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क्र.सं. |
दस्तावेज / समझौते |
क्षेत्र |
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1 |
भारत-नीदरलैंड रणनीतिक साझेदारी रोडमैप [2026-2030] |
व्यापक दस्तावेज |
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2 |
चोल राजवंश के ताम्रपत्रों की वापसी |
संस्कृति |
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3 |
भारत गणराज्य की सरकार और नीदरलैंड सरकार के बीच के बीच आवाजाही और प्रवासन पर समझौता ज्ञापन |
आवागमन और प्रवासन |
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4 |
धोलेरा में सेमीकंडक्टर फैब को सहयोग प्रदान करने के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एएसएमएल के बीच समझौता ज्ञापन |
सेमीकंडक्टर |
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5 |
भारत के खान मंत्रालय और नीदरलैंड के विदेश मंत्रालय के बीच क्रिटिकल मिनरल्स पर समझौता ज्ञापन |
क्रिटिकल मिनरल्स |
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6 |
गुजरात की कल्पसर परियोजना के संबंध में तकनीकी सहयोग के लिए भारत के जल शक्ति मंत्रालय और नीदरलैंड के मिनिस्ट्री ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर एंड वॉटर मैनेजमेंट के बीच आशय पत्र |
जल |
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7 |
हरित हाइड्रोजन सहयोग के विकास पर भारत-नीदरलैंड रोडमैप |
नवीकरणीय ऊर्जा |
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8 |
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग पर नवीनीकृत समझौता ज्ञापन के तहत एक संयुक्त कार्य समूह की स्थापना |
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9 |
ऊर्जा क्षेत्र और ऊर्जा रूपांतरण की परियोजनाओं पर सहयोग हेतु नीति आयोग और नीदरलैंड के बीच संयुक्त आशय वक्तव्य |
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10 |
पश्चिम त्रिपुरा में फूलों (फ्लोरीकल्चर) के लिए इंडो-डच उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना |
कृषि / पशुपालन |
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11 |
पशुपालन उत्कृष्टता केंद्र (सीईएएच), बेंगलुरु में डेयरी प्रशिक्षण पर इंडो-डच उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना |
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12 |
पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय तथा नीदरलैंड के मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर, फिशरीज, फूड सिक्योरिटी एंड नेचर के बीच संयुक्त घोषणा पत्र |
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13 |
स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग पर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआई), स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार और नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ एंड द एनवायरनमेंट (आरआईवीएम), नीदरलैंड के बीच आशय पत् |
स्वास्थ्य |
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14 |
सीमा शुल्क मामलों में पारस्परिक प्रशासनिक सहायता पर भारत सरकार और नीदरलैंड की सरकार के बीच समझौता |
सीमा शुल्क |
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15 |
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर भारत सरकार और नीदरलैंड सरकार के बीच समझौता ज्ञापन |
शिक्षा / संस्कृति |
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16 |
नालंदा विश्वविद्यालय, भारत और ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय, नीदरलैंड के बीच शैक्षणिक सहयोग पर समझौता ज्ञापन |
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17 |
लेडेन यूनिवर्सिटी लाइब्रेरीज़ और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के बीच समझौता ज्ञापन |
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Media Coverage
Nm on the go
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के युवाओं के साहस और दृढ़ता की सराहना करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है।
"प्राप्यापदं न व्यथते कदाचिदुद्योगमन्विच्छति चाप्रमत्तः।
दुःखं च काले सहते महात्मा धुरन्धरस्तस्य जिताः सपत्नाः॥"
श्री मोदी ने कहा कि हमारे युवा अपने साहस, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम के बल पर ऐतिहासिक सफलता प्राप्त कर रहे हैं, और यही तेजी से विकासशील भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
आज हमारे युवा साथी धैर्य, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम से ऐतिहासिक सफलता हासिल कर रहे हैं। यही विकसित हो रहे भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
प्राप्यापदं न व्यथते कदाचिदुद्योगमन्विच्छति चाप्रमत्तः।
दुःखं च काले सहते महात्मा धुरन्धरस्तस्य जिताः सपत्नाः॥
आज हमारे युवा साथी धैर्य, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम से ऐतिहासिक सफलता हासिल कर रहे हैं। यही विकसित हो रहे भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
— Narendra Modi (@narendramodi) July 20, 2026
प्राप्यापदं न व्यथते कदाचिदुद्योगमन्विच्छति चाप्रमत्तः।
दुःखं च काले सहते महात्मा धुरन्धरस्तस्य जिताः सपत्नाः॥ pic.twitter.com/MzCKdHL1EL

