क्र.सं

दस्तावेज

भारतीय पक्ष

वियतनामी पक्ष

1.

शांति, समृद्धि और लोगों के लिए भारत-वियतनाम का संयुक्त दृष्टिकोण।

 

भारत- वियतनाम के भविष्यगत विकास के लिए व्यापक रणनीतिक साझेदारी हेतु दोनों देशों के बीच गहन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों, साझा मूल्यों और हितों, एवं आपसी रणनीतिक विश्वास और समझ का बुनियादी आधार  तैयार करना।

प्रधानमंत्रियों द्वारा अंगीकृत

2.

व्यापक रणनीतिक साझेदारी के आगामी कार्यान्वयन के लिए 2021-2023 की अवधि हेतु कार्य योजना।

 

2021-2023 के दौरान दोनों पक्षों द्वारा किए जाने वाले ठोस कार्यों के माध्यम से "शांति, समृद्धि और लोगों के लिए संयुक्त दृष्टिकोण" को लागू करना।

डॉ. एस जयशंकर

विदेश मंत्री

श्री फाम बिंह मिन्ह

उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री

3.

भारत के रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग और वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के बीच रक्षा उद्योग सहयोग पर व्यवस्था को कार्यान्वित करना।

 

दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक प्रारूप प्रदान करना।

श्री सुरेन्द्र प्रसाद यादव

संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली)

मेजर जनरल ल्योंग थान चुंग

उपाध्यक्ष

4.

हनोई में भारतीय दूतावास और वियतनाम राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के बीच वियतनाम के न्हा ट्रांग में राष्ट्रीय दूरसंचार विश्वविद्यालय में आर्मी सॉफ्टवेयर पार्क के लिए 5 मिलियन अमरीकी डॉलर की भारतीय अनुदान सहायता के लिए समझौता।

 

सॉफ्टवेयर अनुप्रयोगों के क्षेत्र में प्रशिक्षण और सेवाओं के प्रावधान के साथ दूरसंचार विश्वविद्यालय के आर्मी सॉफ्टवेयर पार्क में सूचना प्रौद्यौगिकी अवसंरचना स्थापित करने की सुविधा प्रदान करना।

श्री प्रणय वर्मा

वियतनाम में भारत के राजदूत

कर्नल ली जुआन हंग,

अधिशिक्षक

5.

संयुक्त राष्ट्र के शांति स्थापना अभियानों के लिए भारत के संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना केन्द्र और वियतनाम के शांति स्थापना अभियान विभाग के बीच सहयोग की व्यवस्था को लागू करना।

 

संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने के लिए विशिष्ट गतिविधियों की पहचान करना।

मेजर जनरल अनिल कुमार काशिद

अपर महानिदेशक (आईसी)

मेजर जनरल होआंग किम फंग

निदेशक

6.

भारत के परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) और विकिरण और परमाणु सुरक्षा एजेंसी वियतनाम (वीएआरएएनएस) के बीच समझौता ज्ञापन।

 

विकिरण सुरक्षा और परमाणु सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के नियामक निकायों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देना।

श्री जी नागेश्वर राव

अध्यक्ष

प्रो गुयेन तुआन खई

महानिदेशक

7.

सीएसआईआर-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान और वियतनाम पेट्रोलियम संस्थान के बीच समझौता ज्ञापन।

 

पेट्रोलियम अनुसंधान और प्रशिक्षण में सहयोग को बढ़ावा देना।

डॉ. अंजान रे

निदेशक

श्री गुयेन अनह दुओ

निदेशक

8.

टाटा मेमोरियल सेंटर ऑफ़ इंडिया और वियतनाम नेशनल कैंसर हॉस्पिटल के बीच समझौता ज्ञापन।

 

कैंसर रोगियों के लिए निदान और उपचार के लिए प्रशिक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान, स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं में सहयोग के क्षेत्रों में आदान-प्रदान को बढ़ावा देना।

डॉ. राजेंद्र ए बडवे

निदेशक

श्री ले वान क्वांग

निदेशक

9.

नेशनल सोलर फेडरेशन ऑफ इंडिया और वियतनाम क्लीन एनर्जी एसोसिएशन के बीच समझौता ज्ञापन।

 

भारत और वियतनाम के सौर ऊर्जा उद्योगों के बीच कौशल, सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों, सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने एवं भारत और वियतनाम में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने हेतु नए व्यापारिक अवसरों का पता लगाना।

श्री प्रणव आर. मेहता

अध्यक्ष

श्री डाऊ डू डूंग

अध्यक्ष

 

की गई घोषणाएँ:

  1. भारत सरकार द्वारा वियतनाम तक विस्तारित 100 मिलियन अमरीकी ड़ॉलर की रक्षा पंक्ति के तहत वियतनाम बॉर्डर गार्ड कमांड के लिए हाई स्पीड गार्ड बोट (एचएसजीबी) विनिर्माण परियोजना का कार्यान्वयन; वियतनाम को एक पूर्ण एचएसजीबी सौंपना; भारत में निर्मित दो एचएसजीबी का प्रक्षेपण; और वियतनाम में निर्मित होने वाले सात एचएसजीबी का आधार तैयार करना।
  2. वियतनाम के निन्ह थुआन प्रांत में स्थानीय समुदाय के लाभ के लिए 1.5 मिलियन अमरीकी डॉलर की भारतीय अनुदान सहायता के साथ सात विकास परियोजनाओं को पूर्ण करना और सौंपना।
  3. वर्तमान में पाँच वार्षिक त्वरित प्रभाव परियोजनाओं (क्यूआईपी) की संख्या में चालू वित्त वर्ष 2021-2022 तक दस तक वृद्धि करना।
  4. वियतनाम में विरासत संरक्षण में तीन नई विकास भागीदारी परियोजनाएं (माय सन में एफ-ब्लॉक के मंदिर; क्वांग नाम प्रांत में डोंग डुओंग बौद्ध मठ; और फु येन प्रांत में नन चाम टॉवर)।
  5. भारत-वियतनाम सभ्यता और सांस्कृतिक संबंध पर एक विश्वकोश को तैयार करने के लिए द्विपक्षीय परियोजना का शुभारंभ।

***

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प्रधानमंत्री ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, कहा—नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला और शक्ति का सच्चा स्वरूप
June 12, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार का महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने का कार्य सभी क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन और उद्यमिता से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, आवास, खेल, विज्ञान और शासन तक, महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 

श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि सरकार के प्रयास गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण पर आधारित हैं, और उन्होंने बताया कि इनसे एक ऐसा वातावरण बनाने में सहायता मिली है जहां महिलाएं अपनी पूरी क्षमता को महसूस कर सकती हैं और राष्ट्र निर्माण में और भी अधिक मजबूती से योगदान दे सकती हैं। 

प्रधानमंत्री ने विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियों पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में उनकी बढ़ती भागीदारी अवसरों के नए द्वार खोल रही है और पूरे देश के विकास परिदृश्य को बदल रही है। 

श्री मोदी ने बताया कि सरकार स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय रूप से समर्थन दे रही है और यह महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 

प्रधानमंत्री ने संस्कृत में एक सुभाषितम साझा करते हुए कहा कि भारत की नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आज हमारी माताएं, बहनें और बेटियां हर क्षेत्र में अपनी अद्भुत प्रतिभा और कौशल से मां भारती को गौरवान्वित कर रही हैं। 

एक्‍स पर कई पोस्टों की एक श्रृंखला में, प्रधानमंत्री ने कहा: 

पिछले 12 वर्षों में, एनडीए सरकार ने महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया है और यह सभी क्षेत्रों में दिखाई देता है।

वित्तीय समावेशन और उद्यमिता से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, आवास, खेल, विज्ञान और शासन तक, महिलाएं विविध क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 

एनडीए सरकार के प्रयास गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण पर आधारित हैं। उन्होंने ऐसा वातावरण बनाने में सहायता की है जहां महिलाएं अपनी पूरी क्षमता को महसूस कर सकें और राष्ट्र निर्माण में और भी अधिक मजबूती से योगदान दे सकें।

#12YearsOfNariShakti

“भारत की नारी शक्ति को विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाते हुए देखकर मुझे विशेष रूप से प्रसन्नता हो रही है। ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में उनकी बढ़ती भागीदारी अवसरों के नए द्वार खोल रही है और पूरे देश में विकास परिदृश्य को बदल रही है। हमारी सरकार स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय रूप से समर्थन दे रही है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।”

#12YearsOfNariShakti “

“ भारत की नारीशक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। हमारी माताएं, बहनें और बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी अद्भुत प्रतिभा और कौशल से मां भारती का गौरव बढ़ा रही हैं।

नारी त्रैलोक्यजननी
नारी त्रैलोक्यरूपिणी।
नारी त्रिभुवनाधारा
नारी शक्तिस्वरूपिणी॥

#12YearsOfNariShakti"

स्त्री तीनों लोकों की जननी है। वह तीनों लोकों की साक्षात अभिव्यक्ति है। वह संपूर्ण ब्रह्मांड का आधार है और शक्ति का वास्तविक स्वरूप है।