ये दौर हमारा है, ये युग हमारा है, बस हमें ईमानदार प्रयास की जरूरत है, निरंतर जुटे रहने की जरूरत है: प्रधानमंत्री मोदी
केंद्र की भाजपा सरकार निरंतर इस बात की कोशिश कर रही है कि व्यवस्था से हर उस कमी को दूर किया जाए, जो गरीबों का अधिकार छीनने में मददगार बनती है: पीएम मोदी
जब हम सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं, तो हमारे आदिवासी अंचलों में रहने वाले बहन-भाइयों पर भी विशेष जोर होता है: प्रधानमंत्री

“हम सभी का प्रयास है कि नया ओडिशा, नया भारत भव्य और दिव्य हो। हमारा यह देश विकास के अपने प्रकाश पुंज से दुनिया को आलोकित करता रहे। बड़े-बड़े जानकार, बड़ी-बड़ी संस्थाएं कह रही हैं कि भारत तेज गति से विकास करने वाला है। ये दौर हमारा है, ये युग हमारा है, बस हमें ईमानदार प्रयास की जरूरत है, निरंतर जुटे रहने की जरूरत है।”  

ओडिशा के बलांगीर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत सांस्कृतिक रूप से दुनिया का सिरमौर रहा है। हमारी सभ्यता सबसे समृद्ध रही है। ओडिशा हमारे सांस्कृतिक ओजस का अहम हिस्सा रहा है। उड़िया गीत, संगीत, नृत्य, काव्य, साहित्य अद्भुत रहा है। बलांगीर के चौंसठ योगिनी के मंदिर, रानीगुड़ी मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर और कपिलेश्वर मंदिर शताब्दियों पहले बने हैं। कालाहांडी का असुरगढ़ जिला कितना बड़ा राजनीतिक और व्यापारिक केंद्र हुआ करता था, लेकिन इन स्थलों का रख-रखाव ठीक ढंग से नहीं किया गया। ऐसे अनेक मंदिरों के नवीनीकरण और सुंदरीकरण का बीड़ा केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने उठाया है। श्री मोदी ने कहा कि भारत की सभ्यता दुनिया की सबसे पुरातन सभ्यताओं में से एक रही है और ये मंदिर हमारे पूर्वजों के कौशल के प्रमाण हैं। प्रधानमंत्री ने कहा,‘’भारत की पुरातन पहचान को आधुनिकता के संगम के साथ और प्रखर करने के लिए भारत सरकार संकल्पबद्ध है। राष्ट्र के गौरव को सर्वोपरि रखने की कटिबद्धता का ही परिणाम है कि भारत के मंदिरों सहित दूसरी जगहों से लूटी या चुराई गई मूर्तियों को भारत लाने का सफल प्रयास चल रहा है। बीते चार वर्षों में इसी प्रकार की अनेक मूर्तियों को विदेशों से भारत लाया जा चुका है।‘’

पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा सरकार संस्कृति के प्रति प्रेम और समर्पण रखने वाली है। समग्रता के साथ सोचने वाली सरकार जब आती है, तब कैसा परिणाम आता है, वह हम देख पाते हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का गौरव कोई मोदी का गौरव नहीं, बल्कि यह भारतीय गौरवशाली अतीत और हमारे ऋषियों-मनीषियों द्वारा सौंपी गई विरासत का गौरव है, जिसे दुनिया ने स्वीकार किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने तो बस इसे दुनिया के मंचों पर रखने का काम किया। भारत के पास हेरिटेज टूरिज्म की बहुत संभावना है और ओडिशा में भी इस पर काम किया जा रहा है।


पीएम मोदी ने कहा, “मैं पिछले तीन सप्ताह में तीन बार ओडिशा आ चुका हूं। आज मैंने ओडिशा के विकास से जुड़ी 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास किया है। एक महीने के भीतर-भीतर 20 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का काम या तो पूरा हो चुका है या शुरू हुआ है। ये तमाम परियोजनाएं यहां के जीवन को आसान बनाएंगी और इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ओडिशा में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। पूर्वी भारत में रेलवे के विस्तार पर सरकार का फोकस है। पिछले साढ़े चार साल में ओडिशा में सिर्फ रेलवे के विकास के लिए 20 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पिछली सरकार के मुकाबले रेल पटरी बिछाने का काम मौजूदा सरकार तीन गुना ज्यादा तेजी से कर रही है। उन्होंने कहा,‘’आज ही मैंने रेल की कई  परियोजनाओं का लोकार्पण और उद्घाटन किया है। बलांगीर से बिचुपली के बीच नई रेल लाइन का शुभारंभ हुआ है। इस रूट पर नई ट्रेन भी आज से शुरू हो गई है। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि लोगों का पैसा भी बचेगा। इस रेल लाइन का विस्तार खोरदा तक किया जा रहा है। जब पूरी लाइन तैयार हो जाएगी तो यहां से हावड़ा और चेन्नई भी जुड़ जाएंगे। तटीय और पश्चिमी ओडिशा भी कनेक्ट हो जाएगा। दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों से भुवनेश्वर और पुरी की दूरी कम हो जाएगी।‘’  इसके अलावा, मंगलवार को चार अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये तमाम सुविधाएं इस पूरे क्षेत्र में आवाजाही को आसान बनाएंगी, साथ ही प्राकृतिक संपदा के विकास में सहयोग भी करेंगी। इससे नए उद्योग लगेंगे और छोटे उद्योगों को गति मिलेगी। किसान भाई-बहनों को भी लाभ मिलेगा। फल, फूल, सब्जियों की देश की बड़ी मंडियों तक पहुंच आसान होगी।

श्री मोदी ने कहा कि जब हम सबका साथ सबका विकास कहते हैं तो आदिवासी भाई-बहनों पर विशेष ध्यान होता है जो देश की संपदा के संरक्षक हैं। इनके संरक्षण के कारण ही भारत में  इन्फ्रास्ट्रक्चर का व्यापक विकास हो पा रहा है, मेक इन इंडिया की पहचान बन रही है। उन्होंने कहा, आदिवासी अधिकारों को ध्यान में रखकर हमारी सरकार ने खनन कानून में बड़ा संशोधन किया है। एक ‘डिस्ट्रक्ट मिनरल फंड’ बनाया गया है। यह व्यवस्था की गई है कि खनन वाले राज्यों में वहां के लोगों को भी उनकी जमीन से होने वाले लाभ का हिस्सा मिले। इस फैसले के कारण ओडिशा को अब तक 4 हजार करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार व्यवस्था में हर उस कमी को दूर कर रही है जो गरीबों का अधिकार छीनती हो। सरकार में आने के बाद से 6 करोड़ से ज्यादा फर्जी राशन कार्ड, गैस कनेक्शन, स्कॉलरशिप, पेंशन हथियाने वालों को ढूंढ निकाला गया है। ये पैसे बिचौलिए खा जाते थे। इस पर रोक लगाकर 90 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत की गई है। पारदर्शिता के लिए 100 प्रतिशत राशन कार्डों को डिजिटली जोड़ा जा चुका है।   

पीएम मोदी ने कहा कि वे विकास की पंचधारा पर काम कर रहे हैं। बच्चों को पढ़ाई, युवाओं को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसानों को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई ही उनकी सरकार का उद्देश्य है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहली बार केंद्र सरकार ने बहुत बड़ी पहल करते हुए सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की। एससी-एसटी और ओबीसी को पहले से मिल रहे आरक्षण को छेड़े बिना यह व्यवस्था की गई है। आदिवासी इलाकों में आदिवासी बेटे-बेटियों के लिए एकलव्य स्कूलों का विस्तार किया जा रहा है। केंद्रीय विद्यालय का भी नेटवर्क खड़ा किया जा रहा है। मंगलवार को सोनेपुर में नए केंद्रीय विद्यालय का शिलान्यास भी किया गया।

भारत के खेल जगत में ओडिशा के महत्व का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में खेल के क्षेत्र में आदिवासी अंचल के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन इलाकों में खेल सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। आदिवासी अंचल के हर जिले को 5 करोड़ रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया जा रहा है।

जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी को देखने-सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी थी। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के प्रारंभ और अंत में भगवान जगन्नाथ को याद किया। उन्होंने मां पटनेश्वरी, मां रामचंडी और मां विंध्यवासिनी का भी स्मरण किया। कोणार्क का उल्लेख करते हुए उन्होंने ओडिशा को सूर्यदेव की धरती बताया और कहा कि कोणार्क से निकली रोशनी पूरे भारत को सदियों से रोशन करती रही है।

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प्रधानमंत्री ने दृढ़ संकल्प, आत्मसंयम और बुद्धिमत्ता के गुणों पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 02, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। इसका तात्‍पर्य है दृढ़ संकल्प और आत्म-संयम ही वह शक्तियां हैं जो कठिनतम मार्गों को भी सुगम बना देती हैं। श्री मोदी ने कहा कि आज हमारे युवा इसी दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट में लिखा:

"दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन राह को भी आसान बना देती है। आज हमारे युवा साथी इसी संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।

निश्चित्य यः प्रक्रमते नान्तर्वसति कर्मणः।

अबन्ध्यकालो वश्यात्मा स वै पण्डित उच्यते॥"

जो व्यक्ति किसी कार्य को भली-भांति सोच-समझकर दृढ़ निश्‍चय के साथ आरंभ करता है और बीच में अधूरा नहीं छोड़ता, जो समय का सदुपयोग करता है तथा अपनी इन्द्रियों पर पूर्ण नियंत्रण रखता है। ऐसा व्‍यक्ति ही वास्‍तव में बुद्धिमान होता है।