विकसित भारत के लिए विकसित हरियाणा, यही हमारा संकल्प है: प्रधानमंत्री
हमारा प्रयास देश में बिजली उत्पादन बढ़ाना है, बिजली की कमी राष्ट्र निर्माण में बाधा नहीं बननी चाहिए: प्रधानमंत्री
हमारे द्वारा शुरू की गई सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल को शून्य किया जा सकता है: प्रधानमंत्री
हमारा प्रयास हरियाणा के किसानों की क्षमता में वृद्धि करना है: प्रधानमंत्री


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज हरियाणा के यमुनानगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। हरियाणा के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने हरियाणा की पवित्र भूमि को नमन किया और इसे मां सरस्वती का उद्गम, मंत्र देवी का निवास स्थल, पंचमुखी हनुमान जी का स्थान और पवित्र कपाल मोचन साहिब का स्थल बताया। उन्होंने कहा, "हरियाणा संस्कृति, भक्ति और समर्पण का संगम है।" उन्होंने बाबासाहेब अंबेडकर की 135वीं जयंती पर सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और बाबासाहेब के विज़न और प्रेरणा पर प्रकाश डाला, जिससे विकास की दिशा में भारत की यात्रा को मार्गदर्शन मिल रहा है।

श्री मोदी ने कहा, "यमुनानगर सिर्फ एक शहर नहीं है, बल्कि भारत के औद्योगिक परिदृश्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो प्लाईवुड से लेकर पीतल और स्टील तक के उद्योगों के साथ अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।" उन्होंने क्षेत्र के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए, ऋषि वेद व्यास की पवित्र भूमि, कपाल मोचन मेला और गुरु गोविंद सिंह जी के अस्त्र-शस्त्र स्थल का उल्लेख किया। उन्होंने यमुनानगर के साथ अपने व्यक्तिगत संबंध को साझा किया और हरियाणा के प्रभारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पंचकूला की अपनी निरंतर यात्राओं को याद किया। उन्होंने अपने साथ काम करने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया तथा क्षेत्र में कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता की स्थायी परंपरा को रेखांकित किया।

इस बात को रेखांकित करते हुए कि केंद्र और राज्य सरकारों के तीसरे कार्यकाल के तहत हरियाणा लगातार विकास की दोगुनी गति देख रहा है, प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में विकसित हरियाणा के प्रति संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने हरियाणा के लोगों की सेवा करने तथा और अधिक गति और बड़े पैमाने के साथ काम करते हुए युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के प्रति सरकार के समर्पण पर प्रकाश डाला। उन्होंने आज शुरू की गई विकास परियोजनाओं को इस प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया और इन नई विकास पहलों के लिए हरियाणा के लोगों को बधाई दी।

बाबासाहेब अंबेडकर के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में अपनी सरकार की प्रतिबद्धता पर गर्व व्यक्त करते हुए, श्री मोदी ने बाबासाहेब के इस विश्वास पर प्रकाश डाला कि औद्योगिक विकास सामाजिक न्याय का मार्ग होता है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब ने भारत में खेतों के छोटे रकबे से जुड़े मुद्दे की पहचान की और इस बात पर जोर दिया कि पर्याप्त कृषि भूमि की कमी वाले दलितों को औद्योगीकरण से सबसे अधिक लाभ होगा। उन्होंने बाबासाहेब के विज़न को साझा किया कि उद्योग दलितों के लिए अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। उन्होंने भारत के औद्योगीकरण प्रयासों में बाबासाहेब की महत्वपूर्ण भूमिका को भी स्वीकार किया, जिन्होंने इस दिशा में प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर काम किया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दीनबंधु चौधरी छोटू राम जी ने भी औद्योगीकरण और विनिर्माण के बीच तालमेल को ग्रामीण समृद्धि की नींव के रूप में मान्यता दी थी। उन्होंने छोटू राम जी की इस विश्वास को रेखांकित किया कि गांवों में सच्ची समृद्धि तभी आएगी, जब किसान कृषि के साथ-साथ छोटे उद्योगों के माध्यम से अपनी आय बढ़ाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि चौधरी चरण सिंह जी, जिन्होंने अपना जीवन गांवों और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया, भी इसी तरह का दृष्टिकोण साझा करते थे। उन्होंने चरण सिंह जी के इस दृष्टिकोण पर जोर दिया कि औद्योगिक विकास को कृषि का पूरक होना चाहिए, क्योंकि दोनों ही अर्थव्यवस्था के स्तंभ हैं।

इस बात पर जोर देते हुए कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सार विनिर्माण को बढ़ावा देने में निहित है, श्री मोदी ने विनिर्माण पर सरकार के विशेष ध्यान को रेखांकित किया, जो इस वर्ष के बजट में ‘मिशन विनिर्माण’ की घोषणा से परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा, “मिशन का उद्देश्य दलित, पिछड़े, वंचित और हाशिए के युवाओं के लिए अधिकतम रोजगार के अवसर सृजित करना, उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना, व्यावसायिक लागत कम करना, एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करना, उद्योगों को आधुनिक तकनीक से लैस करना और यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय उत्पाद विश्व स्तरीय हों।” इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए और आज के आयोजन के महत्व को उजागर करते हुए, उन्होंने दीनबंधु चौधरी छोटू राम ताप विद्युत संयंत्र की तीसरी इकाई पर काम शुरू करने की घोषणा की, जिससे यमुनानगर और हरियाणा को फायदा होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यमुनानगर भारत के आधे प्लाईवुड का उत्पादन करता है और यह एल्यूमीनियम, तांबे और पीतल से निर्मित बर्तनों के निर्माण का केंद्र है। उन्होंने कहा कि यमुनानगर से पेट्रोकेमिकल संयंत्र उपकरण कई देशों को निर्यात किए जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिजली उत्पादन बढ़ने से इन उद्योगों को फायदा होगा और ‘मिशन विनिर्माण’ को समर्थन मिलेगा।

विकसित भारत के निर्माण में बिजली की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार के बहुआयामी प्रयासों पर प्रकाश डाला, जिसमें एक राष्ट्र-एक ग्रिड, नए कोयला बिजली संयंत्र, सौर ऊर्जा परियोजनाएं और परमाणु क्षेत्र का विस्तार जैसी पहलें शामिल हैं। उन्होंने कहा, "यह सुनिश्चित करने के लिए कि बिजली की कमी राष्ट्र निर्माण में बाधा न बने, बिजली उत्पादन बढ़ाना आवश्यक है।" उन्होंने पिछली सरकार के शासन में 2014 से पहले लगातार बिजली जाने को याद करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में रहती, तो ऐसे संकट बने रहते। उन्होंने कहा कि उस समय, कारखाने, रेलवे और सिंचाई प्रणाली गंभीर रूप से प्रभावित हुई थी। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में, भारत ने अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को लगभग दोगुना कर लिया है और अब पड़ोसी देशों को बिजली निर्यात करता है। उन्होंने हरियाणा में बिजली उत्पादन पर उनकी सरकार के विशेष ध्यान के लाभों पर प्रकाश डाला, जो वर्तमान में 16,000 मेगावाट बिजली पैदा करता है। उन्होंने आने वाले वर्षों में इस क्षमता को बढ़ाकर 24,000 मेगावाट करने के लक्ष्य की भी घोषणा की।

ताप विद्युत संयंत्र में निवेश करने और नागरिकों को खुद बिजली उत्पादक बनने के लिए सशक्त बनाने से जुड़े सरकार के दोहरे दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए, श्री मोदी ने पीएम सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना के शुभारंभ का उल्लेख किया, जिससे लोग अपनी छतों पर सौर पैनल लगा सकते हैं, बिजली बिलों को समाप्त कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में 1.25 करोड़ से अधिक लोगों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है, जिसमें हरियाणा के लाखों लोगों ने आवेदन किया है। उन्होंने योजना के विस्तार पर संतोष व्यक्त किया, जो एक बढ़ते सेवा इकोसिस्टम को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सौर क्षेत्र नए कौशल पैदा कर रहा है, एमएसएमई के लिए अवसर सृजित कर रहा है और युवाओं के रोजगार के लिए कई रास्ते खोल रहा है।

प्रधानमंत्री ने छोटे शहरों में छोटे उद्योगों के लिए पर्याप्त बिजली और वित्तीय संसाधन सुनिश्चित करने पर सरकार के विशेष ध्यान को रेखांकित किया। उन्होंने उल्लेख किया कि कोविड-19 महामारी के दौरान, सरकार ने एमएसएमई को समर्थन देने के लिए लाखों करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। उन्होंने आगे कहा कि एमएसएमई की परिभाषा को संशोधित किया गया है, ताकि छोटे उद्योगों को, बढ़ने के साथ सरकारी समर्थन खोने के डर के बिना, विस्तार करने की सुविधा मिल सके, उन्होंने छोटे उद्योगों के लिए विशेष क्रेडिट कार्ड शुरू करने और क्रेडिट गारंटी कवरेज में वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने मुद्रा योजना की 10 साल पूरे होने की उपलब्धि का उल्लेख किया, जिसके तहत 33 लाख करोड़ रुपये के गिरवी-मुक्त ऋण संवितरित किए गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस योजना के 50% से अधिक लाभार्थी एससी, एसटी और ओबीसी परिवारों से हैं। उन्होंने भारतीय युवाओं के बड़े सपनों को पूरा करने में छोटे उद्योगों को सक्षम बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

हरियाणा के किसानों की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए, जो हर भारतीय की भोजन की थाली में योगदान देते हैं, प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें किसानों की खुशियों और चुनौतियों के दौरान एक दृढ़ भागीदार के रूप में खड़ी हैं। उन्होंने हरियाणा के किसानों को सशक्त बनाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला, राज्य सरकार अब एमएसपी पर 24 फसलों की खरीद करती है। उन्होंने साझा किया कि हरियाणा के लाखों किसानों को पीएम फसल बीमा योजना से लाभ हुआ है, इस योजना के तहत 9,000 करोड़ रुपये से अधिक के दावे पेश किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त, पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से हरियाणा के किसानों को 6,500 करोड़ रुपये संवितरित किए गए हैं, जिससे उनकी आजीविका और विकास को और समर्थन मिला है।

हरियाणा सरकार द्वारा औपनिवेशिक काल के पानी पर टैक्स को समाप्त करने तथा किसानों को नहर के पानी पर टैक्स चुकाने से राहत देने के निर्णय को रेखांकित करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि इस टैक्स के अंतर्गत बकाया 130 करोड़ रुपये भी माफ कर दिए गए हैं। उन्होंने किसानों तथा पशुपालकों के लिए आय के नए अवसर उपलब्ध कराने में केंद्र तथा राज्य सरकार के प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने गोबरधन योजना का उल्लेख किया, जो किसानों को गोबर, कृषि अवशेषों तथा अन्य जैविक अपशिष्टों से बायोगैस का उत्पादन करके अपशिष्ट प्रबंधन तथा आय अर्जित करने में सक्षम बनाती है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में देश भर में 500 गोबरधन संयंत्रों की घोषणा की गयी है। उन्होंने यमुनानगर में एक नए गोबरधन संयंत्र के शिलान्यास पर प्रकाश डाला, जिससे नगर निगम को सालाना 3 करोड़ रुपये की बचत होगी। उन्होंने आगे कहा, "गोबरधन योजना स्वच्छ भारत अभियान में भी योगदान दे रही है तथा स्वच्छता तथा सतत विकास के मिशन को आगे बढ़ा रही है।"

प्रधानमंत्री ने विकास के पथ पर हरियाणा की तीव्र प्रगति को रेखांकित करते हुए हिसार की अपनी पिछली यात्रा का उल्लेख किया, जहां अयोध्या धाम के लिए सीधी उड़ान सेवाओं का उद्घाटन किया गया था। उन्होंने रेवाड़ी के लिए नए बाईपास की भी घोषणा की, जिससे बाजारों, चौराहों और रेलवे क्रॉसिंग पर यातायात की भीड़ कम होगी और वाहन आसानी से शहर से होकर गुजर सकेंगे। उन्होंने कहा कि चार लेन वाला बाईपास दिल्ली और नारनौल के बीच यात्रा अवधि को एक घंटे कम कर देगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए लोगों को बधाई दी।

इस बात पर जोर देते हुए कि उनके लिए राजनीति सेवा का माध्यम है - लोगों और राष्ट्र की सेवा, श्री मोदी ने कहा, "हमारी पार्टी अपने वादों को पूरा करती है, जैसा कि हरियाणा में स्पष्ट है", जहां सरकार तीसरे कार्यकाल के लिए चुने जाने के बाद अपने वादों को पूरा कर रही है। उन्होंने विपक्ष शासित राज्यों के साथ इसकी तुलना की और जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात का हवाला दिया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में लोगों के सामने आने वाले संघर्षों की ओर इशारा किया, जहां विकास और कल्याणकारी परियोजनाएं ठप हो गई हैं। उन्होंने कर्नाटक की मौजूदा सरकार के शासन में बिजली, दूध, बस किराए और बीज जैसी आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कर्नाटक में मौजूदा सरकार के प्रति लोगों के असंतोष का उल्लेख किया, जैसा कि सोशल मीडिया पर देखा जा रहा है और भ्रष्टाचार के आरोपों का उल्लेख किया, यहां तक कि मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगियों ने भी भ्रष्टाचार में कर्नाटक की रैंकिंग को नंबर एक माना है।

श्री मोदी ने तेलंगाना की मौजूदा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह लोगों से किए गए अपने वादों की अनदेखी कर रही है और जंगलों को नष्ट करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे प्रकृति और वन्यजीवों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने शासन के दो मॉडलों की तुलना की और अपनी पार्टी के मॉडल को सच्चा और विकसित भारत के निर्माण के लिए समर्पित बताया, जबकि विपक्ष के मॉडल को धोखेबाज और केवल सत्ता पर केंद्रित बताया। उन्होंने यमुनानगर में चल रहे प्रयासों को, अपनी पार्टी की प्रगति के लिए प्रतिबद्धता के उदाहरण के रूप में रेखांकित किया।

बैसाखी के महत्व और जलियांवाला बाग हत्याकांड की 106वीं वर्षगांठ पर विचार करते हुए, प्रधानमंत्री ने उन देशभक्तों की स्मृति को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने अपने जीवन का बलिदान कर दिया और ब्रिटिश शासन की क्रूरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने नरसंहार के एक अन्य पहलू पर जोर दिया- मानवता और राष्ट्र के लिए खड़े होने की अटूट भावना, जिसका उदाहरण श्री शंकरन नायर हैं। उन्होंने आगे बताया कि ब्रिटिश सरकार के एक प्रसिद्ध वकील और उच्च पदस्थ अधिकारी शंकरन नायर ने इस्तीफा देने और विदेशी शासन के अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने का विकल्प चुना। उन्होंने जलियांवाला बाग मामले को अकेले ही लड़ा, ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी और अदालत में उसे जवाबदेह ठहराया। उन्होंने शंकरन नायर के कार्यों को "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" का एक उल्लेखनीय उदाहरण बताया, जो दिखाता है कि कैसे केरल का एक व्यक्ति पंजाब में हुए नरसंहार के लिए ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ खड़ा हुआ। उन्होंने उल्लेख किया कि एकता और प्रतिरोध की यह भावना भारत के स्वतंत्रता संग्राम के पीछे की सच्ची प्रेरणा थी और यह विकसित भारत की ओर यात्रा में एक प्रेरक शक्ति बनी हुई है।

प्रधानमंत्री ने सभी से शंकरन नायर के योगदान से सीखने का आग्रह करते हुए अपने संबोधन का समापन किया और समाज के स्तंभों-गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के निरंतर प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयास हरियाणा को विकास की ओर ले जाएंगे।

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल, श्री राव इंद्रजीत सिंह, श्री कृष्ण पाल गुर्जर तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

क्षेत्र में बिजली अवसंरचना को बढ़ावा देने के साथ-साथ अंतिम स्थल तक बिजली पहुंचाने के विजन के साथ, प्रधानमंत्री ने यमुनानगर में दीनबंधु छोटू राम ताप विद्युत संयंत्र की 800 मेगावाट की आधुनिक ताप विद्युत इकाई की आधारशिला रखी। 233 एकड़ में फ़ैली यह इकाई, जिसकी लागत लगभग 8,470 करोड़ रुपये है, हरियाणा की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगी और पूरे राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति की सुविधा प्रदान करेगी।

गोबरधन, यानि जैविक जैव-कृषि संसाधन को बढ़ावा देने के विजन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने यमुनानगर के मुकरबपुर में एक संपीड़ित बायोगैस संयंत्र की आधारशिला भी रखी। इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 2,600 मीट्रिक टन होगी और यह स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण में योगदान करते हुए प्रभावी जैविक अपशिष्ट प्रबंधन में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री ने भारतमाला परियोजना के तहत लगभग 1,070 करोड़ रुपये की लागत वाली 14.4 किलोमीटर लंबी रेवाड़ी बाईपास परियोजना का भी उद्घाटन किया। इससे रेवाड़ी शहर में भीड़भाड़ कम होगी, दिल्ली-नारनौल की यात्रा अवधि लगभग एक घंटे कम होगी और क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा।

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Prime Minister condoles the passing of His Majesty King Harald V of Norway
August 28, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi condoled the passing of His Majesty King Harald V of the Kingdom of Norway. Recalling his meeting with His Majesty during his visit to Norway earlier this year, Shri Modi remembered his warmth and profound sense of service to the people and nation of Norway.

The Prime Minister posted on X;

“Deeply saddened by the passing of His Majesty King Harald V of the Kingdom of Norway.

I fondly recall meeting His Majesty during my visit to Norway earlier this year and was deeply touched by his warmth and profound sense of service to his nation.

My heartfelt condolences to the Royal Family and the people of Norway.