बनारस नगरी चिरकाल से भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ज्ञान की परंपरा से दुनिया में देश का परिचय कराती रही है, आप अपने दिलों में भारत और भारतीयता को संजोए हुए, इस धरती की ऊर्जा से दुनिया को परिचित करा रहे हैं: प्रधानमंत्री मोदी
दुनिया आज हमारी बात को, हमारे सुझावों को पूरी गंभीरता के साथ सुन भी रही है और समझ भी रही है, पर्यावरण की सुरक्षा और विश्व की प्रगति में भारत के योगदान को दुनिया स्वीकार कर रही है: पीएम मोदी
आज भारत अनेक मामलों में दुनिया की अगुवाई करने की स्थिति में है, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन यानि आइसा ऐसा ही एक मंच है, इसके माध्यम से हम दुनिया को One World, One Sun, One Grid की तरफ ले जाना चाहते हैं: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वाराणसी के दीनदयाल हस्तकला संकुल में 15वें प्रवासी भारतीय दिवस के पूर्ण सत्र का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर प्रवासी भारतीय दिवस 2019 के मुख्य अतिथि मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द जगन्नाथ, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, प्रवासी भारतीय मामलों के राज्य मंत्री अवकाश प्राप्त जनरल श्री वी.के.सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रवासी भारतीयों का अपने पूर्वजों की भूमि के प्रति प्यार और लगाव है जो उन्हें भारत लाया है। उन्होंने प्रवासी भारतीय समुदाय से नए भारत के निर्माण में हाथ बंटाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने वसुधैव कुटुम्बकम की परंपरा को जीवित रखने में प्रवासी भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय न केवल भारत के ब्रांड ऐम्बेसेडर हैं बल्कि भारत की शक्ति, क्षमताओं और विशेषताओं के प्रतिनिधि भी हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीय समुदाय से नए भारत विशेषकर अनुसंधान और नवाचार में नए भारत के निर्माण में भागीदारी करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तेज प्रगति के साथ भारत को विश्व में ऊंचे स्थान पर देखा जा रहा है और भारत वैश्विक समुदायों के नेतृत्व करने की स्थिति में है। अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन ऐसा एक उदाहरण है। श्री मोदी ने कहा कि हमारा मंत्र स्थानीय समाधान और वैश्विक प्रयोग है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन को एक विश्व, एक सूर्य, एक ग्रिड की दिशा में एक कदम बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक आर्थिक पावर हाउस बनने के मार्ग पर है। भारत के पास सबसे बड़ी स्टार्ट-अप प्रणाली और विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना है। हम तेजी के साथ मेक इन इंडिया की ओर बढ़ चुके हैं। आवश्यकता से अधिक फसल हमारी प्रमुख उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की इच्छा शक्ति और उचित नीतियों की कमी के कारण लाभार्थियों के लिए निर्धारित धन उनके लिए उपलब्ध नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने टेक्नोलॉजी की मदद से प्रणाली में खामियों को रोक दिया है। सार्वजनिक राशि की लूट रोक दी गई है और 85 प्रतिशत खोई हुई राशि उपलब्ध कराई गई है और सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में अंतरित की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में लोगों के खातों में सीधे 5,80000 करोड़ रुपये अंतरित किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि किस तरह सात करोड़ फर्जी नाम लाभार्थियों की सूची से हटाए गए हैं। यह लगभग ब्रिटेन, फ्रांस और इटली की आबादी के बराबर है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा किए गए कुछ परिवर्तन नए भारत के नए विश्वास को दिखाते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रवासी भारतीय समुदाय नए भारत के हमारे संकल्प में समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा हमारी चिंता है। उन्होंने बताया कि किस तरह सरकार ने संघर्ष वाले क्षेत्रों में फंसे पड़े दो लाख से अधिक भारतीयों को वहां से निकालने का चुनौतीपूर्ण कार्य किया।

विदेशों में रहने वाले भारतीयों के कल्याण के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि पासपोर्ट और वीज़ा नियम सरल बनाए गए हैं और ई-वीज़ा ने उनकी यात्रा को और आसान बना दिया है। अब सभी प्रवासी भारतीय पासपोर्ट सेवा से जोड़े जा रहे हैं और चिप आधारित ई-पासपोर्ट जारी करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने विदेशों में रहने वाले भारतीय लोगों से पांच गैर-भारतीय परिवारों को भारत भ्रमण के लिए आमंत्रित करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों से गांधी जी और गुरूनानक देव जी के मूल्यों का प्रसार करने और उनकी जयंती समारोहों का हिस्सा बनने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें गर्व होता है कि बापू के प्रिय भजन वैष्णव जन के संकलन में वैश्विक समुदाय शामिल हुआ।

प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीय दिवस को सफल बनाने में काशी के निवासियों की गर्मजोशी और अतिथित्य सत्कार की सराहना की। प्रधानमंत्री ने बताया कि आगामी स्कूल बोर्ड परीक्षाओं से पहले वह माता-पिता तथा विद्यार्थियों से 29 जनवरी, 2019 को 11 बजे परीक्षा पे चर्चा में नमो ऐप्प के माध्यम से बातचीत करेंगे।

प्रवासी भारतीय दिवस 2019 के मुख्य अतिथि मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द जगन्नाथ ने भारतीय समुदाय की स्मृतियों तथा उनके पूर्वजों की भूमि से जुड़ाव की चर्चा की। उन्होंने हिन्दी और अंग्रेजी में कहा कि इस तरह के अवसर प्रवासी भारतीयों की पहचान साझा इतिहास और संस्कृति के साथ एक परिवार के सदस्य के रूप में करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर भारत अनूठा है तो भारतीयता सर्वव्यापी है। मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर प्रवासी भारतीय समुदाय राष्ट्र निर्माण में प्रमुख भूमिका निभा सकता है और समुदाय के जुड़ाव से बहुपक्षवाद को मदद मिल सकती है।

उन्होंने भोजपुरी में बोलकर लोगों को प्रफुल्लित किया और घोषणा की कि मॉरीशस प्रथम अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी उत्सव का आयोजन करेगा।

विदेशमंत्री ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गर्व का अनुभव करता है। उन्होंने मातृभूमि के साथ जुड़ाव के लिए प्रवासी भारतीय समुदाय को धन्यवाद दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रवासी भारतीय दिवस और कुंभ एक भारत, श्रेष्ठ भारत को दिखाते हैं।

प्रधानमंत्री ने ‘भारत को जानिये’ क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। यह युवा प्रवासी भारतीय समुदाय के लिए क्विज प्रतियोगिता है।

प्रवासी भारतीय दिवस का समापन समारोह कल 23 जनवरी, 2019 को होगा, जिसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद चुने हुए प्रवासी भारतीयों को उनके योगदान के लिए प्रवासी भारतीय सम्मान प्रदान करेंगे।

सम्मेलन के बाद 24 जनवरी को प्रवासी भारतीय समुदाय के शिष्टमंडल के सदस्य कुंभ मेला के लिए प्रयागराज जाएंगे। वहां से 25 जनवरी को दिल्ली प्रस्थान करेंगे और 26 जनवरी को नई दिल्ली के राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड देखेंगे।

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प्रधानमंत्री 8 सितंबर को गुजरात और महाराष्ट्र के दौरे पर जाएंगे
September 07, 2026
प्रधानमंत्री वडोदरा में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के तीन प्रमुख खंडों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जो परियोजना के पूरा होने का प्रतीक है
प्रधानमंत्री तीन रेलवे परियोजनाओं और तीन राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करेंगे
जीएफएफ 2026 का विषय है: “प्रभाव डालने की क्षमता: एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम - समावेशी वित्त के लिए विश्वसनीय, जुड़ी हुई, वैश्विक प्रणालियां

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार 8 सितंबर 2026 को गुजरात और महाराष्ट्र का दौरा करेंगे। दोपहर लगभग 12 बजे, प्रधानमंत्री वडोदरा में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

मंगलवार की शाम करीब 5:45 बजे प्रधानमंत्री मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 का उद्घाटन करेंगे और सभा को संबोधित भी करेंगे।

प्रधानमंत्री वडोदरा में

प्रधानमंत्री पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे (डब्ल्यूडीएफसी) के तीन महत्वपूर्ण खंडों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनकी लंबाई 326 किलोमीटर है। इन तीनों खंडों को 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इनमें सानंद (उत्तर)-मकरपुरा, न्यू उंबरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जेएनपीटी खंड शामिल हैं।

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) की सीधी कनेक्टिविटी से आयात-निर्यात कार्गो की आवाजाही तेज होगी, औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों के बीच संपर्क मजबूत होगा, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और मुंबई के रेलवे नेटवर्क पर भार कम करने में मदद मिलेगी।

इन तीन खंडों के चालू होने के साथ ही, समर्पित माल ढुलाई गलियारा (डीएफसी) नेटवर्क अपनी पूरी लंबाई में पूरी तरह से कार्यरत हो जाएगा। समर्पित माल ढुलाई अवसंरचना बहुआयामी कनेक्टिविटी में सुधार करके, पारगमन समय को कम करके और विभिन्न क्षेत्रों में माल की सुगम आवाजाही को सुविधाजनक बनाकर देश के लॉजिस्टिक्स परितंत्र को और मजबूत करेगी।

प्रधानमंत्री मुंबई के न्यू सानंद (उत्तर), न्यू मकरपुरा, न्यू उंबरगांव और न्यू जेएनपीटी से मालगाड़ियों की सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके अतिरिक्त, वे वडोदरा और टांडा रोड के बीच एक नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे वडोदरा, छोटा उदेपुर और अलीराजपुर जिलों के लोगों को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री छोटा उदेपुर-धार परियोजना के अंतर्गत विकसित की गई जोबत-टांडा रोड नई रेल लाइन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह नई रेल लाइन अलीराजपुर के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।

प्रधानमंत्री 329 किलोमीटर लंबी और 9,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन, मियागाम करजन-चोरंडा-मलसर गेज रूपांतरण और विश्वमित्री-दभोई दोहरीकरण परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं से यात्री और माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी, यातायात जाम कम होगा और गुजरात तथा मध्य प्रदेश के बीच संपर्क मजबूत होगा।

प्रधानमंत्री लगभग 1,780 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें एनएच-48 के कामरेज-चलथान खंड का छह लेन का निर्माण; एनएच-48 के वडोदरा-सूरत खंड पर तापी और नर्मदा नदियों पर प्रमुख पुलों सहित अतिरिक्त संरचनाओं का निर्माण; और एनएच-53 पर अभवा, मिंधोला और खजोद जंक्शनों पर ग्रेड-सेपरेटेड संरचनाओं का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री एनएच-48 के वडोदरा-सूरत खंड पर सड़क सुरक्षा में सुधार और यातायात संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए कंदारी चौकड़ी और लुवारा पाटिया में छह लेन के फ्लाईओवर का उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री लगभग 2,600 करोड़ रुपये की गुजरात सरकार की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करेंगे। जिन प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी उनमें वडोदरा शहरी विकास प्राधिकरण रिंग रोड चरण II, कडाना बांध पर 110 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना, वडोदरा नगर निगम के नए कार्यालय का निर्माण आदि शामिल हैं। उद्घाटन की जाने वाली परियोजनाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत आवास परियोजनाएं और पूर्वी वडोदरा के 11 गांवों के लिए जल आपूर्ति परियोजना आदि शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मुंबई में

प्रधानमंत्री विश्व के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली वार्षिक फिनटेक सम्मेलनों में से एक, ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 का उद्घाटन करेंगे।

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का सातवां संस्करण 8 से 11 सितंबर 2026 तक मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। 2020 से, जीएफएफ एक अंतरराष्ट्रीय विचार नेतृत्व मंच के रूप में उभरा है जो नीति निर्माताओं, नियामकों, केंद्रीय बैंकों, वित्तीय संस्थानों, फिनटेक कंपनियों, प्रौद्योगिकी कंपनियों, निवेशकों, शिक्षाविदों और अन्य वैश्विक हितधारकों को वित्त के भविष्य को आकार देने पर विचार-विमर्श करने के लिए आपस में जोड़ता है।

जीएफएफ 2026 का विषय है "प्रभाव डालने की क्षमता: एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम - समावेशी वित्त के लिए विश्वसनीय, जुड़ी हुई, वैश्विक प्रणालियां।"

जीएफएफ 2026 को नीति, विनियमन, प्रौद्योगिकी, पूंजी और उद्योग के लिए एक साझा मंच के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन में भारत के नेतृत्व को और मजबूत करना तथा संभावनाओं को वास्तविक प्रभाव में बदलना है। चर्चाओं में इस बात पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा कि एजेंटिक एआई, प्रोग्रामेबल फाइनेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी और अन्य महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियां किस प्रकार वैश्विक स्तर पर नागरिकों, उद्यमों और अर्थव्यवस्थाओं के लिए विश्वसनीय, समावेशी और मापने योग्य परिणाम उत्पन्न कर सकती हैं।