एमएसपी में 100 प्रतिशत तक वृद्धि से करोड़ों किसानों को मिलेगा लाभ
एमएसपी थी, है और आगे भी रहेगी; कोई भी न पाले शंका - श्री तोमर
मोदी सरकार देश के किसानों के कल्‍याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी की अध्‍यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में रबी विपणन मौसम 2022-23 के लिए रबी फसलों की एमएसपी निर्धारित करने का निर्णय आज लिया गया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने कहा कि हर बार की तरह एक बार फिर मोदी सरकार ने फसलों की एमएसपी बढ़ाकर तय की है, इससे देश के करोड़ों किसानों को लाभ मिलेगा। सरकार के इस फैसले से उन कतिपय लोगों को भी सीख लेना चाहिए जो यह भ्रम फैला रहे हैं कि एमएसपी समाप्‍त कर दी जाएगी। प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्‍व में भारत सरकार देश के किसानों के कल्‍याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री जी कई बार आश्‍वस्‍त कर चुके हैं कि एमएसपी थी, है और आगे भी रहेगी।

श्री तोमर ने कहा कि एमएसपी पर तरह-तरह के झूठ बोले गए एवं भ्रम फैलाने के भरसक प्रयास हुए लेकिन नए कृषि सुधार कानूनों के पारित होने के उपरांत न केवल एमएसपी की दरें बढ़ी हैं अपितु सरकार द्वारा उपार्जन (खरीद) में भी निरंतर बढ़ोत्‍तरी हुई है। इसलिए अब एमएसपी को लेकर किसी के मन में कोई भी शंका नहीं होनी चाहिए, न ही भ्रम फैलाया जाना चाहिए।

श्री तोमर ने बताया कि मोदी सरकार ने 6 रबी फसलों- गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड/सरसों तथा कुसुम्‍भ (सूरजमुखी) की एमएसपी बढ़ाने का फैसला किया है। आज हुए निर्णय के अनुसार, रबी विपणन मौसम (आरएमएस) 2022-23 के लिए 6 फसलों की एमएसपी निम्‍नानुसार तय की गई है:

 

MSPs for all Rabi crops for marketing season 2022-23 (In Rs./quintal)

Crops

MSP for RMS 2021-22

 

MSP for RMS 2022-23

 

Cost* of production 2022-23

Increase in MSP

(Absolute)

Return over cost (in per cent)

Wheat

1975

2015

1008

40

100

Barley

1600

1635

1019

35

60

Gram

5100

5230

3004

130

74

Lentil (Masur)

5100

5500

3079

400

79

Rapeseed &

Mustard

4650

5050

2523

400

100

Safflower

5327

5441

3627

114

50

 

श्री तोमर ने बताया कि रबी विपणन मौसम (आरएमएस) 2022-23 हेतु गेहूं की एमएसपी में वृद्धि पर कुल खर्च 92,910 करोड़ रूपये का आंकलन किया गया है, जिसका वहन खाद्यान्‍न सब्‍सिडी के रूप में भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। वर्तमान खरीफ विपणन मौसम (केएमएस) 2020-21 एमएसपी पर विगत वर्ष के 773 लाख मीट्रिक टन की तुलना में 890 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। आरएमएस 2021-22 में विगत वर्ष 390 लाख मीट्रिक टन खरीद की तुलना में 433 लाख मीट्रिक टन की गेहूं की खरीद की गई है।

 

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