राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने आज एकता की शपथ ली और राष्ट्र की एकता तथा अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

यह शपथ केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा राज्य मंत्री (पीएमओ) डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा दिलाई गई।

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्र, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव-2 श्री शक्तिकांत दास, प्रधानमंत्री के सलाहकार श्री तरुण कपूर, प्रधानमंत्री के विशेष सचिव श्री अतीश चंद्रा और अन्य अधिकारियों ने इस समारोह में भाग लिया।

राष्ट्रीय एकता दिवस सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस अवसर पर एकजुट और मजबूत भारत के दृष्टिकोण का उत्‍सव मनाया जाता है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा;

“केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय में एकता शपथ दिलाई।

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्र, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव-2 श्री शक्तिकांत दास, प्रधानमंत्री के सलाहकार श्री तरुण कपूर, प्रधानमंत्री के विशेष सचिव श्री अतीश चंद्रा और अन्य अधिकारियों ने इसमें भाग लिया।

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प्रधानमंत्री ने पावन पृथ्‍वी को राष्ट्र की शक्ति के स्रोत के रूप में वर्णित करने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया
March 10, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने संस्कृत में रचित सुभाषितम् को साझा किया, जिसमें पावन पृथ्‍वी को राष्ट्र की शक्ति के स्रोत के रूप में वर्णित किया गया है।

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”

सुभाषितम् का अर्थ है कि पृथ्वी, जो महासागरों के रूप में जल से परिपूर्ण है और बाहरी रूप से जल से घिरी है, जिसे विद्वानों ने अपने ज्ञान से जाना है और जिसका हृदय विशाल आकाश में शाश्वत सत्य से ओत-प्रोत है - वह पृथ्वी एक महान राष्ट्र के रूप में हमारी ऊर्जा और शक्ति को बनाए रखे।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर अपनी पोस्‍ट में लिखा;

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”