प्रधानमंत्री ने राजस्थान में चार नए मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला भी रखी
"भारत ने महामारी के दौरान अपनी ताकत व आत्मनिर्भरता बढ़ाने का संकल्प लिया है"
"हमने देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को बदलने के लिए एक राष्ट्रीय दृष्टिकोण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति पर कार्य किया है"
"पिछले 6-7 वर्षों में 170 से अधिक नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं और 100 से अधिक नए मेडिकल कॉलेजों पर तेजी से काम चल रहा है"
"2014 में, देश में मेडिकल स्नातक और स्नातकोत्तर के लिए कुल सीटें लगभग 82000 थीं, आज उनकी संख्या बढ़कर 140,000 हो गई है"
"राजस्थान का विकास, देश के विकास को गति देता है"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सिपेट (सीआईपीईटी): पेट्रोरसायन प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर का उद्घाटन किया। उन्होंने राजस्थान के बांसवाड़ा, सिरोही, हनुमानगढ़ और दौसा जिलों में चार नए मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला भी रखी। प्रधानमंत्री ने 4 नए मेडिकल कॉलेज और सिपेट (सीआईपीईटी) संस्थान के लिए राजस्थान के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद केंद्र सरकार ने राजस्थान के लिए 23 मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए हैं और इनमें से 7 मेडिकल कॉलेज पहले ही शुरू हो चुके हैं।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 100 वर्षों की सबसे बड़ी महामारी ने दुनिया के स्वास्थ्य क्षेत्र को एक सबक सिखाया है। प्रत्येक देश अपने-अपने तरीके से इस संकट से निपटने की कोशिश कर रहा है। भारत ने इस आपदा में अपनी ताकत व आत्मनिर्भरता बढ़ाने का संकल्प लिया है।      

प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि राज्य का एक विषय है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने देश के हेल्‍थ सेक्‍टर की कमियों का अनुभव किया था और प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने उनको दूर करने की निरंतर कोशिश की है। उन्होंने कहा,  ‘‘देश के स्वास्थ्य सेक्‍टर को ट्रांसफॉर्म करने के लिए हमने एक राष्ट्रीय अप्रोच,  एक नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति पर काम किया। स्वच्छ भारत अभियान से लेकर आयुष्मान भारत और अब आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन तक, ऐसे अनेक प्रयास इसी अप्रोच का हिस्सा हैं।”उन्होंनेकहाकिराजस्थान में करीब साढ़े तीन लाख लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज मिला और राज्य में करीब ढाई हजार स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों पर काम शुरू हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि चाहे मेडिकल कॉलेज हो या फिर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल हों, इनका नेटवर्क देश के कोने-कोने तक तेज़ी से फैलाना बहुत ज़रूरी है। उन्‍होंने कहा, ‘‘आज हम संतोष के साथ कह सकते हैं कि 6 एम्स से आगे बढ़कर आज भारत 22 से ज्यादा एम्स के सशक्त नेटवर्क की तरफ बढ़ रहा है।’’ 

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले इन 6-7 सालों में 170 से अधिक नए मेडिकल कॉलेज तैयार हो चुके हैं और 100 से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज पर काम तेज़ी से चल रहा है। साल 2014 में देश में मेडिकल की अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की कुल सीटें 82 हजार के करीब थीं। आज इनकी संख्या बढ़कर 1लाख 40हजार सीट तक पहुंच रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नियमन और शासन के क्षेत्र में भी, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के आगमन के साथ, अतीत की समस्याओं और प्रश्नों का समाधान किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी स्किल्ड मैनपावर का सीधा असर प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं पर होता है। देश ने इस कोरोना काल में इसे और ज्यादा महसूस किया है। केंद्र सरकार के सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन अभियान की सफलता इसी का प्रतिबिंब है। आज भारत में कोरोना वैक्सीन की 88 करोड़ से अधिक डोज लग चुकी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के इस अमृतकाल में उच्च स्तर का कौशल, न सिर्फ भारत की ताकत बढ़ाएगा बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। सबसे तेजी से विकसित हो रहे उद्योगों में से एक, पेट्रोरसायन इंडस्ट्री के लिए, स्किल्ड मैनपावर, आज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नया पेट्रोरसायन प्रौद्योगिकी संस्थान लाखों युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ेगा। प्रधानमंत्री ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल को याद किया और राज्य में पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय, जो अब ऊर्जा विश्वविद्यालय है, की स्थापना और उसे प्रोत्साहन देने से जुड़े अपने प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस तरह का संस्थान युवाओं के लिए स्वच्छ ऊर्जा नवाचारों में योगदान करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि बाड़मेर में राजस्थान रिफाइनरी परियोजना 70,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य में सिटी गैस वितरण की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 तक राज्य में केवल एक ही शहर में सिटी गैस वितरण की अनुमति थी, अब राज्य के 17 जिलों को सिटी गैस वितरण नेटवर्क के लिए मंजूरी दे दी गयी है। आने वाले वर्षों में राज्य के हर जिले में पाइप वाले गैस का नेटवर्क होगा। उन्होंने शौचालय, बिजली, गैस कनेक्शन जैसी सुविधाओं के आने से शुरू हुई जीवन की सुगमता की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि आज राज्य में जल जीवन मिशन के माध्यम से 21 लाख से अधिक परिवारों को पाइप से पानी मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि “राजस्थानकाविकास, भारत के विकास को गति देता है”औरराज्यमेंगरीबपरिवारोंकेलिए13 लाख से अधिक पक्के घर बनाए गए हैं।

 

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the qualities of an ideal teacher
June 01, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that some people are highly skilled at performing a task themselves, while others are particularly adept at imparting that knowledge or skill to others. He noted that a person who possesses both these qualities-self-mastery and the ability to teach others-deserves to be regarded among the finest of teachers.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“श्लिष्टा क्रिया कस्यचिदात्मसंस्था सङ्क्रान्तिरन्यस्य विशेषयुक्ता।

यस्योभयं साधु स शिक्षकाणां धुरि प्रतिष्ठापयितव्य एव।। ”

The Subhashitam conveys that while some excel in practice and others in teaching, the one who combines both mastery of a subject and the ability to effectively impart it to others is worthy of being placed in the foremost rank of teachers.

The Prime Minister wrote on X;

“श्लिष्टा क्रिया कस्यचिदात्मसंस्था सङ्क्रान्तिरन्यस्य विशेषयुक्ता।

यस्योभयं साधु स शिक्षकाणां धुरि प्रतिष्ठापयितव्य एव।।”