आयुर्वेद सिर्फ एक चिकित्सा पद्धति नहीं है, इसमें सार्वजनिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के विभिन्न पहलु भी शामिल: पीएम मोदी
सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में आयुर्वेद, योग और अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को एकीकृत करने का प्रयास कर रही है: पीएम मोदी
गरीबों को सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता: प्रधानमंत्री मोदी
निवारक स्वास्थ्य देखभाल के लिए स्वच्छता सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज राष्ट्र को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान समर्पित किया। 

इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने धन्वंतरि जयंती को आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने के लिए जनसभा को बधाई दी। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना के लिए आयुष मंत्रालय की सराहना की। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कोई भी देश अपने इतिहास और विरासत को महत्व और ध्यान दिए बिना प्रगति नहीं कर सकता। जो देश अपनी विरासत को पीछे छोड़ देते हैं वह अपनी पहचान भी खो देते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत आजाद नहीं था तब योग और आयुर्वेद जैसी भारत की विरासत और ज्ञान सम्पदा का महत्व कम कर दिया गया था। यहां तक कि इन पर से भारतीयों के विश्वास को खत्म करने के प्रयास भी किये गए थे। उन्होंने कहा कि पिछले 3 वर्षों में इस स्थिति में काफी हद तक बदलाव आया है और लोगों का विश्वास हमारी विरासत में पुनर्स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद दिवस या योग दिवस के लिए एकत्र हुए लोगों को देखकर हमारी विरासत में गर्व प्रदर्शित होता है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद सिर्फ एक चिकित्सा पद्धति नहीं है बल्कि है सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण स्वास्थ्य को जजोड़ने वाली एक प्रणाली है, इसलिए सरकार ने आयुर्वेद , योग और अन्य आयुष पद्धतियों को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में शामिल करने के लिए बल दिया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश के प्रत्येक जिले में आयुर्वेद अस्पताल स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 3 वर्षों के दौरान 65 से भी अधिक आयुष अस्पतालों का विकास किया गया है ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि औषधीय और चिकित्सकीय पौधें वैश्विक रूप से आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। और भारत को इस संबंध में अपनी क्षमताओं का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में 100 प्रतिशत एफडीआई को मंजूरी दे दी है ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान गरीबों के लिए किफायती स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली प्रदान करने के लिए केंद्रित है । उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य ध्यान निरोधात्मक स्वास्थ्य देखभाल और किफायतता तथा इलाज तक पहुंच में सुधार करना मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि निरोधात्मक स्वास्थ्य देखभाल के लिए स्वच्छता साधारण सा उपाय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 3 वर्षों में पांच करोड़ शौचालयों का निर्माण किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल लोगों की बेहतर पहुंच बनाने के लिए नए एम्स की स्थापना की जा रही है। उन्होंने स्टेंट और घुटना इम्प्लांट्स की कीमतों पर सीमा तथा किफायती कीमतों पर दवाईयां प्रदान करने के लिए जन औषधि केंद्रों की स्थापना जैसे उपायों का भी उल्लेख किया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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राष्ट्रपति का 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर संबोधन राष्ट्र की शक्ति को दर्शाता है और ‘विकसित भारत’ की दिशा में नए संकल्प को प्रेरित करता है: प्रधानमंत्री
August 14, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के संबोधन की सराहना करते हुए कहा कि यह बेहद प्रेरणादायक और सारगर्भित था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके विचार हमारे राष्ट्र की शक्ति और हर भारतीय की आकांक्षाओं को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि उनका संदेश हम सभी को ‘विकसित भारत’ की दिशा में नए संकल्प के साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है।

एक्स पर अपने एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने कहा: 

“स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति जी का प्रेरणादायक और सारगर्भित संबोधन।

उनके विचार हमारे राष्ट्र की शक्ति और हर भारतीय की आकांक्षाओं को दर्शाते हैं।

उनका संदेश हम सभी को ‘विकसित भारत’ की दिशा में नए संकल्प के साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है।

@rashtrapatibhvn”