Your Excellency,


Prime Minister of Denmark,


डेलीगेशन के सदस्यों,

मीडिया के मित्रों,

Good evening and Namaskar,

Excellency Prime Minister, मेरे और मेरे डेलीगेशन के डेनमार्क में शानदार स्वागत और मेजबानी के लिए, आप को और आप की टीम को हार्दिक धन्यवाद। आपके खूबसूरत देश में यह मेरी पहली यात्रा है। पिछले वर्ष अक्तूबर में मुझे आपका भारत में स्वागत करने का अवसर प्राप्त हुआ । इन दोनों यात्राओं से हम अपने संबंधो में निकटता ला पाए हैं और इन्हें गतिशील बना पाए हैं। हमारे दोनों देश लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, और कानून के शासन जैसे मूल्यों को तो साझा करते ही हैं; साथ में हम दोनों की कई complementary strengths भी हैं।

Friends,

अक्तूबर 2020 में India-Denmark Virtual Summit के दौरान हमने अपने संबंधों को Green Strategic Partnership का दर्जा दिया था। हमारी आज की चर्चा के दौरान, हमने अपनी Green Strategic Partnership के joint work-plan की समीक्षा की।

मुझे खुशी है कि विभिन्न क्षेत्रों में, विशेष रूप से renewable energy, स्वास्थ्य, ports, शिपिंग, सर्कुलर इकोनामी तथा water management के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। 200 से अधिक डेनिश कंपनियां भारत में विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही हैं – जैसे पवन ऊर्जा, शिपिंग, कंसल्टेंसी, food processing, इंजीनियरिंग ऐसे कई क्षेत्र हैं । इन्हें भारत में बढ़ते ‘Ease of doing business’ और हमारे व्यापक आर्थिक reforms का लाभ मिल रहा है। भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर और ग्रीन इंडस्ट्रीज में डेनिश कम्पनीज और Danish Pension Funds के लिए निवेश के बहुत अवसर हैं।

आज हमने भारत-EU रिश्तों, Indo-Pacific और Ukraine सहित कई क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत की। हम आशा करते हैं कि India-EU Free Trade Agreement उस पर negotiations यथाशीघ्र संपन्न होंगे। हमने एक Free, Open,Inclusive और Rules-based इंडो-पसिफ़िक क्षेत्र को सुनिश्चित करने पर जोर दिया। हमने यूक्रेन में तत्काल युद्धविराम और समस्या के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की। हमने climate के क्षेत्र में अपने सहयोग पर भी चर्चा की। भारत ग्लासगो COP-26 में लिए गए संकल्पों को पूरा करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। हम आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग के अधिक अवसर तलाशने पर सहमत हुए हैं।

Excellency,

मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में भारत और Denmark के संबंध नई ऊंचाई प्राप्त करेंगे।मैं कल होने वाली 2nd India-Nordic Summit की मेजबानी करने के लिए भी आपका आभार व्यक्त करता हूं।और आज भारतीय डायस्पोरा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भी मैं, क्योंकि आपने वहाँ आने के लिए समय निकाला, भारतीय समुदाय के प्रति आपका कितना प्यार है उसका ये प्रतीक है और इसके लिए मैं आपका बहुत बहुत धन्यवाद करता हूं।

Thankyou

 

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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीजी को श्रद्धांजलि अर्पित की
April 01, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज परम पूज्‍य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने कहा कि शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान से देश की हर पीढ़ी निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित होती रहेगी।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-

“पिबन्ति नद्यः स्वयमेव नाम्भः
स्वयं न खादन्ति फलानि वृक्षाः।

नादन्ति सस्यं खलु वारिवाहाः
परोपकाराय सतां विभूतयः॥”

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा;

“मानवता के अनन्य उपासक परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीजी को उनकी जन्म-जयंती पर कोटि-कोटि नमन! शिक्षा, समाज कल्याण और अध्यात्म के क्षेत्र में उनका अतुलनीय योगदान देश की हर पीढ़ी को निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

पिबन्ति नद्यः स्वयमेव नाम्भः

स्वयं न खादन्ति फलानि वृक्षाः।

नादन्ति सस्यं खलु वारिवाहाः

परोपकाराय सतां विभूतयः॥”