दोनों देशों की जनता के बीच आपसी संपर्क’ भी भारत और मालदीव के बीच घनिष्ठ संबंधों का एक महत्वपूर्ण पहलू है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत और मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा के लिए आपसी सहयोग को बढ़ावा देंगे: पीएम मोदी

भारत में निर्मित तटरक्षक जहाज ‘कामयाब’ को उपहार के तौर पर मालदीव को देना, रुपे कार्ड लॉन्च करना, एलईडी लाइटों का उपयोग कर माले को रोशन करना, व्यापक सकारात्मक असर वाली सामुदायिक विकास परियोजनाएं और मछली प्रसंस्करण संयंत्रों को लॉन्च करना इनमें शामिल हैं।

राष्ट्रपति सालेह को उनके कार्यकाल का प्रथम वर्ष पूरा होने पर उन्हें बधाई देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह भारत-मालदीव संबंधों के लिए एक उल्लेखनीय वर्ष है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति और मालदीव की ‘पहले भारत’ नीति ने सभी सेक्टरों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया है।

फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट तटरक्षक जहाज ‘कामयाब’ का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे मालदीव की समुद्री सुरक्षा बढ़ाने और नीली अर्थव्यवस्था (ब्लू इकोनॉमी) तथा पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने द्वीप में रहने वाले समुदाय की आजीविका में सहयोग देने के लिए ‘व्यापक सकारात्मक असर वाली सामुदायिक विकास परियोजनाओं’ के जरिए साझेदारी करने पर खुशी जताई।

प्रधानमंत्री ने यह बात रेखांकित की कि ‘दोनों देशों की जनता के बीच आपसी संपर्क’ भी भारत और मालदीव के बीच घनिष्ठ संबंधों का एक महत्वपूर्ण पहलू है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि मालदीव में भारत के पर्यटकों का आंकड़ा दोगुने से भी अधिक हो गया है। यही नहीं, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू से तीन सीधी उड़ानें इसी सप्ताह शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि रुपे भुगतान व्यवस्था की शुरुआत से भारतीयों के लिए मालदीव यात्रा और भी सुगम हो जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार हुलहुलमाले में एक कैंसर अस्पताल और क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण पर भी काम कर रही है। वहीं, 34 द्वीपों में जल एवं स्वच्छता परियोजना पर भी जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा।

प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र को मजबूत करने एवं विकास की गति तेज करने के लिए मालदीव के साथ साझेदारी को जारी रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों ही देश हिंद महासागर क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा के लिए आपसी सहयोग को बढ़ावा देंगे।

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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए चुनौतियों को पार करने में आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति के महत्व पर बल दिया
March 17, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज संस्कृत में एक सुभाषितम का पाठ किया, जिसमें जीवन की सबसे कठिन बाधाओं को दूर करने में आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति के महत्व का उल्‍लेख किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साहस और दृढ़ संकल्प से परिपूर्ण व्यक्ति के लिए जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है। श्री मोदी ने कहा कि हम इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के बल पर सर्वाधिक कठिन चुनौतियों पर भी विजय प्राप्त कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्‍ट में लिखा;

"जो व्यक्ति साहस और संकल्प से भरा हो, उसके लिए जीवन में कुछ भी असंभव नहीं। आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति के बल पर हम कठिन से कठिन चुनौतियों को पार कर सकते हैं।

एकोऽपि सिंहः साहस्रं यूथं मथ्नाति दन्तिनाम् ।
तस्मात् सिंहमिवोदारमात्मानं वीक्ष्य सम्पतेत्॥"

जिस प्रकार एक शेर में हजार हाथियों को हराने की शक्ति होती है, उसी प्रकार एक व्यक्ति को शेर की तरह निडरता, साहस, आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति के साथ नेक कार्यों में संलग्न होना चाहिए।