तिरुचिरापल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया
तमिलनाडु में रेल, सड़क, तेल और गैस तथा पोत-परिवहन क्षेत्र से जुड़ी अनेक परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं
आईजीसीएआर, कलपक्कम में स्वदेशी रूप से विकसित डिमॉन्स्ट्रेशन फास्ट रिएक्टर फ्यूल रि-प्रोसेसिंग प्लांट (डीएफआरपी) राष्ट्र को समर्पित किया
कामराजार बंदरगाह के जनरल कार्गो बर्थ-2 (ऑटोमोबाइल निर्यात/आयात टर्मिनल-II और कैपिटल ड्रेजिंग चरण-5) राष्ट्र को समर्पित किया
थिरु विजयकांत और डॉ एमएस स्वामीनाथन को श्रद्धांजलि अर्पित की
हाल में भारी वर्षा से हुई लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया
"तिरुचिरापल्ली में लॉन्च की जा रही न्यू एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग तथा अन्य कनेक्टिविटी परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक परिदृश्य को सार्थक रूप से प्रभावित करेंगी"
“अगले 25 वर्ष भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हैं, जिसमें आर्थिक और सांस्कृतिक दोनों आयाम शामिल हैं।“
"भारत को तमिलनाडु की जीवंत संस्कृति और विरासत पर गर्व है"
"हमारा प्रयास देश के विकास में तमिलनाडु से मिली सांस्कृतिक प्रेरणा का निरंतर विस्तार करना है"
"तमिलनाडु मेक इन इंडिया के लिए एक प्रमुख ब्रांड एंबेसडर बन रहा है"
"हमारी सरकार राज्यों का विकास राष्ट्र के विकास में परिलक्षित होने के मंत्र का पालन करती है"
"पिछले एक वर्ष में 40 केंद्रीय मंत्रियों ने 400 से अधिक बार तमिलनाडु का दौरा किया है"
"मैं तमिलनाडु के युवाओं में एक नई आशा का उदय देख सकता हूं। यह आशा विकसित भारत की ऊर्जा बनेगी"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, राष्ट्र को समर्पित और शिलान्यास किया। विकास परियोजनाओं में तमिलनाडु में रेल, सड़क, तेल और गैस तथा पोत परिवहन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए सभी के लिए एक सार्थक और समृद्ध नए वर्ष की शुभकामनाएं व्यक्त की और इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि 2024 में उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम तमिलनाडु में हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज की 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं तमिलनाडु की प्रगति को सुदृढ़ बनाएंगी। उन्होंने सड़क, रेल, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, ऊर्जा और पेट्रोलियम पाइपलाइनों के क्षेत्रों में फैली परियोजनाओं के लिए राज्य के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इनमें से अनेक परियोजनाएं आवाजाही को प्रोत्साहित करेंगी और राज्य में रोजगार के हजारों अवसर भी पैदा करेंगी।

प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के लिए गुजरे पिछले तीन कठिन सप्ताहों की चर्चा की जब भारी वर्षा से अनेक लोगों की जान गई और संपत्ति का भी काफी नुकसान हुआ था। प्रधानमंत्री ने अपनी संवेदना व्यक्त की और यह भी कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा- "हम राज्य सरकार को हर संभव सहायता दे रहे हैं।"

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हाल में दिवंगत हुए थिरु विजयकांत को श्रद्धांजलि देते हुए कहा- "वह न केवल सिनेमा के क्षेत्र में बल्कि राजनीति में भी एक 'कैप्टन' थे। उन्होंने अपने काम और फिल्मों के माध्यम से लोगों का दिल जीता और राष्ट्रीय हित को सभी बातों से ऊपर रखा।" उन्होंने देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले डॉ एम एस स्वामीनाथन के योगदान को भी याद किया और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री ने दोहराया कि अगले 25 वर्षों के लिए आजादी का अमृत काल भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विकसित भारत के आर्थिक और सांस्कृतिक दोनों पहलुओं का उल्लेख किया और रेखांकित किया कि तमिलनाडु भारत की समृद्धि और संस्कृति का प्रतिबिंब है। प्रधानमंत्री ने संत तिरुवल्लुवर और सुब्रमण्य भारती सहित अन्य विशिष्ट साहित्य रचनाकारों की चर्चा करते हुए कहा-"तमिलनाडु प्राचीन तमिल भाषा का निवास है और यह सांस्कृतिक विरासत का खजाना है।" उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सी वी रमन और अन्य वैज्ञानिकों के वैज्ञानिक और तकनीकी मस्तिष्क का निवास है, जो राज्य के उनके हर दौरे में नई ऊर्जा भरता है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने तिरुचिरापल्ली की समृद्ध विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यहां हमें पल्लव, चोल, पांड्य और नायक जैसे राजवंशों के सुशासन मॉडल के अवशेष मिलते हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी विदेश यात्रा के दौरान किसी भी अवसर पर तमिल संस्कृति का उल्लेख करते हैं। उन्होंने कहा- "मैं देश के विकास और विरासत में तमिल सांस्कृतिक प्रेरणा के योगदान के निरंतर विस्तार में विश्वास करता हूं।" उन्होंने नए संसद भवन में पवित्र सेंगोल की स्थापना, काशी तमिल और काशी सौराष्ट्र संगमम को पूरे देश में तमिल संस्कृति के प्रति उत्साह बढ़ाने का प्रयास बताया।

प्रधानमंत्री ने पिछले 10 वर्षों में सड़क मार्ग, रेल, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, गरीबों के लिए घर और अस्पताल जैसे क्षेत्रों में भारत द्वारा किए गए भारी निवेश की जानकारी दी और भौतिक अवसंरचना पर सरकार के बल को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत विश्व की शीर्ष 5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है, जहां यह विश्व के लिए आशा की किरण बन गया है। भारत में विश्व भर से आने वाले भारी निवेश की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका सीधा लाभ तमिलनाडु और उसके लोगों द्वारा उठाया जा रहा है क्योंकि राज्य मेक इन इंडिया के लिए एक प्रमुख ब्रांड एंबेसडर बन गया है।

प्रधानमंत्री ने सरकार के दृष्टिकोण को दोहराया जिसमें राज्य का विकास राष्ट्र के विकास में परिलक्षित होता है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के 40 से अधिक मंत्रियों ने पिछले एक वर्ष में 400 से अधिक बार तमिलनाडु का दौरा किया है। "भारत तमिलनाडु की प्रगति के साथ प्रगति करेगा", श्री मोदी ने कहा कि कनेक्टिविटी विकास का माध्यम है जो व्यवसायों को बढ़ावा देता है और लोगों के जीवन को भी सहज बनाता है। प्रधानमंत्री ने आज की परियोजनाओं की चर्चा करते हुए तिरुचिरापल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का उल्लेख किया जो क्षमता को तीन गुना बढ़ा देगा और पूर्वी एशिया, मध्य पूर्व और विश्व के अन्य भागों के लिए कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगा। उन्होंने कहा कि नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन से निवेश, व्यवसाय, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के लिए नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने एलिवेटेड रोड के माध्यम से हवाई अड्डे की राष्ट्रीय राजमार्गों से बढ़ती कनेक्टिविटी का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि त्रिची हवाई अड्डा अपनी अवसंरचना के साथ विश्व को तमिल संस्कृति और विरासत से परिचित कराएगा।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पांच नई रेल परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं उद्योग और बिजली उत्पादन को प्रोत्साहित करेंगी। नई सड़क परियोजनाएं श्रीरंगम, चिदंबरम, रामेश्वरम और वेल्लोर जैसे आस्था और पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्रों को जोड़ेंगी।

प्रधानमंत्री ने पिछले 10 वर्षों में बंदरगाह आधारित विकास पर केंद्र सरकार के फोकस की चर्चा करते हुए परियोजनाओं को तटीय क्षेत्रों और मछुआरों के जीवन को बदलने वाला बताया। उन्होंने मत्स्य पालन के लिए एक अलग मंत्रालय और बजट, मछुआरों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए नाव को आधुनिक बनाने के लिए सहायता तथा पीएम मत्स्य संपदा योजना की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री ने सागरमाला योजना का जिक्र करते हुए बताया कि देश के बंदरगाहों को बेहतर सड़कों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बंदरगाहों की क्षमता और जहाजों के टर्न-अराउंड टाइम में काफी सुधार हुआ है, उन्होंने कामराजार बंदरगाह का उल्लेख किया जिसकी क्षमता दोगुनी कर दी गई है। उन्होंने कामराजार बंदरगाह के जनरल कार्गो बर्थ -2 के उद्घाटन का भी उल्लेख किया, जो तमिलनाडु के आयात और निर्यात, विशेष रूप से ऑटोमोबाइल क्षेत्र को मजबूत बनाएगा। उन्होंने परमाणु रिएक्टर और गैस पाइपलाइनों का भी जिक्र किया जो रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देंगे।

प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु पर रिकॉर्ड खर्च किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले के दशक में राज्यों को 30 लाख करोड़ रुपये दिए गए थे, जबकि पिछले 10 वर्ष में राज्यों को 120 लाख करोड़ रुपये दिए गए। तमिलनाडु को भी 2014 से पहले के 10 वर्षों की तुलना में इस अवधि में 2.5 गुना अधिक धन मिला है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए राज्य में तीन गुना से अधिक और रेल क्षेत्र में 2.5 गुना अधिक धन खर्च किया गया। राज्य में लाखों परिवारों को मुफ्त राशन, चिकित्सा उपचार और पक्के घर, शौचालय और पाइप से पानी जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में विकसित भारत के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 'सबका प्रयास' की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने तमिलनाडु के युवाओं और लोगों की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा "मैं तमिलनाडु के युवाओं में एक नई आशा का उदय देख सकता हूं। यह आशा विकसित भारत की ऊर्जा बनेगी।"

इस अवसर पर तमिलनाडु के राज्यपाल श्री आर एन रवि, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री एम के स्टालिन, केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री श्री एल मुरूगन भी उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ने तिरुचिरापल्ली में सार्वजनिक कार्यक्रम में तिरुचिरापल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इसे 1100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। दो-स्तरीय नया अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनल भवन वार्षिक रूप से 44 लाख से अधिक यात्रियों और व्यस्त समय में लगभग 3500 यात्रियों को सेवा प्रदान कर सकता है। नए टर्मिनल में यात्री सुविधा के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं हैं।

प्रधानमंत्री ने अनेक रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। इनमें 41.4 किलोमीटर लंबे सलेम-मैग्नेसाइट जंक्शन-ओमालूर-मेट्टूर बांध खंड दोहरीकरण परियोजना, मदुरै-तूतीकोरिन तक 160 किलोमीटर के रेल लाइन खंड के दोहरीकरण की परियोजना और रेल लाइन विद्युतीकरण के लिए तीन परियोजनाएं अर्थात् तिरुचिरापल्ली-मनमदुरै-विरुधुनगर; विरुधुनगर - तेनकाशी जंक्शन; सेनगोट्टाई - तेनकाशी जंक्शन - तिरुनेलवेली- तिरुचेंदुर शामिल हैं। रेल परियोजनाएं माल और यात्रियों को ले जाने के लिए रेल क्षमता में सुधार करने में मदद करेंगी तथा तमिलनाडु में आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में योगदान देंगी।

प्रधानमंत्री ने सड़क क्षेत्र की पांच परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्ग-81 के त्रिची-कल्लागम खंड के लिए 39 किलोमीटर चार लेन की सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग-81 के कल्लागाम-मीनसुरुट्टी खंड को 60 किमी लम्बी 4/2 लेन का बनाना, राष्ट्रीय राजमार्ग-785 के चेट्टीकुलम-नाथम खंड की 29 किमी चार लेन की सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग-536 के कराईकुडी-रामनाथपुरम खंड के पेव्ड शोल्डर के साथ 80 किमी लंबी दो लेन; राष्ट्रीय राजमार्ग-179ए के सलेम-तिरुपति-वनियामबड़ी रोड के 44 किमी लंबे खंड को चार लेन का बनाना शामिल है। सड़क परियोजनाओं से क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और तेज यात्रा की सुविधा मिलेगी तथा त्रिची, श्रीरंगम, चिदंबरम, रामेश्वरम, धनुषकोडी, उथिराकोसामंगई, देवीपट्टिनम, एरवाड़ी, मदुरै जैसे औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान महत्वपूर्ण सड़क विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें एनएच 332ए के मुगैयूर से मरक्कानम तक 31 किलोमीटर लंबी फोर लेन सड़क का निर्माण शामिल है। यह सड़क तमिलनाडु के पूर्वी तट पर बंदरगाहों को जोड़ेगी, विश्व धरोहर स्थल - मामल्लापुरम से सड़क संपर्क बढ़ाएगी तथा कलपक्कम परमाणु ऊर्जा संयंत्र को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री ने कामराजार बंदरगाह के जनरल कार्गो बर्थ-2 (ऑटोमोबाइल निर्यात/आयात टर्मिनल-2 और कैपिटल ड्रेजिंग फेज-5) राष्ट्र को समर्पित किया। जनरल कार्गो बर्थ -2 का उद्घाटन देश के व्यापार को मजबूत करने की दिशा में एक कदम होगा जो आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में सहायता करेगा।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 9000 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया और आधारशिला रखी। राष्ट्र को समर्पित दो परियोजनाओं में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की एन्नोर - तिरुवल्लूर - बेंगलुरु - पुडुचेरी - नागपट्टिनम - मदुरै - तूतीकोरिन पाइपलाइन खंड की 101 (चेंगलपेट) से आईपी 105 (सयालकुडी) तक 488 किलोमीटर लंबी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की 697 किलोमीटर लंबी विजयवाड़ा-धर्मपुरी मल्टीप्रोडक्ट (पीओएल) पेट्रोलियम पाइपलाइन (वीडीपीएल) है।

इसके अतिरिक्त जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई उनमें भारतीय गैस प्राधिकरण लिमिटेड (गेल) द्वारा कोच्चि-कोट्टानाड-बैंगलोर-मंगलौर गैस पाइपलाइन II (केकेबीएमपीएल II) के कृष्णागिरी से कोयम्बटूर खंड तक 323 किमी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का विकास और वल्लूर, चेन्नई में प्रस्तावित ग्रास रूट टर्मिनल के लिए कॉमन कॉरिडोर में पीओएल पाइपलाइन बिछाना शामिल है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र की यह परियोजनाएं क्षेत्र में ऊर्जा की औद्योगिक, घरेलू और वाणिज्यिक आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में कदम होंगी। इनसे क्षेत्र में रोजगार सृजन भी होगा और रोजगार सृजन में योगदान मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने कलपक्कम स्थित इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (आईजीसीएआर) में डिमोस्ट्रेशन फास्ट रिएक्टर फ्यूल रिप्रोसेशिंग प्लांट (डीएफआरपी) भी राष्ट्र को समर्पित किया। 400 करोड़ रुपये की लागत से विकसित डीएफआरपी अद्वितीय डिजाइन से लैस है, जो विश्व में अपनी तरह का अकेला है और फास्ट रिएक्टरों से छोड़े गए कार्बाइड और ऑक्साइड ईंधन दोनों को फिर से संसाधित करने में सक्षम है। यह पूरी तरह से भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा डिजाइन किया गया है तथा बड़े वाणिज्यिक पैमाने पर फास्ट रिएक्टर ईंधन रिप्रोसेशिंग संयंत्रों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने अन्य परियोजनाओं में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) तिरुचिरापल्ली के 500 बिस्तर वाले लड़कों के छात्रावास 'एमेथिस्ट' का उद्घाटन किया।

Among other projects, the Prime Minister inaugurated the 500 bedded Boys’ Hostel ‘AMETHYST’ of National Institute of Technology (NIT) – Tiruchirappalli.

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अजमेर से शुरू किया गया HPV वैक्सीनेशन अभियान, देश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम: राजस्थान में पीएम मोदी
February 28, 2026
Our government is committed to all-round development: PM
आज मुझे अजमेर से राष्ट्रव्यापी HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू करने, कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करने और युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ: प्रधानमंत्री
The HPV vaccination campaign has commenced from Ajmer, this campaign is a significant step towards empowering the Nari Shakti of the country: PM
The double-engine government is moving forward by taking both Rajasthan’s heritage and development together: PM
The campaign to link rivers started by our government will significantly benefit Rajasthan: PM
There is no shortage of sunlight in Rajasthan, this very sunshine is becoming a source of savings and income for the common man: PM
A very significant role is being played by the PM Surya Ghar Free Electricity Scheme, this scheme has the power to change Rajasthan's destiny: PM

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

तीर्थराज पुष्कर और माता सावित्री की इस पावन भूमि पर, आज मुझे आप सबके बीच आने का, आपके आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला है। इस मंच से मैं सुरसुरा के तेजाजी धाम को, पृथ्वीराज की भूमि अजमेर को प्रणाम करता हूं।

मेरे साथ बोलिए –

तीर्थराज पुष्कर की जय।

तीर्थराज पुष्कर की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

वरूण अवतार भगवान झूलेलाल जी की जय।

भगवान झूलेलाल जी की जय।

मंच पर विराजमान राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागडे जी, राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी, पूर्व मुख्यमंत्री बहन वसुंधरा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी भगीरथ चौधरी जी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद भैरवा जी, दिया कुमारी जी, संसद में मेरे साथी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर जी, उपस्थित अन्य मंत्रिगण, अन्य महानुभाव और राजस्थान के मेरे प्यारे भाई और बहनों। मैं पूज्य संतों का बहुत आभारी हूं, कि हमें आशीर्वाद देने के लिए इतनी बड़ी संख्या में पूज्य संतगण यहां मौजूद हैं।

साथियों,

अजमेर आस्था और शौर्य की धरती है। यहां तीर्थ भी है और क्रांतिवीरों के पदचिन्ह भी हैं। अभी कल ही मैं इजराइल की यात्रा को पूरा करके भारत लौटा हूं। राजस्थान के सपूत मेजर दलपत सिंह के शौर्य को इजराइल के लोग आज भी गौरव से याद करते हैं। मुझे भी इजराइल की संसद में, मेजर दलपत सिंह जी के शौर्य को नमन करने का सौभाग्य मिला। राजस्थान के वीर बाकुरों की, इजराइल के हाइफा शहर को आजाद कराने में जो भूमिका थी, मुझे उसका गौरवगान करने का अवसर मिला है।

साथियों,

कुछ समय पहले ही, राजस्थान में भाजपा की डबल इंजर सरकार को दो साल पूरे हुए हैं, मुझे संतोष है कि आज राजस्थान विकास के नए पथ पर अग्रसर है। विकास के जिन वायदों के साथ भाजपा सरकार आपकी सेवा में आई थी, उन्हें तेजी के साथ पूरा कर रही है। और आज का दिन, विकास के इसी अभियान को तेज करने का दिवस है। थोड़ी देर पहले यहां राजस्थान के विकास से जुड़ी करबी 17 हजार करोड़ रूपयों की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, हर क्षेत्र में नई शक्ति जुड़ रही है। ये सारे प्रोजेक्टस राजस्थान की जनता की सुविधा बढ़ाएंगे और राजस्थान के युवाओं के लिए, रोजगार के भी अवसर पैदा करेंगे।

साथियों,

भाजपा की डबल इंजर सरकार लगातार युवा शक्ति को सशक्त कर रही है। दो साल पहले तक राजस्थान से भर्तियों में भ्रष्टाचार और पेपर लीक की ही खबरें चमकती रहती थीं, आती रहती थीं। अब राजस्थान में पेपर लीक पर लगाम लगी है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। आज यहां इसी मंच से राजस्थान के 21 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए हैं। ये बहुत बड़ा बदलाव आया है। मैं इस बदलाव के लिए, नई नौकरियों के लिए, विकास के सभी कामों के लिए, राजस्थान के आप सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज वीरांगनाओं की इस धरती से, मुझे देशभर की बेटियों के लिए एक अहम अभियान शुरू करने का अवसर मिला है। यहां अजमेर से HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू हुआ है। ये अभियान, देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है।

साथियों,

हम सब जानते हैं कि परिवार में जब मां बीमार होती है, तो घर बिखर सा जाता है। अगर मां स्वस्थ है, तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। इसी भाव से, भाजपा सरकार ने महिलाओं को संबल देने वाली अनेक योजनाएं चलाई हैं।

साथियों,

हमने 2014 से पहले का वो दौर देखा है, जिसमें शौचालय के अभाव में बहनों-बेटियों को कितनी पीड़ा, कितना अपमान झेलना पड़ता था। बच्चियां स्कूल छोड़ देती थीं, क्योंकि वहां अलग टॉयलेट की सुविधा नहीं होती थी। गरीब बेटियां सेनिटरी पैड्स नहीं ले पाती थीं। पहले जो सत्ता में रहे, उनके लिए ये छोटी बातें थीं। इसलिए इन समस्याओं की चर्चा तक नहीं होती थी। लेकिन हमारे लिए ये बहनों-बेटियों को बीमार करने वाला, उनके अपमान से जुड़ा संवेदनशील मसला था। इसलिए, हमने इनका मिशन मोड पर समाधान किया।

साथियों,

गर्भावस्था के दौरान कुपोषण माताओं के जीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा होता था। हमने सुरक्षित मातृत्व के लिए योजना चलाई, मां को पोषक आहार मिले, इसके लिए पांच हज़ार रुपए बहनों के खाते में जमा करने की योजना शुरु की। मां धुएं में खांसती रहती थी, लेकिन उफ्फ तक नहीं करती थी। हमने कहा ये नहीं चलेगा। और इसलिए उज्जवला गैस योजना बनाई गई। ये सब इसलिए संभव हुआ, क्योंकि भाजपा सरकार, सत्ता भाव से नहीं, संवेदनशीलता के साथ काम करती है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। आज का समय राजस्थान के विकास के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है। भाजपा की डबल इंजन सरकार, राजस्थान की विरासत और विकास, दोनों को साथ लेकर चल रही है। हम सब जानते हैं, अच्छी सड़क, अच्छी रेल और हवाई सुविधा सिर्फ सफर आसान नहीं करती, वो पूरे इलाके की किस्मत बदल देती है। जब गांव-गांव तक अच्छी सड़क पहुँचती है, तो किसान अपनी फसल सही दाम पर बेच पाता है। व्यापारी आसानी से अपना सामान बाहर भेज पाते हैं। और हमारा अजमेर-पुष्कर तो, उसकी पर्यटन की ताकत कौन नहीं जानता। अच्छी कनेक्टिविटी का पर्यटन पर सबसे अच्छा असर पड़ता है। जब सफर आसान होता है, तो ज्यादा लोग घूमने आते हैं।

और साथियों,

जब पर्यटक आते हैं तो स्वाभाविक है होटल चलते हैं, ढाबे चलते हैं, कचौड़ी और दाल बाटी ज्यादा बिकती है, यहां राजस्थान के कारीगरों का बनाया सामान बिकता है, टैक्सी चलती है, गाइड को काम मिलता है। यानी एक पर्यटक कई परिवारों की रोज़ी-रोटी बन जाता है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार, राजस्थान में आधुनिक कनेक्टिविटी पर बहुत बल दे रही है।

साथियों,

जैसे-जैसे राजस्थान में कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे यहां निवेश के लिए भी अवसर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के इर्द-गिर्द उद्योगों के लिए एक बहुत ही शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है। यानी राजस्थान को अवसरों की भूमि बनाने के लिए, डबल इंजन सरकार हर संभव, अनेक विध काम कर रही है।

साथियों,

राजस्थान की माताएं अपने बच्चों को पालने में ही, राष्ट्र भक्ति का संस्कार देती हैं। राजस्थान की ये धरा जानती है कि देश का सम्मान क्या होता है, और इसीलिए आज राजस्थान की इस धरा पर, मैं आप लोगों से एक और बात कहने आया हूं।

साथियों,

हाल में ही, दिल्ली में, दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, Artificial Intelligence इसमें दुनिया के अनेक देशों के प्रधानमंत्री, अनेक देशों के राष्ट्रपति, अनेक देशों के मंत्रि, उस कार्यक्रम में आए थे। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां, उन कंपनियों के कर्ता-धर्ता वो भी एक छत के नीचे इकट्ठे हुए थे। सबने भारत की खुले मन से प्रशंसा की। मैं जरा राजस्थान के मेरे भाई-बहनों से पूछना चाहता हूं। जब दुनिया के इतने सारे लोग, भारत की प्रशंसा करते हैं, ये सुनकर के आपको गर्व होता है की नहीं होता है? आपको गर्व होता है कि नहीं होता है? आपको अभिमान होता है कि नहीं होता है? आपका माथा ऊंचा हुआ या नहीं हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ कि नहीं हुआ?

साथियों,

आपको गर्व हुआ, लेकिन हताशा निराशा में डूबी, लगातार पराजय के कारण थक चुकी कांग्रेस ने क्या किया, ये आपने देखा है। दुनियाभर के मेहमानों के सामने, कांग्रेस ने देश को बदनाम करने की कोशिश की। इन्होंने विदेशी मेहमानों के सामने देश को बेइज्जत करने के लिए पूरा ड्रामा किया।

साथियों,

कांग्रेस, पूरे देश में ल्रगातार हार रही है, और गुस्से में वो इसका बदला, वो भारत को बदनाम करके ले रही है। कभी कांग्रेस, INC यानी इंडियन नेशनल कांग्रेस थी, लेकिन अब INC नहीं बची है, इंडियन नेशनल कांग्रेस नहीं बची है, आज वो INC के बजाय MMC, MMC बन गई है। MMC यानी मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस हो चुकी है।

राजस्थान के मेरे वीरों,

इतिहास गवाह है, मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी, और इसलिए मुस्लिम लीग ने देश बांट दिया। आज कांग्रेस भी वही कर रही है। माओवादी भी, भारत की समृद्धि, हमारे संविधान और हमारे सफल लोकतंत्र से नफरत करते हैं, ये घात लगाकर हमला करते हैं, कांग्रेस भी घात लगाकर, देश को बदनाम करने के लिए कहीं भी घुस जाती है। कांग्रेस के ऐसे कुकर्मों को देश कभी माफ नहीं करेगा।

साथियों,

देश को बदनाम करना, देश की सेनाओं को कमजोर करना, ये कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। आप याद कीजिए, यही कांग्रेस है, जिसने हमारी सेना के जवानों को हथियारों और वर्दी तक के लिए तरसा कर रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसने सालों तक हमारे सैनिक परिवारों को वन रैंक वन पेंशन से वंचित रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसके जमाने में विदेशों से होने वाले रक्षा सौदों में बड़े-बड़े घोटाले होते थे।

साथियों,

बीते 11 वर्षों में भारत की सेना ने हर मोर्चे पर आतंकियों पर, देश के दुश्मनों पर करारा प्रहार किया। हमारी सेना, हर मिशन, हर मोर्चे में विजयी रही। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक, वीरता का लोहा मनवाया, लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने इसमें भी दुश्मनों के झूठ को ही आगे बढ़ाया। देश के लिए जो भी शुभ है, जो भी अच्छा है, जो भी देशवासियों का भला करने वाला है, कांग्रेस उस सबका विरोध करती है। इसलिए, देश आज कांग्रेस को सबक सिखा रहा है।

साथियों,

राजस्थान में तो आपने कांग्रेस के कुशासन को करीब से अनुभव किया है। यहां जितने दिन कांग्रेस की सरकार रही, वो भ्रष्टाचार करने और आपसी लड़ाई-झगड़े में ही उलझी रही। कांग्रेस ने हमारे किसानों को भी हमेशा धोखा दिया है। आप याद कीजिए, कांग्रेस ने दशकों तक सिंचाई की परियोजनाओं को कैसे लटकाए रखा। इसका राजस्थान के किसानों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है। ERCP परियोजना को कांग्रेस की सरकारों ने केवल फाइलों और घोषणाओं में उलझाकर रखा। हमारी सरकार ने आते ही इस स्कीम को फाइलों से निकालकर धरातल पर उतारने का प्रयास किया है।

साथियों,

हमारी सरकार ने नदियों को जोड़ने का जो अभियान शुरु किया है, उसका बहुत अधिक फायदा राजस्थान को मिलना तय है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना हो, यमुना-राजस्थान लिंक प्रोजेक्ट हो, डबल इंजन सरकार ऐसी अनेक सिंचाई परियोजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज भी झालावाड़, बारां, कोटा और बूंदी जिले के लिए पानी की अनेक परियोजनाओं पर काम शुरु हुआ है। हमारा प्रयास है, कि राजस्थान में भूजल का स्तर भी ऊपर उठे।

साथियों,

भाजपा सरकार, राजस्थान के सामर्थ्य को समझते हुए, योजनाएं बना रही है, उन्हें लागू कर रही है। मुझे खुशी है कि राजस्थान अब, सूरज की ताकत से समृद्धि कमाने वाली धरती बन गया है। हम सब जानते हैं, हमारे राजस्थान में धूप की कोई कमी नहीं। अब यही धूप, सामान्य मानवी के घर की बचत और कमाई का साधन बन रही है। और इसमें बहुत बड़ी भूमिका है, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की। इस योजना में राजस्थान का भाग्य बदलने की ताकत है। इस योजना में भाजपा सरकार लोगों को अपनी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए की सहायता देती है। सरकार सीधे आपके बैंक खाते में पैसे भेजती है। आजादी के बाज सब बजट, सब योजनाएं देख लीजिए, जिसमें मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा लाभ होने वाला है, ऐेसी योजना कभी नजर नहीं आएगी, आज इन परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए सीधा सरकार देती है। सबसे अधिक लाभ मध्यम वर्ग के लोग ले रहे हैं। और जिससे घर पर एक छोटा सा बिजली घर तैयार हो जाता है। दिन में सूरज की रोशनी से बिजली बनती है, घर में वही बिजली काम आती है और जो ज्यादा बिजली बनती है, वो बिजली ग्रिड में जाती है। और जिस घर में बिजली बनी होती है, उसे भी इसका लाभ मिलता है।

साथियों,

आज राजस्थान में सवा लाख से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। और इस योजना की वजह से, कई घरों का बिजली बिल लगभग जीरो आ रहा है। यानी खर्च कम हुआ है, बचत ज़्यादा हुई है।

साथियों,

विकसित राजस्थान से विकसित भारत के मंत्र पर हम लगातार काम कर रहे हैं। आज जिन योजनाओं पर काम शुरू हुआ है, वो विकसित राजस्थान की नींव को और अधिक मजबूत करेंगे। जब राजस्थान विकसित होगा, तो यहां के हर परिवार का जीवन समृद्ध होगा। आप सभी को एक बार फिर, विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम के 150 साल देश मना रहा है। मेरे साथ बोलिये-

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद।