वैश्विक परिपेक्ष्य में यूएई हमारा एक महत्वपूर्ण भागीदार और करीबी मित्र है: प्रधानमंत्री
हम संयुक्त अरब अमीरात को भारत की विकास गाथा में एक महत्वपूर्ण भागीदार मानते हैं: प्रधानमंत्री
हमारे मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र में हो रहे विकास का यूएई को लाभ मिल सकता है: प्रधानमंत्री 
अबु धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे संबंधों में ऊर्जा भागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है
सुरक्षा और रक्षा सहयोग ने भारत-यूएई संबंधों को नया आयाम देने का काम किया है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत-यूएई की आर्थिक साझेदारी क्षेत्रीय और वैश्विक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण स्रोत हो सकता है: प्रधानमंत्री

अबू धाबी के राजकुमार,

महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान,

मीडिया के मित्रों,

मुझे भारत के प्रिय मित्र महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का स्वागत करते हुए अत्यंतहर्ष हो रहा है। हमें इस बात की प्रसन्नता है कि महामहिम अपनी दूसरी राजकीय यात्रा पर भारत आए हैं।और, कल गणतंत्र दिवस समारोह में हमारे सम्मानित मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता के चलतेउनकी यह यात्रा अत्यंत खास है। महामहिम, मैं गर्मजोशी से हमारी अगस्त 2015 और गत वर्ष फरवरी मेंहुई मुलाकात को याद कर रहा हूं। हमारी चर्चा का दायरा विस्तृत था जिसमें हमारे द्विपक्षीय संबंधों केसभी क्षेत्र शामिल थे। निजी तौर पर, हमारी भागीदारी पर आपके नजरिए,  हमारे क्षेत्र को लेकर आपकीसमझ और आपके वैश्विक दृष्टिकोण से मुझे अत्यंत लाभ हुआ है। महामहिम, आपके नेतृत्व में हम  अपने संबंधों में नई सहक्रिया (सिनर्जी) का निर्माण करने में सफल रहे हैं। अपनी विस्तृत रणनीतिकसाझेदारी को उद्देश्यपूर्ण और कार्य उन्मुख बनाने के लिए हमने एक महत्वकांक्षी रोडमैप को आकार दियाहै। अभी जिस समझौते का आदान-प्रदान किया गया है वह इस समझ को संस्थापित करेगा।

मित्रों,

संयुक्त अरब अमीरात दुनिया के एक महत्वपूर्ण हिस्से में हमारे सबसे मूल्यवान सहयोगियों में एक,  और करीबी मित्र है। मैंने अभी महामहिम के साथ बहुत ही उपयोगी और फलदायी विचार-विमर्श समाप्तकिया है। हमारी पिछली दो मुलाकातों के दौरान लिए गए विभिन्न निर्णयों को लागू करने पर ही हमाराविशेष जोर रहा। हम ऊर्जा और निवेश समेत सभी प्रमुख क्षेत्रों में हमारे संबंधों की गति को बनाए रखनेपर सहमत हैं। 

 

मित्रों,

हम भारत की विकास गाथा में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में संयुक्त अरब अमीरात का सम्मानकरते हैं। मैं विशेषरूप से भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश के लिए यूएई द्वारा दिखाई गईदिलचस्पी का स्वागत करता हूं। हम यूएई में संस्थागत निवेशकों को हमारे राष्ट्रीय निवेश एवं बुनियादीढांचा कोष के साथ जोड़ने के लिए काम कर रहे हैं। मैंने महामहिम से दुबई में वर्ल्ड एक्सपो 2020 कीइंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में साझीदारी के लिए भारतीय कंपनियो की दिलचस्पी की बात भी साझा कीहै। यूएई हमारे विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के विकास से जुड़कर लाभान्वित हो सकता है। हम डिजिटलअर्थव्यवस्था के निर्माण, मानव पूंजी और भारत में स्मार्ट शहरीकरण को लेकर हमारी पहलों में मौजूदप्रचुर अवसरों का संयुक्त रूप से दोहन कर सकते हैं। हम द्विपक्षीय व्यापार की गुणवत्ता और मात्राबढ़ाने के लिए दोनों देशों के व्यापार एवं उद्योगों को प्रोत्साहित भी करेंगे तथा उनकी सुविधाएं भीबढ़ाएंगे। व्यापार उपायों के समझौते पर आज हुए हस्ताक्षर हमारी व्यापारिक साझेदारी को आगे औरमजबूत करेगा। ऊर्जा के क्षेत्र में हमारी साझेदारी हमारे जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण सेतु है। यह हमारी ऊर्जासुरक्षा में योगदान करता है। महामहिम और मैंने विशिष्ट परियोजनाओं एवं प्रस्तावों के माध्यम से हमारेऊर्जा संबंधों को एक रणनीतिक दिशा में बदलने के तरीकों पर चर्चा की है। इसके लिए, दीर्घ अवधि केआपूर्ति समझौते और ऊर्जा के क्षेत्र में संयुक्त उपक्रमों की स्थापना लाभकारी मार्ग साबित हो सकती है।

मित्रों,

सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग ने हमारे संबंधों को उभरता हुआ नया आयाम दिया है। हम नए रक्षा क्षेत्रों मेंअपने उपयोगी संबंधों को विस्तार देने पर सहमत हुए हैं। इसमें समुद्री क्षेत्र भी शामिल है। रक्षा के क्षेत्र मेंसहयोग के लिए आज एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह हमारी रक्षा गतिविधियों को सही दिशादेने में मददगार होगा। हम यह भी महसूस करते हैं कि हमारे समाज की सुरक्षा के लिए हिंसा और उग्रवादसे निपटने हेतु हमारे मेलमिलाप का बढ़ना जरूरी है।

मित्रों,

महामहिम और मेरा मानना है कि हमारे करीबी संबंधों का महत्व सिर्फ हम दोनों देशों के लिए नहीं है, बल्कि यह समूचे पड़ोस के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमारा संमिलन इस क्षेत्र की स्थिरता में मदद करसकता है। और,  हमारी आर्थिक साझेदारी क्षेत्रीय और वैश्विक समृद्धि का एक स्रोत हो सकती है।

हमने मध्य एशिया और खाड़ी क्षेत्र के विकास पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया, जहां शांति एवंस्थिरता में दोनों देशों के साझा हित हैं। हमने अफगानिस्तान समेत हमारे क्षेत्र के विकास पर भी चर्चाकी। कट्टरपंथ और आतंकवाद के बढ़ते खतरे से अपने लोगों की रक्षा एवं सुरक्षा को लेकर हमारी साझाचिंताएं हैं और इस क्षेत्र में भी हमारे संबंध आकार ले रहे हैं।

मित्रों,

संयुक्त अरब अमीरात 26 लाख भारतीयों का घर है। उनके योगदान को भारत और संयुक्त अरबअमीरात में काफी महत्व दिया जाता है। मैं संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय नागरिकों के कल्याण काध्यान रखने के लिए महामहिम का आभार व्यक्त करता हूं। मैं अबू धाबी में भारतीय मूल के लोगों कोएक मंदिर के लिए भूमि आवंटित करने पर महामहिम को धन्यवाद भी करता हूं।

मित्रों,

हमारी भागीदारी की सफलता में महामहिम शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान, संयुक्त अरबअमीरात के राष्ट्रपति और महामहिम शेख मोहम्मद द्वारा दिखाई गई निजी दिलचस्पी की बहुत बड़ीभूमिका है।आगे,  हमारा सहयोग एक ऊंची उड़ान के लिए तैयार है। महामहिम,  मुझे पूर्ण विश्वास है किआपकी यात्रा हमारी पूर्व में हुई मुलाकात के दौरान बनी समझ और मजबूत बढ़त पर आधारित होगी।और, इसकी भविष्य की रूपरेखा का आकार गहराई, गतिशीलता और हमारी साझेदारी की विविधताद्वारा चिन्हित होगा। अंत में, मैं महामहिम को भारत आने का मेरा निमंत्रण स्वीकार करने के लिएधन्यवाद देता हूं। मैं उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों को भारत में अत्यंत सुखद प्रवास केलिए शुभकामनाएं देता हूं।

धन्यवाद, बहुत-बहुत धन्यवाद।

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मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में एनएच-34 के कानपुर-कबराई खंड के 4/6 लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड खंड के निर्माण को बीओटी (टोल) मोड पर 7145.14 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत से मंजूरी दी
July 01, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज राष्ट्रीय राजमार्ग (ओ) कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे के एक महत्वपूर्ण खंड के रूप में 117.7 किलोमीटर लंबे कानपुर-कबराई एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह चार लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड गलियारा है जिसमें भविष्य में छह लेन तक विस्तारित करने की व्यवस्था भी है। 7145.14 करोड़ रुपये की अनुमानित कुल पूंजी लागत वाली इस परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बीओटी (टोल) मोड पर कार्यान्वित किया जाएगा, साथ ही एनएच-34 के मौजूदा कानपुर-कबराई खंड का संचालन और रखरखाव भी किया जाएगा।

यह परियोजना कानपुर और कबराई के बीच निर्बाध, उच्च गति की कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, साथ ही सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों तक आगे की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, जिससे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों को मध्य प्रदेश के खनिज-समृद्ध, विनिर्माण और कृषि क्षेत्रों से जोड़ने वाला एक आधुनिक पहुंच नियंत्रित आर्थिक गलियारा बनेगा और इस प्रकार इसमें सुधार होगा।

80-100 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिज़ाइन किया गया यह कॉरिडोर कानपुर और कबराई के बीच यात्रा समय को 3.5 घंटे से घटाकर 1.5 घंटे (58 प्रतिशत) कर देगा, साथ ही सड़क सुरक्षा में सुधार करेगा, वाहन परिचालन लागत को कम करेगा और यात्री एवं माल यातायात की कुशल आवाजाही को सुगम बनाएगा। यह परियोजना एनएच-34, एनएच-35, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड और राज्य राजमार्ग एसएच-46, एसएच-91, एसएच-10बी और एसएच-42 के साथ रणनीतिक संपर्क भी प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ एकीकरण मजबूत होगा। यह कॉरिडोर कबराई खनन क्षेत्र से संपर्क को और मजबूत करेगा, खनिजों, औद्योगिक वस्तुओं, निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों की आवाजाही में सुधार करेगा, जिससे रसद दक्षता, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप, यह परियोजना 16 आर्थिक नोड से कनेक्टिविटी में सुधार करेगी, जिनमें उन्नाव, बंथर, पंखी, रनिया, जैनपुर, रूमा, चकेरी, सुमेरपुर और भूरागढ़ औद्योगिक क्षेत्र, ट्रांस गंगा इंटीग्रेटेड टाउनशिप, ग्रोथ सेंटर जयपुर, कानपुर नगर नोड और बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड शामिल हैं। यह 9 सोशल नोड, अर्थात् फतेहपुर, महोबा, कानपुर जूलॉजिकल पार्क, बुद्ध पार्क, जेके मंदिर और जेके मंदिर से कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। गार्डन, राधा कृष्ण मंदिर, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, गोपेश्वर मंदिर और महोबा पर्यटक स्थल, और 10 लॉजिस्टिक नोड, जिनमें कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर, महोबा, कबरई, भरवा सुमेरपुर और बांदा रेलवे स्टेशन, साथ में कानपुर, चकेरी और खजुराहो हवाई अड्डे शामिल हैं।

कुल मिलाकर, पीएम गतिशक्ति के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए, बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में रसद प्रतिस्पर्धात्मकता, औद्योगिक विकास और आर्थिक विकास में सुधार करना इसका लक्ष्‍य है।

इस परियोजना से निर्माण के दौरान प्रति लेन प्रति किलोमीटर लगभग 11,188 प्रत्यक्ष और 13,985 अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2028 तक इसकी वार्षिक औसत दैनिक यातायात (एएडीटी) लगभग 18,069 यात्री कार इकाइयों (पीसीयू) तक पहुंचने का अनुमान है, जो इसके दीर्घकालिक आर्थिक, रसद और परिवहन महत्व को दर्शाता है। इस प्रकार प्रस्तावित परियोजना से लगभग 1.2 करोड़ मानव-दिवस प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।

कॉरिडोर का नक्शा: