- “आपसी विश्वास और साझेदारी के जरिए सहयोग की नई ऊंचाइयों पर पहुंचने” के लिए संयुक्त व्यक्तव्य।
- भारत-रूस व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए संयुक्त रणनीति।
- भारतीय गणराज्य और रूसी संघ की सरकार के बीच रूसी / सोवियत सेना के उपकरणों के लिए कलपुर्जों का उत्पादन करने संबंधी समझौता।
- भारतीय गणराज्य और रूसी संघ की सरकार के बीच मिलकर ऑडियो/विजुअल सह-उत्पादन कार्यक्रम तैयार करने संबंधी समझौता।
- भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा रूसी संघ के परिवहन मंत्रालय के बीच सड़क परिवहन और सड़क उद्योग में द्विपक्षीय सहयोग के बारे में समझौता ज्ञापन।
- भारत के नौवहन मंत्रालय और रूसी संघ के परिवहन मंत्रालय के बीच चेन्नई बंदरगाह तथा व्लादिरवोस्तक बंदरगाह के बीच समुद्री संचार के विकास के बारे में समझौता ज्ञापन।
- भारत के वित्त मंत्रालय के केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा-शुल्क बोर्ड तथा फेडरल कस्टम्स सर्विस (रूसी संघ) के बीच 2019-22 में सीमा शुल्क उल्लंघन के मामलों से निपटने के लिए सहयोग की योजना।
- रूसी संघ के ऊर्जा मंत्रालय और भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के बीच परिवहन के लिए प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल के बारे में समझौता ज्ञापन।
- भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और रूसी संघ के ऊर्जा मंत्रालय के बीच तेल और गैस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के बारे में योजना तैयार करना।
- रूस के सुदूर पूर्व में कोकिंग कोल खनन परियोजनाओं को लागू करने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड और सुदूर पूर्व निवेश तथा निर्यात एजेंसी के बीच समझौता ज्ञापन।
- निवेश सहयोग के लिए निवेश भारत और रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष के बीच सहयोग का समझौता।
- भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ (फिक्की) और रॉसकांग्रेस फाउंडेशन के बीच सहयोग का समझौता।
- नई परियोजनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रणनीतिक पहलों के लिए भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ और स्वायत्तशासी गैर लाभकारी संगठन एजेंसी के बीच समझौता ज्ञापन।
- एलएनजी के परिशोधन और विपणन एंव एलएनजी आपूर्ति के संयुक्त विकास के सम्बन्ध में सहयोग के बारे में संयुक्त स्टॉक कम्पनी नोवाटेक और पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन।
- संयुक्त स्टॉक कम्पनी रॉसजियोलॉजिया और स्रेई इन्फ्रास्ट्रक्चर के बीच सहयोग का समझौता।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक वार्ता की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस बात पर सम्मानित महसूस करता है कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले विदेश दौरे के लिए भारत को चुना। उन्होंने इस बात पर भी खुशी व्यक्त की कि राष्ट्रपति ने बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर भारत में अपने कार्यक्रम की शुरुआत की।
वार्ता के दौरान, दोनों राजनेताओं ने भारत-म्यांमार संबंधों की विस्तृत समीक्षा की और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

चर्चाओं में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन-संपर्क, धरोहर संरक्षण और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के अवसर शामिल थे। दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में निकटता से काम करने पर भी सहमति व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने म्यांमार के साथ भारत के संबंधों के महत्त्व की पुन: पुष्टि की।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक बैठक हुई। भारत में हम सम्मानित महसूस करते हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति पद के अपने पहले विदेशी दौरे के लिए भारत को चुना। उतनी ही खुशी की बात यह भी है कि उन्होंने यह यात्रा बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर शुरू की। हमने भारत-म्यांमार संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की। म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है।”
“हमारी बातचीत में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य देखभाल, परिवहन-संपर्क, धरोहर पुनर्स्थापना और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के तरीके शामिल थे। हमने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी निकटता से काम करने पर सहमति व्यक्त की।”
Had a productive meeting with President U Min Aung Hlaing of Myanmar. We in India are honoured that he has chosen India for his first foreign visit as President. Equally gladdening is the fact that he began the visit from Bodh Gaya, with the blessings of Lord Buddha. We reviewed… pic.twitter.com/eL1sXgsrE6
— Narendra Modi (@narendramodi) June 1, 2026
Our talks covered ways to deepen cooperation in trade, rare earths, healthcare, connectivity, heritage restoration and capacity building. We also agreed to work closely in areas such as maritime security, cyber security and more. pic.twitter.com/1xTyJ2RiI0
— Narendra Modi (@narendramodi) June 1, 2026


