एम्स, गुवाहाटी और तीन अन्य मेडिकल कॉलेजों को राष्ट्र को समर्पित किया
'आपके द्वार आयुष्मान' अभियान की शुरुआत की
असम उन्नत स्वास्थ्य देखभाल नवाचार संस्थान की आधारशिला रखी
"पिछले नौ वर्षों में पूर्वोत्तर में सामाजिक अवसंरचना में बहुत सुधार हुए हैं"
"हम 'सेवा भाव' के साथ लोगों के लिए काम करते हैं"
“पूर्वोत्तर के विकास के माध्यम से भारत का विकास के मंत्र के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं”
"हमारी सरकारों में नीति, नीयत और निष्ठा किसी स्वार्थ से नहीं बल्कि- राष्ट्र प्रथम, देशवासी प्रथम की भावना से तय होती है"
“जब वंशवाद, क्षेत्रवाद, भ्रष्टाचार और अस्थिरता की राजनीति हावी होने लगती है, तो विकास असंभव हो जाता है”
“हमारी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं से महिलाओं के स्वास्थ्य को बहुत लाभ मिला है”
“हमारी सरकार 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र का आधुनिकीकरण कर रही है”
"भारत की स्वास्थ्य प्रणाली में बदलाव का सबसे बड़ा आधार है, सबका प्रयास"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुवाहाटी, असम में 3,400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने एम्स, गुवाहाटी और तीन अन्य मेडिकल कॉलेजों को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने उन्नत स्वास्थ्य देखभाल नवाचार संस्थान (एएएचआईआई) की आधारशिला भी रखी और पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) कार्ड वितरित करके 'आपके द्वार आयुष्मान' अभियान की शुरुआत की।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने रोंगाली बिहू के शुभ अवसर पर लोगों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि असम और पूर्वोत्तर की स्वास्थ्य अवसंरचना को नई ताकत मिली है, क्योंकि पूर्वोत्तर को अपना पहला एम्स मिला है और असम राज्य को तीन नए मेडिकल कॉलेज मिले हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि आईआईटी, गुवाहाटी के सहयोग से उन्नत अनुसंधान के लिए 500 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की आधारशिला भी रखी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि असम के लाखों नागरिकों को आयुष्मान कार्ड वितरित करने के लिए मिशन मोड में काम चल रहा है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मेघालय, मणिपुर और मिजोरम जैसे पड़ोसी राज्यों के नागरिक भी आज की विकास परियोजनाओं का लाभ उठाएंगे। प्रधानमंत्री ने आज की परियोजनाओं के लिए सभी को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने पिछले 8-9 वर्षों में पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयासों और सड़क, रेल और हवाई अड्डे की अवसंरचना में स्पष्ट सुधार का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भौतिक अवसंरचना के साथ-साथ सामाजिक अवसंरचना को भी इस क्षेत्र में बहुत बढ़ावा दिया गया है, क्योंकि शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभूतपूर्व तरीके से विस्तार किया गया है। प्रधानमंत्री ने अपनी पिछली यात्रा के दौरान कई मेडिकल कॉलेज राष्ट्र को समर्पित किये थे और आज उन्होंने एम्स और तीन मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया है। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में रेल-सड़क संपर्क में लगातार सुधार से चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों को मिले समर्थन को भी रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने याद किया कि कैसे श्रेय लेने की भूख और पिछली सरकारों की जनता पर हावी होने की भावना ने देश को असहाय बना दिया था, प्रधानमंत्री ने कहा कि आम जनता भगवान का रूप होती है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पूर्वोत्तर के प्रति अलगाव की भावना पैदा की थी और इसे मुख्य भूमि से बहुत दूर समझा था। प्रधानमंत्री ने बताया कि लेकिन वर्तमान सरकार, सेवा-भाव के साथ आयी है जो पूर्वोत्तर को बहुत सुगम बनाता है और निकटता की भावना कभी समाप्त नहीं होती है।

प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि पूर्वोत्तर के लोगों ने अपने भाग्य और विकास की कमान संभाली है। प्रधानमंत्री ने कहा, “हम पूर्वोत्तर के विकास के माध्यम से भारत का विकास, के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। विकास के इस अभियान में केंद्र सरकार मित्र और सेवक के रूप में साथ दे रही है।

क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वंशवाद, क्षेत्रवाद, भ्रष्टाचार और अस्थिरता की राजनीति हावी होने लगती है, तो विकास असंभव हो जाता है। ऐसा हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के साथ हुआ। उन्होंने 50 के दशक में स्थापित एम्स का उदाहरण देकर इसे विस्तार से बताया कि देश के अन्य हिस्सों में एम्स खोलने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। श्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद, प्रधानमंत्री ने कहा कि बाद के वर्षों में प्रयास नहीं हुए और केवल 2014 के बाद, इन मुद्दों का वर्तमान सरकार द्वारा समाधान किया गया। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में सरकार ने 15 एम्स पर काम शुरू किया है और उनमें से अधिकांश में उपचार और शिक्षण कार्य शुरू हो चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "एम्स गुवाहाटी भी इस बात का उदाहरण है कि हमारी सरकार सभी संकल्पों को पूरा करती है।"

प्रधानमंत्री ने दोहराया कि पिछली सरकारों की नीतियों ने देश में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की कमी पैदा की और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा के सामने एक दीवार खड़ी कर दी। प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में, सरकार ने देश में चिकित्सा अवसंरचना और चिकित्सा कर्मियों को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है। चिकित्सा अवसंरचना के क्षेत्र में हुए विकास पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से पहले के दशक के केवल 150 मेडिकल कॉलेजों की तुलना में, पिछले 9 वर्षों में लगभग 300 मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई और उपचार कार्य शुरू हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में एमबीबीएस सीटों की संख्या पिछले 9 वर्षों में दोगुनी होकर लगभग 1 लाख हो गयी है, जबकि पीजी सीटों में 110 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि देश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की स्थापना के साथ, आरक्षण भी सुनिश्चित किया गया है, ताकि पिछड़े परिवारों के युवा डॉक्टर बनने के अपने सपनों को पूरा कर सकें। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस वर्ष के बजट में 150 से अधिक नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण की भी घोषणा की गयी है। प्रधानमंत्री ने कहा, पूर्वोत्तर में सीटों की संख्या के साथ-साथ क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी पिछले 9 वर्षों में दोगुनी हो गई है, जबकि कई नए संस्थानों के लिए कार्य प्रगति पर हैं।

प्रधानमंत्री ने चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में हुए ठोस काम का श्रेय केंद्र में मजबूत और स्थिर सरकार को दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार की नीति, नीयत और निष्ठा स्वार्थ से नहीं, बल्कि 'देश प्रथम-देशवासी प्रथम' की भावना से तय होती है। उन्होंने कहा कि इसलिए सरकार का ध्यान वोट बैंक पर नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं को कम करने पर है। प्रधानमंत्री ने एक गरीब परिवार में चिकित्सा उपचार के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी की पीड़ा के बारे में बात की और कहा कि आयुष्मान योजना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान करती है। इसी तरह 9000 जन औषधि केंद्र किफायती दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने स्टेंट और घुटने के प्रत्यारोपण की कीमत की ऊपरी सीमा तय करने और हर जिले में मुफ्त डायलिसिस केंद्रों का भी उल्लेख किया। 1.5 लाख से अधिक आरोग्य कल्याण केंद्र शीघ्र निदान और बेहतर उपचार के लिए महत्वपूर्ण परीक्षण सुविधा प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान देश और गरीबों की एक प्रमुख चिकित्सा चुनौती का भी समाधान कर रहा है। स्वच्छता, योग और आयुर्वेद के माध्यम से निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान केंद्रित करने से स्वास्थ्य में सुधार होगा और बीमारी को रोका जा सकेगा।

सरकारी योजनाओं की सफलताओं को प्रतिबिंबित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि वे लोगों की सेवा करने का अवसर पाकर धन्य महसूस करते हैं। उन्होंने आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि यह गरीबों के लिए एक सहायता प्रणाली बन गई है, जिससे उन्हें 80,000 करोड़ रुपये की बचत करने में मदद मिली है। उन्होंने मध्यम वर्ग को 20,000 करोड़ रुपये बचाने में मदद करने का श्रेय जन औषधि केंद्रों को दिया। उन्होंने आगे कहा कि स्टेंट और घुटने के प्रत्यारोपण की लागत में कमी के कारण गरीब और मध्यम वर्ग को हर साल 13,000 करोड़ रुपये की बचत हो रही है, जबकि मुफ्त डायलिसिस की सुविधा से गरीब किडनी मरीजों को 500 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि लगभग 1 करोड़ आयुष्मान भारत कार्ड सौंपने का अभियान असम में भी शुरू हो गया है, जो उन्हें और अधिक पैसे की बचत करने में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री ने महिलाओं के कल्याण के लिए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में किए गए उपायों के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अपने स्वास्थ्य पर खर्च करने के प्रति महिलाओं की पारंपरिक अनिच्छा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शौचालय के प्रसार ने उन्हें कई बीमारियों से बचाया और उज्ज्वला योजना ने उन्हें धुएं से संबंधित समस्याओं से बचाने में मदद की। जल जीवन मिशन ने जलजनित बीमारियों से बचाने में मदद की और मिशन इंद्रधनुष ने गंभीर बीमारियों के लिए मुफ्त टीकाकरण कर उन्हें सुरक्षित किया। आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और राष्ट्रीय पोषण अभियान ने महिलाओं के स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, “जब सरकार संवेदनशील होती है और गरीबों के प्रति सेवा की भावना होती है, तो ऐसे काम होते हैं।

श्री मोदी ने कहा, "हमारी सरकार 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र का भी आधुनिकीकरण कर रही है।" उन्होंने आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य अभियान और डिजिटल स्वास्थ्य आईडी का उल्लेख किया, जो एक क्लिक से नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाएगा और अस्पताल की सेवाओं में सुधार करेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि अब तक 38 करोड़ स्वास्थ्य आईडी जारी किये जा चुके हैं और 2 लाख से अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं और 1.5 लाख स्वास्थ्य कर्मियों का सत्यापन किया जा चुका है। ई-संजीवनी की बढ़ती लोकप्रियता को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने योजना के माध्यम से 10 करोड़ ई-परामर्श पूरा करने की उपलब्धि का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में बदलाव का सबसे बड़ा आधार है, सबका प्रयास।" उन्होंने कोरोनावायरस संकट के दौरान सबका प्रयास की भावना को याद किया और कहा कि दुनिया के सबसे बड़े, सबसे तेज और सबसे प्रभावी कोविड टीकाकरण अभियान की पूरी दुनिया प्रशंसा कर रही है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, प्राथमिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और फार्मास्युटिकल क्षेत्र के योगदान का उल्लेख किया, जिसके कारण मेड इन इंडिया टीकों को बहुत कम समय में दूर-दराज के स्थानों तक पहुंचाने में सफलता मिली। प्रधानमंत्री ने कहा, “इतना बड़ा महायज्ञ तभी सफल होता है, जब सबका प्रयास और सबका विश्वास हो।“ उन्होंने सबका प्रयास की भावना के साथ आगे बढ़ने और स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत के मिशन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सभी से आग्रह करते हुए अपने संबोधन का समापन किया।

असम के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया, असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती पवार, असम सरकार के मंत्री और अन्य इस अवसर पर उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

एम्स, गुवाहाटी का शुभारम्भ, असम राज्य और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह देश भर में स्वास्थ्य-अवसंरचना को मजबूत करने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। मई 2017 में इस अस्पताल की आधारशिला भी प्रधानमंत्री ने रखी थी। 1120 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित एम्स गुवाहाटी, 30 आयुष बिस्तरों सहित 750 बिस्तरों की क्षमता वाला एक अत्याधुनिक अस्पताल है। इस अस्पताल से पूर्वोत्तर के लोगों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और हर साल 100 एमबीबीएस छात्रों को वार्षिक तौर पर प्रवेश मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने देश को तीन मेडिकल कॉलेज अर्थात नलबाड़ी मेडिकल कॉलेज, नलबाड़ी; नागांव मेडिकल कॉलेज, नागांव और कोकराझार मेडिकल कॉलेज, कोकराझार भी राष्ट्र को समर्पित किया, जिन्हें क्रमशः लगभग 615 करोड़ रुपये, 600 करोड़ रुपये और 535 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया गया है। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में 500 बिस्तरों वाला शिक्षण अस्पताल संलग्न है, जिनमें आपातकालीन सेवाओं, आईसीयू सुविधाओं, ओटी और डायग्नोस्टिक सुविधाओं सहित ओपीडी/आईपीडी सेवाओं की सुविधा है। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज की वार्षिक प्रवेश क्षमता 100 एमबीबीएस छात्रों की होगी।

प्रधानमंत्री द्वारा 'आपके द्वार आयुष्मान' अभियान का औपचारिक शुभारंभ, कल्याणकारी योजनाओं के सन्दर्भ में 100 प्रतिशत की पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक लाभार्थी तक पहुंचने के उनके दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक कदम है। प्रधानमंत्री ने तीन प्रतिनिधि लाभार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) कार्ड भी वितरित किए, जिसके बाद राज्य के सभी जिलों में लगभग 1.1 करोड़ एबी-पीएमजेएवाई कार्ड वितरित किए जायेंगे।

असम उन्नत स्वास्थ्य देखभाल नवाचार संस्थान (एएएचआईआई) का शिलान्यास, स्वास्थ्य-संबंधी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' के विजन को साकार करने की दिशा में एक कदम है। देश में स्वास्थ्य सेवा में उपयोग की जाने वाली अधिकांश प्रौद्योगिकियां आयात और एक अलग संदर्भ में विकसित की जाती हैं, जो भारतीय परिवेश में संचालन के लिए अत्यधिक महंगी और जटिल होती हैं। एएएचआईआई की परिकल्पना उपरोक्त संदर्भ में की गई है और यह इस तरह काम करेगा कि 'हम अपनी समस्याओं का समाधान खुद ढूंढ़ लें'। एएएचआईआई को लगभग 546 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा और यह दवा तथा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अत्याधुनिक आविष्कारों और अनुसंधान एवं विकास की सुविधा प्रदान करेगा, स्वास्थ्य से संबंधित देश की समस्याओं की पहचान करेगा और उन समस्याओं के समाधान के लिए नई तकनीकों के विकास को बढ़ावा देगा।

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Boost to small exporters, MSMEs as govt removes Rs 10-lakh cap on courier trade

Media Coverage

Boost to small exporters, MSMEs as govt removes Rs 10-lakh cap on courier trade
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
LDF और UDF की करप्शन और कम्यूनलिज्म की राजनीति केरलम की संस्कृति और आस्था को नुकसान पहुंचाती है: तिरुवल्ला में पीएम मोदी
April 04, 2026
अगर एनडीए की पॉलिसी से किसी समूह को सबसे ज्यादा लाभ हुआ है, तो वो महिलाएं हैं। महिला सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है: तिरुवल्ला में पीएम मोदी
सबरीमाला रेलवे प्रोजेक्ट पूरे इलाके में नए मौके खोलेगा, सबरीमाला को सीधे भक्तों से जोड़ेगा: पीएम मोदी
केरलम में, हम सरकार बनाएंगे, जीवन की क्वालिटी में सुधार करेंगे, और मछुआरों तथा स्थानीय समुदायों की चिंताओं को दूर करेंगे: पीएम मोदी
16-18 अप्रैल तक, नारी शक्ति वंदन एक्ट पर चर्चा के लिए संसद फिर से शुरू होगी, जिसका लक्ष्य 2029 तक 33% महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है: पीएम

जय केरलम... जय केरलम...

जय विकसिता केरलम... जय विकसिता केरलम

केरलत्तिले एंडे प्रियप्पेट्टा….

सहोदरी सहोदरनमारे, एल्लावर्कम एंडे नमस्कारम।

सर्वप्रथम मैं भगवान श्रीवल्लभन के चरणों में प्रणाम करता हूं।

तिरुवल्ला की इस पवित्र धरती से मैं सबरीमला तीर्थ को, और स्वामी अय्यप्पा को भी प्रणाम करता हूं।

मैं सबसे पहले तो छोटी बिटिया को आशीर्वाद देता हूं जो बढ़िया चित्र बनाकर मुझे भेंट किया है। उधर भी एक नौजवान ने मेरी मां का चित्र मुझे दिया है। मैं इन सबका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस बेटी को आशीर्वाद देता हूं। मैं अपना भाषण शुरू करूं उससे पहले इस चुनाव में जो कैंडिडेट है उनसे आग्रह करता हूं कि कैंडिडेट सारे आगे आ जाएं। कैंडिडेट वहां खड़ें हो जाएं जरा। मैं एक दो मिनट जाकर के आता हूं आपके पास।

आज तिरुवल्ला में इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी उपस्थिति...NDA पर आप लोगों का ये भरोसा... मेरी माताओं-बहनों का ये स्नेह और विश्वास...पूरे केरलम में आज ऐसा ही माहौल दिख रहा है। मुझे निकट से केरलम के चुनाव देखने का अवसर मिला है। मैं पहले भी आया हूं लेकिन इस बार हवा का रूख कुछ और है। लोगों का मिजाज कुछ और है। केरलम में अब सबसे बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। 9 अप्रैल को वोटिंग और 4 मई को दशकों के कुशासन का अंत की घोषणा....अब ये पक्का हो चुका है....LDF सरकार के जाने का काउंट डाउन शुरू हो चुका है...केरलम में पहली बार बीजेपी और NDA की सरकार आने वाली है।

इस चुनाव में केरलम का तो फायदा होने वाला है लेकिन मेरा एक निजी नुकसान होने वाला है। आपको लगता होगा ऐसी क्या बात है कि केरलम का फायदा होगा और मोदी का नुकसान होगा। जी मेरा व्यक्तिगत नुकसान होने वाला है। आपके मन में होता होगा क्या है बताऊं... बताऊं आपको। ऐसा है ये जो अनूप लड़ रहा है ना चुनाव आपके यहां.. ये पिछले पांच साल से मेरे साथ काम करता है। और देश भर में घूमकर के चीजें खोज कर के लाता है। यानि एक प्रकार से मेरा डेडिकेटेड साथी रहा है। एक प्रकार से ऐसे कामों के लिए वो मेरा बांया हाथ बन गया है। और कभी भी, शायद यहां भी कई लोगों को पता नहीं होगा कि अनूप मेरे साथ इतने सालों से है। कभी बोलता नही है और मैंने इसकी शक्तियों को जाना है। चूपचाप काम करना। अपने काम के लिए दिन रात जुटे रहना। मैंने ऐसा नौजवान मुझे मिला मेरा बहुत काम हो गया। लेकिन मैंने देखा कि जब केरलम को इस नौजवान की सेवाओं का फायदा होगा तो मैंने कहा मेरा भले ही नुकसान हो जाए लेकिन मैं आज अनूप को आपको सुपुर्द करने के लिए आया हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

तिरुवल्ला केरलम में विकास के नए युग की शुरुआत का केंद्र बनकर उभरा है। मैं इस जनसमर्थन के लिए तिरुवल्ला की जनता का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। तिरुवल्ला के लोगों का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है। तिरुवल्लयिले जनंगलुडे विश्वासमाण्, यंगलुडे एट्टवुं वलिय शक्ति।

एंडे सुहुर्तगले,

अभी दो-तीन दिन पहले जब मैं दिल्ली में था...मेरी केरलम के बीजेपी कार्यकर्ताओं से फोन पर लंबी चर्चा हुई। मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र, इतने छोटे केरलम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र में बीजेपी के एक लाख 25 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता मेरे साथ फोन पर जुड़े थे। और तीस-चालीस मिनट इस चर्चा में मैंने देखा, साफ दिखा कि केरलम की जनता ने LDF सरकार की विदाई पक्की कर ली है। इस चुनाव में मेहनत कर रहे सभी बीजेपी-एनडीए कार्यकर्ताओं की मैं हृदय से सराहना करता हूं, उनका बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

मैं केरलम की ताकत को देख रहा हूं। अभी मेरा हेलीकॉप्टर जहां लैंड हुआ, हेलीपैड से यहां तक मैं आया, जितने लोग यहां हैं ना इससे ज्यादा लोगो वहां रोड शो में खड़े थे। मेरे लिए बड़ा सरप्राइज था... रोड शो का कार्यक्रम नहीं था, लेकिन पूरे रास्ते भर मैं देख रहा था। लोग ह्यूमन चेन की बात करते हैं लेफ्ट के लोग, आज यहां के लोगों ने ह्यूमल वॉल बनाकर के दिखा दिया।

एंडे सुहुर्तगले,

हमारे केरलम को ईश्वर ने अपार संसाधन और संभावनाएं दी हैं।
यहाँ समंदर में ब्लू इकोनॉमी के असीम अवसर हैं। यहाँ उद्योगों के लिए संभावनाएं हैं। पर्यटन के क्षेत्र में कितना बड़ा potential है। लेकिन फिर भी, केरलम विकास की दौड़ में बाकी राज्यों से लगातार पिछर रहा है..पिछरते-पिछरते जा रहा है।

एंडे सुहुर्तगले,

LDF-UDF की सरकारों ने कभी इस क्षेत्र की परवाह नहीं की।
यहाँ कनेक्टिंग रोड्स का हाल बेहाल है। मुझे आपके ही साथी बता रहे थे कि यहां कई बरसों से एक भी बड़ा पुल नहीं बना है। कोट्टयम में मेडिकल कॉलेज की हालत इतनी खराब है कि उसका वर्णन करना मुश्किल है। जहां बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ऐसी कमी हो, वहां आपकी क्वालिटी ऑफ लाइफ कैसी होगी, इसका अंदाजा हर कोई लगा सकता है।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम में कभी BJP सरकार नहीं रही। लेकिन, आप सब के आशीर्वाद से, देश की जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से हम केंद्र सरकार के जरिए केरलम के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। जब कांग्रेस दिल्ली में सत्ता में थी.. और एलडीएफ-यूडीएफ दोनों मिलकर के दिल्ली में सरकार चलाते थे, उस समय जो केरलम को मदद मिली.उसकी तुलना में NDA सरकार ने मोदी सरकार ने 5 गुना ज्यादा पैसा केरलम को भेजा है।

एंडे सुहुर्तगले,

बीजेपी-एनडीए को आपकी Ease of Living और क्वालिटी ऑफ लाइफ, दोनों की चिंता है। हमने पीएम आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के घर दिये हैं। जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव पाइप से पानी पहुंचाने का काम हो रहा है। यहां रबर के किसान बड़ी संख्या में रहते हैं...केरलम के किसानों को हमने पीएम-किसान सम्मान निधि के जरिए Around thirteen thousand करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके खातों में पहुंचाई है। इससे रबर के किसानों को भी मदद मिली है।

साथियों,

नॉर्थ-ईस्ट में ईसाई समाज की संख्या बहुत अधिक है। एक राज्य को छोड़कर के नॉर्थ-ईस्ट के सात राज्यों में एनडीए की सरकार है और वहां पिछले 50-60 साल में जो काम नही हुआ है वो हमने कर के दिखाया है। गोवा में ईसाई समाज निर्णायक है। गोवा के अंदर लगातार बिजेपी की एनडीए की सरकार है, गोवा विकास के नए ऊंचाइयों को छू रहा है।
केरलम में भी NDA सरकार बनेगी तो विकास की नई ऊंचाइयों को पाएंगे, स्थानीय किसानों और फिशरमेन की हर समस्या का हम समाधान करेंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

केंद्र की NDA सरकार ही केरलम में आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं पर ज़ोर दे रही है। हम यहाँ नेशनल हाइवेज बनाने को गति दे रहे हैं। रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है। यहाँ रेलवे लाइनों की डबलिंग का काम भी पूरा हो गया है। कोट्यम से अब हाइस्पीड आधुनिक वंदेभारत ट्रेन भी चलाई जा रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

यहां सबरीमला रेलवे प्रोजेक्ट इस क्षेत्र में नई संभावनाओं को खोल सकता है। इससे सबरीमला तक सीधी कनेक्टिविटी बनेगी। श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी... स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी...और मेरे नौजवान मित्रों को मेरे युवा साथियों के लिए रोजगार के नए-नए रास्ते खुलेंगे। लेकिन साथियों, आपको ये बात हमेशा याद रखनी है। यहां प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की जगह उसको लटकाए रखा! तिरुवल्ला को इसका बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। जब बीजेपी की डबल इंजन सरकार आएगी, तो ऐसी सभी रुकावटें हटेंगी। और ये मोदी की गारंटी है। NDA की राज्य सरकार में केरलम तेज गति से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।
एनडीए सरकारिनु कीड़िल केरलम
कसनत्तिन्टे पातयिल अतिवेगम मुन्नेरुम।

एंडे सुहुर्तगले,

NDA की नीतियों का सबसे बड़ा लाभ अगर किसी वर्ग को होता है, तो वो मेरी माताएं-बहने महिलाओं को होता है। महिलाओं का सशक्तिकरण, महिलाओं का प्रतिनिधित्व....ये हमारी प्राथमिकता है। हमने महिलाओं के जीवन से जुड़ी हर समस्या के समाधान का प्रयास किया है। हमने घर घर शौचालय बनवाए, जनधन खाते खुलवाए, महिलाओं के नाम उनके घर महिलाओं के नाम पर बनवाए...मुद्रा लोन के जरिए अपना कारोबार शुरू करने वालों में भी बड़ी हिस्सेदारी महिलाओं की है। उनको बैंक से पैसा मिला है। हम वूमन सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को भी लाखों करोड़ रुपए की मदद दे रहे हैं। लखपति दीदी का अभियान सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं। पहले मैंने तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था। देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बन चुकी अब मैंने और नाइनटीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। केरलम में बीजेपी सरकार आएगी, तो यहाँ भी डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा लाभ मेरी माताओं, बहनों को, बेटियों को, महिलाओं को मिलने वाला है। आपने देखा होगा, अभी हमने एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है। भविष्य में माताओ-बहनों को कैंसर ना हो, इसलिए 13-14 साल की बच्चियों को उनकी जांच करके वैक्सीन लेने की योजना है। ये भविष्य में हमारी माताओ-बहनों को, ये बटियां जब बड़ी हो जाएंगी, वो कैंसर से बच पाएगी। इतना बड़ा काम आज देश की बेटियों के लिए, महिलाओं के लिए, माताओं के लिए एनडीए-भाजपा सरकार कर रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

ये हमारी ही सरकार है जिसने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को thirty three percent reservation दिया है। और आप सभी की जानकारी में है कि बजट सत्र का हमने पूर्णाहुति करने वी बजाए उसका विस्तार किया है। तीन दिन के लिए 16-17 और 18 अप्रैल को संसद फिर से मिलने वाली है। आपको पता है क्यों मिलने वाली है। जो कानून हमने पारित किया है। 33 पर्सेंट महिलाओं के लिए 2029 में लोकसबा के चुनाव से इसका लाभ मिलना शुरू हो जाए। 33 पर्सेंट बहनें पार्लियामेंट में आकर बैठे। इसके लिए कानून बनाने की जरूरत है। जैसे पार्लियामेंट ने सर्वसम्मति से महिला आरक्षण बिल पास किया था बैसे ही 16-17 -18 को दो काम करने हैं। केरल हो तमिलनाडु हो और बाकी राज्य हो, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है, लोग झूठ फैला रहे हैं कि जनसंख्या कम हो रही हैं तो सीटें कम हो जाएगी। हम इस बार पार्लियामेंट में पक्का करना चाहते हैं कि पार्लियामेंट में कानून में ठप्पा लगाना चाहते हैं कि केरल हो, तमलनाडु हो, कर्नाटक हो, आंध्र हो, गोवा हो, तेलंगाना हो कहीं पर भी लोकसभा की सीटें कम ना हो, इसका ठप्पा लगाने के लिए और दूसरा महिलाओं के लिए जो सीटें होंगी वो अतिरिक्त सीटें बढ़ जाएं इतना बड़ा फायदा हमारे दक्षिण भारत के राज्य को मिले इसके लिए हम कानून संशोधन के लिए हम सत्र बुला रहे हैं। हमने कांग्रेस के लोगों को मीटिंग के लिए बुलाया। हम आशा करते हैं कि वो हमारी बात मानकर के आएंगे।

हमने इंडिया एलायंस के मित्रों से बात की है। आप ही लोगों को बताइए, कांग्रेस के लोगो को बताइए, एलडीएफ के लोगों को बताएं कि महिलाओं के अधिकार ये कानून निर्विरोध पास होना चाहिए। ये उन से वादा लीजिए आपलोग । और में उनसे भी प्रार्थना करता हूं कि मेरी माताओं-बहनों का ये हक 40 सालों से लटका हुआ है। अब 2029 के चुनाव में फिर से लटकना नहीं चाहिए। इसलिए मैं सभी राजनीतिक दलों पर देश की माताएं-बहनें दबाव डालें। सब संसद में आएं और इस कानून को पारित करें। महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या इस विषय को देखते हुए नारीशक्ति वंदन कानून में संशोधन किया जाएगा। ये आवश्यक है कि ये संशोधन सर्वसम्मति से पास हो ताकि साल 2029 में होने वाले चुनाव में ही इसका लाभ हमारी माताओं -बहनों को मिलना शुरू हो जाए। मैं सभी दलों से आग्रह करूंगा कि ये नारीशक्ति से हित से जुड़ा काम है, इसलिए खुले मन से, कोई भी राजनीतिक हिसाब किए बिना पूर्ण समर्थन कर के माताओं-बहनों का विश्वास जीतने में आप भी भागीदान बनिए।

एंडे सुहुर्तगले,

आज केरलम में युवाओं का पलायन सबसे बड़ी चिंता बन चुका है। केरलम में रोजगार के लिए यहाँ इंडस्ट्री लगाने की जरूरत है। रोजगार के लिए जरूरी है कि, यहाँ service sector बढ़े। start-ups को जगह मिले, skill को सही value मिले। लेकिन इन सबके आगे केरलम में सबसे बडी दीवार है- करप्शन और कम्यूनलिज्म। जब यहां करप्शन और कम्यूनलिज्म की दीवार टूटेगी, तभी केरलम का विकास होगा। और इसके लिए आपको LDF-UDF दोनों को हराना होगा।

एंडे सुहुर्तगले,

रोजगार की तलाश में यहाँ से लाखों युवा विदेशों में भी गए हैं। NRI के तौर पर भी वो केरलम की सेवा करते हैं। यहाँ अपनी आय का बड़ा हिस्सा remittance के तौर पर भेजते हैं। इसी का परिणाम है, ये क्षेत्र बैंकिंग कैपिटल बनकर उभरा है। लेकिन कांग्रेस ने आपके और आपके संबंधियों के खिलाफ एक बहुत खतरनाक काम किया है। मैं विस्तार से आपको ये बात बताना चाहता

एंडे सुहुर्तगले,

वेस्ट एशिया के युद्ध संकट ने कांग्रेस और उसके साथी दलों के मंसूबों को एक्सपोज कर दिया है। आज पूरा देश देख रहा है... खाड़ी के देशों में कैसे हालात बने हुये हैं। और वहां हमारे लाखों लोग केरल के मेरे भाई-बहन वहां काम कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं... ऐसे बयान देते हैं... जिनसे वेस्ट एशिया में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाए ! वहां के लोगों को बीच में अविश्वास पैदा हो जाए। वहां की सरकार ये तो हमारी दोस्ती अच्छी है कि गल्फ की सभी सरकारें हमारे सभी भारतीयों को अपने ही परिवार मानकर के उनकी रक्षा कर रहे हैं। लेकिन यहां से ऐसी-ऐसी भाषा बोली जा रही है। ऐसी भड़काव बातें हो रही हैं। मैं उनको कह-कह कर थक गया कि ये बोलने का समय नहीं है। ये हमारे लाखों भाई-बहन वहां है ना उनकी सुरक्षा ही मेरा पहला दायित्व है। सबसे बड़ी प्रायरिटी है, कृपा कर के अनाप-शनाप बोलना बंद करो ताकि हमारे नौजवानों को हमारी बेटियों को वहां कोई तकलीफ ना हो।

एंडे सुहुर्तगले,

कांग्रेस चाहती है कि वेस्ट एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझें...यहां हम कोई गलती कर दे ऐसा कोई बयान कर दे और गल्फ कंट्रीज से भारतीयों को वहां से बाहर निकलने के लिए मूसीबत आ जाए ! इसलिए कांग्रेस...गल्फ कंट्रीज को नाराज करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि पैनिक फैले और उसे मोदी को गाली देने का मौका मिल जाए। अरे कांग्रेस के लोगो, एलडीएफ के लोगो, यूडीएफ के लोगो, अरे राजनीति अपनी जगह पर है, अरे चुनाव आते जाते रहेंगे, लेकिन मेरे केरलम के लाखों भाई-बहन वहां है मेरे लिए उनकी सुरक्षा सबसे बड़ा काम है और मैं इसके लिए कमिटेड हूं। चुनाव जीतने के लिए, मोदी को गाली देने के लिए....कांग्रेस 1 करोड़ प्रवासियों का जीवन संकट में डालने को तैयार बैठी है। उधर ईरान में हमारा फिशरमैन केरल के हैं तमिलनाडु के हैं, गोवा के हैं आंध्र के हैं, तेलंगाना के हैं, पुड्डुचेरी के हैं। उनकी जिंदगी खतरे में है। हम वहां के संकट में से उनको बाहर ले आ रहे हैं। आज सैकड़ों की तादाद में मेरे मछुआरे भाई-बहन भारत लौटने वाले हैं। हमारे लिए उनकी जिंदगी बचाना ये महत्वपूर्ण है बयानबाजी करने के लिए और बहुत मौके आएंगे अभी तो हमारे लोगों की, हमारे मछुआरे भाई-बहनों को हमें जिंदा वापस लाना है। कांग्रेस को इन सारी चीजों से कोई लेना देना नहीं है। बस चुनाव... चुनाव... चुनाव.. क्या देश के लोगों की चिंता नहीं करोगे... काँग्रेस इस स्वार्थी सियासत के लिए केरलम के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। पाप कर रहे हो।

एंडे सुहुर्तगले,

युद्ध की इन परिस्थितियों में मैं आपकी चिंता समझता हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से लगातार संपर्क में हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से मैं लगातार संपर्क में हूं। वहां की सरकारों से हम लगाता बात कर रहे हैं। मैं आप सभी परिजनों को आश्वस्त करता हूँ.... आपका बेटा, आपकी बेटी, आपके परिवारजन भले ही आपसे दूर हों...लेकिन, वो अकेले नहीं हैं। भारत सरकार इन देशों में रह रहे हर भारतीय के साथ है। युद्ध के बीच भी हम भारत के लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

इस चुनाव में LDF-UDF वालों ने मिलकर एक और propaganda शुरू किया है। लेफ्ट वाले कहते हैं कि, कांग्रेस बीजेपी की B टीम है। और, कांग्रेस कहती है कि लेफ्ट BJP की B टीम है। इन्हें ये इसलिए कहना पड़ रहा है... क्योंकि ये दोनों भी जानते हैं कि इस चुनाव में केरलम में अगर कोई पार्टी A टीम है तो A टीम BJP ही है।

साथियों,

आपने ये भी देखा है कि इस चुनाव में LDF और UDF दोनों मिलकर सिर्फ BJP को गालियां दे रही हैं, उनके निशाने पर सिर्फ बीजेपी है। इसकी एक वजह और भी है जो आपको जरूर नोट करनी चाहिए। दरअसल LDF और UDF की सीक्रेट पार्टनरशिप इतनी पक्की है कि ये एक दूसरे पर आरोप लगाने से बच रहे हैं। असल में ये दोनों एक ही सिक्के दो साइड हैं। इनकी दुश्मनी नकली है... WWWF है। LDF और UDF की दोस्ती एवरग्रीन है! जब दिल्ली में सरकार बनती है दोनों साथ होते हैं। बगल में तमिलनाडु में साथ में चुनाव लड़ रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस दोनों वोटबैंक के लिए कट्टरपंथी लोगों को राजनीति में आगे बढ़ाते हैं। मुनंबम जैसी घटनाएं केरलम में आम होती जा रही हैं... वहाँ सैकड़ों ईसाई और हिंदू परिवारों को डराया गया। लेकिन, केरलम सरकार पीड़ितों को सहायता देने की जगह कट्टरपंथी ताकतों के साथ ही खड़ी नज़र आती है। ये एक खतरनाक ट्रेंड है। वोटबैंक के लिए केरलम और देश की सुरक्षा से ये खिलवाड़.... केरलम के देशभक्त लोग इसे कभी भी कामयाब नहीं होने देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस का भ्रष्टाचार हो, या उनका तुष्टीकरण... इसका सीधा हमला केरलम की संस्कृति और आस्था पर हो रहा है। पहले इन लोगों ने सबरीमला तीर्थ को बदनाम करने के लिए कैसे-कैसे षड्यंत्र रचे थे! और अब, सबरीमला इनकी लूट और चोरी के निशाने पर भी आ गया है।

एंडे सुहुर्तगले,

सबरीमला में हुये इस पाप का एक पैटर्न है... ये चोरी LDF की सरकार में हुई। और, इसमें चोरी करने वालों के तार काँग्रेस के शीर्ष नेताओं के जुड़े पाए गए। लेफ्ट वाले तो हमेशा से हिन्दू आस्था पर हमले के लिए जाने जाते हैं। इसीलिए, LDF सरकार मामले की जांच CBI को नहीं सौंप रही है। और, जो काँग्रेस हमेशा मंदिर से जुड़े विषयों को अछूत मानती थी... वो आज हिंदुओं की हितैषी बनने का नाटक कर रही है दिखावा कर रही है। मैं ये साफ-साफ कहना चाहता हूँ... NDA सरकार बनने के बाद LDF-UDF को उनके अपराध की सजा जरूर मिलेगी। और जो लूटा है वो लौटाना पड़ेगा। स्वामी अयप्पा और उनके भक्तों के आक्रोश के आगे ये लोग बच नहीं पाएंगे। ये कांग्रेस वाले ये यूडीएफ वाले, ये एलडीएफ वाले हर चीज में झूठ बोलना ये जैसे उनका स्वभाव बन गया है।

देश को गुमराह करना ये उनका स्वभाव बन गया है। जब सीएए लाए तो देश को इतना झूठ बोला... इतना झूठ बोला आज सीएए लागून हुआ देश को कोई नुकसान नहीं हुआ, झूठ बोलने में माहिर है.. केरलम फाइल्स आई फिल्म तो बोलने लगे कि सब झूठ है... कश्मीर फाइल आई तो बोलने लगे सब झूठ है..धुरंधर फिल्म आई तो बोलने लगे कि झूठ है। कुछ भी करो बता देना... झूठ फैला देना। इन दिनो सीआआर को लेकर भी, ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। यूसीसी के लिए ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। गोवा में सीसीए आया हुआ है, दशकों से है लेकिन झूठ फैलाना एफसीआरए के लिए झूठ फैलाना, सीएए के लिए झूठ फैलाना, धुरंधर जैसी फिल्म के लिए झूठ फैलाना केरलम फिल्म के लिए झूठ फैलाना, कश्मीर फाइल्स के लिए झूठ फैलाना। झूठ फैलाने का कारोबाल लेकर के बैठे हुए हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम की आस्था, संस्कृति इसकी रक्षा हो... केरलम विकास की नई ऊंचाइयों को छूए... ये हम सभी का संकल्प है। आप भाजपा-एनडीए उम्मीदवार को वोट देकर विकसित केरलम की यात्रा शुरू करिए। मैं आपको निमंत्रण देता हूं आप आइए.. ये मेरी जिम्मेदारी है ये मेरी गारंटी है 50 सालों में केरलम का विकास नहीं हुआ, हम पांच साल में करके देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

कल ईस्टर है। मैं ईस्टर की आपको शुभकामनाएं देता हूं। कुछ ही सप्ताह में सभी मलयाली साथी विशु भी मनाएंगे। मैं विशु की भी अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। मैं सबसे पहले तो आप सबसे माफी मांगना चाहता हूं, क्योंकि मैं मलयालम, मलयाली, ये आपकी बहुत सुंदर भाषा है, मैं बोल नहीं पाता हूं, मुझे हिंदी में बोलना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद भी, एक भी व्यक्ति यहां से हटा नहीं। मैं जानता हूं यहां गांव के लोग आए हैं, हो सकता है मेरी भाषा नहीं समझ पाते हों, लेकिन ये आपके प्यार की ताकत है। ये आपका आशीर्वाद है... एक भी व्य़क्ति हिल नहीं रहा है हट नहीं रहा है। मेरा ये बहुत बड़ा सौभाग्य है। मैं आपका ये कर्ज, मैं आपका प्यार कभी भूलूंगा नहीं, ये मेरे पर आपका कर्ज है... और मैं केरलम के विकास को प्राथमिकता देकर के सवा गुना विकास करके इस कर्ज को चुकाऊंगा ये आज मैं वादा करता हूं।

मैं आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मेरे साथ बोलिए, दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए...

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...