प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 20 जनवरी, 2020 को छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ "परीक्षा पे चर्चा 2020" पर बातचीत करेंगे। स्कूली छात्रों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत के तीसरे संस्करण "परीक्षा पे चर्चा 2020" का आयोजन 20 जनवरी, 2020 को सुबह 11 बजे नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सवालों के जवाब देंगे और चयनित छात्रों के साथ बातचीत में बताएंगे कि वे परीक्षा के तनाव को कैसे कम सकते हैं।

छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है, वो सिर्फ इसलिए नहीं कि वे एक अनूठे कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं बल्कि इसलिए भी कि उन्हें प्रधानमंत्री से बहुमूल्य सुझाव मिलेंगे। प्रधानमंत्री हमेशा यह सुनिश्चित करने के इच्छुक रहे हैं कि छात्र शांत वातावरण में परीक्षा दें और किसी तरह के तनाव में न आएं ताकि लम्बी अवधि में बेहतर नतीजे सुनिश्चित किए जा सकें।

स्कूल और कॉलेज के छात्रों के साथ प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम का पहला संस्करण "परीक्षा पे चर्चा 1.0" का आयोजन 16 फरवरी, 2018 को तालकटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली में किया गया था। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के साथ इस कार्यक्रम के दूसरे संस्करण "परीक्षा पे चर्चा 2.0" का आयोजन 29 जनवरी, 2019 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Export diversification push adds $202 million in FY26 as India expands into 1,821 new global markets

Media Coverage

Export diversification push adds $202 million in FY26 as India expands into 1,821 new global markets
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषितम् के जरिए ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश दिया
May 19, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया। इसका अर्थ है कि धरती माता समस्त मानवता को एक परिवार मानती है। श्री मोदी ने कहा कि धरती मां के लिए यह संपूर्ण विश्व एक घर के समान है, जहां प्रत्येक संस्कृति का अपना महत्व और सम्मान है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट में लिखा:

"धरती माता पूरी मानवता को एक परिवार मानती हैं। उनके लिए यह पूरा संसार एक घर की तरह है, जहां हर संस्कृति का अपना महत्त्व और सम्मान है।

जनं बिभ्रती बहुधा विवाचसं नानाधर्माणं पृथिवी यथौकसम्।

सहस्रं धारा द्रविणस्य मे दुहां ध्रुवेव धेनुरनपस्फुरन्ती ॥"

धरती माता विभिन्न भाषाएं बोलने वाले और विभिन्न धर्मों और परंपराओं का पालन करने वाले लोगों को एक ही परिवार के सदस्य के रूप में अपनाती है। ईश्वर करे कि यह धरती मां हमारे लिए समृद्धि की हजारों धाराएं प्रवाहित करती रहे, ठीक उसी प्रकार जैसे एक शांत और स्‍नेहमयी गौ माता दूध प्रदान करती है।