti proud by his unparalleled valour, courage and martial expertise. His sacrifice and dedication to the motherland will always be remembered, said Shri Modi.