मेक इन इंडिया का आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है, हमारा सपना नया भारत बनाना है जिसके लिए मेक इन इंडिया जरूरी है: प्रधानमंत्री मोदी
अब देश को जरूरत है, ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान’ की और हमें इसके इसके लिए आगे आना चाहिए: पीएम मोदी
2019 का जनादेश पूरी तरह कसौटी पर कसने के बाद, हर तराजू पर तौलने के बाद, पल पल को जनता ने जांचा और परखा है और उसके आधार पर समझा है और तब जाकर फिर से हमें चुना है: प्रधानमंत्री

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने सदन के सदस्‍यों विशेषकर पहली बार चुने गए संसद सदस्‍यों को बहस में भाग लेने के लिए धन्‍यवाद दिया। उन्‍होंने कहा कि राष्‍ट्रपति के अभिभाषण में नए भारत का विजन है, जिसका सपना लाखों भारतीय देखते हैं।

2019 के लोकसभा चुनाव के स्‍पष्‍ट जनादेश के बारे में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत के लोगों ने सरकार के प्रदर्शन का मूल्‍यांकन करते हुए एक स्थिर सरकार को दोबारा चुना है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 दर्शाता है कि भारत के लोग राष्‍ट्र की भलाई के बारे में सोच रहे हैं। यह भावना प्रशंसनीय है। उन्‍होंने कहा कि 130 करोड़ देशवासियों की सेवा करने का अवसर मिलना तथा नागरिकों के जीवन में आए सकारात्‍मक बदलाव संतुष्टि प्रदान करते हैं।

केन्‍द्र सरकार की दूरदर्शिता पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार जन कल्‍याण और आधुनिक बुनियादी ढांचे में यकीन रखती है। उन्‍होंने कहा कि सरकार कभी भी विकास के रास्‍ते से नहीं हटी और न ही वह विकास के एजेंडा से भटकी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति महत्‍वपूर्ण है, प्रत्‍येक भारतीय नागरिक अधिकार संपन्‍न है और हमारे देश के पास आधुनिक बुनियादी ढांचा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का मानना है कि प्रत्‍येक नागरिक ने भारत की प्रगति में योगदान दिया है। उन्‍होंने आपात स्थिति लागू होने के बाद के काले दिनों की याद दिलाई।

महात्‍मा गांधी की 150वीं जयंती और भारत की आजादी के 75 वर्ष को भारत के इतिहास की ऐतिहासिक घटना बताते हुए प्रधानमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे इसे जोश के साथ मनाएं। उन्‍होंने कहा कि भारत के नागरिकों को हमारे स्‍वाधीनता सेनानियों के सपनों का भारत बनाना चाहिए और देश के लिए जीना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्‍द्र सरकार ने कार्यभार संभालने के कुछ ही सप्‍ताहों के भीतर जनता के हितों से जुड़े अनेक फैसले किए हैं। उन्‍होंने कहा कि इन फैसलों से किसानों, व्‍यापारियों, युवाओं और समाज के विभिन्‍न अन्‍य वर्गों को अवश्‍य लाभ मिलेगा। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने देश के साथ किए गए वायदों को पूरा करना शुरू कर दिया है।

जल संरक्षण के महत्‍व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने केन्‍द्र सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्‍न कदमों का उल्‍लेख किया जिनमें ‘जल शक्ति’ मंत्रालय का गठन भी शामिल है। उन्‍होंने जल बचाने के लिए लोगों से ठोस कदम उठाने का अनुरोध किया। उन्‍होंने कहा कि जल संकट से गरीबों के साथ-साथ महिलाएं सबसे ज्‍यादा प्रभावित होती हैं। उन्‍होंने यह बात दोहराई कि सरकार हर घर में जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री ने भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्‍होंने यह भी कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटन से जुड़ी बुनियादी ढांचागत सुविधाओं की बेहतरी आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष मायने रखती है। उन्‍होंने ‘मेक इन इंडिया’ और कौशल विकास के महत्‍व का भी उल्‍लेख किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने विशेष जोर देते हुए कहा कि देश में भ्रष्‍टाचार के लिए कोई स्‍थान नहीं है। उन्‍होंने कहा कि सरकार भ्रष्‍टाचार के खिलाफ अपनी जंग जारी रखेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सभी नागरिकों के लिए ‘आसान जिंदगी’ सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने सभी लोगों से ‘नए भारत’ के निर्माण की दिशा में काम करने का अनुरोध किया।

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प्रधानमंत्री ने राष्ट्र और मानवता की सेवा में सर्वस्व समर्पण को दर्शाते हुए संस्कृत सुभाषित साझा किया
February 11, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र और मानवता की सेवा में सर्वस्व समर्पण को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषित साझा किया:

"यस्येमे हिमवन्तो महित्वा यस्य समुद्रं रसया सहाहुः।

यस्येमाः प्रदिशो यस्य बाहू कस्मै देवाय हविषा विधेम॥"

इसमें कहा गया है कि जिस राष्ट्र की महिमा का वर्णन स्वयं हिमालय करता है, जिसकी कीर्ति नदियों के साथ समुद्र तक प्रवाहित होती है और जिसकी भुजाओं के समान दिशाएं उसे नमन करती हैं, उस राष्ट्र को हम अपना सर्वस्व समर्पित करते हैं।

श्री मोदी ने कहा कि अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भी इसी भावना के साथ अपना संपूर्ण जीवन देश के हर नागरिक को सशक्त बनाने के लिए समर्पित किया था।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा:

“सर्वस्व समर्पण उस चेतना की अभिव्यक्ति है, जिसमें राष्ट्र और मानवता सर्वोपरि होती है। अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने भी इसी भावना से देश के जन-जन को सशक्त बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

यस्येमे हिमवन्तो महित्वा यस्य समुद्रं रसया सहाहुः।

यस्येमाः प्रदिशो यस्य बाहू कस्मै देवाय हविषा विधेम॥"