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बिहार का विकास ही बिहार को बर्बादी से बचा सकता है: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी #परिवर्तनरैली
जनता के वोटों से जीतने वाला प्रधानमंत्री बाहरी कैसे हो सकता है: प्रधानमंत्री मोदी #परिवर्तनरैली
लोकसभा चुनाव की ही तरह अगर बिहार विधानसभा में भी जनता का समर्थन मिला तो मैं यहाँ भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को ख़त्म करके दिखाऊंगा: मोदी
बिहार के विकास के लिए हमारा छह सूत्रीय कार्यक्रम- परिवारों के लिए पढ़ाई, कमाई व दवाई और प्रदेश के विकास के लिए बिजली, सड़क और पानी: मोदी
महास्वार्थबंधन के मंत्री, विधायक अभी से बिहार का सौदा करने के लिए एडवांस ले रहे हैं, इन लोगों को ऐसी घटनाओं पर शर्म भी नहीं आती: मोदी
नीतीश जी कहते थे कि कोई भी नेता भ्रष्टाचार करते पकड़ा जाएगा तो उनकी मिलकियत जब्त कर के उनके घरों में स्कूल खोला जाएगा, क्या हुआ अब: मोदी
महास्वार्थबंधन के नेता बिहार के लोगों को बिकाऊ कहने का पाप कर रहे हैं, बिहार की जनता ऐसे लोगों को कभी माफ़ नहीं करेगी: नरेन्द्र मोदी
नीतीश कुमार को जंगलराज, महिलाओं पर होने वाले उत्पीड़न एवं अत्याचार और अपहरण उद्योग के काले धंधे वाला पुराना दिन चाहिए क्या: प्रधानमंत्री
नीतीश कुमार को अपनी कुर्सी के लिए बिहार में पुराने दिन मंजूर हैं लेकिन बिहार को जंगलराज वाला पुराना दिन नहीं चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी
तमाम अपशब्दों के कहने के बावजूद महास्वार्थबंधन के नेता हम पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा पाते: प्रधानमंत्री मोदी

मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव, हम पार्टी के उम्मीदवार श्रीमान महाचंद्र प्रसाद सिंह जी, बरौली से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान राम प्रवेश राय, बैकुंठपुर से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान मिथिलेश तिवारी जी, भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान इन्द्रदेव मांझी जी, भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान काली प्रसाद पांडेय जी, और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे भाईयों और बहनों

मैं गोपालगंज पिछले लोकसभा के चुनाव में भी आया था और आज दुबारा मैं आपके बीच आया हूँ। भाईयों-बहनों, आजकल आप महास्वार्थबंधन के नेताओं की बयानबाजी सुनते हैं, अनाप-शनाप भाषाएं बोली जा रही हैं। डिक्शनरी खाली हो गई है लेकिन रोज नई-नई गालियां बोली जा रही हैं। मैं सोचता था कि आख़िरकार 25 साल से जो लोग यहाँ सरकार चला रहे हैं, 35 साल तक जिस कांग्रेस ने यहाँ सरकार चलाई है, 60 साल तक सरकार चलाई; सरकार में जितने मुलाज़िम हैं, इनको इन्हीं के कालखंड में कभी-न-कभी नौकरी मिली है, एक प्रकार से ऊपर से नीचे तक सारा उन्हीं का खेल है इसके बावजूद वे चुनाव में इस प्रकार का व्यवहार करने को मजबूर क्यों हुए हैं, सारी मर्यादा तोड़कर निम्न स्तर की भाषा पर क्यों उतर आए हैं। इसका कारण यह नहीं है कि मोदी ने कोई गलती की है, कारण है कि आपके इस प्रेम को वे पचा नहीं पा रहे हैं। जैसे-जैसे आपका प्यार बढ़ता जाता है, उनकी गलियों की संख्या बढ़ती जाती है। एनडीए, भाजपा का चुनाव प्रचार कितना सफ़ल चल रहा है, रैलियां कितनी बड़ी हो रही हैं, ये रैलियों से नहीं पता चलता है बल्कि रैली समाप्त होने के बाद जिस तरह वे गाली-गलौज पर उतर आते हैं, उससे पता चलता है कि रैली कितनी जबर्दस्त हुई है।

भाईयों-बहनों, आप बताईये कि गरीब से गरीब व्यक्ति को भी कोई अगर यह कहे कि तुम बिकाऊ हो तो कोई सहन करेगा क्या? फुटपाथ पर भीख मांगने वाले व्यक्ति को भी अगर कोई बिकाऊ कहे हो तो वो इसे मानेगा क्या? नीतीश जी, चुनाव में हार-जीत तो होती रहती है, ऐसा भी क्या गुस्सा। अब मोदी को गालियां देते-देते थक गए तो बिहारियों को गालियां देना शुरू कर दिया; मोदी पर आरोप लगाते-लगाते थक गए तो बिहारियों पर आरोप लगाना शुरू कर दिया। नीतीश बाबू, बिहारियों का अपमान आपको महंगा पड़ जाएगा, लेने के देने पड़ जाएंगे।

उन्होंने आरोप लगाया है कि मोदी की रैली में जो लोग आते हैं, वो पैसों से लाये जाते हैं। आप बताईये कि ये झूठ है कि नहीं; ये आपका और समस्त बिहारियों का अपमान है कि नहीं? बिहारियों को बिकाऊ कहने का पाप उन्हें महंगा पड़ेगा। नीतीश बाबू, मोदी पर जितना जुल्म करना है कर लो लेकिन बिहारियों के स्वाभिमान को चोट मत पहुँचाओ, ये आपको शोभा नहीं देता। कोई कल्पना नहीं कर सकता कि बिहार का क्या मिज़ाज बदला है। बिहार गुस्से में है क्योंकि बिहार आपसे 25 साल का हिसाब मांग रहा है और आप हिसाब देने को तैयार नहीं हैं।

ये गोपालगंज लालू जी का गृह जिला है न, यहाँ के लोगों को क्या मिला। इन्होंने जंगलराज के समय इसे ‘मिनी-चम्बल’ बना दिया था जहाँ रेलवे स्टेशन पर खुले आम गोलियां चलती थीं। यहाँ अपहरण उद्योग बना था कि नहीं? यहाँ एक ही कारोबार हुआ था – अपहरण का कारोबार। गोपालगंज नौजवान जो सम्मान से जीना चाहता था, पसीना बहा करके पैसा कमाना चाहता था, उसे गोपालगंज छोड़कर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। पूरे बिहार में सबसे ज्यादा नौजवानों का पलायन कहीं हुआ है तो या तो सीवान से हुआ है या गोपालगंज से हुआ है।

मैं पिछले दिनों आबुधाबी, दुबई गया था, वहां जो लेबर कॉलोनी बनी है, वहां के शासकों से मैंने प्रार्थना की कि लेबर कॉलोनी में मेरे भारत के लोग काम कर रहे हैं, मैं उनका हाल जानना चाहता हूँ, अपने गरीब भाईयों से मिलना चाहता हूँ। मैं वहां के शासकों का आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे जाने दिया। वहां मैं सभी मजदूरों से मिला था। मुझे वहां सबसे ज्यादा लोग बिहार के मिले। ये मजदूरी करने के लिए क्यों मजबूर हुए। हमारी सीधी बात है कि हमें बिहार को ऐसा विकास देना है ताकि बिहार के लोगों को यहीं रोजी-रोटी मिले, यही हमारा मकसद है। इनलोगों को अपने परिवार के बाहर किसी की चिंता नहीं है। उनको अपने किसी नेता पर भरोसा नहीं है। जेल गये तो पत्नी को दे के गए अब जब ज़िन्दगी जेल में गुजारनी है तो कहते हैं कि बेटे तैयार हो जाओ और ये सब पकड़ लो ताकि मैं आराम से जेल में गुजारा कर लूँ; ऐसा खेल चल रहा है।

आज इन सारी समस्याओं का अगर हमें समाधान करना है तो एक ही रास्ता है – बिहार का विकास। बिहार का विकास ही बिहार को बर्बादी से बचा सकता है। इसलिए मैं बिहार के मतदाताओं से एक ही बात कहने आया हूँ कि मुझ पर भरोसा कीजिये। लोकसभा में अपने भरोसा किया है, अब विधानसभा में भी मुझ पर भरोसा कीजिये, मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को मैं ख़त्म करके दिखा दूंगा। दिल्ली दिन-रात भ्रष्टाचार के कारण बदनाम था। रोज लाखों-करोड़ों रुपये के घोटाले सामने आते थे कोयले, 2जी में से रुपये खाए, चारों तरफ लूट मची थी आप बताएं कि हम पर एक भी आरोप लगा है क्या? ये इतनी गालियां मुझे देते हैं लेकिन अभी तक मुझ पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है। ये बचा पैसा जनता के ही काम आएगा। ये देश की सेवा है अगर बिहार की भी लूट बच जाए तो ये बिहार के लिए भला होगा।

भाईयों-बहनों, इसलिए मुझे बिहार की सेवा करने का मौका दीजिए; ये लूटपाट मुझे बंद करानी है, ये घर भरने और तिजोरी लूटने का खेल मुझे बंद कराना है। हमारे देश में इनकी हालत तो देखिये नीतीश बाबू के भागीदार और उनके मंत्रिपरिषद के मंत्री अभी टीवी पर कैमरा के सामने रुपये लेते पकड़े गए, ये क्या कम अपराध है लेकिन उनको कोई शर्म नहीं है। नीतीश बाबू ने कहा था कि अगर किसी का भ्रष्टाचार पकड़ा गया तो उसकी मिल्कियत जब्त कर ली जाएगी और उसके घर में स्कूल खोला जाएगा। लालू जी को भ्रष्टाचार में जेल हुई और ये मैंने नहीं किया बल्कि अदालत ने किया। अब नीतीश बाबू बताएं कि उनका घर कब्ज़े में किया क्या, उनके घर में स्कूल खोला? लोगों को क्यों मूर्ख बना रहे हैं? जेडीयू के मंत्री कैमरा के सामने घूस लेते पकड़े गए। ये अभी से ऐसा काम कर रहे हैं तो चुनाव के बाद क्या करेंगे। बिहार बेचने का एडवांस लिया जा रहा है। भाईयों-बहनों, क्या हम बिहार को बेचने देंगे, उनका घर भरने देंगे क्या?

मैं नीतीश बाबू से पूछना चाहता हूँ कि जेडीयू के मंत्री कैमरा के सामने घूस लेते पकड़े गए, उन्होंने उनका घर जब्त किया क्या? अभी आपकी सरकार चल रही है, आपको अपने साथियों को भ्रष्टाचार के लिए सजा करने से कौन रोक रहा है। 25 साल में इन्होंने क्या किया, इसकी सूची देखकर मैं हैरान हो गया अपने आपको ईमानदारी से काम करने वाले बताने वाले महाशय ने क्या खेल किया है, मैं आपको बताना चाहता हूँ याद कीजिये, अलकतरा घोटाला, दवाई खरीद घोटाला, ट्रांसफर्मर खरीद घोटाला, एस्टीमेट घोटाला, इंजीनियरिंग कॉलेज नॉमिनेशन घोटाला, फ़र्टिलाइज़र सब्सिडी घोटाला, राशन-किरासन घोटाला, शराब घोटाला, व्याख्याता नियुक्ति घोटाला, सिपाही नियुक्ति घोटाला, नलकूप घोटाला, इंदिरा आवास घोटाला, मनरेगा घोटाला, शौचालय घोटाला, कोसी चैनल निर्माण घोटाला, मिड-डे मिल घोटाला, आंगनवाड़ी घोटाला, मेघा घोटाला, कुलपति नियुक्ति घोटाला, पथ निर्माण घोटाला, पुल निर्माण घोटाला, शिक्षा अभियान घोटाला, टैक्स बुक छपाई घोटाला, कंबल खरीद घोटाला, परिवहन घोटाला, वायरलेस घोटाला, दियारा जमीन घोटाला, बुद्ध स्मृति पार्क निर्माण घोटाला, चावल घोटाला, रोल एंड डबल पे घोटाला, रेलवे में घोटाला और जिस घोटाले में आपके महाशय को सजा हुई है, उस चारे की तो बात करता ही नहीं हूँ

भाईयों-बहनों, ऐसे घोटाले करने वालों को सजा मिलनी चाहिए कि नहीं? इस प्रकार से बिहार को लूटने वालों को बिहार से बर्खास्त करना चाहिए कि नहीं? ये चुनाव सिर्फ़ सरकार बनाने के लिए नहीं बल्कि बिहार को लूटने वालों को बिहार से बर्खास्त करने का चुनाव है। नीतीश जी हिम्मत से कह रहे हैं कि हमें पुराने दिन लौटा दो। आए दिन अपहरण होते थे, दलितों पर जुल्म होता था, हत्याएं होती थीं, विनाश की परिस्थिति बनी हुई थी, वो पुराने दिन वापस चाहिए क्या? नीतीश जी, आपको कुर्सी के लिए पुराने दिन मंजूर है लेकिन बिहार को ये मंजूर नहीं है। जीत-हार तो होती है लेकिन बिहार के लोगों के साथ खिलवाड़ करना बंद कीजिये।

बिहार में सिवाय अपराधीकरण क्या हुआ? ये अपराध की ज़िन्दगी बिहार के जीवन को नहीं बदल सकती और रोजी-रोटी नहीं दे सकती। बिहार के परिवारों के लिए मेरा तीन सूत्र है - पढ़ाई, कमाई और बुजुर्गों को दवाई। बिहार के गरीब बच्चों को सस्ती एवं अच्छी शिक्षा मिलनी जरुरी है क्योंकि तब गरीब माँ-बाप को अपनी जमीन गिरवी रखने और अपनी बहू-बेटियों की अमानत गिरवी रखने की नौबत नहीं आएगी। दूसरी बात है, कमाई; बिहार का नौजवान अपनी कमाई कर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहता है। 20-25 साल का नौजवान अपने माँ-बाप से 5 रूपया मांगे, उसे दुःख होता होगा कि नहीं। स्वाभिमान से जीने के लिए बिहार का नौजवान को अवसर मिलना चाहिए। नौजवान अपनी कमाई के लिए अवसर तलाश रहा है लेकिन सरकार उसे वो अवसर नहीं दे रही है। उद्योग नहीं लगेंगे तो रोजगार कैसे मिलेगा और उद्योग लगाने के लिए बिजली की आवश्यकता होती है। पिछली बार इन्होंने कहा था कि मेरी सरकार बनाईए, मैं घर-घर बिजली पहुंचाऊंगा और अगर मैं बिजली न पहुंचाऊं तो मैं वोट मांगने नहीं आऊंगा। बिजली तो नहीं आई लेकिन वो वोट मांगने जरुर आये। उन्होंने आपसे धोखा किया तो अब आप उनसे नाता तोड़ोगे?

बिहार को 24 घंटे बिजली चाहिए ताकि यहाँ उद्योग लगे और यहाँ के नौजवानों को रोजगार मिले इसलिए मैं आपसे पढ़ाई, कमाई और बुजुर्गों को दवाई के लिए वोट मांग रहा हूँ। बुजुर्गों के लिए सस्ती दवाई, डॉक्टर और दवाखाना होना चाहिए। बिहार राज्य की भलाई के लिए तीन सूत्र है, बिजली, पानी एवं सड़क। किसान को पानी मिले, वो मिट्टी में से सोना पैदा कर देगा; बिहार को बिजली मिले, कारखाने लग जाएंगे; और बिहार को सड़कें मिलें, बिहार प्रगति की दिशा में आगे बढ़ जाएगा। मेरे भाईयों-बहनों, बिहार के विकास के लिए एक ऐसी सरकार चुनिये जिसका एकमात्र एजेंडा है- विकास।

पिछले दिनों विकास के नाम पर उनके पास कहने के लिए कुछ था नहीं, 25 साल के शासन में कोई विकास नहीं था तो जब हम सिर्फ़ विकास पर जोर देकर बातें कर रहे थे तो वो आरक्षण की माला जप रहे थे और जब मैंने थोड़े दिन पहले उनके पापों का चिट्ठा खोल दिया तो तिलमिला गए हैं। अब तो मैं खुलेआम कहता हूँ कि 24 अगस्त 2005 को पार्लियामेंट के अन्दर श्रीमान नीतीश बाबू ने अपने इरादे साफ़ कर दिए थे। मैंने आरोप लगाया था कि ये दलितों, आदिवासियों, अति पिछड़ों का 5% आरक्षण चोरी करना चाहते हैं। भारत के संविधान-निर्माता ने मना किया था कि संप्रदाय के आधार पर आरक्षण मत कीजिये लेकिन ये लोग पिछड़ों का आरक्षण चोरी कर संप्रदाय के आधार पर आरक्षण बाँटना चाहते हैं। मैंने कहा तो तिलमिला गए लेकिन 24 अगस्त 2005 को पार्लियामेंट में उन्होंने जो भाषण दिया था, उसका दस्तावेज़ मेरे पास मौजूद है। उनका यही कहना था कि दलितों, आदिवासियों, अति पिछड़ों, पिछड़ों का आरक्षण निकाल कर संप्रदाय के आधार पर आरक्षण दिया जाए। उनको मैं चुनौती देता हूँ कि उनमें हिम्मत है तो इसका जवाब दें। इतना झूठ बोलते हैं और हल्की-फुल्की बात कर के निकल लेते हैं; ये खेल लंबा नहीं चलने वाला है।

भाईयों-बहनों, मैंने गरीबी देखी है इन दिनों ये कह रहे हैं कि मोदी जी ने अपना प्रोफाइल बदल लिया। पहले मोदी विकास की बात करते थे और अब कह रहे हैं कि मैं तो चाय बेचता हूँ, मैं गरीब माँ का बेटा हूँ, मैं पिछड़ा हूँ। मैं नीतीश बाबू से पूछना चाहता हूँ कि क्या इस देश के पिछड़े को विकास की बात करने का हक़ भी नहीं है क्या? अगर मैं पिछड़ा हूँ तो क्या मैं विकास पर बोल नहीं सकता, उस पर चर्चा नहीं कर सकता? क्या विकास की बात करने का ठेका आप लोगों के ही पास है क्या? ये उनका अहंकार ही उनसे ये सब बोलवाता है और वो इतने निराश हैं कि अब उन्हें आपके पास आने की हिम्मत नहीं है और अब वे तांत्रिक के पास जाते हैं। आपको गाली देते हैं कि आप यहाँ पैसों से आते हैं और ख़ुद तांत्रिक के चरणों में जाकर रूपये का ढेर करते हैं। अब वे 100 तांत्रिक ले आएं लेकिन अब वे बचने वाले नहीं हैं।

हमारा भरोसा जनता-जनार्दन में हैं, आप पर है। हमें बदलाव चाहिए विकास के लिए; हमें सरकार चाहिए विकास के लिए। इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि ज्यादा-से-ज्यादा और भारी संख्या में मतदान कीजिये। अपना आशीर्वाद हमें देते रहिए और दो-तिहाई बहुमत के साथ भाजपा, एनडीए की सरकार बनाईए। सब लोग पूरी ताक़त के साथ बोलिये -    

भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!                     

बहुत-बहुत धन्यवाद!

प्रधानमंत्री मोदी के साथ परीक्षा पे चर्चा
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भारत हिम्मत हारने वाला देश नहीं है, हम लड़ेंगे और जीतेंगे : प्रधानमंत्री मोदी
May 14, 2021
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पश्चिम बंगाल के किसानों को पहली बार पीएम किसान योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ है
एमएसपी पर गेहूं की खरीद ने इस साल नए रिकॉर्ड बनाए हैं
सरकार पूरी ताकत से कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है

आप सभी किसान साथियों से ये चर्चा अपने आप में एक नई उम्‍मीद जगाती है, नया विश्‍वास पैदा करती है। आज जैसा अभी हमारे मंत्री जी श्रीमान नरेंद्र सिंह तोमर जी बता रहे थे आज भगवान बसवेश्वर जयंती है, परशुराम जयंती भी है। आज अक्षय तृतीया का भी पावन पर्व है। और मेरी तरफ से देशवासियों को ईद की भी मुबारक।

कोरोना के इस समय में समस्त देशवासियों का हौसला बढ़े, इस महामारी को परास्त करने का संकल्प और दृढ़ हो, इस कामना के साथ आप सब किसान भाईयों से जो मेरी बातचीत हुई है अब मैं इसको आगे बढ़ाउंगा। इस कार्यक्रम में उपस्थित कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र श्रीमान सिंह तोमर जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे अन्य सहयोगी गण, सभी मुख्यमंत्री, राज्य सरकारों के आदरणीय मंत्रिगण, सांसदगण, विधायकगण और देश भर के मेरे किसान भाईयों और बहनों,

आज बहुत ही चुनौतीपूर्ण समय में हम ये संवाद कर रहे हैं। इस कोरोना काल में भी देश के किसानों, हमारे कृषि क्षेत्र मे अपने दायित्व को निभाते हुए, अन्न की रिकॉर्ड पैदावार की है, आप कृषि में नए-नए तरीके आजमा रहे हैं। आपके प्रयासों को पीएम किसान सम्मान निधि की एक और किश्त और मदद करने वाली है। आज अक्षय तृतीया का पावन पर्व है, कृषि के नए चक्र की शुरुआत का समय है और आज ही करीब 19 हज़ार करोड़ रुपए किसानों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर किए गए हैं। इसका लाभ करीब-करीब 10 करोड़ किसानों को होगा। बंगाल के किसानों को पहली बार इस सुविधा का लाभ मिलना शुरू हुआ है। आज बंगाल के लाखों किसानों को पहली किश्त पहुंची है। जैसे-जैसे राज्य से किसानों के नाम केंद्र सरकार को मिलेंगे, वैसे-वैसे लाभार्थी किसानों की संख्या और बढ़ती जाएगी।

 

साथियों,

पीएम किसान सम्मान निधि से विशेष रूप से छोटे और मझोले किसानों को अधिक लाभ हो रहा है। आज के कठिन समय में ये राशि इन किसान परिवारों के बहुत काम आ रही है। अभी तक इस योजना के तहत देश के लगभग 11 करोड़ किसानों के पास लगभग 1 लाख 35 हज़ार करोड़ रुपए पहुंच चुके हैं मतलब की सवा लाख करोड़ से भी ज्‍यादा सीधे किसानों के खाते में, कोई बिचौलिया नहीं। इनमें से सिर्फ कोरोना काल में ही 60 हज़ार करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंचे हैं। ज़रूरत के समय देशवासियों तक सीधी मदद पहुंचे, तेज़ी से पहुंचे, जिसको ज़रूरत है, उस तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे, यही सरकार का निरंतर प्रयास है।

भाइयों और बहनों,

तेजी से, सीधे किसानों तक लाभ पहुंचाने का ये काम उपज की सरकारी खरीद में भी बहुत व्यापक स्केल पर किया जा रहा है। कोरोना की मुश्किल चुनौतियों के बीच जहां किसानों ने कृषि और बागबानी में रिकॉर्ड उत्पादन किया है, वहीं सरकार भी हर साल MSP पर खरीद के नए-नए रिकॉर्ड बना रही है। पहले धान की और अब गेहूं की भी रिकॉर्ड खरीद हो रही है। इस वर्ष, अभी तक बीते वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक गेहूं एमएसपी पर खरीदा जा चुका है। अभी तक गेहूं की खरीद का लगभग 58 हज़ार करोड़ रुपए सीधे किसानों के खाते में पहुंच चुका है। सबसे बड़ी बात ये कि अब किसान जो उपज मंडी में बेच रहा है, उसको अब अपने पैसे के लिए लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ता, परेशान नहीं होना पड़ता। किसान के हक का पैसा सीधा उसके बैंक खाते में जमा हो रहा है। मुझे संतोष है कि पंजाब और हरियाणा के लाखों किसान पहली बार डायरेक्ट ट्रांसफर की इस सुविधा से जुड़े हैं। अभी तक पंजाब के किसानों के बैंक खाते में करीब 18 हज़ार करोड़ रुपए, और हरियाणा के किसानों के बैंक खाते में 9 हज़ार करोड़ रुपए सीधे उनके बैंक अकाउंट में जमा हो चुके हैं। अपना पूरा पैसा अपने बैंक खाते में पाने का संतोष क्या होता है ये पंजाब और हरियाणा के किसान भी अनुभव भी कर रहे हैं और मुखर हो कर बोल भी रहे हैं। मैंने सोशल मीडिया में इतने वीडियो देखें हैं किसानों के खासकर के पंजाब के किसानों के कि इस प्रकार से उनको पैसा पहुंचाना और वो भी पूरा-पूरा पैसा पहुंचाना उसका संतोष इतने उमंग के साथ वो बता रहे हैं।

साथियों,

खेती में नए समाधान, नए विकल्प देने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। जैविक खेती को बढ़ावा देना ऐसा ही प्रयास है। इस प्रकार की फसलों में लागत भी कम है, ये मिट्टी और इंसान के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और इनकी कीमत भी ज्यादा मिलती हैं। थोड़ी देर पहले इस प्रकार की खेती में जुटे देशभर के कुछ किसानों से मेरी बातचीत भी हुई है। उनके हौसले, उनके अनुभवों को जानकर मैं बहुत उत्साहित हूं। आज गंगा जी के दोनों ओर करीब 5 किलोमीटर के दायरे में जैविक खेती को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि वो जो खेत में उपयोग किया गया केमिकल है, बारिश के समय जो पानी बहकर के गंगा जी में न चला जाए और गंगा जी प्रदूषित न हों, इसलिए गंगा जी के दोनों तट के 5-5 किलोमीटर के करीब-करीब ये जैविक उत्‍पादक को विशेष बल दिया जा रहा है। ये जैविक उत्पाद नमामि गंगे के ब्रांड के साथ बाज़ार में उपलब्ध किए जा रहे हैं। इसी तरह भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति को, उसको भी व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ-साथ सरकार की ये निरंतर कोशिश है कि छोटे और सीमांत किसानों को बैंकों से सस्ता और आसान ऋण मिले। इसके लिए बीते डेढ़ साल से किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान 2 करोड़ से ज्यादा किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। इन कार्ड्स पर किसानों ने 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का ऋण बैंकों से लिया है। इसका बहुत बड़ा लाभ पशुपालन, डेयरी और मछली पालन से जुड़े किसानों को भी मिलना शुरू हुआ है। अभी हाल ही में सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है और मैं चाहूंगा कि मेरे किसान भाईयों-बहनों को ये सरकार के निर्णय से खुशी होगी, उनके लिए ये बहुत लाभकर्ता होगा। सरकार ने निर्णय किया है कि कोरोना काल को देखते हुए, KCC ऋण के भुगतान या फिर नवीनीकरण की समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। ऐसे सभी किसान जिनका ऋण बकाया है, वो अब 30 जून तक ऋण का नवीनीकरण कर सकते हैं। इस बढ़ी हुई अवधि में भी किसानों को 4 प्रतिशत ब्याज पर जो ऋण मिलता है, जो लाभ मिलता है, वो लाभ भी चालू रहेगा, मिलता रहेगा।

साथियों,

गांव का, किसान का कोरोना के विरुद्ध भारत की लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान रहा है। ये आपके ही श्रम का परिणाम है कि आज इस कोरोना काल में भारत दुनिया की सबसे बड़ी मुफ्त राशन की योजना चला रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से पिछले वर्ष आठ महीने तक गरीबों को मुफ्त राशन दिया गया था। इस बार मई और जून महीने में देश के 80 करोड़ से ज्यादा साथियों को राशन मिले, इसका प्रबंध किया गया है। इस पर भी केंद्र सरकार 26 हजार करोड़ रुपए, हमारे गरीब के घर में चूल्‍हा जले, इसलिए खर्च कर रही है। मैं राज्य सरकारों से आग्रह करूंगा कि गरीबों को इस राशन के वितरण में कोई परेशानी ना आए, ये सुनिश्‍चत करें।

साथियों,

100 साल बाद आई इतनी भीषण महामारी कदम-कदम पर दुनिया की परीक्षा ले रही है। हमारे सामने एक अदृश्य दुश्मन है और ये दुश्‍मन बहुरूपिया भी है और इस दुश्‍मन के कारण, इस कोरोना वायरस के कारण हम अपने बहुत से करीबियों को खो चुके हैं। बीते कुछ समय से जो कष्ट देशवासियों ने सहा है, अनेकों लोग जिस दर्द से गुजरे हैं, तकलीफ से गुजरे हैं, वो मैं भी उतना ही महसूस कर रहा हूं। देश का प्रधान सेवक होने के नाते, आपकी हर भावना का मैं सहभागी हूं। कोरोना की सेकेंड वेव से मुकाबले में, संसाधनों से जुड़े जो भी गतिरोध थे, वो तेजी से दूर किए जा रहे हैं। युद्ध स्‍तर पर काम करने के प्रयास हो रहा है। आपने देखा होगा, सरकार के सभी विभाग, सारे संसाधन, हमारे देश के सुरक्षा बल, हमारे साइंटिस्ट, हर कोई दिन रात कोविड की चुनौती का मुकाबला करने में एकजुट है। देश के अलग-अलग हिस्सों में तेजी के साथ कोविड अस्पताल बन रहे हैं, नई टेक्नोलॉजी से ऑक्सीजन प्लांट लगाये जा रहे हैं। हमारी तीनों सेनाएं- वायुसेना, नेवी, आर्मी सभी पूरी शक्‍ति से इस काम में जुटे हैं। ऑक्सीजन रेल, इसने कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को बहुत बड़ी ताकत दी है। देश के दूर-सुदूर हिस्सों में ये स्पेशल ट्रेन्स, ये ऑक्‍सीजन रेल ऑक्सीजन पहुंचाने में जुटीं हैं। ऑक्सीजन टैंकर्स ले जाने वाले ट्रक ड्राइवर्स, बिना रुके काम कर रहे हैं। देश के डॉक्टर्स हों, नर्सिंग स्टाफ हो, सफाई कर्मचारी हों, एंबुलेंस के ड्राइवर्स हों, लैब में काम करने वाले सज्‍जन हों, सैंपल कलेक्ट करने वाले हों, एक-एक जीवन को बचाने के लिए चौबीसों घंटे जुटे हुए हैं। आज देश में जरूरी दवाइयों की आपूर्ति बढ़ाने पर युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। सरकार और देश के फार्मा सेक्टर ने पिछले कुछ दिनों में जरूरी दवाइयों का उत्पादन कई गुना बढ़ाया है। बाहर से भी दवाइयां मंगवाई जा रही हैं। इस संकट के समय में, दवाइयों और जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी में भी कुछ लोग अपने निहित स्‍वार्थ के कारण लगे हुए हैं। मैं राज्य सरकारों से आग्रह करूंगा कि ऐसे लोगों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। ये मानवता के खिलाफ का कृत्‍य है। भारत हिम्मत हारने वाला देश नहीं है। न भारत हिम्मत हारेगा और न कोई भारतवासी हिम्मत हारेंगे। हम लड़ेंगे और जीतेंगे।

साथियों,

आज के इस कार्यक्रम में, मैं देश के सभी किसानों को, गांव में रहने वाले सभी भाइयों-बहनों को कोरोना से फिर सतर्क करना चाहता हूं। ये संक्रमण अभी गांव में भी तेजी से पहुंच रहा है। देश की हर सरकार इससे निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसमें गांव के लोगों की जागरूकता, हमारी पंचायती राज से जुड़ी जो भी व्यवस्थाएं हैं, उनका सहयोग, उनकी भागीदारी उतनी ही आवश्यक है। आपने देश को कभी निराश नहीं किया है, इस बार भी आपसे यही अपेक्षा है। कोरोना से बचाव के लिए आपको खुद पर, अपने परिवार पर, सामाजिक स्तर पर जो भी ज़रूरी कदम हैं, आवश्‍यकताएं हैं, उसे हमें उठाने ही हैं। मास्क लगातार पहनना बहुत ज़रुरी है। वो भी ऐसा पहनना है कि नाक और मुंह पर पूरी तरह से ढका रहे। दूसरी बात, आपको किसी भी प्रकार के खांसी, सर्दी ज़ुकाम, बुखार, उल्टी-दस्त, जैसे लक्षणों को सामान्य मान कर नहीं चलना है। पहले तो खुद को यथासंभव दूसरों से अलग करना है। फिर जल्द से जल्द कोरोना टेस्ट करना है। और जब तक रिपोर्ट ना आए तब तक डॉक्टरों ने जो दवा बताई हैं, वो ज़रूर लेते रहना है।

साथियों,

बचाव का एक बहुत बड़ा माध्यम है, कोरोना का टीका। केंद्र सरकार और सारी राज्य सरकारें मिलकर ये निरंतर प्रयास कर रही हैं कि ज्यादा से ज्यादा देशवासियों को तेज़ी से टीका लग पाए। देशभर में अभी तक करीब 18 करोड़ वैक्सीन डोज दी जा चुकी है। देशभर के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त टीकाकरण किया जा रहा है। इसलिए जब भी आपकी बारी आए तो टीका ज़रूर लगाएं। ये टीका हमें कोरोना के विरुद्ध सुरक्षा कवच देगा, गंभीर बीमारी की आशंका को कम करेगा। हां, टीका लगाने के बाद भी मास्क और दो गज़ की दूरी के मंत्र को अभी हमें छोड़ना नहीं है। एक बार फिर सभी किसान साथियों को मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद !