विपत्ति को अवसर में बदलना ही गुजरात मॉडल है। हमने गुजरात में ऐसा काम किया है कि 100 साल तक पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ेगा
आज सोमनाथ मंदिर को याद करने वाले क्या अपना इतिहास भूल गए। जब देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन पर आने वाले थे, जवाहर लाल नेहरू जी ने उन्हें पत्र लिखकर अपना असंतोष प्रकट किया था
सरदार पटेल ने नर्मदा परियोजना को लेकर भी सपने संजोए थे, लेकिन कांग्रेस ने उनके इस सपने को भी पूरा नहीं होने दिया
1979 में मोरबी में बाँध टूटने से मची तबाही में आरएसएस एवं जन संघ के कार्यकर्ता मानवता की सेवा कर रहे थे जबकि इंदिरा गांधी नाक पर रुमाल ढँक कर आई थी
हम विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं जबकि विपक्ष झूठा प्रचार करके समाज में जातिवाद का जहर फैला रही है
कांग्रेस चुनाव से पहले हैंडपंप देने का वादा करती थी और वादा निभाते-निभाते वह तीन-तीन चुनाव निकाल देती थी। कांग्रेस का विकास हैंडपंप है जबकि भारतीय जनता पार्टी का विकास सौनी परियोजना और नर्मदा की पाइपलाइन है
कांग्रेस ओबीसी समुदाय का वोट चाहती है लेकिन उसे पहले यह बताना चाहिए कि उसने इतने सालों तक ओबीसी आयोग को कानूनी वैधता देने की मंजूरी क्यों नहीं दी। कांग्रेस पार्टी ने इस विधेयक को पारित होने में सहयोग न करके ओबीसी समुदाय के साथ धोखा किया है
कांग्रेस पार्टी ने एक तो आपको आपका हक़ नहीं दिया और जिसने आपको हक़ देना चाहा, उसके रास्ते में भी रोड़े अटकाए। जिन्होंने 70 वर्षों तक देश को लूटा है, उनको सजा देने का वक्त आ गया है।
सेना के जवानों की ओआरओपी (OROP) की मांग पिछले 40 वर्षों से लंबित थी, क्यों कांग्रेस सरकारों ने इस संबंध में कोई प्रयास नहीं किए? कांग्रेस जो काम 40 साल में नहीं किया, वह हमने एक साल में करके दिखाया
हम 6,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना लेकर आये हैं ताकि किसानों को समृद्ध बनाया जा सके
हमने जनता से मिले फीडबैक के आधार पर जीएसटी में बदलाव किये हैं और आगे भी यदि जीएसटी में कहीं कमी रह गई होगी और जनता की मांग होगी तो बदलाव किया जाएगा
GST को ग्रेट स्टुपिड थॉट कहने वाले कांग्रेस की सोच देखिये कि वह जनसामान्य की दैनिक जरूरतों की चीजों पर भी 18% का टैक्स लगाना चाहती है। गरीबों के उपयोग में आनेवाली वस्तुओं को महंगा करना और अमीरों की वस्तुओं को सस्ता करना – ये कांग्रेस की सोच है
देश की तिजोरी लूटने वाले नोटबंदी का रोना रो रहे हैं। जिन्होंने जनता को लूटा, आज उसका हिसाब किया जा रहा है
मनमोहन सिंह जी कह रहे हैं कि जब मोदी मुख्यमंत्री थे तब नर्मदा की बात ही नहीं की, शायद वे कांग्रेस पार्टी के दवाब में ऐसा बोल रहे हैं
जब मैं मुख्यमंत्री था तो नर्मदा डैम में दरवाजे खोलने को लेकर मनमोहन सिंह जी से मिला था, वे बोले ठीक है, दो महीने बीत गए, फिर मैंने उनसे पूछा तो बोले कि अभी तक नहीं हुआ? कुछ महीनों बाद मैंने फिर उनसे पूछा तो फिर वे बोले – अभी तक नहीं हुआ क्या?
मैंने प्रधानमंत्री बनने के 17 दिनों में ही दरवाजा खोलने का काम कर दिया और माँ नर्मदा का पानी आज गुजरात के हर इलाके में पहुँच रहा है।
कांग्रेस देश पर बोझ है। कांग्रेस के पास न नेता है, न नीति है और न ही आम जनता के साथ उनका कोई नाता है

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के मोरबी, प्राची, पालिताणा और नवसारी में आयोजित विशाल जनसभाओं को संबोधित किया और गुजरात की जनता से राज्य के विकास को अवरुद्ध रखने और लगातार गुजरात के साथ अन्याय करने वाली कांग्रेस को विधान सभा चुनाव में सजा देने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि हम हमेशा जनता के सुख-दुःख के साथ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब अगस्त 1979 में मच्छू डैम टूटने से मोरबी शहर तबाह हो गया था तो मैं केरल से यहाँ जनता-जनार्दन की सेवा के लिए आया। तब की एक घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी उस वक्त मोरबी आई थी लेकिन अपने नाक पर रुमाल ढँक कर जबकि आरएसएस एवं जन संघ के कार्यकर्ता मानवता की सेवा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उस वक्त समाचार पत्र ‘चित्रलेखा’ ने पहले पन्ने पर दो तस्वीरें प्रकाशित की थी – एक तरफ आरएसएस और जन संघ के कार्यकर्ता मानवता की सेवा कर रहे थे जिसे ‘मानवता की महक' की संज्ञा दी गई जबकि दूसरी तरफ इंदिरा गांधी जी नाक पर रुमाल रखे हुए जाते हुए दिखाई दे रही थी जिसका कैप्शन था ‘राजकीय गंदगी'। उन्होंने कहा कि हम सत्ता में रहें, न रहे – हम हमेशा जनता-जनार्दन की भलाई के लिए खड़े रहे रहेंगे।

श्री मोदी ने कहा कि आज सरदार वल्लभ भाई पटेल न होते तो भगवान् सोमनाथ का भव्य मंदिर न होता, सोमनाथ की कीर्ति पताका पूरी दुनिया में लहरा न रही होती। उन्होंने कहा कि ये सरदार पटेल थे जिन्होंने भगवान् सोमनाथ मंदिर का पुनरुद्धार किया। उन्होंने कहा कि आज सोमनाथ मंदिर को याद करने वाले क्या अपना इतिहास भूल गए। उन्होंने कहा कि हमारे पहले प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरू जी यहां पर सोमनाथ मंदिर बनाए जाने के विचार से खुश नहीं थे। उन्होंने कहा कि जब देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन पर आने वाले थे, जवाहर लाल नेहरू जी ने उन्हें पत्र लिखकर अपना असंतोष प्रकट किया था। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, सरदार पटेल ने नर्मदा परियोजना को लेकर भी सपने संजोए थे, लेकिन कांग्रेस ने उनके इस सपने को भी पूरा नहीं होने दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं जबकि विपक्ष झूठा प्रचार करके जातिवाद का जहर फैला रहा है। जिन्होंने 17 साल एक परिवार की राजनीति की, देश को विकास से महरूम रखा वे हमसे जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव से पहले हैंडपंप देने का वादा करती थी और वादा निभाते-निभाते वह तीन-तीन चुनाव निकाल देती थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विकास हैंडपंप है जबकि भारतीय जतना पार्टी का विकास सौनी परियोजना और नर्मदा की पाइपलाइन है।

श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने गुजरात में जातिवाद का जहर फैलाया, भाई भाई में खाई पैदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ओबीसी समुदाय का वोट चाहती है लेकिन उसे पहले यह बताना चाहिए कि उसने इतने सालों तक ओबीसी आयोग को कानूनी वैधता देने की मंजूरी क्यों नहीं दी। उन्होंने कहा कि संसद में हम राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए विधेयक लेकर आये, लोकसभा में यह पारित हो गया क्योंकि वहां हमारी बहुमत है लेकिन कांग्रेस ने इसे राज्यसभा में पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस विधेयक को पारित होने में सहयोग न करके ओबीसी समुदाय के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में आपका अपना बैठा है, वह आपके खिलाफ ऐसे किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि आपके लिए यदि मुझे 50 बार भी विधेयक लाना पड़े तो लाऊँगा और इसे संवैधानिक दर्जा देकर रहूँगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने एक तो आपको आपका हक़ नहीं दिया और जिसने आपको हक़ देना चाहा, उसके रास्ते में भी रोड़े अटकाए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने 70 वर्षों तक देश को लूटा है, उनको सजा देने का वक्त आ गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की यूपीए शासन के समय अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं पर हमला हुआ था और इसमें गुजरात के कई श्रद्धालु शहीद हो गए थे, इसके बावजूद आतंकवादी सीमा पार करने में कामयाब रहे। उन्होंने कहा कि इस साल भी अमरनाथ यात्रियों पर हमला हुआ लेकिन इस बार केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी। उन्होंने कहा कि इस बार डेढ़ महीने के भीतर ही हमने आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने कहा कि यह नेतृत्व-नेतृत्व का फर्क है। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी भारतीय नागरिक संकट में फंसते हैं, केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार अपने नागरिकों की रक्षा के लिए कदम उठाती है और उन्हें वापस अपने देश लाती है। उन्होंने कहा कि हम ईराक और अफगानिस्तान में आतंकवादियों के चंगुल में फंसे हुए अपने नागरिकों को सफलतापूर्वक छुड़ा कर दिल्ली लाने में समर्थ रहे। उन्होंने कहा कि हमने श्रीलंका में भी फांसी की सजा पाए हुए हमारे मछुआरे भाइयों की सकुशल वापसी कराई।

श्री मोदी ने कहा कि मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि क्या आप हमारी सेना के खिलाफ हैं? उन्होंने कहा कि सेना के जवानों की ओआरओपी (OROP) की मांग पिछले 40 वर्षों से लंबित थी, क्यों कांग्रेस सरकारों ने इस संबंध में कोई प्रयास नहीं किए? उन्होंने कहा कि जब 2014 का लोकसभा चुनाव नजदीक आया तो उन्होंने इसके लिए 500 करोड़ रूपये का बजट ओआरओपी के लिए रखा जबकि हकीकत यह थी कि जरूरत इससे कहीं और ज्यादा थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सेना के जवानों की आँख में धूल झोंकने का काम किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने OROP के लिए 12 हजार करोड़ रुपये दिए, आपने जो काम 40 साल में नहीं किया, वह हमने एक साल में करके दिखाया।

श्री मोदी ने कहा कि लातूर में भूकंप आया, जम्मू-कश्मीर में भूकंप आया, केदारनाथ में प्राकृतिक आपदा आई, तटीय इलाकों में साइक्लोन आया लेकिन फिर से खड़ा होने में इन क्षेत्रों को कई साल लग गए। उन्होंने कहा कि गुजरात में भी भूकंप आया लेकिन हमने आपदा को अवसर में बदलकर दिखाया। उन्होंने कहा कि विपत्ति को अवसर में बदलना ही गुजरात मॉडल है। उन्होंने कहा कि हमने गुजरात में ऐसा काम किया है कि 100 साल तक पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमने गुजरात में हमने पानी की हर बूंद बचाने का अभियान चलाया क्योंकि हम समझते हैं कि यदि गुजरात में केवल पानी की समस्या हल हो जाय तो गुजरात में इतनी क्षमता है कि वह विश्व को समृद्ध कर सकता है। हमारे लिए विकास चुनाव जीतना नहीं है बल्कि लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि हमने लाखों चैकडैम बनाए, लगभग 1,10,00 खेत तालाब बनाए, अकेले सौराष्ट्र में सौनी परियोजना से 115 चैकडैम बने, सौनी परियोजना और नर्मदा परियोजना से पानी कच्छ और सौराष्ट्र तक पहुंचाया, हमने हमने पानी को सौ-सौ मंजिल ऊपर पहुंचाया और जल-संरक्षण को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि सौराष्ट्र के किसानों को कभी उम्मीद भी नहीं थी कि कभी उनके खेतों में पानी आयेगा, भारतीय जनता पार्टी सरकार ने किसानों के खेतों में पानी पहुंचाया। उन्होंने कहा कि गुजरात में कृषि आय 600 करोड़ रुपये से बढ़ कर 1700 करोड़ हो गई है, कृषि उत्पादन में दो से तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गुजरात में एक एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी बनाई, हमने चार कृषि विश्वविद्यालय बनाए, हमने पशुधन के लिए अलग से यूनिवर्सिटी बनाई। उन्होंने कहा कि हम आने वाले 100 वर्षों के लिए योजनायें बनाते हैं, केवल चुनाव के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस की तरह हम बात नहीं करते, काम करते हैं।

श्री मोदी ने कहा कि 2022 तक हमने किसानों की आमदनी को दुगुना करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि हम जमीन की तबीयत का ख़याल रखने के लिए स्वाइल हेल्थ कार्ड लेकर आये हैं, इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार आया है। उन्होंने कहा कि पहले यूरिया के लिए राज्य सरकार को केंद्र को साल में तीन-तीन बार चिट्ठी लिखनी पड़ती थी, आज पूरे गुजरात में यूरिया की कोई दिक्कत नहीं है। नीम कोटेड यूरिया से यूरिया की कालाबाजारी और भ्रष्टाचार बंद हुआ है। उन्होंने कहा कि जब भ्रष्टाचार बंद हुआ तो विरोधी बौखला गए हैं। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार को देश में लंबे वक्त तक शासन रहा लेकिन उन्होंने विकास के लिए कोई काम नहीं किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम 6,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना लेकर आये हैं ताकि किसानों को समृद्ध बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि मूंगफली बेचने से ज्यादा किसानों को मूंगफली का तेल बेचने में फायदा होगा, इसी तरह कच्चे आम का अंचार, टमाटर का कैचप बनाने से किसानों को ज्यादा फायदा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि फिशरमेन को सरकार डीजल वाली बोट के लिए पैसा दे रही है ताकि वह समुद्र में दूर जाकर मछली पकड़ सकें, मधुमक्खी पालन को बढावा देने के लिए सरकार पैसा दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि एक भी किसान इसे अपनाता है तो उसकी आय में लगभग 2 लाख रुपये की वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि किसान तो उत्पादन करता है लेकिन उसकी आमदनी कैसे बढ़े, इसके लिए हम ये योजना लेकर आये हैं।

जीएसटी पर चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि जनता की तिजोरी पर डाका डालने वाले आज अर्थशास्त्री बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि तीन महीने में जीएसटी का रिव्यू किया जाएगा और जनता से मिले फीडबैक के आधार पर इसमें सुधार किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमने जनता से मिले फीडबैक के आधार पर जीएसटी में बदलाव किये हैं और आगे भी यदि जीएसटी में कहीं कमी रह गई होगी और जनता की मांग होगी तो बदलाव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि GST को ग्रेट स्टुपिड थॉट कहने वाले कांग्रेस की सोच देखिये कि वह जनसामान्य की दैनिक जरूरतों की चीजों पर भी 18% का टैक्स लगाना चाहते हैं और विलासिता की वस्तुओं पर भी 18% ही टैक्स की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों के उपयोग में आनेवाली वस्तुओं को महंगा करना और अमीरों की वस्तुओं को सस्ता करना – ये कांग्रेस की सोच है। नोटबंदी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जिनका भ्रष्टाचार और घोटाले से अर्जित किया पैसा पिछले साल 8 नवंबर की नोटबंदी में रद्दी में तब्दील हो गया, वही आज भी नोटबंदी की रट लगाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने जनता को लूटा, आज उसका हिसाब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की तिजोरी लूटने वाले नोटबंदी का रोना रो रहे हैं।

श्री मोदी ने कहा कि गुजरात विकास के पथ पर तेज गति से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ-भावनगर के बीच 256 किलोमीटर लंबी सड़क करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई। उन्होंने कहा कि घोघा-दहेज रो-रू फेरी सर्विस से दूरी लगभग 6 गुनी कम हुई है, इस सर्विस को आगे भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केसर कैरी के भाव एक ही सप्ताह में गिर जाया करते थे। उन्होंने कहा कि मैंने कोल्ड ड्रिंक्स बनाने वाली कंपनियों से बात की और फलों का 5% शुद्ध रस कोल्ड ड्रिंक्स में एड करने को कहा। उन्होंने कहा कि अब किसानों को अपने फलों के उचित मूल्य प्राप्त होंगे और उनकी आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं बच्चों की पढ़ाई, युवाओं की कमाई और बुजुर्गों की दवाई के लिए अनवरत काम कर रहा हूँ। उन्होंने कहा कि वनबंधु कल्याण योजना के माध्यम से आदिवासियों के कल्याण के लिए कई कार्य किये गए हैं। उन्होंने कहा कि दांडी मार्च मार्ग पर तेज गति से जारी है और उसका उद्घाटन आगामी 02 अक्टूबर, 2018 को प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना के माध्यम से देश के करोड़ों युवाओं को स्वरोजगार प्राप्त हुआ है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार के समय मैंने अनशन पर बैठकर माँ नर्मदा के पानी को कच्छ और सौराष्ट्र के सुदूर इलाके तक पहुंचाया, यह सब गुजरात की जनता का स्नेह और आशीर्वाद के कारण ही संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह जी कह रहे हैं कि जब मोदी मुख्यमंत्री थे तब नर्मदा की बात ही नहीं की, शायद वे कांग्रेस पार्टी के दवाब में ऐसा बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था तो नर्मदा डैम में दरवाजे खोलने को लेकर मनमोहन सिंह जी से मिला था, वे बोले ठीक है, दो महीने बीत गए, फिर मैंने उनसे पूछा तो बोले कि अभी तक नहीं हुआ? उन्होंने कहा कि कुछ महीनों बाद मैंने फिर उनसे पूछा तो फिर वे बोले – अभी तक नहीं हुआ क्या? उन्होंने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री को इसके बारे में जानकारी नहीं तो क्या किया जा सकता है! उन्होंने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री बनने के 17 दिनों में ही दरवाजा खोलने का काम कर दिया और माँ नर्मदा का पानी आज गुजरात के हर इलाके में पहुँच रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस देश पर बोझ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास न नेता है, न नीति है और न ही आम जनता के साथ उनका कोई नाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदैव आपकी सेवा में तत्पर रही है, आपके बीच रही है। जनता से अपील करते हुए कहा कि भूकंप से पहले का कच्छ-सौराष्ट्र देखिये, भूकंप से बाद का देखिये, नर्मदा और सौनी परियोजना से पहले का कच्छ-सौराष्ट्र देखिये, परियोजना के बाद देखिये, भाजपा से पहले का कच्छ-सौराष्ट्र देखिये, भाजपा के बाद देखिये और तुलना कीजिये।

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“For the second time since independence, a government has got the opportunity to serve the country for the third time in a row. This opportunity has come after 60 years”
“We believe that majority is required to run the government but consensus is very important to run the country”
“I assure the countrymen that in our third term, we will work three times harder and achieve three times the results”
“Country does not need slogans, it needs substance. Country needs a good opposition, a responsible opposition”

साथियों,

संसदीय लोकतंत्र में आज की दिवस गौरवमय है, ये वैभव का दिन है। आजादी के बाद पहली बार हमारी अपनी नई संसद में ये शपथ समारोह हो रहा है। अब तक ये प्रक्रिया पुराने सदन में हुआ करती थी। आज के इस महत्वपूर्ण दिवस पर मैं सभी नव निर्वाचित सांसदों का ह्दय से स्वागत करता हूं, सबका अभिनंदन करता हूं और सबको अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।

संसद का ये गठन भारत के सामान्य मानवी के संकल्पों की पूर्ति का है। नए उमंग, नए उत्साह के साथ नई गति, नई ऊंचाई प्राप्त करने के लिए ये अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। श्रेष्ठ भारत निर्माण का विकसित भारत 2047 तक का लक्ष्य, ये सारे सपने लेकर के, ये सारे संकल्प लेकर के आज 18वीं लोकसभा का सत्र प्रारंभ हो रहा है। विश्व का सबसे बड़ा चुनाव बहुत ही शानदार तरीके से, बहुत ही गौरवमय तरीके से संपन्न होना ये हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। 140 करोड़ देशवासियों के लिए गर्व की बात है। करीब 65 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया। ये चुनाव इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण बन गया है कि आजादी के बाद दूसरी बार किसी सरकार को लगातार तीसरी बार सेवा करने के लिए देश की जनता ने अवसर दिया है। और ये अवसर 60 साल के बाद आया है, ये अपने आप में बहुत बड़ी गौरवपूर्ण घटना है।

साथियों,

जब देश की जनता ने तीसरे कार्यकाल के लिए भी एक सरकार को पसंद किया है, मतलब उसकी नीयत पर मोहर लगाई है, उसकी नीतियों पर मोहर लगाई है। जनता-जनार्दन के प्रति उसके समर्पण भाव को मोहर लगाई है, और मैं इसके लिए देशवासियों का ह्दय से आभार व्यक्त करता हूं। गत 10 वर्ष में जिस परंपरा को हमने प्रस्थापित करने का निरंतर प्रयास किया है, क्योंकि हम मानते हैं कि सरकार चलाने के लिए बहुमत होता है, लेकिन देश चलाने के लिए सहमति बहुत जरूरी होती है। और इसलिए हमारा निरंतर प्रयास रहेगा कि हर किसी की सहमति के साथ, हर किसी को साथ लेकर के मां भारती की सेवा करें, 140 करोड़ देशवासियों की आशाओं, आकांक्षाओं को परिपूर्ण करें।

हम सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं, सबको साथ लेकर के संविधान की मर्यादाओं को पालन करते हुए निर्णयों को गति देना चाहते हैं। 18वीं लोकसभा में, हमारे लिए खुशी की बात है कि युवा सांसदों की संख्या अच्छी है। और हम जब 18 की बात करते हैं तो भारत की परंपराओं को जो जानते हैं, भारत की सांस्कृतिक विरासत से जो परिचित हैं, उनको पता कि हमारे यहां 18 अंक का बहुत सात्विक मूल्य है। गीता के भी 18 अध्याय हैं- कर्म, कर्तव्य और करूणा का संदेश हमें वहां से मिलता है। हमारे यहां पुराणों और उप-पुराणों की संख्या भी 18 हैं। 18 का मूलांक 9 हैं और 9 पूर्णता की गारंटी देता है। 9 पूर्णता का प्रतीक अंक है। 18 वर्ष की आयु में हमारे यहां मताधिकार मिलता है। 18वीं लोकसभा भारत के अमृतकाल की, इस लोकसभा का गठन, वो भी एक शुभ संकेत है।

साथियों,

आज हम 24 जून को मिल रहे हैं। कल 25 जून है, जो लोग इस देश के संविधान की गरिमा से समर्पित हैं, जो लोग भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं पर निष्ठा रखते हैं, उनके लिए 25 जून न भूलने वाला दिवस है। कल 25 जून को भारत के लोकतंत्र पर जो काला धब्बा लगा था, उसके 50 वर्ष हो रहे हैं। भारत की नई पीढ़ी इस बात को कभी नहीं भूलेगी कि भारत के संविधान को पूरी तरह नकार दिया गया था। संविधान के लीरे-लीरा (अस्पष्ट) उड़ा दिए गए थे, देश को जेलखाना बना दिया गया था, लोकतंत्र को पूरी तरह दबोच दिया गया था। इमरजेंसी के ये 50 साल इस संकल्प के हैं कि हम गौरव के साथ हमारे संविधान की रक्षा करते हुए, भारत के लोकतंत्र, लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करते हुए देशवासी संकल्प लेंगे कि भारत में फिर कभी कोई ऐसी हिम्मत नहीं करेगा, जो 50 साल पहले की गई थी और लोकतंत्र पर काला धब्बा लगा दिया गया था। हम संकल्प करेंगे, जीवंत लोकतंत्र का, हम संकल्प करेंगे, भारत के संविधान की निर्दिष्ट दिशा के अनुसार जन सामान्य के सपनों को पूरा करना।

साथियों,

देश की जनता ने हमें तीसरी बार मौका दिया है, ये बहुत ही महान विजय है, बहुत ही भव्य विजय है। और तब हमारा दायित्व भी तीन गुना बढ़ जाता है। और इसलिए मैं आज देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि आपने हमें जो तीसरी बार मौका दिया है, 2 बार सरकार चलाने का अनुभव हमारे साथ जुड़ा है। मैं देशवासियों को आज विश्वास दिलाता हूं कि हमारे तीसरे कार्यकाल में हम पहले से तीन गुना ज्यादा मेहनत करेंगे। हम परिणामों को भी तीन गुना लाकर के रहेंगे। और इस संकल्प के साथ हम इस नए कार्यभार को लेकर के आगे चल रहे हैं।

माननीय, सभी सांसदों से देश को बहुत सी अपेक्षाएं हैं। मैं सभी सांसदों से आग्रह करूंगा कि जनहित के लिए, लोकसेवा के लिए हम इस अवसर का उपयोग करें और हर संभव हम जनहित में कदम उठाएं। देश की जनता विपक्ष से अच्छे कदमों की अपेक्षा रखती है। अब तक जो निराशा मिली है, शायद इस 18वीं लोकसभा में विपक्ष देश के सामान्य नागरिकों की विपक्ष के नाते उनकी भूमिका की अपेक्षा करता है, लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखने की अपेक्षा करता है। मैं आशा करता हूं कि विपक्ष उसमें खरा उतरेगा।

साथियों,

सदन में सामान्य मानवी की अपेक्षा रहती है debate की, digilance की। लोगों को ये अपेक्षा नहीं है कि नखरे होते रहे, ड्रामा होते रहे, disturbance होता रहे। लोग substance चाहते हैं, slogan नहीं चाहते हैं। देश को एक अच्छे विपक्ष की आवश्यकता है, जिम्मेदार विपक्ष की आवश्यकता है और मुझे पक्का विश्वास है कि इस 18वीं लोकसभा में हमारे जो सांसद जीतकर के आए हैं, वो सामान्य मानवी की उन अपेक्षाओं को पूर्ण करने का प्रयास करेंगे।

साथियों,

विकसित भारत के हमारे संकल्प को पूरा करने के लिए हम सबका दायित्व है, हम मिलकर के उस दायित्व को निभाएंगे, जनता का विश्वास हम और मजबूत करेंगे। 25 करोड़ नागरिकों का गरीबी से बाहर निकलना एक नया विश्वास पैदा करता है कि हम भारत को गरीबी से मुक्त करने में बहुत ही जल्द सफलता प्राप्त कर सकते हैं और ये मानवजाति की बहुत बड़ी सेवा होगी। हमारे देश के लोग 140 करोड़ नागरिक परिश्रम करने में कोई कमी नहीं रखते हैं। हम उनको ज्यादा से ज्यादा अवसर जुटाएं। इसी एक कल्पना, और हमारा ये सदन जो एक संकल्प का सदन बनेगा। हमारी 18वीं लोकसभा संकल्पों से भरी हुई हो, ताकि सामान्य मानवी के सपने साकार हो।

साथियों,

मैं फिर एक बार विशेषकर के नए सांसदों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं, सभी सांसदों को अभिनदंन करता हूं और अनेक-अनेक अपेक्षाओं के साथ, आइए हम सब मिलकर के देश की जनता ने जो नया दायित्व दिया है, उसको बखूबी निभाएं, समर्पण भाव से निभाएं, बहुत-बहुत धन्यवाद साथियों।