फिलिस्तीन, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वक्तव्य के मूल पाठ का हिंदी रूपांतरण इस प्रकार है –

“मैं 9 से 12 फरवरी तक फिलिस्तीन, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान की द्विपक्षीय यात्रा कर रहा हूं।

2015 के बाद से मैं खाड़ी और पश्चिम एशियाई क्षेत्र की पांचवी बार यात्रा करने में हर्ष का अनुभव कर रहा हूं। यह क्षेत्र हमारे विदेशी संबंधों में प्राथमिक स्थिति रखता है। यहां के देशों के साथ हमारे जीवंत बहु-आयामी संबंध हैं।

यात्रा की शुरूआत फिलिस्तीन से होगी, जहां जॉर्डन होते हुए मैं 10 फरवरी को पहुंचूंगा। इस यात्रा के आयोजन के लिए मैं जॉर्डन के महामहिम सुल्तान अब्दुल्ला द्वितीय का आभारी हूं। मैं 9 फरवरी को अम्मान में उनसे मुलाकात करने की प्रतीक्षा में हूं।

भारत के किसी भी प्रधानमंत्री की यह पहली फिलिस्तीन यात्रा है। मैं राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं, और फिलिस्तीनी जनता को समर्थन और फिलिस्तीन के विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त करूंगा।

10 - 11 फरवरी को मैं संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा करूंगा, जहां मैं अगस्त, 2015 के बाद दोबारा जा रहा हूं। संयुक्त अरब अमीरात हमारा एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझीदार है, जिसके साथ हमारा सभी प्रमुख क्षेत्रों में अहम सहयोग होता है। इसमें अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा के विषय शामिल हैं। मैं इन क्षेत्रों की प्रगति पर चर्चा करूंगा और संयुक्त अरब अमीरात के उप-राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री तथा दुबई के शासक महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मखदूम सहित आबूधाबी के शाहजादा महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ अन्य मुद्दों पर बातचीत करूंगा।

संयुक्त अरब अमीरात के नेतृत्व के निमंत्रण पर मैं दुबई में विश्व शासन शिखर सम्मेलन के छठवें संस्करण को संबोधित करूंगा, जहां भारत विशिष्ट अतिथि है।

उसी दिन मैं दुबई में संयुक्त अरब अमीरात और अरब के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ वार्ता करूंगा, जिसमें भारत में विस्तृत, आर्थिक अवसरों पर चर्चा की जाएगी तथा इस बात पर भी विचार किया जाएगा कि दोनों पक्ष कैसे व्यापार सहयोग को बढ़ा सकते हैं।

ओमान हमारा नजदीकी समुद्री पड़ोसी है, जिसके साथ हमारे बेहतरीन रिश्ते हैं। मैं ओमान के महामहिम सुल्तान और अन्य प्रमुख नेताओं के साथ बातचीत करूंगा। मैं भारत के साथ मजबूत आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के विकास के बारे में ओमान में प्रमुख व्यापार हस्तियों से बातचीत करूंगा।

ओमान हमारा नजदीकी समुद्री पड़ोसी है, जिसके साथ हमारे बेहतरीन रिश्ते हैं। मैं प्रधानमंत्री के रूप में 11 - 12 फरवरी को वहां पहली बार जाने में हर्ष अनुभव कर रहा हूं। भारत और ओमान के बीच सदियों पुराने रिश्ते हैं और लोगों के बीच आदान-प्रदान होता रहा है।

11 फरवरी की शाम को मैं ओमान के महामहिन सुल्तान से भेंट करूंगा। मैं वहां की मंत्री परिषद के उप प्रधानमंत्री महामहिम सईद फहद बिन महमूद अल सैद और अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं सहयोग मामलों के उप प्रधानमंत्री सईद असद बिन तारिक अल सैद से भी बातचीत करूंगा। हम द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे और अपने पारंपरिक रूप से मजबूत संबंधों को और बढ़ाने की दिशा पर चर्चा करेंगे।

12 फरवरी को मैं भारत के साथ मजबूत आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों के विकास के लिए ओमान के व्यापार जगत की हस्तियों के साथ बातचीत करूंगा।

ओमान और संयुक्त अरब अमीरात में मुझे बड़ी संख्या में वहां मौजूद भारतवंशियों से मिलने का अवसर मिलेगा, जिन्होंने इन देशों को अपना घर बना लिया है। 90 लाख से अधिक भारतीय खाड़ी क्षेत्र में रहते और काम करते हैं, जिनमें से एक तिहाई सिर्फ संयुक्त अरब अमीरात में ही हैं। ओमान में वे सबसे बड़े प्रवासी समुदाय हैं।

भारतवंशी भारत और खाड़ी देशों के बीच मित्रता के सेतु हैं। वे अपने-अपने मेजबान देशों की समृद्धि और प्रगति में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।

मैं आशा करता हूं कि इस यात्रा से पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के साथ भारत के प्रगतिशील तथा महत्वपूर्ण रिश्ते और मजबूत होंगे।”

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प्रधानमंत्री 8 सितंबर को गुजरात और महाराष्ट्र के दौरे पर जाएंगे
September 07, 2026
प्रधानमंत्री वडोदरा में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के तीन प्रमुख खंडों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जो परियोजना के पूरा होने का प्रतीक है
प्रधानमंत्री तीन रेलवे परियोजनाओं और तीन राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करेंगे
जीएफएफ 2026 का विषय है: “प्रभाव डालने की क्षमता: एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम - समावेशी वित्त के लिए विश्वसनीय, जुड़ी हुई, वैश्विक प्रणालियां

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार 8 सितंबर 2026 को गुजरात और महाराष्ट्र का दौरा करेंगे। दोपहर लगभग 12 बजे, प्रधानमंत्री वडोदरा में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

मंगलवार की शाम करीब 5:45 बजे प्रधानमंत्री मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 का उद्घाटन करेंगे और सभा को संबोधित भी करेंगे।

प्रधानमंत्री वडोदरा में

प्रधानमंत्री पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे (डब्ल्यूडीएफसी) के तीन महत्वपूर्ण खंडों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनकी लंबाई 326 किलोमीटर है। इन तीनों खंडों को 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इनमें सानंद (उत्तर)-मकरपुरा, न्यू उंबरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जेएनपीटी खंड शामिल हैं।

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) की सीधी कनेक्टिविटी से आयात-निर्यात कार्गो की आवाजाही तेज होगी, औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों के बीच संपर्क मजबूत होगा, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और मुंबई के रेलवे नेटवर्क पर भार कम करने में मदद मिलेगी।

इन तीन खंडों के चालू होने के साथ ही, समर्पित माल ढुलाई गलियारा (डीएफसी) नेटवर्क अपनी पूरी लंबाई में पूरी तरह से कार्यरत हो जाएगा। समर्पित माल ढुलाई अवसंरचना बहुआयामी कनेक्टिविटी में सुधार करके, पारगमन समय को कम करके और विभिन्न क्षेत्रों में माल की सुगम आवाजाही को सुविधाजनक बनाकर देश के लॉजिस्टिक्स परितंत्र को और मजबूत करेगी।

प्रधानमंत्री मुंबई के न्यू सानंद (उत्तर), न्यू मकरपुरा, न्यू उंबरगांव और न्यू जेएनपीटी से मालगाड़ियों की सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके अतिरिक्त, वे वडोदरा और टांडा रोड के बीच एक नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे वडोदरा, छोटा उदेपुर और अलीराजपुर जिलों के लोगों को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री छोटा उदेपुर-धार परियोजना के अंतर्गत विकसित की गई जोबत-टांडा रोड नई रेल लाइन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह नई रेल लाइन अलीराजपुर के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।

प्रधानमंत्री 329 किलोमीटर लंबी और 9,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन, मियागाम करजन-चोरंडा-मलसर गेज रूपांतरण और विश्वमित्री-दभोई दोहरीकरण परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं से यात्री और माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी, यातायात जाम कम होगा और गुजरात तथा मध्य प्रदेश के बीच संपर्क मजबूत होगा।

प्रधानमंत्री लगभग 1,780 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें एनएच-48 के कामरेज-चलथान खंड का छह लेन का निर्माण; एनएच-48 के वडोदरा-सूरत खंड पर तापी और नर्मदा नदियों पर प्रमुख पुलों सहित अतिरिक्त संरचनाओं का निर्माण; और एनएच-53 पर अभवा, मिंधोला और खजोद जंक्शनों पर ग्रेड-सेपरेटेड संरचनाओं का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री एनएच-48 के वडोदरा-सूरत खंड पर सड़क सुरक्षा में सुधार और यातायात संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए कंदारी चौकड़ी और लुवारा पाटिया में छह लेन के फ्लाईओवर का उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री लगभग 2,600 करोड़ रुपये की गुजरात सरकार की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करेंगे। जिन प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी उनमें वडोदरा शहरी विकास प्राधिकरण रिंग रोड चरण II, कडाना बांध पर 110 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना, वडोदरा नगर निगम के नए कार्यालय का निर्माण आदि शामिल हैं। उद्घाटन की जाने वाली परियोजनाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत आवास परियोजनाएं और पूर्वी वडोदरा के 11 गांवों के लिए जल आपूर्ति परियोजना आदि शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मुंबई में

प्रधानमंत्री विश्व के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली वार्षिक फिनटेक सम्मेलनों में से एक, ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 का उद्घाटन करेंगे।

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का सातवां संस्करण 8 से 11 सितंबर 2026 तक मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। 2020 से, जीएफएफ एक अंतरराष्ट्रीय विचार नेतृत्व मंच के रूप में उभरा है जो नीति निर्माताओं, नियामकों, केंद्रीय बैंकों, वित्तीय संस्थानों, फिनटेक कंपनियों, प्रौद्योगिकी कंपनियों, निवेशकों, शिक्षाविदों और अन्य वैश्विक हितधारकों को वित्त के भविष्य को आकार देने पर विचार-विमर्श करने के लिए आपस में जोड़ता है।

जीएफएफ 2026 का विषय है "प्रभाव डालने की क्षमता: एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम - समावेशी वित्त के लिए विश्वसनीय, जुड़ी हुई, वैश्विक प्रणालियां।"

जीएफएफ 2026 को नीति, विनियमन, प्रौद्योगिकी, पूंजी और उद्योग के लिए एक साझा मंच के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन में भारत के नेतृत्व को और मजबूत करना तथा संभावनाओं को वास्तविक प्रभाव में बदलना है। चर्चाओं में इस बात पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा कि एजेंटिक एआई, प्रोग्रामेबल फाइनेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी और अन्य महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियां किस प्रकार वैश्विक स्तर पर नागरिकों, उद्यमों और अर्थव्यवस्थाओं के लिए विश्वसनीय, समावेशी और मापने योग्य परिणाम उत्पन्न कर सकती हैं।