IREP कोच्चि का उद्घाटन केरल के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है: प्रधानमंत्री मोदी
पीएम मोदी ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र में स्तूपनुमा भंडारण सुविधा का भी उद्घाटन किया
स्तूपनुमा भंडारण की कुल क्षमता 4,350 मीट्रिक टन है, इसे सबसे सुरक्षित भंडारण तरीका माना जाता है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज केरल में कोच्चि का दौरा किया और राज्‍य में अनेक परियोजनाओं को राष्‍ट्र को समर्पित किया तथा आधारशिला रखी। राष्‍ट्र को समर्पित की गई परियोजनाओं में कोच्चि का इन्टिग्रेटिड रिफाइनरी एक्‍सपेंशन प्रोजेक्‍ट (आईआरईपी) परिसर शामिल है। आईआरईपी एक आधुनिक एक्‍सपेंशन परिसर होगा और इससे विश्‍वस्‍तरीय मानदंडों के अनुसार भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम वाली रिफाइनरी के रूप में कोच्चि रिफाइनरी का बदलाव होगा। भारत में अपेक्षाकृत स्‍वच्‍छ ईंधनों के उत्‍पादन के लिए इसे सुसज्जित किया जाएगा। इससे एलपीजी और डीजल का उत्‍पादन दोगुना होगा और इस संयंत्र में पेट्रो-रसायन परियोजनाओं के लिए कच्‍चे माल का उत्‍पादन शुरू हो जाएगा।

आईआरईपी परिसर का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज का दिन ऐतिहासिक है, जब केरल की सबसे बड़ी औद्योगिक इकाई विकास के अपने अगले चरण में प्रवेश कर रही है। यह ईश्‍वर का अपना देश कहे जाने वाले केरल के साथ-साथ संपूर्ण राष्‍ट्र के लिए भी गौरव का क्षण है’। उन्‍होंने केरल और इसके पड़ोसी राज्‍यों में पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से लोगों के बीच स्‍वच्‍छ ईंधनों को लोकप्रिय बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने को लेकर भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) कोच्चि की भी सराहना की।

सरकार द्वारा किए गए उल्‍लेखनीय कार्यों के बारे में चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उज्‍ज्‍वला योजना से बहुत से लोगों के बीच खुशियां लेकर आई है और मई 2016 से लेकर निर्धनतम परिवारों तक लगभग छह करोड़ एलपीजी कनेक्‍शन दिए गए हैं। पहल योजना में 23 करोड़ से अधिक एलपीजी उपभोक्‍ता शामिल हुए हैं। योजना में पारदर्शिता से फर्जी खाते, एक से अधिक खाते और निष्क्रिय खाते की पहचान करने में मदद मिली है। ‘सब्सिडी छोड़ो’ नामक पहल के तहत एक करोड़ से अधिक उपभोक्‍ताओं ने एलपीजी सब्सिडी छोड़ दी। कोच्चि रिफाइनरी की भूमिका की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के विस्‍तार के फलस्‍वरूप यह एलपीजी का उत्‍पादन दोगुना करके उज्‍ज्‍वला योजना में बहुत बड़ा योगदान कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में सिटी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क का विस्‍तार करते हुए सीएनजी के इस्‍तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो एक स्‍वच्‍छ ईंधन है। उन्‍होंने कहा कि 10 सीजीडी निविदा प्रक्रिया के सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद, देश के 400 से अधिक जिलों को पाइप द्वारा गैस आपूर्ति की सुविधा से जोड़ा जा सकेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि नेशनल गैस ग्रिड अथवा प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा को भी विकसित किया गया है, जिससे गैस आधारित एक अर्थव्‍यवस्‍था तैयार हुई है और ऊर्जा के क्षेत्र में गैस की हिस्‍सेदारी बढ़ी है। उन्‍होंने कहा कि सरकार अतिरिक्‍त 15000 किलोमीटर लंबा गैस पाइपलाइन नेटवर्क तैयार करना चाहती है। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने तेल के आयात में 10 प्रतिशत कमी करते हुए बहुमूल्‍य विदेशी मुद्रा की बचत की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एशिया के दूसरे सबसे बड़ी तेलशोधन क्षमता वाला अपना भारत अब एक रिफाइनिंग केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्‍होंने आईआरईपी के समय पर पूरो होने को लेकर सभी को बधाई दी। उन्‍होंने विशेषकर उन मजदूरों को भी बधाई दी, जिन्‍होंने निर्माण के दौरान दिन-रात श्रम किया। उन्‍होंने कहा कि जब परियोजना का काम जोर-शोर से चल रहा था तब कार्यस्‍थल पर 20000 से भी अधिक मजदूर काम में लगे थे, जो इस परियोजना के वास्‍तविक हीरो हैं।

उन्‍होंने इस परियोजना के माध्‍यम से गैर-ईंधन क्षेत्र में विविधता लाने को लेकर बीपीसीएल की रणनीतिक पहल की सराहना की। उन्‍होंने कहा, ‘मित्रो, पेट्रो-रसायन रसायनों की ऐसी श्रेणी है जिसके बारे में हम अधिक बात नहीं करते। किन्‍तु वे अदृश्‍य रूप से मौजूद है और प्रतिदिन हमारे अनेक पहलुओं का स्‍पर्श करते हैं। हालांकि इनमें से अधिकांश रसायनों का अन्‍य देशों से आयात किया जाता है। हमारा प्रयास यह है कि हम अपने देश में खुद ही इन पेट्रो- रसायनों का उत्‍पादन करें।’

उन्‍होंने खुशी व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि आईआरईपी का काम शुरू होने के बाद कोच्चि रिफाइनरी अब प्रोपाइलिन के उत्‍पादन में सक्षम हो जाएगी। इसके अलावा, पेंटों, इंकों, कोटिंग, डिटर्जेंट एवं कई अन्‍य चीजों जैसे विभिन्‍न उत्‍पादों में पेट्रो-रसायनों का इस्‍तेमाल होना संभव होगा। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि इस प्रकार के अन्‍य कई उद्योग कोच्चि में स्‍थापित होंगे और व्‍यापार के अवसरों का विस्‍तार होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोच्चि रिफाइनरी के कार्यों से हमारा राष्‍ट्र गौरवान्वित है। उन्‍होंने स्‍मरण कराते हुए कहा कि जब पिछले अगस्‍त में केरल जब भीषण बाढ़ की तबाही झेल रहा था तब ऐसे समय में बीपीसीएल सभी प्रतिकूलताओं के बावजूद पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के उत्‍पादन में निरंतर जुटा हुआ था। उन्‍होंने कहा कि राष्‍ट्र निर्माण की दिशा में कोच्चि रिफाइनरी के योगदान पर हमें गर्व है। साथ ही अब इससे हमारी आकांक्षाएं भी बढ़ी हैं। प्रधानमंत्री ने इच्‍छा व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि कोच्चि रिफाइनरी दक्षिण भारत में पेट्रो-रसायन क्रांति की अगुवाई करे और नए भारत की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में मदद करे।

प्रधानमंत्री ने इत्‍तूमनूर में बीपीसीएल द्वारा स्‍थापित कौशल विकास संस्‍थान के दूसरे परिसर की आधारशिला रखी। उन्‍होंने कहा कि इससे युवाओं के लिए कौशल विकास में मदद मिलेगी और रोजगार के अवसर तैयार होंगे।

प्रधानमंत्री ने इंडियन ऑयल द्वारा अपने कोच्चि एलपीजी आधारित बोटलिंग प्‍लांट में माउंडेड स्‍टोरेज सुविधा को भी राष्‍ट्र को समर्पित किया। इसके निर्माण में 50 करोड़ रूपये की लागत आई है। इससे एलपीजी भंडारण क्षमता बढ़ेगी और एलपीजी टैंकरों की सड़क पर आवाजाही में भी कमी होगी।

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