प्रधानमंत्री ने 1 जुलाई से लागू होने वाली जीएसटी की स्थिति की आज समीक्षा की।
ढाई घंटे तक चलने वाली बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली, वित्त मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय के शीर्ष अधिकारियों और कैबिनेट सचिव ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से कार्यान्वयन के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की । इनमें आईटी तत्परता, मानव संसाधन तत्परता, प्रशिक्षण और अधिकारियों के संवेदीकरण, पूछताछ से निपटने की प्रक्रिया और निगरानी आदि मुद्दे शामिल है । प्रधानमंत्री को बताया गया कि जीएसटी सिस्टम जैसे कि आईटी बुनियादी ढांचा, अधिकारियों के प्रशिक्षण, बैंकों के साथ एकीकरण और मौजूदा करदाताओं के नामांकन समय से संपन्न होंगे और 1 जुलाई से इसका कार्यान्वयन किया जा सकेगा। सूचना सुरक्षा प्रणाली के बारे में भी चर्चा की गई।
सवालों का समय से जवाब देने के लिए टिवटर हैंडलर - @askGst_GOI को शुरू किया गया है। इस संबंध में अखिल भारतीय टोल फ्री नं. 1800-1200-232 को भी शुरू किया गया है।
प्रधान मंत्री ने जोर देकर कहा कि 1 जुलाई से जीएसटी का कार्यान्वयन सभी हितधारकों राजनीतिक दलों, व्यापार और उद्योग संगठनों के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने जीएसटी को अर्थव्यवस्था के लिए एक नया मोड़ बताया जो देश के इतिहास में एक अभूतपूर्व कदम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक राष्ट्र; एक बाजार, एक कर से आम आदमी को काफी फायदा होगा। प्रधानमंत्री ने जीएसटी को देखते हुए साइबर सुरक्षा पर प्रमुख रूप से ध्यान देने को कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी की स्थिति की समीक्षा की
जीएसटी देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक एवं निर्णायक मोड़: पीएम मोदी
'एक राष्ट्र, एक बाजार और एक कर' से देश के आम नागरिकों को होगा फायदा: प्रधानमंत्री मोदी


