जब भी मैं मॉरीशस आता हूँ, मुझे ऐसा लगता है कि मैं अपने ही लोगों के बीच हूँ: प्रधानमंत्री
मॉरीशस के लोगों और सरकार ने मुझे अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने का फैसला किया है और मैं इस फैसले को बहुत सम्मान के साथ स्वीकार करता हूँ: प्रधानमंत्री
यह सिर्फ़ मेरे लिए सम्मान की बात नहीं है, यह भारत और मॉरीशस के बीच ऐतिहासिक संबंधों का सम्मान है: प्रधानमंत्री
मॉरीशस एक ‘मिनी इंडिया’ की तरह है: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार ने नालंदा विश्वविद्यालय और उसकी भावना को पुनर्जीवित किया है: प्रधानमंत्री
बिहार का मखाना जल्द ही दुनिया भर में नाश्ते का हिस्सा बन जाएगा: प्रधानमंत्री
मॉरीशस में भारतीय प्रवासियों की सातवीं पीढ़ी को ओसीआई कार्ड देने का फैसला किया गया है: प्रधानमंत्री
मॉरीशस सिर्फ़ एक साझेदार देश नहीं है; हमारे लिए मॉरीशस एक परिवार है: प्रधानमंत्री
मॉरीशस भारत के सागर विजन के केंद्र में है: प्रधानमंत्री
जब मॉरीशस समृद्ध होता है, तो भारत सबसे पहले जश्न मनाता है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री महामहिम नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ आज ट्रायोन कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मॉरीशस के भारतीय समुदाय और भारत के मित्रों की एक सभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में छात्रों, पेशेवरों, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों और व्यापार जगत के अग्रणी व्यक्तियों सहित भारतीय प्रवासियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। इसमें मॉरीशस के कई मंत्री, संसद सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री रामगुलाम ने घोषणा की कि मॉरीशस, राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान भारत के प्रधानमंत्री को अपना सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन [जी.सी.एस.के.]’ प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने इस असाधारण सम्मान के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री को उनकी गर्मजोशी और मित्रता तथा दोनों देशों के बीच जीवंत और विशेष संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। एक विशेष भाव व्यक्त करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री रामगुलाम और उनकी पत्नी वीना रामगुलाम को ओसीआई कार्ड सौंपे। मॉरीशस के लोगों को उनके राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने दोनों देशों की साझा ऐतिहासिक यात्रा को याद किया। उन्होंने सर शिवसागर रामगुलाम, सर अनिरुद्ध जगन्नाथ, मणिलाल डॉक्टर और मॉरीशस की स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले अन्य लोगों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना उनके लिए सम्मान की बात है। दोनों देशों के लोगों के बीच घनिष्ठ संबंधों की नींव रखने वाली साझा विरासत और पारिवारिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने मॉरीशस में भारतीय मूल के समुदाय द्वारा अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संरक्षित और पोषित करने की सराहना की। इन आपसी संबंधों को और मजबूत करने के लिए मॉरीशस के लिए एक विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके तहत मॉरीशस में भारतीय मूल के लोगों की सातवीं पीढ़ी को ओसीआई कार्ड उपलब्ध कराए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि भारत गिरमिटिया विरासत को पोषित करने के लिए कई पहलों का समर्थन करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को मॉरीशस का करीबी विकास साझेदार होने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने आगे बताया कि भारत-मॉरीशस के विशेष संबंधों ने भारत के सागर विजन और ग्लोबल साउथ के साथ इसके जुड़ाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जलवायु परिवर्तन की साझा चुनौती से निपटने के बारे में बात करते हुए उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन पहलों में मॉरीशस की भागीदारी की सराहना की। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री ने एक पेड़ माँ के नाम (प्लांट4मदर) पहल पर भी प्रकाश डाला, जिसके तहत उन्होंने ऐतिहासिक सर शिवसागर रामगुलाम वनस्पति उद्यान में एक पौधा लगाया। प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन यहाँ देखा जा सकता है

इस आयोजन में एक आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल था, जिसमें इंदिरा गांधी सेंटर फॉर इंडियन कल्चर (आईजीसीआईसी), महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट (एमजीआई) और अन्ना मेडिकल कॉलेज के कलाकारों ने प्रस्तुति दी।

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UPI के 10 साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने नागरिकों से अपने अनुभव साझा करने की अपील की
August 25, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की परिवर्तनकारी यात्रा को स्मरण किया, जिसका शुभारंभ एक दशक पहले हुआ था। यूपीआई ने भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाते हुए देश में त्वरित, सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक डिजिटल लेन-देन को नई गति प्रदान की।

पिछले दस वर्षों में यूपीआई ने देश के कोने-कोने तक अपनी व्यापक पहुंच बनाते हुए डिजिटल भुगतान को आम नागरिकों के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बना दिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने यूपीआई की इस उल्लेखनीय और गौरवपूर्ण यात्रा को रेखांकित करते हुए कहा कि इसकी उपलब्धियों पर हर भारतीय गर्व कर सकता है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपने यूपीआई उपयोग के अनुभव साझा करने और यह बताने का भी आग्रह किया कि यूपीआई ने उनके दैनिक जीवन को किस प्रकार सरल, सुविधाजनक और सहज बनाया है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट में लिखा:

एक दशक पहले शुरू हुई यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई), भारत की डिजिटल भुगतान यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध हुई है। इसने देश में डिजिटल लेन-देन को सरल, तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाते हुए भुगतान के तौर-तरीकों में एक बड़ा बदलाव ला दिया है।

यूपीआई की व्यापक पहुंच और विस्तार पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए।

मुझे अपने यूपीआई अनुभव के बारे में बताएं और इसने आपके जीवन को कैसे प्रभावित किया...

#10YearsOfUPI