प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज हांगझोऊ में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में भारतीय एथलीटों द्वारा 100वां पदक जीतने पर खुशी जाहिर की।

उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए एथलीटों, कोच और उनकी सहायता प्रणाली की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

"एशियाई पैरा खेलों में 100 पदक! अद्वितीय खुशी का क्षण। यह सफलता हमारे एथलीटों की प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।

यह उल्लेखनीय उपलब्धि हमारे मन को अत्यधिक गर्व से भर देती है। मैं अपने अविश्वसनीय एथलीटों, कोचों और उनके साथ काम करने वाली संपूर्ण सहायता प्रणाली के प्रति अपनी सराहना और आभार व्यक्त करता हूं।

ये जीतें हम सभी को प्रेरित करती हैं। ये हमें याद दिलातीं हैं कि हमारे युवाओं के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।"

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प्रधानमंत्री ने पुत्रियों के महत्व और शक्ति को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया
January 22, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जिस देश में पुत्रियों को लक्ष्मी के समान पूजा जाता है, वहां आज से 11 वर्ष पहले इसी दिन 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान आरंभ किया गया था। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गर्व की बात है कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में नए रिकॉर्ड बना रही हैं और राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

प्रधानमंत्री ने पुत्रियों के महत्व पर आधारित शाश्वत भारतीय मूल्यों को प्रतिबिंबित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-

“दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान् प्रवर्धयन्। यत् फलम् लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया॥”

सुभाषितम् का अर्थ है कि एक पुत्री दस पुत्रों के समान है, और दस पुत्रों से प्राप्त पुण्य या सद्गुण एक पुत्री से भी प्राप्त किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट पर लिखा;
“कन्या को लक्ष्मी मानने वाले हमारे देश में 11 साल पहले आज ही के दिन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत हुई थी। यह बड़े गर्व की बात है कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में नित-नए रिकॉर्ड बना रही हैं।

दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान् प्रवर्धयन्।
यत् फलम् लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया॥”