विपत्ति को अवसर में बदलना ही गुजरात मॉडल है। हमने गुजरात में ऐसा काम किया है कि 100 साल तक पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ेगा
आज सोमनाथ मंदिर को याद करने वाले क्या अपना इतिहास भूल गए। जब देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन पर आने वाले थे, जवाहर लाल नेहरू जी ने उन्हें पत्र लिखकर अपना असंतोष प्रकट किया था
सरदार पटेल ने नर्मदा परियोजना को लेकर भी सपने संजोए थे, लेकिन कांग्रेस ने उनके इस सपने को भी पूरा नहीं होने दिया
1979 में मोरबी में बाँध टूटने से मची तबाही में आरएसएस एवं जन संघ के कार्यकर्ता मानवता की सेवा कर रहे थे जबकि इंदिरा गांधी नाक पर रुमाल ढँक कर आई थी
हम विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं जबकि विपक्ष झूठा प्रचार करके समाज में जातिवाद का जहर फैला रही है
कांग्रेस चुनाव से पहले हैंडपंप देने का वादा करती थी और वादा निभाते-निभाते वह तीन-तीन चुनाव निकाल देती थी। कांग्रेस का विकास हैंडपंप है जबकि भारतीय जनता पार्टी का विकास सौनी परियोजना और नर्मदा की पाइपलाइन है
कांग्रेस ओबीसी समुदाय का वोट चाहती है लेकिन उसे पहले यह बताना चाहिए कि उसने इतने सालों तक ओबीसी आयोग को कानूनी वैधता देने की मंजूरी क्यों नहीं दी। कांग्रेस पार्टी ने इस विधेयक को पारित होने में सहयोग न करके ओबीसी समुदाय के साथ धोखा किया है
कांग्रेस पार्टी ने एक तो आपको आपका हक़ नहीं दिया और जिसने आपको हक़ देना चाहा, उसके रास्ते में भी रोड़े अटकाए। जिन्होंने 70 वर्षों तक देश को लूटा है, उनको सजा देने का वक्त आ गया है।
सेना के जवानों की ओआरओपी (OROP) की मांग पिछले 40 वर्षों से लंबित थी, क्यों कांग्रेस सरकारों ने इस संबंध में कोई प्रयास नहीं किए? कांग्रेस जो काम 40 साल में नहीं किया, वह हमने एक साल में करके दिखाया
हम 6,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना लेकर आये हैं ताकि किसानों को समृद्ध बनाया जा सके
हमने जनता से मिले फीडबैक के आधार पर जीएसटी में बदलाव किये हैं और आगे भी यदि जीएसटी में कहीं कमी रह गई होगी और जनता की मांग होगी तो बदलाव किया जाएगा
GST को ग्रेट स्टुपिड थॉट कहने वाले कांग्रेस की सोच देखिये कि वह जनसामान्य की दैनिक जरूरतों की चीजों पर भी 18% का टैक्स लगाना चाहती है। गरीबों के उपयोग में आनेवाली वस्तुओं को महंगा करना और अमीरों की वस्तुओं को सस्ता करना – ये कांग्रेस की सोच है
देश की तिजोरी लूटने वाले नोटबंदी का रोना रो रहे हैं। जिन्होंने जनता को लूटा, आज उसका हिसाब किया जा रहा है
मनमोहन सिंह जी कह रहे हैं कि जब मोदी मुख्यमंत्री थे तब नर्मदा की बात ही नहीं की, शायद वे कांग्रेस पार्टी के दवाब में ऐसा बोल रहे हैं
जब मैं मुख्यमंत्री था तो नर्मदा डैम में दरवाजे खोलने को लेकर मनमोहन सिंह जी से मिला था, वे बोले ठीक है, दो महीने बीत गए, फिर मैंने उनसे पूछा तो बोले कि अभी तक नहीं हुआ? कुछ महीनों बाद मैंने फिर उनसे पूछा तो फिर वे बोले – अभी तक नहीं हुआ क्या?
मैंने प्रधानमंत्री बनने के 17 दिनों में ही दरवाजा खोलने का काम कर दिया और माँ नर्मदा का पानी आज गुजरात के हर इलाके में पहुँच रहा है।
कांग्रेस देश पर बोझ है। कांग्रेस के पास न नेता है, न नीति है और न ही आम जनता के साथ उनका कोई नाता है

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के मोरबी, प्राची, पालिताणा और नवसारी में आयोजित विशाल जनसभाओं को संबोधित किया और गुजरात की जनता से राज्य के विकास को अवरुद्ध रखने और लगातार गुजरात के साथ अन्याय करने वाली कांग्रेस को विधान सभा चुनाव में सजा देने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि हम हमेशा जनता के सुख-दुःख के साथ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब अगस्त 1979 में मच्छू डैम टूटने से मोरबी शहर तबाह हो गया था तो मैं केरल से यहाँ जनता-जनार्दन की सेवा के लिए आया। तब की एक घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी उस वक्त मोरबी आई थी लेकिन अपने नाक पर रुमाल ढँक कर जबकि आरएसएस एवं जन संघ के कार्यकर्ता मानवता की सेवा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उस वक्त समाचार पत्र ‘चित्रलेखा’ ने पहले पन्ने पर दो तस्वीरें प्रकाशित की थी – एक तरफ आरएसएस और जन संघ के कार्यकर्ता मानवता की सेवा कर रहे थे जिसे ‘मानवता की महक' की संज्ञा दी गई जबकि दूसरी तरफ इंदिरा गांधी जी नाक पर रुमाल रखे हुए जाते हुए दिखाई दे रही थी जिसका कैप्शन था ‘राजकीय गंदगी'। उन्होंने कहा कि हम सत्ता में रहें, न रहे – हम हमेशा जनता-जनार्दन की भलाई के लिए खड़े रहे रहेंगे।

श्री मोदी ने कहा कि आज सरदार वल्लभ भाई पटेल न होते तो भगवान् सोमनाथ का भव्य मंदिर न होता, सोमनाथ की कीर्ति पताका पूरी दुनिया में लहरा न रही होती। उन्होंने कहा कि ये सरदार पटेल थे जिन्होंने भगवान् सोमनाथ मंदिर का पुनरुद्धार किया। उन्होंने कहा कि आज सोमनाथ मंदिर को याद करने वाले क्या अपना इतिहास भूल गए। उन्होंने कहा कि हमारे पहले प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरू जी यहां पर सोमनाथ मंदिर बनाए जाने के विचार से खुश नहीं थे। उन्होंने कहा कि जब देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन पर आने वाले थे, जवाहर लाल नेहरू जी ने उन्हें पत्र लिखकर अपना असंतोष प्रकट किया था। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, सरदार पटेल ने नर्मदा परियोजना को लेकर भी सपने संजोए थे, लेकिन कांग्रेस ने उनके इस सपने को भी पूरा नहीं होने दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं जबकि विपक्ष झूठा प्रचार करके जातिवाद का जहर फैला रहा है। जिन्होंने 17 साल एक परिवार की राजनीति की, देश को विकास से महरूम रखा वे हमसे जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव से पहले हैंडपंप देने का वादा करती थी और वादा निभाते-निभाते वह तीन-तीन चुनाव निकाल देती थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विकास हैंडपंप है जबकि भारतीय जतना पार्टी का विकास सौनी परियोजना और नर्मदा की पाइपलाइन है।

श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने गुजरात में जातिवाद का जहर फैलाया, भाई भाई में खाई पैदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ओबीसी समुदाय का वोट चाहती है लेकिन उसे पहले यह बताना चाहिए कि उसने इतने सालों तक ओबीसी आयोग को कानूनी वैधता देने की मंजूरी क्यों नहीं दी। उन्होंने कहा कि संसद में हम राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए विधेयक लेकर आये, लोकसभा में यह पारित हो गया क्योंकि वहां हमारी बहुमत है लेकिन कांग्रेस ने इसे राज्यसभा में पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस विधेयक को पारित होने में सहयोग न करके ओबीसी समुदाय के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में आपका अपना बैठा है, वह आपके खिलाफ ऐसे किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि आपके लिए यदि मुझे 50 बार भी विधेयक लाना पड़े तो लाऊँगा और इसे संवैधानिक दर्जा देकर रहूँगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने एक तो आपको आपका हक़ नहीं दिया और जिसने आपको हक़ देना चाहा, उसके रास्ते में भी रोड़े अटकाए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने 70 वर्षों तक देश को लूटा है, उनको सजा देने का वक्त आ गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की यूपीए शासन के समय अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं पर हमला हुआ था और इसमें गुजरात के कई श्रद्धालु शहीद हो गए थे, इसके बावजूद आतंकवादी सीमा पार करने में कामयाब रहे। उन्होंने कहा कि इस साल भी अमरनाथ यात्रियों पर हमला हुआ लेकिन इस बार केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी। उन्होंने कहा कि इस बार डेढ़ महीने के भीतर ही हमने आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने कहा कि यह नेतृत्व-नेतृत्व का फर्क है। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी भारतीय नागरिक संकट में फंसते हैं, केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार अपने नागरिकों की रक्षा के लिए कदम उठाती है और उन्हें वापस अपने देश लाती है। उन्होंने कहा कि हम ईराक और अफगानिस्तान में आतंकवादियों के चंगुल में फंसे हुए अपने नागरिकों को सफलतापूर्वक छुड़ा कर दिल्ली लाने में समर्थ रहे। उन्होंने कहा कि हमने श्रीलंका में भी फांसी की सजा पाए हुए हमारे मछुआरे भाइयों की सकुशल वापसी कराई।

श्री मोदी ने कहा कि मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि क्या आप हमारी सेना के खिलाफ हैं? उन्होंने कहा कि सेना के जवानों की ओआरओपी (OROP) की मांग पिछले 40 वर्षों से लंबित थी, क्यों कांग्रेस सरकारों ने इस संबंध में कोई प्रयास नहीं किए? उन्होंने कहा कि जब 2014 का लोकसभा चुनाव नजदीक आया तो उन्होंने इसके लिए 500 करोड़ रूपये का बजट ओआरओपी के लिए रखा जबकि हकीकत यह थी कि जरूरत इससे कहीं और ज्यादा थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सेना के जवानों की आँख में धूल झोंकने का काम किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने OROP के लिए 12 हजार करोड़ रुपये दिए, आपने जो काम 40 साल में नहीं किया, वह हमने एक साल में करके दिखाया।

श्री मोदी ने कहा कि लातूर में भूकंप आया, जम्मू-कश्मीर में भूकंप आया, केदारनाथ में प्राकृतिक आपदा आई, तटीय इलाकों में साइक्लोन आया लेकिन फिर से खड़ा होने में इन क्षेत्रों को कई साल लग गए। उन्होंने कहा कि गुजरात में भी भूकंप आया लेकिन हमने आपदा को अवसर में बदलकर दिखाया। उन्होंने कहा कि विपत्ति को अवसर में बदलना ही गुजरात मॉडल है। उन्होंने कहा कि हमने गुजरात में ऐसा काम किया है कि 100 साल तक पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमने गुजरात में हमने पानी की हर बूंद बचाने का अभियान चलाया क्योंकि हम समझते हैं कि यदि गुजरात में केवल पानी की समस्या हल हो जाय तो गुजरात में इतनी क्षमता है कि वह विश्व को समृद्ध कर सकता है। हमारे लिए विकास चुनाव जीतना नहीं है बल्कि लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि हमने लाखों चैकडैम बनाए, लगभग 1,10,00 खेत तालाब बनाए, अकेले सौराष्ट्र में सौनी परियोजना से 115 चैकडैम बने, सौनी परियोजना और नर्मदा परियोजना से पानी कच्छ और सौराष्ट्र तक पहुंचाया, हमने हमने पानी को सौ-सौ मंजिल ऊपर पहुंचाया और जल-संरक्षण को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि सौराष्ट्र के किसानों को कभी उम्मीद भी नहीं थी कि कभी उनके खेतों में पानी आयेगा, भारतीय जनता पार्टी सरकार ने किसानों के खेतों में पानी पहुंचाया। उन्होंने कहा कि गुजरात में कृषि आय 600 करोड़ रुपये से बढ़ कर 1700 करोड़ हो गई है, कृषि उत्पादन में दो से तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गुजरात में एक एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी बनाई, हमने चार कृषि विश्वविद्यालय बनाए, हमने पशुधन के लिए अलग से यूनिवर्सिटी बनाई। उन्होंने कहा कि हम आने वाले 100 वर्षों के लिए योजनायें बनाते हैं, केवल चुनाव के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस की तरह हम बात नहीं करते, काम करते हैं।

श्री मोदी ने कहा कि 2022 तक हमने किसानों की आमदनी को दुगुना करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि हम जमीन की तबीयत का ख़याल रखने के लिए स्वाइल हेल्थ कार्ड लेकर आये हैं, इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार आया है। उन्होंने कहा कि पहले यूरिया के लिए राज्य सरकार को केंद्र को साल में तीन-तीन बार चिट्ठी लिखनी पड़ती थी, आज पूरे गुजरात में यूरिया की कोई दिक्कत नहीं है। नीम कोटेड यूरिया से यूरिया की कालाबाजारी और भ्रष्टाचार बंद हुआ है। उन्होंने कहा कि जब भ्रष्टाचार बंद हुआ तो विरोधी बौखला गए हैं। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार को देश में लंबे वक्त तक शासन रहा लेकिन उन्होंने विकास के लिए कोई काम नहीं किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम 6,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना लेकर आये हैं ताकि किसानों को समृद्ध बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि मूंगफली बेचने से ज्यादा किसानों को मूंगफली का तेल बेचने में फायदा होगा, इसी तरह कच्चे आम का अंचार, टमाटर का कैचप बनाने से किसानों को ज्यादा फायदा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि फिशरमेन को सरकार डीजल वाली बोट के लिए पैसा दे रही है ताकि वह समुद्र में दूर जाकर मछली पकड़ सकें, मधुमक्खी पालन को बढावा देने के लिए सरकार पैसा दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि एक भी किसान इसे अपनाता है तो उसकी आय में लगभग 2 लाख रुपये की वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि किसान तो उत्पादन करता है लेकिन उसकी आमदनी कैसे बढ़े, इसके लिए हम ये योजना लेकर आये हैं।

जीएसटी पर चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि जनता की तिजोरी पर डाका डालने वाले आज अर्थशास्त्री बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि तीन महीने में जीएसटी का रिव्यू किया जाएगा और जनता से मिले फीडबैक के आधार पर इसमें सुधार किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमने जनता से मिले फीडबैक के आधार पर जीएसटी में बदलाव किये हैं और आगे भी यदि जीएसटी में कहीं कमी रह गई होगी और जनता की मांग होगी तो बदलाव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि GST को ग्रेट स्टुपिड थॉट कहने वाले कांग्रेस की सोच देखिये कि वह जनसामान्य की दैनिक जरूरतों की चीजों पर भी 18% का टैक्स लगाना चाहते हैं और विलासिता की वस्तुओं पर भी 18% ही टैक्स की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों के उपयोग में आनेवाली वस्तुओं को महंगा करना और अमीरों की वस्तुओं को सस्ता करना – ये कांग्रेस की सोच है। नोटबंदी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जिनका भ्रष्टाचार और घोटाले से अर्जित किया पैसा पिछले साल 8 नवंबर की नोटबंदी में रद्दी में तब्दील हो गया, वही आज भी नोटबंदी की रट लगाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने जनता को लूटा, आज उसका हिसाब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की तिजोरी लूटने वाले नोटबंदी का रोना रो रहे हैं।

श्री मोदी ने कहा कि गुजरात विकास के पथ पर तेज गति से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ-भावनगर के बीच 256 किलोमीटर लंबी सड़क करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई। उन्होंने कहा कि घोघा-दहेज रो-रू फेरी सर्विस से दूरी लगभग 6 गुनी कम हुई है, इस सर्विस को आगे भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केसर कैरी के भाव एक ही सप्ताह में गिर जाया करते थे। उन्होंने कहा कि मैंने कोल्ड ड्रिंक्स बनाने वाली कंपनियों से बात की और फलों का 5% शुद्ध रस कोल्ड ड्रिंक्स में एड करने को कहा। उन्होंने कहा कि अब किसानों को अपने फलों के उचित मूल्य प्राप्त होंगे और उनकी आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं बच्चों की पढ़ाई, युवाओं की कमाई और बुजुर्गों की दवाई के लिए अनवरत काम कर रहा हूँ। उन्होंने कहा कि वनबंधु कल्याण योजना के माध्यम से आदिवासियों के कल्याण के लिए कई कार्य किये गए हैं। उन्होंने कहा कि दांडी मार्च मार्ग पर तेज गति से जारी है और उसका उद्घाटन आगामी 02 अक्टूबर, 2018 को प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना के माध्यम से देश के करोड़ों युवाओं को स्वरोजगार प्राप्त हुआ है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार के समय मैंने अनशन पर बैठकर माँ नर्मदा के पानी को कच्छ और सौराष्ट्र के सुदूर इलाके तक पहुंचाया, यह सब गुजरात की जनता का स्नेह और आशीर्वाद के कारण ही संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह जी कह रहे हैं कि जब मोदी मुख्यमंत्री थे तब नर्मदा की बात ही नहीं की, शायद वे कांग्रेस पार्टी के दवाब में ऐसा बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था तो नर्मदा डैम में दरवाजे खोलने को लेकर मनमोहन सिंह जी से मिला था, वे बोले ठीक है, दो महीने बीत गए, फिर मैंने उनसे पूछा तो बोले कि अभी तक नहीं हुआ? उन्होंने कहा कि कुछ महीनों बाद मैंने फिर उनसे पूछा तो फिर वे बोले – अभी तक नहीं हुआ क्या? उन्होंने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री को इसके बारे में जानकारी नहीं तो क्या किया जा सकता है! उन्होंने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री बनने के 17 दिनों में ही दरवाजा खोलने का काम कर दिया और माँ नर्मदा का पानी आज गुजरात के हर इलाके में पहुँच रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस देश पर बोझ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास न नेता है, न नीति है और न ही आम जनता के साथ उनका कोई नाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदैव आपकी सेवा में तत्पर रही है, आपके बीच रही है। जनता से अपील करते हुए कहा कि भूकंप से पहले का कच्छ-सौराष्ट्र देखिये, भूकंप से बाद का देखिये, नर्मदा और सौनी परियोजना से पहले का कच्छ-सौराष्ट्र देखिये, परियोजना के बाद देखिये, भाजपा से पहले का कच्छ-सौराष्ट्र देखिये, भाजपा के बाद देखिये और तुलना कीजिये।

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नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!