77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुएप्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे भारत की जी-20 अध्यक्षता ने दुनिया को देश के आम नागरिक की क्षमता दिखाने में मदद की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यहनिश्चित है कि भारत का सामर्थ्य, और भारत की संभावनाएं, आत्मविश्वास की नई ऊंचाइयों को पार कर जाएंगी और आत्मविश्वास की इन नई ऊंचाइयों को नए सामर्थ्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा, “भारत की जी-20 अध्यक्षता ने दुनिया को भारत के आम नागरिक की क्षमता से अवगत कराया है। आज भारत को देश में जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने का अवसर मिला है। पिछले एक साल में भारत के कोने-कोने में जी-20 के अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए हैं, इसने दुनिया को देश के आम लोगों के सामर्थ्य से अवगत कराया है।''

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने देश की विविधता को दुनिया के सामने पेश किया है। उन्होंने कहा,“दुनिया भारत की विविधता को आश्चर्य से देख रही है। इस कारण भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है। भारत को जानने और समझने की इच्छा बढ़ी है।”

प्रधानमंत्री ने जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए बाली की अपनी यात्रा को याद किया, जहां उन्होंने कहा था कि दुनियाभर के राजनेता डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की सफलता के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, “हर कोई डिजिटल इंडिया के बारे में जानने को उत्सुक था और तब मैं उन्हें बताता था कि भारत ने जो चमत्कार किया है वह दिल्ली, मुंबई या चेन्नई तक सीमित नहीं है; यहां तक कि हमारे टियर-2, टियर-3 शहरों के युवा भी इन चमत्कारों में शामिल हैं।''

"भारत के युवा देश का भाग्य तय कर रहे हैं"

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवा आज देश का भाग्य तय कर रहे हैं। "छोटी जगहों से आने वाले मेरे युवा, और मैं आज बड़े विश्वास से कहता हूं कि युवाओं में देश की ये नई क्षमता दिखाई दे रही है, हमारे ये छोटे शहर, हमारे कस्बे- आकार और जनसंख्या में भले ही छोटे हों-लेकिन आशा और आकांक्षा, प्रयास और प्रभाव में वे किसी से पीछे नहीं हैं, उनमें वह क्षमता मौजूद है।” प्रधानमंत्री ने नए ऐप्स, नए समाधान और प्रौद्योगिकी उपकरणों के बारे में बात की जो युवाओं द्वारा सामने लाए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से खेल की दुनिया की ओर देखने का आह्वान किया। स्लम से निकले बच्चे आज खेल की दुनिया में अपनी ताकत दिखा रहे हैं। छोटे गावों, छोटे शहरों के युवा, हमारे बेटे-बेटियां आज कमाल कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 100 ऐसे स्कूल हैं, जहां बच्चे सैटेलाइट बना रहे हैं और उनके प्रक्षेपण की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा,“आज हज़ारों टिंकरिंग प्रयोगशालाएं नए वैज्ञानिकों का निर्माण कर रही हैं। आज, हजारों टिंकरिंग प्रयोगशालाएं लाखों बच्चों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी का मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

प्रधानमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि अवसरों की कोई कमी नहीं है। "आप जितने मौके चाहते हैं, उतने मौके मौजूद हैं, यह देश आपको आकाश से भी ज्यादा मौके देने में सक्षम है।"

प्रधानमंत्री ने महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के महत्व को रेखांकित किया और बताया कि यह देश को आगे ले जाने के लिए कैसे आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने जी-20 में महिला नेतृत्व वाले विकास के मुद्दे को सामने रखा है और जी-20 देशों ने इसे स्वीकार किया है तथा इसके महत्व को मान्यता दे रहे हैं।

"दुनिया हमारे दर्शन में भारत के साथ जुड़ रही है, हमने वैश्विक जलवायु संकट के लिए समाधान प्रस्तुत किए हैं"

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने दर्शन को दुनिया के सामने रखने में सफल रहा है और दुनिया उस दर्शन के साथ हमसे जुड़ रही है।“हमने कहा,एकसूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हमारे वक्तव्यका बहुत महत्व है, आज दुनिया इसे स्वीकार कर रही है। कोविड-19 के बाद, हमने दुनिया को बताया कि हमारा दृष्टिकोण एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया, भारत ने कहा था कि समस्याएं तभी हल होंगी, जब बीमारी के दौरान मनुष्यों, जानवरों और पौधों का समान रूप से उपचार किया जाएगा। “हमने जी-20 शिखर सम्मेलन में दुनिया के सामने एक विश्व, एक परिवार, एक भविष्य की बात कही है और हम इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। दुनिया जिस जलवायु संकट का सामना कर रही है, हमने उसके समाधान का रास्ता दिखाया है और हमने पर्यावरण संरक्षण के लिए मिशन लाइफस्टाइल लॉन्च किया है।''

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने साथ मिलकर दुनिया के सामने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन बनाया और आज दुनिया के कई देश अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का हिस्सा बन रहे हैं।“जैव-विविधता के महत्व को देखते हुए हमने बिग कैट अलायंस की व्यवस्था को आगे बढ़ाया है। हमें ग्लोबल वार्मिंग और प्राकृतिक आपदाओं के कारण अवसंरचना को होने वाले नुकसान से निपटने के लिए दूरगामी व्यवस्था तैयार करने की आवश्यकता है। इसके लिए आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना के लिएगठबंधन(सीडीआरआई) ने दुनिया के सामने एक समाधान पेश किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया समुद्रों को संघर्ष का केंद्र बना रही है। इस विषय में हमनेदुनिया को महासागरों का प्लेटफॉर्म दिया है, जो वैश्विक स्तर पर समुद्र क्षेत्र में शांति की गारंटी देने में मदद कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धति पर जोर दिया है, भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठनपारंपरिक चिकित्सा पद्धति पर आधारित वैश्विक केंद्र स्थापित कर रहा है।“हमने योग व आयुष के माध्यम से विश्व कल्याण और विश्व स्वास्थ्य की दिशा में काम किया है। आज भारत वर्ल्ड मार्स के लिए मजबूत नींव रख रहा है। इस मजबूत आधार को आगे ले जाना हम सभी का काम है। यह हमारी साझा जिम्मेदारी है।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धति पर जोर दिया है, भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठनपारंपरिक चिकित्सा पद्धति पर आधारित वैश्विक केंद्र स्थापित कर रहा है।“हमने योग व आयुष के माध्यम से विश्व कल्याण और विश्व स्वास्थ्य की दिशा में काम किया है। आज भारत वर्ल्ड मार्स के लिए मजबूत नींव रख रहा है। इस मजबूत आधार को आगे ले जाना हम सभी का काम है। यह हमारी साझा जिम्मेदारी है।”

 

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