पीएम नरेन्द्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संयुक्त रूप से भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन का उद्घाटन किया।
भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन भारत और उसके पड़ोसी देशों के बीच दूसरी सीमा-पार ऊर्जा पाइपलाइन है
बांग्लादेश के साथ बेहतर कनेक्टिविटी लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी

Your Excellency

प्रधान मंत्री शेख हसीना जी,

असम के मुख्य मंत्री हिमन्त बिस्वा शर्मा जी,

केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी श्री हरदीप पुरी जी,

और हमारे असम के ही और भारत सरकार के मंत्री श्री रामेश्वर तेली जी,

बांग्लादेश सरकार के मंत्रीगण,

और हमारे साथ जुड़े अन्य सभी साथियों,

नमस्कार!

भारत-बांग्लादेश संबंधों में आज एक नए अध्याय की शुरूआत हुई है। India-Bangladesh Friendship Pipeline इसकी नींव हमने सितंबर 2018 में रखी थी। और मुझे ख़ुशी है कि आज प्रधान मंत्री शेख हसीना जी के साथ इसका उद्घाटन करने का भी अवसर आ गया।

यह भी संतोष का विषय है कि कोविड महामारी के बावजूद भी इस प्रोजेक्ट का काम जारी रहा। इस पाइपलाइन से, उत्तरी बांग्लादेश के विभिन्न जिलों को 1 मिलियन मेट्रिक टन हाइ-स्पीड डीजल की आपूर्ति की जा सकेगी। पाइपलाइन के द्वारा सप्लाई से खर्च तो घटेगा ही, इस सप्लाइ का कार्बन फुटप्रिंट भी कम होगा। भरोसेमंद और किफायती डीजल सप्लाइ कृषि क्षेत्र के लिए विशेष रूप से लाभदायक होगी। स्थानीय उद्योगों को भी इसका लाभ मिलेगा।

आज की वैश्विक स्थिति में कई विकासशील अर्थव्यवस्थाएं अपनी खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जूझ रही हैं। इस संदर्भ में आज के आयोजन का महत्व और भी अधिक है।

साथियों,

पिछले कुछ सालों में, प्रधान मंत्री शेख हसीना जी के कुशल नेतृत्व में, बांग्लादेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। इस पर हर भारतीय को गर्व है। और हमें खुशी भी है कि हम बांग्लादेश की इस विकास-यात्रा में योगदान दे पाए हैं। मुझे विश्वास है कि यह पाइपलाइन बांग्लादेश के विकास को और गति देगी, और दोनों देशों के बीच बढ़ती connectivity का भी उत्कृष्ट उदाहरण रहेगी। यह आवश्यक है कि हम अपनी connectivity के हर स्तम्भ को सुदृढ़ करते जाएँ। चाहे यह परिवहन के क्षेत्र में हो, ऊर्जा के क्षेत्र में, बिजली की ग्रिड की बात हो, या डिजिटल क्षेत्र में। जितनी हमारी कनेक्टिविटी बढ़ेगी, उतना ही हमारे people to people संबंधों को बल मिलेगा।

मुझे याद है कि कई वर्षों पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना जी ने 1965 से पहले की रेल कनेक्टिविटी बहाल करने के अपने विज़न के बारे में चर्चा की थी। और उसी समय से दोनों देशों ने मिल कर इस पर बहुत प्रगति की है। इसी का परिणाम है कि कोविड महामारी के दौरान हमें रेल नेटवर्क के द्वारा बांग्लादेश को ऑक्सीजन आदि भेजने में सुविधा रही। उनके इस दूरदृष्टि भरे विज़न के लिए मैं, प्रधानमंत्री शेख हसीना जी का ह्रदय से अभिनंदन करता हूँ।

साथियों,

बिजली के क्षेत्र में हमारा आपसी सहयोग बहुत सफल रहा है। आज भारत बांग्लादेश को 1100 मेगावाट से अधिक बिजली सप्लाई कर रहा है। मैत्री सुपर थर्मल पावर प्लांट की पहली यूनिट भी चालू हो गई है। इसका उद्घाटन हमने पिछले साल, प्रधान मंत्री शेख हसीना जी की भारत यात्रा के समय किया था। और अब हम दूसरी यूनिट को भी जल्दी चालू करने की दिशा में काम कर रहे हैं।


जहां तक उर्जा-सहयोग की बात है, हमारा पेट्रोलियम ट्रेड 1 बिलियन डॉलर पार कर चुका है। यह ख़ुशी की बात है कि हमारा सहयोग हाइड्रोकार्बन की संपूर्ण value chain में है। चाहे वो up-stream हो, या mid-stream या down-stream. इस पाइपलाइन से यह सहयोग और व्यापक होगा।

मैं इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी अधिकारियों, विशेष रूप से नुमालीगढ़ रिफाइनरी और बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन को बधाई देता हूं।

Excellency,

कितना शुभ संयोग है, कि आज का यह उद्घाटन, बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की जन्म जयंती के एक दिन बाद हो रहा है! बंगबंधु के 'शोनार बांग्ला' विजन में पूरे क्षेत्र का मैत्रीपूर्ण विकास तथा समृद्धि शामिल था। यह संयुक्त प्रोजेक्ट उनके इस विज़न का उत्तम उदाहरण है।

Excellency,

भारत-बांग्लादेश सहयोग के हर पहलू को आपके मार्गदर्शन का लाभ मिलता रहा है। इसमे यह प्रोजेक्ट भी शामिल है। मेरे साथ इस आयोजन में शामिल होने के लिए, आपको बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूँ । और इस प्रोजेक्ट से लाभान्वित होने वाले सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ ।

धन्यवाद।

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प्रधानमंत्री ने सांसदों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन के पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया, इसे ऐतिहासिक अवसर बताया
April 17, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने बताया कि संसद में इस समय नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है और कल रात ही 1 बजे तक चर्चा चली है।

उन्होंने कहा कि संशोधन से संबंधित जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब देकर समाधान कर दिया गया है और सदस्यों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों का हल निकाल लिया गया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जहां भी जानकारि‍यों का अभाव था, वहां सभी सदस्यों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी गई है, जिससे विरोध के मुद्दों को स्पष्ट किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा लगभग चार दशकों से राजनीतिक बहसों का विषय रहा है और अब समय आ गया है कि देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिले।

उन्होंने कहा कि आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में कम प्रतिनिधित्व उचित नहीं है और इसे सुधारने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि लोकसभा में जल्द ही मतदान होने की उम्मीद है और उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से महिला आरक्षण संशोधन के पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया।

देश की महिलाओं की ओर से अपील करते हुए, उन्होंने सभी सांसदों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि कुछ भी ऐसा न करें, जिससे नारी शक्ति की भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा कि करोड़ों महिलाएं संसद, उसके उद्देश्य और उसके निर्णयों की ओर देख रही हैं।

प्रधानमंत्री ने सांसदों से अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्‍नी सबका स्‍मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने का आह्वान किया।

उन्होंने इस संशोधन को देश की महिलाओं की सेवा और सम्मान करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया और सदस्यों से आग्रह किया कि वे उन्हें नए अवसरों से वंचित न करें।

प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यह संशोधन सर्वसम्मति से पारित हो जाता है, तो यह नारी शक्ति के साथ-साथ देश के लोकतंत्र को और मजबूत करेगा।

इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए, उन्होंने सभी सदस्यों से भारत की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व प्रदान करके इतिहास रचने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पोस्‍ट में लिखा;

“संसद में इस समय नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है। कल रात भी एक बजे तक चर्चा चली है।

जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है। हर आशंका का समाधान किया गया है। जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं। किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है।

महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है। अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें।

आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं।

अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं… अपील करता हूं...

कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें।

मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा… कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों।

देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें।”

“मैं सभी सांसदों से कहूंगा...

आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए ...

देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है।

उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए।

ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होगी… देश का लोकतंत्र और सशक्त होगा।

आइए… हम मिलकर आज इतिहास रचें। भारत की नारी को… देश की आधी आबादी को उसका हक दें।”