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महामारी के खिलाफ लड़ाई में प्रयासों के लिए काशी और उत्तर प्रदेश की सराहना की
काशी पूर्वांचल का बड़ा मेडिकल हब बनता जा रहा है: प्रधानमंत्री
स्वच्छता और मां गंगा तथा काशी की सुंदरता एक आकांक्षा और प्राथमिकता है: प्रधानमंत्री
क्षेत्र में 8000 करोड़ की योजनाओं के लिए काम चल रहा है: प्रधानमंत्री
उत्तर प्रदेश तेजी से देश के अग्रणी निवेश स्थान के रूप में उभर रहा है: प्रधानमंत्री
कानून का शासन और विकास पर ध्यान केंद्रित करने से उत्तर प्रदेश के लोगों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो रहा हैः प्रधानमंत्री
उत्तर प्रदेश की जनता को वायरस के खिलाफ सतर्क रहने की याद दिलाई

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय(बीएचयू) में 100 बेड की एमसीएच विंग, गोदौलिया में मल्टीलेवल पार्किंग, गंगा नदी में पर्यटन विकास के लिए रो-रो जहाज और वाराणसी गाजीपुर राजमार्ग पर थ्री लेन फ्लाईओवर ब्रिज सहित विभिन्न सार्वजनिक परियोजनाओं और कार्यों का उद्घाटन किया। करीब 744 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का।

उन्होंने लगभग839 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं और लोक निर्माणों का शिलान्यास भी किया। इनमें सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपेट) के सेंटर फॉर स्किल एंड टेक्निकल सपोर्ट, जल जीवन मिशन के तहत 143 ग्रामीण परियोजनाएं और करखियांव में आम और सब्जी इंटीग्रेटेड पैक हाउस शामिल हैं।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ महीनों में उन कठिन दिनों को याद किया जब म्यूटेटेड कोरोनावायरस ने पूरी ताकत से हमला किया।प्रधानमंत्री ने इस चुनौती से निपटने में उत्तर प्रदेश और काशी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने महामारी से निपटने में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की।उन्होंने काशी की अपनी टीम, प्रशासन तथा कोरोना योद्धाओं की टीम की प्रशंसा की जिन्होंने प्रबंधन करने में दिन-रात एक कर दिए। उन्होंने कहा “ कठिन दिनों में भी काशी ने यह दिखाया है कि वह कभी ठहरती नहीं , कभी थकती नहीं।“ उन्होंने दूसरी लहर से अभूतपूर्व तरीके से निपटने की तुलना पहले के उदाहरणों से की जब जापानी इंसेफेलाइटिस तरह की बीमारियां कहर बरपा करती थीं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं और राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में छोटी चुनौतियां भी बड़ा स्वरूप ले लेती थीं।उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक संख्या में जांच और टीकाकरण हुआ है।

श्री मोदी ने उत्तर प्रदेश में चिकित्सा बुनियादी ढांचे में तेजी से हो रहे सुधारों को गिनाया। पिछले चार साल में मेडिकल कॉलेजों की संख्या चार गुना बढ़ी है। कई मेडिकल कॉलेज पूरा होने के विभिन्न चरणों में हैं। श्री मोदी ने राज्य में स्थापित किए जा रहे लगभग 550 ऑक्सीजन संयंत्रों की चर्चा की जिनमें से 14 का उद्घाटन आज किया गया। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा बाल चिकित्सा आइसीयू और ऑक्सीजन सुविधाओं में सुधार के प्रयासों की भी प्रशंसा की।उन्होंने कहा कि हाल ही में घोषित 23000 करोड़ रुपये के पैकेज से उत्तर प्रदेश को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि काशी नगरी पूर्वांचल का बड़ा मेडिकल हब बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ बीमारियों का इलाज, जिसके लिए किसी को दिल्ली और मुंबई जाना पड़ता था , अब काशी में उपलब्ध है । उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया उनसे शहर के चिकित्सा बुनियादी ढांचे में और मजबूती आएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कई परियोजनाएं प्राचीन शहर काशी के मूल तत्व को सुरक्षित रखते हुए विकास के पथ पर अग्रसर हो रही हैं । उन्होंने कहा कि राजमार्ग, फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज, भूमिगत वायरिंग, सीवर और पेयजल की समस्याओं का समाधान, पर्यटन को बढ़ावा देने जैसी परियोजनाओं को सरकार की ओर से अभूतपूर्व तरीके से आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया “ वर्तमान में भी 8000 करोड़ की योजनाओं पर काम चल रहा है।”

उन्होंने कहा कि स्वच्छता और गंगा तथा काशी की सुंदरता ही आकांक्षा और प्राथमिकता है। इसके लिए हर मोर्चे पर सड़क, सीवेज ट्रीटमेंट, पार्कों और घाटों के सौंदर्यीकरण जैसे काम किए जा रहे हैं। पंचकोसी मार्ग को चौड़ा किए जाने , वाराणसी गाजीपुर पर पुल बनने से कई गांवों और आसपास के शहरों को मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरे शहर में बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं और घाटों पर नवीनतम प्रौद्योगिकी सूचना बोर्ड काशी आने वाले आगंतुकों के लिए काफी सहायक साबित होंगे। उन्होंने कहा कि ये एलईडी स्क्रीन और सूचना बोर्ड काशी के इतिहास, वास्तुकला, शिल्प, कला, ऐसी हर जानकारी को आकर्षक तरीके से पेश करेंगे और श्रद्धालुओं के लिए काफी काम आएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि मां गंगा के घाट और काशी विश्वनाथ मंदिर में आरती का प्रसारण बड़े पर्दे के माध्यम से पूरे शहर में संभव होगा। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि आज उद्घाटन किए गए रो-रो सेवा और क्रूज सेवा से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि रुद्राक्ष केंद्र,जिसका आज उद्घाटन किया जा रहा है, शहर के कलाकारों को एक विश्व स्तरीय मंच प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री ने आधुनिक समय में काशी के विकास को शिक्षा के केंद्र के रूप में भी करने की बात कही। आज काशी को मॉडल स्कूल, आईटीआई और ऐसे कई संस्थान भी मिले। सीआईपेट का सेंटर फॉर स्किलिंग एंड टेक्निकल सपोर्ट क्षेत्र के औद्योगिक विकास में मदद करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से देश के अग्रणी निवेश स्थान के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक जिस उत्तर प्रदेश में कारोबार करना मुश्किल माना जाता था, वह आज मेक इन इंडिया के लिए पसंदीदा जगह बनता जा रहा है । प्रधानमंत्री ने इसके लिए योगी सरकार को श्रेय दिया क्योंकि हाल के दिनों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अथक रूप से ध्यान केंद्रित किया गया है। श्री मोदी ने डिफेंस कॉरिडोर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे का हवाला देते हुए कहा कि हाल में इन्हें आगे बढ़ाया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में कृषि बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का विशेष कोष बनाया गया है जिससे अब हमारी कृषि मंडियों को भी फायदा होगा। यह देश के कृषि बाजारों की व्यवस्था को आधुनिक और सुविधा संपन्न बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

उत्तर प्रदेश में नई विकास परियोजनाओं की लंबी सूची का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले भी राज्य के लिए योजनाएं और वित्त के लिए नियोजन किया जाता था लेकिन फिर लखनऊ में वे अवरुद्ध हो जाते थे। प्रधानमंत्री ने विकास का परिणाम सभी तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की ऊर्जा और प्रयासों की प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का शासन है। माफिया राज और आतंकवाद ,जो कभी नियंत्रण से बाहर हो रहे थे, अब कानून की गिरफ्त में हैं। जिस तरह से माता-पिता, बहनों और बेटियों की सुरक्षा को लेकर हमेशा डर और आशंका बनी रहती थी उस स्थिति में भी बदलाव आई है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सरकार भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से नहीं बल्कि विकास से चल रही है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश में लोगों को सीधे योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इसी कारण से नए उद्योग उत्तर प्रदेश में निवेश कर रहे हैं और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता की यह जिम्मेदारी है कि वह कोरोना को फिर ताकतवर न होने दे। उन्होंने आगाह किया कि महामारी की गति धीमी होने के बावजूद कोई भी लापरवाही बड़ी लहर को आमंत्रित कर सकती है। उन्होंने सभी से प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने और "सभी के लिए टीका-सभी के लिए मुफ्त" अभियान के तहत टीका लगवाने का आह्वान किया।

 

 

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PM to launch Pradhan Mantri Digital Health Mission on 27th September
September 26, 2021
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PM-DHM will create a seamless online platform that will enable interoperability within the digital health ecosystem

In a historic initiative, Prime Minister Shri Narendra Modi will launch the Pradhan Mantri Digital Health Mission (PM-DHM) on 27th September 2021 at 11 AM via video conferencing, which will be followed by his address on the occasion.

The pilot project of National Digital Health Mission had been announced by the Prime Minister from the ramparts of Red Fort on 15th August, 2020. Currently, PM-DHM is being implemented in pilot phase in six Union Territories.

The nation-wide rollout of PM-DHM coincides with NHA celebrating the third anniversary of Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (AB PM-JAY). Union Health Minister will be present on the occasion.

About Pradhan Mantri Digital Health Mission (PM-DHM)

Based on the foundations laid down in the form of Jan Dhan, Aadhaar and Mobile (JAM) trinity and other digital initiatives of the government, PM-DHM will create a seamless online platform through the provision of a wide-range of data, information and infrastructure services, duly leveraging open, interoperable, standards-based digital systems while ensuring the security, confidentiality and privacy of health-related personal information. The Mission will enable access and exchange of longitudinal health records of citizens with their consent.

The key components of PM-DHM include a health ID for every citizen that will also work as their health account, to which personal health records can be linked and viewed with the help of a mobile application; a Healthcare Professionals Registry (HPR) and Healthcare Facilities Registries (HFR) that will act as a repository of all healthcare providers across both modern and traditional systems of medicine. This will ensure ease of doing business for doctors/hospitals and healthcare service providers.

PM-DHM Sandbox, created as a part of the Mission, will act as a framework for technology and product testing that will help organizations, including private players, intending to be a part of National Digital Health Ecosystem become a Health Information Provider or Health Information User or efficiently link with building blocks of PM-DHM.

This Mission will create interoperability within the digital health ecosystem, similar to the role played by the Unified Payments Interface in revolutionizing payments. Citizens will only be a click-away from accessing healthcare facilities.