कोई भी, कभी भी, हमारे समाज को सृदृढ़ बनाने में संतों और साधुओं की भूमिका को भुला नही सकता: प्रधानमंत्री मोदी
हमारे संतों और साधुओं ने हमें हमारे अतीत का सर्वश्रेष्ठ अवशोषित करने और साथ-साथ आगे की ओर देखने तथा समय के साथ परिवर्तित होने की भी सीख दी: पीएम मोदी
समुदाय स्तर पर, युवाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर देना महत्वपूर्ण है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आज अहमदाबाद के जसपुर में विश्व उमिया धाम परिसर का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर उपस्थित उत्साही जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी, कभी भी, हमारे समाज को सृदृढ़ बनाने में संतों और साधुओं की भूमिका को भुला नही सकता। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमें बहुमूल्य उपदेश दिये हैं। उन्होंने हमें बुराईयों और उत्पीड़न से लड़ने की ताकत भी दी।

 प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे संतों और साधुओं ने हमें हमारे अतीत का सर्वश्रेष्ठ अवशोषित करने और साथ-साथ आगे की ओर देखने तथा समय के साथ परिवर्तित होने की भी सीख दी।

जिन पहलों से लोगों को लाभ हुआ है उनका उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटे स्तर पर कोई कार्य करना केन्द्र सरकार को स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का काम हमेशा ही बड़े स्तर पर होगा जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंच सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि समुदाय स्तर पर, युवाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोऱ देना महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री ने दृढ़तापूर्वक कहा कि जो लोग माँ उमिया में भरोसा रखते हैं, वे कभी भी कन्या भ्रूण हत्या का समर्थन नहीं कर सकते।

प्रधानमंत्री ने लोगों से एक ऐसे समाज की रचना करने में सहायता करने की अपील की, जहां लैगिंक आधार पर कोई भेदभाव न हो।

 

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India’s mutual fund industry grows over twice as fast as global peers

Media Coverage

India’s mutual fund industry grows over twice as fast as global peers
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने करुणा और संतोष का महत्व बताने वाला संस्कृत सुभाषितम साझा किया
August 24, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि करुणा आत्म-सम्मान लाती है और संतोष सच्ची खुशी लाता है। यह भावना समाज में सहयोग और सद्भाव के बंधन को और मजबूत करती है।

श्री मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-

“कारुण्येनात्मनो मानं तृष्णां च परितोषतः।
उत्थानेन जयेत्तन्द्रीं वितर्कं निश्चयाज्जयेत्॥”

यह सुभाषितम् बताता है कि आत्म-सम्मान दूसरों पर दया या करुणा दिखाने से प्राप्त होता है। जीवन में अपने भाग्य पर संतुष्ट रहने से लालच पर काबू पाया जाता है। व्यक्ति को परिश्रम और उद्यमिता से आलस्य, सशंयात्‍मक तर्क और अनिर्णय पर विजय प्राप्त करनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“करुणा से आत्म-सम्मान और संतोष से सच्ची खुशी मिलती है। इसी भाव से समाज में सहयोग और सद्भाव की डोर और सशक्त होती है।

कारुण्येनात्मनो मानं तृष्णां च परितोषतः।
उत्थानेन जयेत्तन्द्रीं वितर्कं निश्चयाज्जयेत्॥”