साझा करें
 
Comments
4.09 लाख संपत्ति मालिकों को उनके ई-संपत्ति कार्ड दिये गये
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2021 भी प्रदान किया
उन्होंने कोरोना के प्रबंधन में पंचायतों की भूमिका की सराहना की
यह हमारी जिम्मेदारी है कि इस कठिन समय में, कोई भी परिवार भूखा न रहे: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना 80 करोड़ लाभार्थियों को 2 महीने का मुफ्त राशन देगी, केन्द्र सरकार इस योजना पर 26,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है: प्रधानमंत्री
केन्द्र सरकार अपनी सभी नीतियों और पहलों के केन्द्र में गांवों को रख रही है: प्रधानमंत्री
भारत सरकार ने पंचायतों को अभूतपूर्व 2.25 लाख करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। इससे पारदर्शिता की उच्च अपेक्षा सुनिश्चित होगी: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नेआज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से स्वामित्व योजना के तहत ई-संपत्ति कार्ड के वितरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 4.09 लाख संपत्ति मालिकों को उनके ई-संपत्ति कार्ड दियेजाने के साथ हीदेशभर में स्वामित्व योजना के कार्यान्वयन की भी शुरूआत हो गई। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर उपस्थित थे। संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और पंचायती राज मंत्रियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पंचायती राज दिवस ग्रामीण भारत के पुनर्विकास की प्रतिज्ञा के प्रति खुद को फिर से समर्पित करने का एक अवसर है। उन्होंने कहा कि यह हमारे ग्राम पंचायतों के असाधारण कार्यों को मान्यता देने और उनकी सराहना करने का दिन है।

 

प्रधानमंत्री ने कोरोना के प्रबंधन और इस महामारी को गांवों में प्रवेश करने से रोकने और इसके बारे में जागरूकता फैलाने के काम में स्थानीय स्तर पर नेतृत्व प्रदान करने में पंचायतों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण भारत को इस महामारी से दूर रखने की जरूरत को दोहराया। श्री मोदी ने पंचायतों से समय-समय पर जारी किये जाने वाले दिशानिर्देशों का पूर्ण कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने याद दिलाया कि इस बार हमारे पास टीके का कवच है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि गांव के प्रत्येक व्यक्ति को टीका लगाया जाए और हर सावधानी बरती जाये।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि इस कठिन समय मे कोई भी परिवार भूखा न रहे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत प्रत्येक गरीब व्यक्ति को मई और जून के महीनों में मुफ्त राशन मिलेगा। इस योजना से 80 करोड़ लाभार्थी लाभान्वित होंगे और केन्द्र सरकार इस योजना पर 26,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है।

 

प्रधानमंत्री ने उन 6 राज्यों में स्वामित्व योजना के प्रभाव को रेखांकित किया, जहां इसे केवल एक वर्ष के भीतर शुरू किया गया। इस योजना के तहत, पूरे गांव की संपत्तियों का ड्रोन द्वारा सर्वेक्षण किया जाता है और संपत्ति मालिकों को संपत्ति कार्ड वितरित किए जाते हैं। आज 5 हजार से अधिक गांवों में 4.09 लाख लोगों को ऐसे ई-संपत्ति कार्ड दिये गये। इस योजना ने गांवों में एक नए आत्मविश्वास का संचार किया है क्योंकि संपत्ति के दस्तावेज अनिश्चितता को दूर करते हैं और गरीबों को शोषण और भ्रष्टाचार से बचाते हुए संपत्ति विवाद की संभावना को कम करते हैं। इससे ऋण लेने की संभावनाएं भी आसान हो जाती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि“यह योजना एक तरह से गरीब तबके की सुरक्षा और गांवों एवं उनकी अर्थव्यवस्था के नियोजित विकास को सुनिश्चित करेगी।” उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया कि वे सर्वे ऑफ़ इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करें और जहां भी जरूरी हो राज्य के कानूनों में बदलाव करें। उन्होंने बैंकों से कहा कि वे संपत्ति कार्ड का एक प्रारूप, जोकि ऋण संबंधी औपचारिकताओं के लिए आसानी से स्वीकार्य हो, तैयार करके आसान ऋण सुनिश्चित करें।

 

प्रधानमंत्री ने इस बात को दोहराया कि प्रगति और सांस्कृतिक नेतृत्व हमेशा हमारे गांवों के हाथों में रहा है। इसी वजह से, केन्द्र सरकार अपनी सभी नीतियों और पहलों के केन्द्र में गांवों को रख रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि“हमारा प्रयास है कि आधुनिक भारत के गांव समर्थ और आत्मनिर्भर हों।”

 

प्रधानमंत्री ने पंचायतों की भूमिका बढ़ाने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र किया। पंचायतों को नए अधिकार मिल रहे हैं, उन्हें फाइब-नेट से जोड़ा जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल के जरिए पेयजल पहुंचाने में उनकी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी तरह, हर गरीब व्यक्ति को पक्का गांव या ग्रामीण रोजगार योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का अभियान पंचायतों के माध्यम से चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने पंचायतों की बढ़ती वित्तीय स्वायत्तता के बारे में भी बात की। श्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने पंचायतों को अभूतपूर्व 2.25 लाख करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। इससे खातों में पारदर्शिता की उच्च अपेक्षा भी सुनिश्चित होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि पंचायती राज मंत्रालय ने ‘ई-ग्राम स्वराज’ के जरिए ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की है। अब सभी भुगतान सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के जरिए होंगे। इसी तरह, ऑनलाइन ऑडिट से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि कई पंचायतों ने खुद को पीएफएमएस से जोड़ा है और उन्होंने अन्य पंचायतों से भी शीघ्र ऐसा करने को कहा।

आने वाले दिनों में स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में प्रवेश करने का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने पंचायतों को विभिन्न चुनौतियों के बावजूद विकास के पहिए को आगे बढ़ाते रहने के लिए कहा। उन्होंने पंचायतों से अपने गांव के विकास के लिए लक्ष्य तय करने और उन लक्ष्यों को दिए गए समय - सीमा के भीतर पूरा करने के लिए कहा।

स्वामित्व योजना के बारे में

सामाजिक-आर्थिक रूप से एक सशक्त और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केन्द्रीय क्षेत्र की एक योजना के रूप में स्वामित्व (सर्वे ऑफ़ विलेजेज एंड मैपिंग विथ इम्प्रोवाइज्ड टेक्नोलॉजी इन विलेज एरियाज) का शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा 24 अप्रैल, 2020 को किया गया था। इस योजना में मैपिंग और सर्वेक्षण के आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग करके ग्रामीण भारत को बदलने की क्षमता है। यह ग्रामीणों द्वारा ऋण और अन्य वित्तीय लाभों का फायदा उठाने के लिए संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में उपयोग करने का मार्ग प्रशस्त करता है। यह योजना 2021-2025 के दौरान देशभर के लगभग 6.62 लाख गांवों को कवर करेगी।

इस योजना के पायलट चरण को 2020-2021 के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश और पंजाब एवं राजस्थान के चुनिंदा गांवों में लागू किया गया था।

Click here to read full text speech

Explore More
आज का भारत एक आकांक्षी समाज है: स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज का भारत एक आकांक्षी समाज है: स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी
ASI sites lit up as India assumes G20 presidency

Media Coverage

ASI sites lit up as India assumes G20 presidency
...

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
सोशल मीडिया कॉर्नर 2 दिसंबर 2022
December 02, 2022
साझा करें
 
Comments

Citizens Show Gratitude For PM Modi’s Policies That Have Led to Exponential Growth Across Diverse Sectors