प्रधानमंत्री कल डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का उद्घाटन करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी कल दिल्‍ली के 15 जनपथ पर डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का उद्धाटन करेंगे। वह डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर फॉर सोसियो-इकनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन (डीएआईसीएसईटी) का भी उद्घाटन करेंगे। 

प्रधानमंत्री ने कहा, 'कल 11 बजे मैं दिल्‍ली के 15 जनपथ पर डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का उद्घाटन करूंगा। यह आयोजन मेरे लिए कहीं अधिक खास है क्‍योंकि मुझे इस सेंटर के लिए आधारशिला रखने का अवसर मिला था। हमारी राष्‍ट्रीय राजधानी के बीचो-बीच स्थित यह केंद्र डॉ. अंबेडकर के लिए एक उचित श्रद्धांजलि है। 

डॉ अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर बौद्ध और वर्तमान वास्‍तुकला का मेल है। इसमें सेमिनार के साथ-साथ सम्‍मेलन कक्ष भी मौजूद हैं। इसमें तीन ऑडिटोरियम और एक समृद्ध डिजिटल रिपॉजिटरी यानि डिजिटल संग्रह के साथ विशाल पुस्‍तकालय है। 

कल डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर फॉर सोसियो-इकनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन (डीएआईसीएसईटी) का उद्घाटन किया जाएगा। यह संस्‍था अहम मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ युवाओं के बीच अनुसंधान एवं मूल सोच को प्रोत्‍साहित करेगी।'

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प्रधानमंत्री ने पारस्परिक निर्भरता के महत्व का उल्लेख करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
July 14, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यह संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है-

“प्रभया हि विना यद्वद् भानुरेष न विद्यते।

प्रभा च भानुना तेन सुतरां तदुपाश्रया॥”

इस सुभाषितम् में बताया गया है कि जैसे सूर्य को उसके प्रकाश के बिना नहीं महसूस किया जा सकता, वैसे ही सूर्य के बिना प्रकाश भी नहीं हो सकता। इस प्रकार, सूर्य और उसके प्रकाश का पूरा अस्तित्व और शक्ति पूरी तरह से एक-दूसरे पर निर्भर हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा है-

प्रभया हि विना यद्वद् भानुरेष न विद्यते।

प्रभा च भानुना तेन सुतरां तदुपाश्रया॥