यह गर्व का क्षण है कि परम पावन पोप फ्रांसिस ने महामहिम जॉर्ज कूवाकड को पवित्र रोमन कैथोलिक चर्च का कार्डिनल बनाया है: प्रधानमंत्री
कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कहां हैं या वे किस संकट का सामना कर रहे हैं, आज का भारत अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालना अपना कर्तव्य समझता है: प्रधानमंत्री
भारत अपनी विदेश नीति में राष्ट्रीय हित और मानव हित दोनों को प्राथमिकता देता है: प्रधानमंत्री
हमारे युवाओं ने हमें विश्वास दिलाया है कि विकसित भारत का सपना अवश्य पूरा होगा: प्रधानमंत्री
देश के भविष्य में हममें से प्रत्येक को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित सीबीसीआई सेंटर परिसर में कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) द्वारा आयोजित क्रिसमस समारोह में भाग लिया। पहली बार कोई प्रधानमंत्री भारत में कैथोलिक चर्च के मुख्यालय में इस तरह के कार्यक्रम में शामिल हुआ है। प्रधानमंत्री ने कार्डिनल, बिशप और चर्च के प्रमुख नेताओं सहित ईसाई समुदाय के प्रमुख दिग्गजों से भी बातचीत की।

देश के नागरिकों और दुनिया भर के ईसाई समुदाय को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले वे केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के आवास पर क्रिसमस समारोह में शामिल हुए थे और आज कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। यह अवसर विशेष रूप से खास है क्योंकि यह सीबीसीआई की 80वीं वर्षगांठ है। श्री मोदी ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर सीबीसीआई और इससे जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाते हुए कहा कि पिछली बार उन्होंने प्रधानमंत्री आवास पर सीबीसीआई के साथ क्रिसमस मनाया था और आज सभी सीबीसीआई परिसर में एकत्र हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "मैंने ईस्टर के दौरान सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल चर्च का भी दौरा किया है और मैं आप सभी से मिले गर्मजोशी के लिए आभारी हूं। मैं परम पावन पोप फ्रांसिस से भी यही स्नेह महसूस करता हूं, जिनसे मैं इस वर्ष की शुरुआत में इटली में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मिला था। तीन वर्ष में यह हमारी दूसरी मुलाकात थी। मैंने उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया।" प्रधानमंत्री ने कहा कि सितंबर में न्यूयॉर्क की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन से मुलाकात की थी। ये आध्यात्मिक मुलाकातें सेवा के प्रति संकल्प को प्रेरित और मजबूत करती हैं।

प्रधानमंत्री ने महामहिम कार्डिनल जॉर्ज कूवाकाड के साथ अपनी हाल की मुलाकात को याद किया, जिन्हें हाल ही में परम पावन पोप फ्रांसिस द्वारा कार्डिनल की उपाधि से सम्मानित किया गया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के नेतृत्व में भारत सरकार ने इस कार्यक्रम में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा था। श्री मोदी ने कहा, "जब कोई भारतीय ऐसी सफलता प्राप्त करता है, तो पूरा देश गौरवान्वित होता है। मैं एक बार फिर कार्डिनल जॉर्ज कूवाकाड को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई देता हूं।"

प्रधानमंत्री ने कई यादें भी ताजा कीं, खास तौर पर एक दशक पहले जब फादर एलेक्सिस प्रेम कुमार को युद्धग्रस्त अफगानिस्तान से बचाया गया था। श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि फादर एलेक्सिस प्रेम कुमार को आठ महीने तक बंधक बनाकर रखा गया था और कठिन परिस्थिति के बावजूद सरकार ने उन्हें सुरक्षित घर वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “जब हम सफल हुए तो उनके परिवार की आवाज में जो खुशी थी, उसे मैं कभी नहीं भूल सकता। इसी तरह, जब फादर टॉम को यमन में बंधक बना लिया गया था, तो हमने उन्हें वापस लाने के लिए भी अथक प्रयास किए और मुझे उन्हें अपने घर आमंत्रित करने का सम्मान मिला। खाड़ी में संकट में फंसी नर्स बहनों को बचाने के हमारे प्रयास भी उतने ही अथक और सफल रहे।” श्री मोदी ने दोहराते हुए कहा कि ये प्रयास सिर्फ राजनयिक मिशन नहीं थे, बल्कि परिवार के सदस्यों को वापस लाने की भावनात्मक प्रतिबद्धता थी। आज का भारत, चाहे कोई भी भारतीय कहीं भी हो, संकट के समय उन्हें बचाना अपना कर्तव्य समझता है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की विदेश नीति राष्ट्रीय हितों के साथ-साथ मानवीय हितों को भी प्राथमिकता देती है, जैसा कि कोविड-19 महामारी के दौरान प्रदर्शित हुआ। जहां कई देशों ने अपने हितों पर ध्यान केंद्रित किया, वहीं भारत ने निस्वार्थ भाव से 150 से अधिक देशों की मदद की, दवाइयां और टीके भेजे। इसका वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा, गुयाना जैसे देशों ने गहरा आभार व्यक्त किया। कई द्वीप राष्ट्र, प्रशांत राष्ट्र और कैरेबियाई देश भी भारत के मानवीय प्रयासों की प्रशंसा करते हैं। भारत का मानव-केंद्रित विजन 21वीं सदी में विश्व को ऊपर उठाने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रभु ईसा मसीह की शिक्षाएं प्रेम, सद्भाव और भाईचारे पर जोर देती हैं और जब समाज में हिंसा और अशांति फैलती है तो उन्हें दुख होता है, जैसा कि हाल ही में जर्मनी के क्रिसमस बाजार में और श्रीलंका में वर्ष 2019 के ईस्टर बम विस्फोटों के दौरान देखा गया, जहां उन्होंने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।

श्री मोदी ने कहा कि यह क्रिसमस इसलिए भी खास है क्योंकि यह जुबली वर्ष की शुरुआत है, जो उम्मीद पर केंद्रित है। श्री मोदी ने कहा, "पवित्र बाइबल आशा को शक्ति और शांति, मानवता के लिए आशा, बेहतर दुनिया के लिए आशा और शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए आशा का स्रोत मानती है। हम भी आशा और सकारात्मकता से ही निर्देशित होते हैं।"

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले 10 वर्षों में भारत में 250 मिलियन लोगों ने गरीबी पर विजय प्राप्त की है, जो इस उम्मीद से प्रेरित है कि गरीबी पर विजय संभव है। भारत 10वीं से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तक पहुंच गया है, जो हमारे आत्मविश्वास और दृढ़ता का प्रमाण है। विकास का यह दौर युवाओं के लिए स्टार्ट-अप, विज्ञान, खेल और उद्यमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों के साथ भविष्य के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत के आत्मविश्वासी युवा देश को प्रगति की ओर ले जा रहे हैं, जिससे हमें उम्मीद है कि विकसित भारत का सपना साकार होगा।"

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 10 वर्षों में भारत में महिलाओं ने उद्यमिता, ड्रोन, विमानन और सशस्त्र बलों जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सशक्तिकरण हासिल किया है। उनकी प्रगति इस बात पर प्रकाश डालती है कि महिलाओं को सशक्त किए बिना कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता। श्री मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे अधिक महिलाएं कार्यबल और पेशेवर श्रम शक्ति में शामिल होती हैं, यह भारत के भविष्य के लिए नई उम्मीद लेकर आता है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने मोबाइल और सेमीकंडक्टर विनिर्माण जैसे नवीन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इससे देश में खुद को वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि देश प्रौद्योगिकी और फिनटेक के माध्यम से गरीबों को सशक्त बना रहा है, जबकि नए एक्सप्रेसवे, ग्रामीण सड़क कनेक्शन और मेट्रो मार्गों के साथ अभूतपूर्व गति से इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहा है। ये उपलब्धियां भारत के भविष्य के लिए आशा और आशावाद को प्रेरित करती हैं और विश्व अब भारत को उसके तेज़ विकास और क्षमता में उसी विश्वास के साथ देख रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बाइबल हमें एक-दूसरे का बोझ उठाना सिखाती है, हमें एक-दूसरे की देखभाल करने और एक-दूसरे की भलाई के लिए ज़िम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित करती है। इस मानसिकता के साथ, संस्थाएं और संगठन समाज सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, चाहे नए स्कूल स्थापित करना हो, शिक्षा के माध्यम से समुदायों का उत्थान करना हो या जनता की सेवा के लिए स्वास्थ्य संबंधी पहल लागू करना हो। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों को सामूहिक जिम्मेदारियों के रूप में देखा जाता है।

प्रधानमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि ईसा मसीह ने विश्व को करुणा और निस्वार्थ सेवा का मार्ग दिखाया। हम क्रिसमस मनाते हैं और ईसा मसीह को याद करते हैं ताकि हम इन मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात कर सकें और हमेशा अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता दें। यह न केवल हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है, बल्कि एक सामाजिक कर्तव्य भी है। श्री मोदी ने कहा, “आज देश इसी भावना के साथ ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसे कई विषय थे, जिनके बारे में पहले कभी नहीं सोचा गया था, लेकिन वे मानवीय दृष्टिकोण से सबसे आवश्यक थे। हमने उन्हें अपनी प्राथमिकता बनाया। हमने सरकार को कठोर नियमों और औपचारिकताओं से बाहर निकाला। हमने संवेदनशीलता को एक मानक के रूप में स्थापित किया। यह सुनिश्चित करना कि हर गरीब को पक्का घर मिले, हर गांव में बिजली पहुंचे, लोगों के जीवन से अंधेरा दूर हो, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित करना कि पैसे की कमी के कारण कोई भी इलाज से वंचित न रहे। हमने एक संवेदनशील प्रणाली बनाई जो ऐसी सेवाओं और ऐसे शासन की गारंटी दे सकती है।”

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की पहलों ने विभिन्न समुदायों का काफी उत्थान किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जब महिलाओं के नाम पर घर बनाए जाते हैं, तो इससे उनका सशक्तिकरण होता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई है। श्री मोदी ने कहा कि दिव्यांग समुदाय, जो कभी हाशिए पर था, अब सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर रोजगार तक हर क्षेत्र में प्राथमिकता पर है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के लिए शासन में संवेदनशीलता महत्वपूर्ण है, जैसा कि एक अलग मत्स्य मंत्रालय के गठन और किसान क्रेडिट कार्ड और मत्स्य संपदा योजना जैसे कार्यक्रमों से पता चलता है, जिससे लाखों मछुआरों के जीवन में सुधार हुआ है और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "लाल किले की प्राचीर से मैंने ‘सबका प्रयास’ या सामूहिक प्रयास की बात की, जिसमें राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका के महत्व पर प्रकाश डाला गया। सामाजिक रूप से जागरूक भारतीय स्वच्छ भारत जैसे महत्वपूर्ण आंदोलनों को आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों के लिए स्वच्छता और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार हुआ है।" उन्होंने कहा कि बाजरा (श्री अन्न) को बढ़ावा देना, स्थानीय कारीगरों का समर्थन करना और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान जैसी पहल गति पकड़ रही है, जो मां प्रकृति और हमारी माताओं दोनों का सम्मान करती है। ईसाई समुदाय के कई लोग भी इन प्रयासों में सक्रिय हैं। विकसित भारत के निर्माण के लिए ये सामूहिक कार्य आवश्यक हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सामूहिक प्रयास देश को आगे ले जाएंगे। उन्होंने कहा, "एक विकसित भारत हमारा साझा लक्ष्य है और हम मिलकर इसे हासिल करेंगे। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्जवल भारत छोड़ कर जाएं। एक बार फिर, मैं आप सभी को क्रिसमस और जुबली वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।"

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Text of PM’s address during launch of development works, nationwide campaign for HPV vaccination from Ajmer
February 28, 2026
Our government is committed to all-round development: PM
आज मुझे अजमेर से राष्ट्रव्यापी HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू करने, कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करने और युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ: प्रधानमंत्री
The HPV vaccination campaign has commenced from Ajmer, this campaign is a significant step towards empowering the Nari Shakti of the country: PM
The double-engine government is moving forward by taking both Rajasthan’s heritage and development together: PM
The campaign to link rivers started by our government will significantly benefit Rajasthan: PM
There is no shortage of sunlight in Rajasthan, this very sunshine is becoming a source of savings and income for the common man: PM
A very significant role is being played by the PM Surya Ghar Free Electricity Scheme, this scheme has the power to change Rajasthan's destiny: PM

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

तीर्थराज पुष्कर और माता सावित्री की इस पावन भूमि पर, आज मुझे आप सबके बीच आने का, आपके आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला है। इस मंच से मैं सुरसुरा के तेजाजी धाम को, पृथ्वीराज की भूमि अजमेर को प्रणाम करता हूं।

मेरे साथ बोलिए –

तीर्थराज पुष्कर की जय।

तीर्थराज पुष्कर की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

वरूण अवतार भगवान झूलेलाल जी की जय।

भगवान झूलेलाल जी की जय।

मंच पर विराजमान राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागडे जी, राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी, पूर्व मुख्यमंत्री बहन वसुंधरा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी भगीरथ चौधरी जी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद भैरवा जी, दिया कुमारी जी, संसद में मेरे साथी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर जी, उपस्थित अन्य मंत्रिगण, अन्य महानुभाव और राजस्थान के मेरे प्यारे भाई और बहनों। मैं पूज्य संतों का बहुत आभारी हूं, कि हमें आशीर्वाद देने के लिए इतनी बड़ी संख्या में पूज्य संतगण यहां मौजूद हैं।

साथियों,

अजमेर आस्था और शौर्य की धरती है। यहां तीर्थ भी है और क्रांतिवीरों के पदचिन्ह भी हैं। अभी कल ही मैं इजराइल की यात्रा को पूरा करके भारत लौटा हूं। राजस्थान के सपूत मेजर दलपत सिंह के शौर्य को इजराइल के लोग आज भी गौरव से याद करते हैं। मुझे भी इजराइल की संसद में, मेजर दलपत सिंह जी के शौर्य को नमन करने का सौभाग्य मिला। राजस्थान के वीर बाकुरों की, इजराइल के हाइफा शहर को आजाद कराने में जो भूमिका थी, मुझे उसका गौरवगान करने का अवसर मिला है।

साथियों,

कुछ समय पहले ही, राजस्थान में भाजपा की डबल इंजर सरकार को दो साल पूरे हुए हैं, मुझे संतोष है कि आज राजस्थान विकास के नए पथ पर अग्रसर है। विकास के जिन वायदों के साथ भाजपा सरकार आपकी सेवा में आई थी, उन्हें तेजी के साथ पूरा कर रही है। और आज का दिन, विकास के इसी अभियान को तेज करने का दिवस है। थोड़ी देर पहले यहां राजस्थान के विकास से जुड़ी करबी 17 हजार करोड़ रूपयों की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, हर क्षेत्र में नई शक्ति जुड़ रही है। ये सारे प्रोजेक्टस राजस्थान की जनता की सुविधा बढ़ाएंगे और राजस्थान के युवाओं के लिए, रोजगार के भी अवसर पैदा करेंगे।

साथियों,

भाजपा की डबल इंजर सरकार लगातार युवा शक्ति को सशक्त कर रही है। दो साल पहले तक राजस्थान से भर्तियों में भ्रष्टाचार और पेपर लीक की ही खबरें चमकती रहती थीं, आती रहती थीं। अब राजस्थान में पेपर लीक पर लगाम लगी है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। आज यहां इसी मंच से राजस्थान के 21 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए हैं। ये बहुत बड़ा बदलाव आया है। मैं इस बदलाव के लिए, नई नौकरियों के लिए, विकास के सभी कामों के लिए, राजस्थान के आप सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज वीरांगनाओं की इस धरती से, मुझे देशभर की बेटियों के लिए एक अहम अभियान शुरू करने का अवसर मिला है। यहां अजमेर से HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू हुआ है। ये अभियान, देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है।

साथियों,

हम सब जानते हैं कि परिवार में जब मां बीमार होती है, तो घर बिखर सा जाता है। अगर मां स्वस्थ है, तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। इसी भाव से, भाजपा सरकार ने महिलाओं को संबल देने वाली अनेक योजनाएं चलाई हैं।

साथियों,

हमने 2014 से पहले का वो दौर देखा है, जिसमें शौचालय के अभाव में बहनों-बेटियों को कितनी पीड़ा, कितना अपमान झेलना पड़ता था। बच्चियां स्कूल छोड़ देती थीं, क्योंकि वहां अलग टॉयलेट की सुविधा नहीं होती थी। गरीब बेटियां सेनिटरी पैड्स नहीं ले पाती थीं। पहले जो सत्ता में रहे, उनके लिए ये छोटी बातें थीं। इसलिए इन समस्याओं की चर्चा तक नहीं होती थी। लेकिन हमारे लिए ये बहनों-बेटियों को बीमार करने वाला, उनके अपमान से जुड़ा संवेदनशील मसला था। इसलिए, हमने इनका मिशन मोड पर समाधान किया।

साथियों,

गर्भावस्था के दौरान कुपोषण माताओं के जीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा होता था। हमने सुरक्षित मातृत्व के लिए योजना चलाई, मां को पोषक आहार मिले, इसके लिए पांच हज़ार रुपए बहनों के खाते में जमा करने की योजना शुरु की। मां धुएं में खांसती रहती थी, लेकिन उफ्फ तक नहीं करती थी। हमने कहा ये नहीं चलेगा। और इसलिए उज्जवला गैस योजना बनाई गई। ये सब इसलिए संभव हुआ, क्योंकि भाजपा सरकार, सत्ता भाव से नहीं, संवेदनशीलता के साथ काम करती है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। आज का समय राजस्थान के विकास के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है। भाजपा की डबल इंजन सरकार, राजस्थान की विरासत और विकास, दोनों को साथ लेकर चल रही है। हम सब जानते हैं, अच्छी सड़क, अच्छी रेल और हवाई सुविधा सिर्फ सफर आसान नहीं करती, वो पूरे इलाके की किस्मत बदल देती है। जब गांव-गांव तक अच्छी सड़क पहुँचती है, तो किसान अपनी फसल सही दाम पर बेच पाता है। व्यापारी आसानी से अपना सामान बाहर भेज पाते हैं। और हमारा अजमेर-पुष्कर तो, उसकी पर्यटन की ताकत कौन नहीं जानता। अच्छी कनेक्टिविटी का पर्यटन पर सबसे अच्छा असर पड़ता है। जब सफर आसान होता है, तो ज्यादा लोग घूमने आते हैं।

और साथियों,

जब पर्यटक आते हैं तो स्वाभाविक है होटल चलते हैं, ढाबे चलते हैं, कचौड़ी और दाल बाटी ज्यादा बिकती है, यहां राजस्थान के कारीगरों का बनाया सामान बिकता है, टैक्सी चलती है, गाइड को काम मिलता है। यानी एक पर्यटक कई परिवारों की रोज़ी-रोटी बन जाता है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार, राजस्थान में आधुनिक कनेक्टिविटी पर बहुत बल दे रही है।

साथियों,

जैसे-जैसे राजस्थान में कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे यहां निवेश के लिए भी अवसर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के इर्द-गिर्द उद्योगों के लिए एक बहुत ही शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है। यानी राजस्थान को अवसरों की भूमि बनाने के लिए, डबल इंजन सरकार हर संभव, अनेक विध काम कर रही है।

साथियों,

राजस्थान की माताएं अपने बच्चों को पालने में ही, राष्ट्र भक्ति का संस्कार देती हैं। राजस्थान की ये धरा जानती है कि देश का सम्मान क्या होता है, और इसीलिए आज राजस्थान की इस धरा पर, मैं आप लोगों से एक और बात कहने आया हूं।

साथियों,

हाल में ही, दिल्ली में, दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, Artificial Intelligence इसमें दुनिया के अनेक देशों के प्रधानमंत्री, अनेक देशों के राष्ट्रपति, अनेक देशों के मंत्रि, उस कार्यक्रम में आए थे। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां, उन कंपनियों के कर्ता-धर्ता वो भी एक छत के नीचे इकट्ठे हुए थे। सबने भारत की खुले मन से प्रशंसा की। मैं जरा राजस्थान के मेरे भाई-बहनों से पूछना चाहता हूं। जब दुनिया के इतने सारे लोग, भारत की प्रशंसा करते हैं, ये सुनकर के आपको गर्व होता है की नहीं होता है? आपको गर्व होता है कि नहीं होता है? आपको अभिमान होता है कि नहीं होता है? आपका माथा ऊंचा हुआ या नहीं हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ कि नहीं हुआ?

साथियों,

आपको गर्व हुआ, लेकिन हताशा निराशा में डूबी, लगातार पराजय के कारण थक चुकी कांग्रेस ने क्या किया, ये आपने देखा है। दुनियाभर के मेहमानों के सामने, कांग्रेस ने देश को बदनाम करने की कोशिश की। इन्होंने विदेशी मेहमानों के सामने देश को बेइज्जत करने के लिए पूरा ड्रामा किया।

साथियों,

कांग्रेस, पूरे देश में ल्रगातार हार रही है, और गुस्से में वो इसका बदला, वो भारत को बदनाम करके ले रही है। कभी कांग्रेस, INC यानी इंडियन नेशनल कांग्रेस थी, लेकिन अब INC नहीं बची है, इंडियन नेशनल कांग्रेस नहीं बची है, आज वो INC के बजाय MMC, MMC बन गई है। MMC यानी मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस हो चुकी है।

राजस्थान के मेरे वीरों,

इतिहास गवाह है, मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी, और इसलिए मुस्लिम लीग ने देश बांट दिया। आज कांग्रेस भी वही कर रही है। माओवादी भी, भारत की समृद्धि, हमारे संविधान और हमारे सफल लोकतंत्र से नफरत करते हैं, ये घात लगाकर हमला करते हैं, कांग्रेस भी घात लगाकर, देश को बदनाम करने के लिए कहीं भी घुस जाती है। कांग्रेस के ऐसे कुकर्मों को देश कभी माफ नहीं करेगा।

साथियों,

देश को बदनाम करना, देश की सेनाओं को कमजोर करना, ये कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। आप याद कीजिए, यही कांग्रेस है, जिसने हमारी सेना के जवानों को हथियारों और वर्दी तक के लिए तरसा कर रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसने सालों तक हमारे सैनिक परिवारों को वन रैंक वन पेंशन से वंचित रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसके जमाने में विदेशों से होने वाले रक्षा सौदों में बड़े-बड़े घोटाले होते थे।

साथियों,

बीते 11 वर्षों में भारत की सेना ने हर मोर्चे पर आतंकियों पर, देश के दुश्मनों पर करारा प्रहार किया। हमारी सेना, हर मिशन, हर मोर्चे में विजयी रही। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक, वीरता का लोहा मनवाया, लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने इसमें भी दुश्मनों के झूठ को ही आगे बढ़ाया। देश के लिए जो भी शुभ है, जो भी अच्छा है, जो भी देशवासियों का भला करने वाला है, कांग्रेस उस सबका विरोध करती है। इसलिए, देश आज कांग्रेस को सबक सिखा रहा है।

साथियों,

राजस्थान में तो आपने कांग्रेस के कुशासन को करीब से अनुभव किया है। यहां जितने दिन कांग्रेस की सरकार रही, वो भ्रष्टाचार करने और आपसी लड़ाई-झगड़े में ही उलझी रही। कांग्रेस ने हमारे किसानों को भी हमेशा धोखा दिया है। आप याद कीजिए, कांग्रेस ने दशकों तक सिंचाई की परियोजनाओं को कैसे लटकाए रखा। इसका राजस्थान के किसानों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है। ERCP परियोजना को कांग्रेस की सरकारों ने केवल फाइलों और घोषणाओं में उलझाकर रखा। हमारी सरकार ने आते ही इस स्कीम को फाइलों से निकालकर धरातल पर उतारने का प्रयास किया है।

साथियों,

हमारी सरकार ने नदियों को जोड़ने का जो अभियान शुरु किया है, उसका बहुत अधिक फायदा राजस्थान को मिलना तय है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना हो, यमुना-राजस्थान लिंक प्रोजेक्ट हो, डबल इंजन सरकार ऐसी अनेक सिंचाई परियोजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज भी झालावाड़, बारां, कोटा और बूंदी जिले के लिए पानी की अनेक परियोजनाओं पर काम शुरु हुआ है। हमारा प्रयास है, कि राजस्थान में भूजल का स्तर भी ऊपर उठे।

साथियों,

भाजपा सरकार, राजस्थान के सामर्थ्य को समझते हुए, योजनाएं बना रही है, उन्हें लागू कर रही है। मुझे खुशी है कि राजस्थान अब, सूरज की ताकत से समृद्धि कमाने वाली धरती बन गया है। हम सब जानते हैं, हमारे राजस्थान में धूप की कोई कमी नहीं। अब यही धूप, सामान्य मानवी के घर की बचत और कमाई का साधन बन रही है। और इसमें बहुत बड़ी भूमिका है, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की। इस योजना में राजस्थान का भाग्य बदलने की ताकत है। इस योजना में भाजपा सरकार लोगों को अपनी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए की सहायता देती है। सरकार सीधे आपके बैंक खाते में पैसे भेजती है। आजादी के बाज सब बजट, सब योजनाएं देख लीजिए, जिसमें मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा लाभ होने वाला है, ऐेसी योजना कभी नजर नहीं आएगी, आज इन परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए सीधा सरकार देती है। सबसे अधिक लाभ मध्यम वर्ग के लोग ले रहे हैं। और जिससे घर पर एक छोटा सा बिजली घर तैयार हो जाता है। दिन में सूरज की रोशनी से बिजली बनती है, घर में वही बिजली काम आती है और जो ज्यादा बिजली बनती है, वो बिजली ग्रिड में जाती है। और जिस घर में बिजली बनी होती है, उसे भी इसका लाभ मिलता है।

साथियों,

आज राजस्थान में सवा लाख से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। और इस योजना की वजह से, कई घरों का बिजली बिल लगभग जीरो आ रहा है। यानी खर्च कम हुआ है, बचत ज़्यादा हुई है।

साथियों,

विकसित राजस्थान से विकसित भारत के मंत्र पर हम लगातार काम कर रहे हैं। आज जिन योजनाओं पर काम शुरू हुआ है, वो विकसित राजस्थान की नींव को और अधिक मजबूत करेंगे। जब राजस्थान विकसित होगा, तो यहां के हर परिवार का जीवन समृद्ध होगा। आप सभी को एक बार फिर, विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम के 150 साल देश मना रहा है। मेरे साथ बोलिये-

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद।