आज मुझे पीएम-किसान की 19वीं किस्त जारी करने का सौभाग्य मिला, मुझे बेहद संतोष है कि ये योजना देशभर के हमारे छोटे किसानों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हो रही है: प्रधानमंत्री
मखाना विकास बोर्ड बनाने का हमारा कदम इसकी खेती करने वाले बिहार के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी होने वाला है, इससे मखाना के उत्पादन, प्रोसेसिंग, मूल्य संवर्धन और मार्केटिंग में बहुत मदद मिलने वाली है: प्रधानमंत्री
एनडीए सरकार ना होती, तो बिहार सहित देशभर के मेरे किसान भाई-बहनों को पीएम किसान सम्मान निधि ना मिलती, बीते 6 साल में इसका एक-एक पैसा सीधे हमारे अन्नदाताओं के खाते में पहुंचा है: प्रधानमंत्री
सुपरफूड मखाना हो या फिर भागलपुर का सिल्क, हमारा फोकस बिहार के ऐसे विशेष उत्पादों को दुनिया भर के बाजारों तक पहुंचाने पर है: प्रधानमंत्री
पीएम धन-धान्य योजना से न केवल कृषि में पिछड़े क्षेत्रों में फसलों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि हमारे अन्नदाता भी और सशक्त होंगे: प्रधानमंत्री
आज बिहार की भूमि आज 10 हजारवें एफपीओ के निर्माण की साक्षी बनी है, इस अवसर पर देशभर के सभी किसान उत्पादक संघ के सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई!: प्रधानमंत्री

किसानों के कल्याण को सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बिहार के भागलपुर से पीएम किसान की 19वीं किस्त जारी की। उन्होंने इस अवसर पर कई विकास परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया। श्री मोदी ने सभी गणमान्य व्यक्तियों और कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए लोगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के पवित्र काल में मंदराचल की धरती पर कदम रखना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि इस स्थान में आध्यात्मिकता, विरासत के साथ-साथ विकसित भारत की क्षमता भी है। श्री मोदी ने कहा कि यह शहीद तिलका मांझी की भूमि होने के साथ-साथ सिल्क सिटी के रूप में भी प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबा अजगैबीनाथ की पावन धरती पर आगामी महाशिवरात्रि की भी तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र अवसर पर पीएम किसान की 19वीं किस्त जारी करना उनके लिए सौभाग्य की बात है और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से लगभग 22,000 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा किए गए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के लगभग 75 लाख किसान परिवार पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं, जिनकी 19वीं किस्त आज जारी की गई। उन्होंने कहा कि आज बिहार के किसानों के बैंक खातों में लगभग 1,600 करोड़ रुपये सीधे जमा किए गए। उन्होंने बिहार और देश के अन्य हिस्सों के सभी किसान परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

लाल किले से अपने भाषण के शब्दों को दोहराते हुए, श्री मोदी ने कहा, “विकसित भारत के चार मुख्य स्तंभ हैं: गरीब, किसान, युवा और महिलाएं”। उन्होंने कहा कि चाहे केंद्र हो या राज्य सरकार, किसानों का कल्याण प्राथमिकता बनी हुई है। श्री मोदी ने कहा, “हमने पिछले एक दशक में किसानों की हर समस्या को हल करने के लिए पूरी ताकत से काम किया”। उन्होंने कहा कि किसानों को अच्छे बीज, पर्याप्त और सस्ती खाद, सिंचाई की सुविधा, अपने पशुओं को बीमारियों से बचाने और आपदाओं के दौरान नुकसान से बचाने की जरूरत है। पहले, किसान इन मुद्दों से त्रस्त थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस स्थिति को बदल दिया है, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हाल के वर्षों में किसानों को सैकड़ों आधुनिक बीज किस्में उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को यूरिया के लिए संघर्ष करना पड़ता था और कालाबाजारी का सामना करना पड़ता था, जबकि आज किसानों को पर्याप्त खाद मिल रही है। श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि महामारी के बड़े संकट के दौरान भी, सरकार ने सुनिश्चित किया कि किसानों के लिए खाद की कोई कमी न हो। उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार नहीं चुनी गई होती, तो किसान अभी भी खाद के लिए संघर्ष कर रहे होते। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बरौनी उर्वरक संयंत्र अभी भी बंद होता और भारतीय किसानों को 300 रुपये प्रति बैग से कम कीमत पर मिलने वाले उर्वरक कई देशों में 3,000 रुपये प्रति बैग में बेचे जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि उनकी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि यूरिया बैग, जिसकी कीमत 3,000 रुपये होती, आज सस्ती कीमत पर उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनके लाभ के लिए काम करती है। उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी की लागत, जो किसानों को वहन करनी पड़ती, केंद्र सरकार द्वारा वहन की जा रही है। श्री मोदी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने लगभग 12 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए हैं, जो किसानों की जेब से खर्च करने होते। उन्होंने कहा कि इससे देश भर के करोड़ों किसानों के लिए महत्वपूर्ण धनराशि बच गई है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि अगर उनकी सरकार नहीं चुनी जाती तो किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिलता। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि योजना की शुरुआत के बाद से छह वर्षों में लगभग 3.7 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में जमा किए गए हैं। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि छोटे किसान, जिन्हें पहले सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिलता था, अब वे अपना हक पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिचौलिए छोटे किसानों के अधिकारों का शोषण करते थे, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके और श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने इसकी तुलना पिछली सरकारों से की और इस बात पर प्रकाश डाला कि उनकी सरकार ने किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित की गई राशि पिछली सरकारों द्वारा आवंटित कृषि बजट से कहीं अधिक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के प्रयास केवल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित सरकार द्वारा ही किए जा सकते हैं, न कि भ्रष्ट व्यवस्थाओं द्वारा।

श्री मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों की कठिनाइयों की परवाह नहीं की। उन्होंने कहा कि अतीत में जब बाढ़, सूखा या ओलावृष्टि होती थी, तो किसानों को खुद के हाल पर छोड़ दिया जाता था। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि 2014 में उनकी सरकार को लोगों का आशीर्वाद मिलने के बाद उन्होंने घोषणा की कि यह रवैया जारी नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की, जिसके तहत किसानों को आपदाओं के दौरान 1.75 लाख करोड़ रुपये के दावे का भुगतान किया गया हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भूमिहीन और छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पशुपालन गांवों में "लखपति दीदी" बनाने में मदद कर रहा है और अब तक देश भर में लगभग 1.25 करोड़ लखपति दीदी बनाई गई हैं, जिनमें बिहार की हजारों जीविका दीदी भी शामिल हैं। श्री मोदी ने इस उपलब्धि में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए कहा, "पिछले एक दशक में भारत का दूध उत्पादन 14 करोड़ टन से बढ़कर 24 करोड़ टन हो गया है, जिससे दुनिया के नंबर एक दूध उत्पादक के रूप में भारत की स्थिति मजबूत हुई है।" उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि बिहार में सहकारी दुग्ध संघ प्रतिदिन 30 लाख लीटर दूध खरीदते हैं, जिसके परिणामस्वरूप बिहार के पशुपालकों, माताओं और बहनों के खातों में सालाना 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जाती है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि श्री राजीव रंजन द्वारा डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयासों को कुशलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उनके प्रयासों के कारण बिहार में दो परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि मोतिहारी में उत्कृष्टता केंद्र देशी मवेशियों की बेहतर नस्लों के विकास में सहायता करेगा। इसके अतिरिक्त, बरौनी में दूध संयंत्र से क्षेत्र के तीन लाख किसानों को लाभ होगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

मछुआरों और नाविकों की मदद न करने के लिए पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए, श्री मोदी ने यह बताया कि पहली बार उनकी सरकार ने मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे प्रयासों के कारण, बिहार ने मछली उत्पादन में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने कहा कि दस साल पहले, बिहार देश के शीर्ष 10 मछली उत्पादक राज्यों में से एक था, लेकिन आज, बिहार भारत के शीर्ष पांच मछली उत्पादक राज्यों में से एक बन गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मत्स्य पालन क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने से छोटे किसानों और मछुआरों को काफी लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि भागलपुर गंगा डॉल्फिन के लिए भी जाना जाता है, जो नमामि गंगे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "हाल के वर्षों में हमारी सरकार के प्रयासों से भारत के कृषि निर्यात में अत्यधिक वृद्धि हुई है।" उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप किसानों को अब उनकी उपज के लिए बेहतर मूल्य मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई कृषि उत्पाद, जिनका पहले कभी निर्यात नहीं किया जाता था, अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच रहे हैं। श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अब बिहार के मखाना के लिए वैश्विक बाजार में प्रवेश करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि मखाना भारतीय शहरों में नाश्ते का एक लोकप्रिय हिस्सा बन गया है और इसे सुपरफूड माना जाता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में मखाना किसानों के लिए मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की गई है, जिससे किसानों को मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन सहित हर पहलू में मदद मिलेगी।

बजट में बिहार के किसानों और युवाओं के लिए एक और महत्वपूर्ण पहल का जिक्र करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि बिहार पूर्वी भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का एक प्रमुख केंद्र बनने के लिए तैयार है। उन्होंने बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी और उद्यमिता संस्थान की स्थापना की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, राज्य में कृषि में तीन नए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इनमें से एक केंद्र भागलपुर में स्थापित किया जाएगा, जो आम की जर्दालू किस्म पर केंद्रित होगा, अन्य दो केंद्र मुंगेर और बक्सर में स्थापित किए जाएंगे, जो टमाटर, प्याज और आलू की खेती करने वाले किसानों को सहायता प्रदान करेंगे। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार किसानों को लाभ पहुंचाने वाले निर्णय लेने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

श्री मोदी ने कहा, "भारत वस्त्रों का एक प्रमुख निर्यातक बन रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि देश में वस्त्र उद्योग को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भागलपुर में, अक्सर कहा जाता है कि पेड़ भी सोना उगलते हैं। उन्होंने कहा कि भागलपुरी रेशम और तसर रेशम पूरे भारत में प्रसिद्ध हैं, और तसर रेशम की मांग अन्य देशों में भी लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार रेशम उद्योग के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें कपड़ा और धागा रंगाई इकाइयां, कपड़ा छपाई इकाइयां और कपास प्रसंस्करण इकाइयां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये पहल भागलपुर के बुनकरों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेंगी, जिससे उनके उत्पाद दुनिया के हर कोने तक पहुंच सकेंगे।

श्री मोदी ने कहा कि सरकार परिवहन संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के लिए नदियों पर कई पुल बनाकर बिहार की एक बड़ी समस्या का समाधान कर रही है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि अपर्याप्त पुलों ने राज्य के लिए कई समस्याएं पैदा की हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गंगा नदी पर चार लेन का पुल बनाने में तेजी से प्रगति हो रही है, इस परियोजना पर 1,100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं।

बाढ़ के कारण बिहार में भारी नुकसान होने की बात कहते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में पश्चिमी कोसी नहर ईआरएम परियोजना के लिए समर्थन दिया गया है, जिससे मिथिलांचल क्षेत्र में 50,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के दायरे में लाया जाएगा और इससे लाखों किसान परिवारों को लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है।" उन्होंने उत्पादन बढ़ाने, दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भरता हासिल करने, अधिक खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने और यह सुनिश्चित करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला कि भारतीय किसानों के उत्पाद वैश्विक बाजारों तक पहुंचे। उन्होंने अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि दुनिया के हर रसोईघर में भारतीय किसानों द्वारा उगाया गया कम से कम एक उत्पाद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस साल का बजट पीएम धन-धान्य योजना की घोषणा के माध्यम से इस दृष्टिकोण का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सबसे कम फसल उत्पादन वाले 100 जिलों की पहचान की जाएगी और इन क्षेत्रों में कृषि को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दलहन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए मिशन-मोड पर काम किया जाएगा, जिसमें किसानों को अधिक दलहन उगाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा और एमएसपी खरीद बढ़ाई जाएगी।

प्रधानमंत्री ने आज के दिन को बहुत खास बताते हुए कहा कि सरकार ने देश में 10,000 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) स्थापित करने का लक्ष्य रखा था और अब यह लक्ष्य हासिल हो गया है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में 10 हजारवें एफपीओ का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि खगड़िया जिले में पंजीकृत यह एफपीओ मक्का, केला और धान पर केंद्रित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एफपीओ सिर्फ संगठन नहीं हैं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने की अभूतपूर्व ताकत हैं। श्री मोदी ने कहा कि एफपीओ छोटे किसानों को बाजार के महत्वपूर्ण लाभों तक सीधी पहुंच प्रदान करते हैं। जो अवसर पहले उपलब्ध नहीं थे, वे अब एफपीओ के माध्यम से हमारे किसान भाइयों और बहनों के लिए सुलभ हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में लगभग 30 लाख किसान एफपीओ से जुड़े हैं, जिनमें से लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि ये एफपीओ अब कृषि क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये का कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने 10,000 एफपीओ के सभी सदस्यों को बधाई दी।

श्री मोदी ने बिहार के औद्योगिक विकास पर सरकार के फोकस का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार सरकार भागलपुर में एक बड़ा बिजली संयंत्र स्थापित कर रही है, जिसे पर्याप्त मात्रा में कोयला मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार ने इस उद्देश्य के लिए कोयला लिंकेज को मंजूरी दे दी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां उत्पादित बिजली बिहार के विकास को नई ऊर्जा प्रदान करेगी और बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।

बिहार को पूर्वी भारत का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ और भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताते हुए, श्री मोदी ने कहा, "विकसित भारत का उदय पूर्वोदय से शुरू होगा।" उन्होंने पिछली सरकार के लंबे कुशासन की आलोचना करते हुए उन्होंने दावा किया कि इसने बिहार को बर्बाद और बदनाम कर दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत में बिहार प्राचीन समृद्ध पाटलिपुत्र जैसा अपना स्थान फिर से हासिल करेगा। प्रधानमंत्री ने इस लक्ष्य की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बिहार में आधुनिक कनेक्टिविटी, सड़क नेटवर्क और जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि मुंगेर से भागलपुर होते हुए मिर्जा चौकी तक लगभग 5,000 करोड़ रुपये की लागत से एक नया राजमार्ग बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, भागलपुर से हंसडीहा तक चार लेन की सड़क का चौड़ीकरण शुरू होने वाला है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार ने विक्रमशिला से कटरिया तक एक नई रेल लाइन और रेल पुल को भी मंजूरी दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भागलपुर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय के समय में यह ज्ञान का वैश्विक केंद्र था। उन्होंने कहा कि सरकार ने नालंदा विश्वविद्यालय के प्राचीन गौरव को आधुनिक भारत से जोड़ने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि नालंदा के बाद विक्रमशिला में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है और केंद्र सरकार जल्द ही इस परियोजना पर काम शुरू करेगी। उन्होंने इस परियोजना की जरूरतों को पूरा करने के लिए तेजी से प्रयास करने के लिए श्री नीतीश कुमार और बिहार सरकार की पूरी टीम को बधाई दी।

श्री मोदी ने कहा, “हमारी सरकार भारत की गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने और समृद्ध भविष्य के निर्माण के लिए मिलकर काम कर रही है।” उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रयागराज में वर्तमान में महाकुंभ चल रहा है, जो भारत की आस्था, एकता और सद्भाव का सबसे बड़ा पर्व है। उन्होंने कहा कि एकता के महाकुंभ में यूरोप की पूरी आबादी से भी अधिक लोगों ने स्नान किया है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि महाकुंभ में बिहार के गांवों से श्रद्धालु आ रहे हैं। उन्होंने उन दलों की आलोचना की जो महाकुंभ का अपमान कर रहे थे और उसके बारे में अपमानजनक टिप्पणी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का विरोध करने वाले वही लोग अब महाकुंभ की आलोचना कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार महाकुंभ का अपमान करने वालों को कभी माफ नहीं करेगा। अंत में, उन्होंने कहा कि सरकार बिहार को समृद्धि के नए मार्ग पर ले जाने के लिए अथक प्रयास करती रहेगी। उन्होंने देश के किसानों और बिहारवासियों को हार्दिक बधाई दी।

इस कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान, बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, श्री जीतन राम मांझी, श्री गिरिराज सिंह, श्री ललन सिंह, श्री चिराग पासवान, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री राम नाथ ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री किसान कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी के तहत भागलपुर में उनके द्वारा कई महत्वपूर्ण पहल की जाएंगी। देश भर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को 21,500 करोड़ रुपये से अधिक की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता मिलेगी।

प्रधानमंत्री का मुख्य ध्यान यह सुनिश्चित करने पर रहा है कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने 29 फरवरी, 2020 को 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन और संवर्धन के लिए केंद्रीय क्षेत्र की योजना शुरू की, जो किसानों को सामूहिक रूप से अपने कृषि उत्पादों का विपणन और उत्पादन करने में मदद करती है। पांच साल के भीतर ही किसानों के प्रति प्रधानमंत्री की यह प्रतिबद्धता पूरी हो गई है। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान देश में 10 हजारवें एफपीओ के निर्माण का मील का पत्थर स्थापित किया।

प्रधानमंत्री ने मोतिहारी में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत निर्मित स्वदेशी नस्लों के लिए उत्कृष्टता केंद्र का भी उद्घाटन किया। इसके प्रमुख उद्देश्यों में अत्याधुनिक आईवीएफ तकनीक की शुरूआत, आगे के प्रजनन के लिए स्वदेशी नस्लों के उत्कृष्ट पशुओं का उत्पादन और आधुनिक प्रजनन तकनीक में किसानों और पेशेवरों को प्रशिक्षण देना शामिल है। वह बरौनी में दुग्ध उत्पाद संयंत्र का भी उद्घाटन करेंगे, जिसका उद्देश्य 3 लाख दुग्ध उत्पादकों के लिए एक संगठित बाजार बनाना है।

कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने 526 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से वारिसलीगंज-नवादा-तिलैया रेल खंड के दोहरीकरण और इस्माइलपुर-रफीगंज रोड ओवर ब्रिज को भी राष्ट्र को समर्पित किया।

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अजमेर से शुरू किया गया HPV वैक्सीनेशन अभियान, देश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम: राजस्थान में पीएम मोदी
February 28, 2026
हमारी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है : प्रधानमंत्री
आज मुझे अजमेर से राष्ट्रव्यापी HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू करने, कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करने और युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ: प्रधानमंत्री
अजमेर से एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हुआ है, यह अभियान देश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है : प्रधानमंत्री
दो इंजन वाली सरकार राजस्थान की विरासत और विकास दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है : प्रधानमंत्री
हमारी सरकार का शुरू किया गया नदियों को जोड़ने का अभियान राजस्थान को काफी लाभ पहुंचाएगा : प्रधानमंत्री
राजस्थान में सूर्य की रोशनी की कोई कमी नहीं है, यही धूप आम आदमी के लिए बचत और आय का स्रोत बन रही है : प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अहम भूमिका निभा रही है, इस योजना में राजस्थान का भविष्य बदलने की क्षमता है : प्रधानमंत्री

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

तीर्थराज पुष्कर और माता सावित्री की इस पावन भूमि पर, आज मुझे आप सबके बीच आने का, आपके आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला है। इस मंच से मैं सुरसुरा के तेजाजी धाम को, पृथ्वीराज की भूमि अजमेर को प्रणाम करता हूं।

मेरे साथ बोलिए –

तीर्थराज पुष्कर की जय।

तीर्थराज पुष्कर की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

वरूण अवतार भगवान झूलेलाल जी की जय।

भगवान झूलेलाल जी की जय।

मंच पर विराजमान राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागडे जी, राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी, पूर्व मुख्यमंत्री बहन वसुंधरा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी भगीरथ चौधरी जी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद भैरवा जी, दिया कुमारी जी, संसद में मेरे साथी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर जी, उपस्थित अन्य मंत्रिगण, अन्य महानुभाव और राजस्थान के मेरे प्यारे भाई और बहनों। मैं पूज्य संतों का बहुत आभारी हूं, कि हमें आशीर्वाद देने के लिए इतनी बड़ी संख्या में पूज्य संतगण यहां मौजूद हैं।

साथियों,

अजमेर आस्था और शौर्य की धरती है। यहां तीर्थ भी है और क्रांतिवीरों के पदचिन्ह भी हैं। अभी कल ही मैं इजराइल की यात्रा को पूरा करके भारत लौटा हूं। राजस्थान के सपूत मेजर दलपत सिंह के शौर्य को इजराइल के लोग आज भी गौरव से याद करते हैं। मुझे भी इजराइल की संसद में, मेजर दलपत सिंह जी के शौर्य को नमन करने का सौभाग्य मिला। राजस्थान के वीर बाकुरों की, इजराइल के हाइफा शहर को आजाद कराने में जो भूमिका थी, मुझे उसका गौरवगान करने का अवसर मिला है।

साथियों,

कुछ समय पहले ही, राजस्थान में भाजपा की डबल इंजर सरकार को दो साल पूरे हुए हैं, मुझे संतोष है कि आज राजस्थान विकास के नए पथ पर अग्रसर है। विकास के जिन वायदों के साथ भाजपा सरकार आपकी सेवा में आई थी, उन्हें तेजी के साथ पूरा कर रही है। और आज का दिन, विकास के इसी अभियान को तेज करने का दिवस है। थोड़ी देर पहले यहां राजस्थान के विकास से जुड़ी करबी 17 हजार करोड़ रूपयों की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, हर क्षेत्र में नई शक्ति जुड़ रही है। ये सारे प्रोजेक्टस राजस्थान की जनता की सुविधा बढ़ाएंगे और राजस्थान के युवाओं के लिए, रोजगार के भी अवसर पैदा करेंगे।

साथियों,

भाजपा की डबल इंजर सरकार लगातार युवा शक्ति को सशक्त कर रही है। दो साल पहले तक राजस्थान से भर्तियों में भ्रष्टाचार और पेपर लीक की ही खबरें चमकती रहती थीं, आती रहती थीं। अब राजस्थान में पेपर लीक पर लगाम लगी है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। आज यहां इसी मंच से राजस्थान के 21 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए हैं। ये बहुत बड़ा बदलाव आया है। मैं इस बदलाव के लिए, नई नौकरियों के लिए, विकास के सभी कामों के लिए, राजस्थान के आप सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज वीरांगनाओं की इस धरती से, मुझे देशभर की बेटियों के लिए एक अहम अभियान शुरू करने का अवसर मिला है। यहां अजमेर से HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू हुआ है। ये अभियान, देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है।

साथियों,

हम सब जानते हैं कि परिवार में जब मां बीमार होती है, तो घर बिखर सा जाता है। अगर मां स्वस्थ है, तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। इसी भाव से, भाजपा सरकार ने महिलाओं को संबल देने वाली अनेक योजनाएं चलाई हैं।

साथियों,

हमने 2014 से पहले का वो दौर देखा है, जिसमें शौचालय के अभाव में बहनों-बेटियों को कितनी पीड़ा, कितना अपमान झेलना पड़ता था। बच्चियां स्कूल छोड़ देती थीं, क्योंकि वहां अलग टॉयलेट की सुविधा नहीं होती थी। गरीब बेटियां सेनिटरी पैड्स नहीं ले पाती थीं। पहले जो सत्ता में रहे, उनके लिए ये छोटी बातें थीं। इसलिए इन समस्याओं की चर्चा तक नहीं होती थी। लेकिन हमारे लिए ये बहनों-बेटियों को बीमार करने वाला, उनके अपमान से जुड़ा संवेदनशील मसला था। इसलिए, हमने इनका मिशन मोड पर समाधान किया।

साथियों,

गर्भावस्था के दौरान कुपोषण माताओं के जीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा होता था। हमने सुरक्षित मातृत्व के लिए योजना चलाई, मां को पोषक आहार मिले, इसके लिए पांच हज़ार रुपए बहनों के खाते में जमा करने की योजना शुरु की। मां धुएं में खांसती रहती थी, लेकिन उफ्फ तक नहीं करती थी। हमने कहा ये नहीं चलेगा। और इसलिए उज्जवला गैस योजना बनाई गई। ये सब इसलिए संभव हुआ, क्योंकि भाजपा सरकार, सत्ता भाव से नहीं, संवेदनशीलता के साथ काम करती है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। आज का समय राजस्थान के विकास के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है। भाजपा की डबल इंजन सरकार, राजस्थान की विरासत और विकास, दोनों को साथ लेकर चल रही है। हम सब जानते हैं, अच्छी सड़क, अच्छी रेल और हवाई सुविधा सिर्फ सफर आसान नहीं करती, वो पूरे इलाके की किस्मत बदल देती है। जब गांव-गांव तक अच्छी सड़क पहुँचती है, तो किसान अपनी फसल सही दाम पर बेच पाता है। व्यापारी आसानी से अपना सामान बाहर भेज पाते हैं। और हमारा अजमेर-पुष्कर तो, उसकी पर्यटन की ताकत कौन नहीं जानता। अच्छी कनेक्टिविटी का पर्यटन पर सबसे अच्छा असर पड़ता है। जब सफर आसान होता है, तो ज्यादा लोग घूमने आते हैं।

और साथियों,

जब पर्यटक आते हैं तो स्वाभाविक है होटल चलते हैं, ढाबे चलते हैं, कचौड़ी और दाल बाटी ज्यादा बिकती है, यहां राजस्थान के कारीगरों का बनाया सामान बिकता है, टैक्सी चलती है, गाइड को काम मिलता है। यानी एक पर्यटक कई परिवारों की रोज़ी-रोटी बन जाता है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार, राजस्थान में आधुनिक कनेक्टिविटी पर बहुत बल दे रही है।

साथियों,

जैसे-जैसे राजस्थान में कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे यहां निवेश के लिए भी अवसर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के इर्द-गिर्द उद्योगों के लिए एक बहुत ही शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है। यानी राजस्थान को अवसरों की भूमि बनाने के लिए, डबल इंजन सरकार हर संभव, अनेक विध काम कर रही है।

साथियों,

राजस्थान की माताएं अपने बच्चों को पालने में ही, राष्ट्र भक्ति का संस्कार देती हैं। राजस्थान की ये धरा जानती है कि देश का सम्मान क्या होता है, और इसीलिए आज राजस्थान की इस धरा पर, मैं आप लोगों से एक और बात कहने आया हूं।

साथियों,

हाल में ही, दिल्ली में, दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, Artificial Intelligence इसमें दुनिया के अनेक देशों के प्रधानमंत्री, अनेक देशों के राष्ट्रपति, अनेक देशों के मंत्रि, उस कार्यक्रम में आए थे। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां, उन कंपनियों के कर्ता-धर्ता वो भी एक छत के नीचे इकट्ठे हुए थे। सबने भारत की खुले मन से प्रशंसा की। मैं जरा राजस्थान के मेरे भाई-बहनों से पूछना चाहता हूं। जब दुनिया के इतने सारे लोग, भारत की प्रशंसा करते हैं, ये सुनकर के आपको गर्व होता है की नहीं होता है? आपको गर्व होता है कि नहीं होता है? आपको अभिमान होता है कि नहीं होता है? आपका माथा ऊंचा हुआ या नहीं हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ कि नहीं हुआ?

साथियों,

आपको गर्व हुआ, लेकिन हताशा निराशा में डूबी, लगातार पराजय के कारण थक चुकी कांग्रेस ने क्या किया, ये आपने देखा है। दुनियाभर के मेहमानों के सामने, कांग्रेस ने देश को बदनाम करने की कोशिश की। इन्होंने विदेशी मेहमानों के सामने देश को बेइज्जत करने के लिए पूरा ड्रामा किया।

साथियों,

कांग्रेस, पूरे देश में ल्रगातार हार रही है, और गुस्से में वो इसका बदला, वो भारत को बदनाम करके ले रही है। कभी कांग्रेस, INC यानी इंडियन नेशनल कांग्रेस थी, लेकिन अब INC नहीं बची है, इंडियन नेशनल कांग्रेस नहीं बची है, आज वो INC के बजाय MMC, MMC बन गई है। MMC यानी मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस हो चुकी है।

राजस्थान के मेरे वीरों,

इतिहास गवाह है, मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी, और इसलिए मुस्लिम लीग ने देश बांट दिया। आज कांग्रेस भी वही कर रही है। माओवादी भी, भारत की समृद्धि, हमारे संविधान और हमारे सफल लोकतंत्र से नफरत करते हैं, ये घात लगाकर हमला करते हैं, कांग्रेस भी घात लगाकर, देश को बदनाम करने के लिए कहीं भी घुस जाती है। कांग्रेस के ऐसे कुकर्मों को देश कभी माफ नहीं करेगा।

साथियों,

देश को बदनाम करना, देश की सेनाओं को कमजोर करना, ये कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। आप याद कीजिए, यही कांग्रेस है, जिसने हमारी सेना के जवानों को हथियारों और वर्दी तक के लिए तरसा कर रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसने सालों तक हमारे सैनिक परिवारों को वन रैंक वन पेंशन से वंचित रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसके जमाने में विदेशों से होने वाले रक्षा सौदों में बड़े-बड़े घोटाले होते थे।

साथियों,

बीते 11 वर्षों में भारत की सेना ने हर मोर्चे पर आतंकियों पर, देश के दुश्मनों पर करारा प्रहार किया। हमारी सेना, हर मिशन, हर मोर्चे में विजयी रही। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक, वीरता का लोहा मनवाया, लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने इसमें भी दुश्मनों के झूठ को ही आगे बढ़ाया। देश के लिए जो भी शुभ है, जो भी अच्छा है, जो भी देशवासियों का भला करने वाला है, कांग्रेस उस सबका विरोध करती है। इसलिए, देश आज कांग्रेस को सबक सिखा रहा है।

साथियों,

राजस्थान में तो आपने कांग्रेस के कुशासन को करीब से अनुभव किया है। यहां जितने दिन कांग्रेस की सरकार रही, वो भ्रष्टाचार करने और आपसी लड़ाई-झगड़े में ही उलझी रही। कांग्रेस ने हमारे किसानों को भी हमेशा धोखा दिया है। आप याद कीजिए, कांग्रेस ने दशकों तक सिंचाई की परियोजनाओं को कैसे लटकाए रखा। इसका राजस्थान के किसानों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है। ERCP परियोजना को कांग्रेस की सरकारों ने केवल फाइलों और घोषणाओं में उलझाकर रखा। हमारी सरकार ने आते ही इस स्कीम को फाइलों से निकालकर धरातल पर उतारने का प्रयास किया है।

साथियों,

हमारी सरकार ने नदियों को जोड़ने का जो अभियान शुरु किया है, उसका बहुत अधिक फायदा राजस्थान को मिलना तय है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना हो, यमुना-राजस्थान लिंक प्रोजेक्ट हो, डबल इंजन सरकार ऐसी अनेक सिंचाई परियोजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज भी झालावाड़, बारां, कोटा और बूंदी जिले के लिए पानी की अनेक परियोजनाओं पर काम शुरु हुआ है। हमारा प्रयास है, कि राजस्थान में भूजल का स्तर भी ऊपर उठे।

साथियों,

भाजपा सरकार, राजस्थान के सामर्थ्य को समझते हुए, योजनाएं बना रही है, उन्हें लागू कर रही है। मुझे खुशी है कि राजस्थान अब, सूरज की ताकत से समृद्धि कमाने वाली धरती बन गया है। हम सब जानते हैं, हमारे राजस्थान में धूप की कोई कमी नहीं। अब यही धूप, सामान्य मानवी के घर की बचत और कमाई का साधन बन रही है। और इसमें बहुत बड़ी भूमिका है, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की। इस योजना में राजस्थान का भाग्य बदलने की ताकत है। इस योजना में भाजपा सरकार लोगों को अपनी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए की सहायता देती है। सरकार सीधे आपके बैंक खाते में पैसे भेजती है। आजादी के बाज सब बजट, सब योजनाएं देख लीजिए, जिसमें मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा लाभ होने वाला है, ऐेसी योजना कभी नजर नहीं आएगी, आज इन परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए सीधा सरकार देती है। सबसे अधिक लाभ मध्यम वर्ग के लोग ले रहे हैं। और जिससे घर पर एक छोटा सा बिजली घर तैयार हो जाता है। दिन में सूरज की रोशनी से बिजली बनती है, घर में वही बिजली काम आती है और जो ज्यादा बिजली बनती है, वो बिजली ग्रिड में जाती है। और जिस घर में बिजली बनी होती है, उसे भी इसका लाभ मिलता है।

साथियों,

आज राजस्थान में सवा लाख से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। और इस योजना की वजह से, कई घरों का बिजली बिल लगभग जीरो आ रहा है। यानी खर्च कम हुआ है, बचत ज़्यादा हुई है।

साथियों,

विकसित राजस्थान से विकसित भारत के मंत्र पर हम लगातार काम कर रहे हैं। आज जिन योजनाओं पर काम शुरू हुआ है, वो विकसित राजस्थान की नींव को और अधिक मजबूत करेंगे। जब राजस्थान विकसित होगा, तो यहां के हर परिवार का जीवन समृद्ध होगा। आप सभी को एक बार फिर, विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम के 150 साल देश मना रहा है। मेरे साथ बोलिये-

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद।